कोरबा
SECL कुसमुंडा में भूविस्थापितों का हल्लाबोल, 5 घंटे थमे मशीनों के पहिए
प्रबंधन ने हेडक्वार्टर उच्च स्तरीय बैठक के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
कोरबा/कुसमुंडा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के कुसमुंडा क्षेत्र में भूविस्थापितों ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह आठ बजे से प्रदर्शनकारियों ने खदान में कोयला खनन और परिवहन कार्य में लगी मशीनों को रोक दिया। पांच घंटे तक चले इस चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन के बाद प्रबंधन द्वारा मांगों पर सकारात्मक पहल के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया ।

प्रमुख मांगें जिन पर हुआ आंदोलन

भूविस्थापितों ने अपनी समस्याओं के स्थायी निराकरण के लिए प्रबंधन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे:-
- अर्जन के बाद जन्म (नीति निर्धारण):- जमीन अधिग्रहण के बाद परिवार में जन्मे सदस्यों के लिए रोजगार और पुनर्वास की स्पष्ट नीति बनाई जाए ।
- लंबित प्रकरणों का निपटारा:- वर्षों से लंबित पड़े पुराने मामलों की फाइलें धूल फांक रही हैं, जिनका तत्काल निराकरण हो ।
- अवैध कब्जे पर अंकुश:- बलरामपुर दुरपा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे गैर-कानूनी कब्जों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ।
- आउटसोर्सिंग में स्थानीय भागीदारी:- खदान में संचालित आउटसोर्सिंग कार्यों में स्थानीय भूविस्थापितों को प्राथमिकता दी जाए ।
प्रबंधन से वार्ता और सफलता

आंदोलन की उग्रता को देखते हुए कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। वार्ता के दौरान प्रबंधन ने भूविस्थापितों की मांगों को जायज माना और निम्नलिखित आश्वासन दिए:-
उच्च स्तरीय बैठक:- पांच दिनों के भीतर CMD (बिलासपुर) स्तर पर एक आवश्यक बैठक आहूत की जाएगी जिसमें विस्थापितों की नीतिगत समस्याओं का स्थायी निराकरण खोजा जाएगा ।
तत्काल रोजगार:- कोयला और मिट्टी उत्खनन कार्य में लगी आउटसोर्सिंग कंपनियों में 15 भूविस्थापितों को स्थायी रूप से रोजगार देने की मांग पर प्रबंधन ने मुहर लगाई है, एक सप्ताह के भीतर इन्हें काम पर रखने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी ।
जिनके नेतृत्व में यह आंदोलन हुआ गोमती केवट ने क्या कहा, यह हमारे हक की लड़ाई है। प्रबंधन ने पांच दिनों के भीतर CMD स्तर की बैठक और 15 विस्थापितों को तत्काल रोजगार देने का भरोसा दिया है, यदि समय सीमा के भीतर वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन और भी उग्र होगा ।
प्रबंधन के ठोस आश्वासन और सकारात्मक रुख के बाद दोपहर एक बजे भूविस्थापितों ने खदान का कार्य सुचारू रूप से चलने दिया और धरना समाप्त किया ।

कोरबा
भू-विस्थापितों ने कटघोरा एसडीएम कार्यालय का घेराव किया:16 से अधिक गांव प्रभावित, भूमिहीनों को आवास न मिलने पर भड़के ग्रामीण, भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
कोरबा। कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के भूविस्थापित ग्रामीणों ने बुधवार को कटघोरा एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। 16 से अधिक गांवों के प्रभावित ग्रामीण भ्रष्टाचार और लंबित कार्यों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील कार्यालयों में रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास, वंश वृक्ष, फौती, ऑनलाइन रिकॉर्ड सुधार और राजस्व त्रुटि सुधार जैसे काम महीनों से अटके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दीपका, दर्री, कटघोरा तहसील और जिला पुनर्वास शाखा में काम कराने के लिए रिश्वत मांगी जाती है। रिश्वत नहीं देने पर उनके मामलों को लंबे समय तक लटका दिया जाता है।

एसईसीएल ने जटराज, पड़निया, सोनपुरी, पाली, रिसदी, खोडरी, चुरैल, आमगांव, खैरभावना, गेवरा, जरहाजेल, बरपाली, दुरपा, भैसमाखार, मनगांव, बरमपुर, दुल्लापुर, बरकुटा सहित 16 से अधिक गांवों की भूमि अधिग्रहित की है।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें मजबूरी में घेराव करना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि एसईसीएल अधिग्रहित गांवों में सरकारी या निजी जमीन पर घर बनाकर रहने वाले भूमिहीन परिवारों को बसाहट का अधिकार नहीं दे रहा है।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य भूमिहीन लोगों को घर देना है, लेकिन एसईसीएल की इस नीति के कारण कई परिवार बेघर होने की स्थिति में आ रहे हैं।

16 गांवों के भूविस्थापितों का प्रदर्शन
एसईसीएल द्वारा खोडरी, रिसदी और पड़निया में लगाए गए राजस्व शिविरों में सिर्फ आवेदन लिए गए और आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें तहसील दीपका भेज दिया गया। ग्रामीण चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान वहीं मौके पर ही किया जाए, ताकि भ्रष्टाचार से बचा जा सके।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने एसईसीएल के ड्रोन सर्वे पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बिना उनकी सहमति के संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है और इससे मुआवजे की राशि कम कर दी जा रही है।

जटराज गांव में 2010 के अधिग्रहण पर विवाद
जटराज गांव में 2010 में भूमि अधिग्रहण के बाद ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों को ‘मसाहती’ मान लिया गया है, जबकि बाकी लोगों को नहीं माना जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।
कोरबा
दीपका में भाजपा का दमदार शक्ति प्रदर्शन, ऋषिकांत सिदार के नामांकन में उमड़ी भीड़
कोरबा/दीपका। कटघोरा विधानसभा अंतर्गत दीपका नगर पालिका वार्ड क्रमांक 15 के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ऋषिकांत सिदार के नामांकन रैली में भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। नामांकन रैली में कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरे दीपका क्षेत्र में भाजपा का उत्साह और जनसमर्थन साफ दिखाई दिया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति ने चुनावी माहौल को और भी ऊर्जावान बना दिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता ज्योतिनंद दुबे, नगर पालिका दीपका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा एवं मंडल अध्यक्ष राजू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नामांकन कार्यक्रम के दौरान भाजपाइयों ने कहा कि दीपका क्षेत्र में जनता का भाजपा के प्रति अटूट विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। कार्यकर्ताओं का समर्पण, संगठन की मजबूती एवं विकास के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि जनता विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति को समर्थन देते हुए भाजपा प्रत्याशी ऋषिकांत सिदार को ऐतिहासिक विजय दिलाएगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान भाजपा समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला तथा “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद” के नारों से माहौल गूंज उठा।

कोरबा
महंगाई से त्रस्त जनता की आवाज बनी कांग्रेस, बालकोनगर में धरना-प्रदर्शन
कोरबा/बालकोनगर। बालकोनगर के परसाभाठा बाजार चौक पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर एवं तख्तियां लेकर “केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण” के नारे लगाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित सोना-चांदी के दामों में लगातार हो रही वृद्धि से आम जनता, मध्यम वर्ग एवं गरीब परिवारों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद से ही वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट की आशंका स्पष्ट थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार देशहित में कोई ठोस रणनीति बनाने में विफल रही, जिसका खामियाजा आज देश की जनता भुगत रही है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “महंगाई” का प्रतीकात्मक जनाजा निकालकर परसाभाठा चौक में विरोध दर्ज कराया। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आम आदमी की कमर टूट चुकी है तथा गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी कठिन होता जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 17 मई से 20 मई 2026 तक पूरे प्रदेश में महंगाई के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच पहुंचकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।

धरना-प्रदर्शन में जयसिंह अग्रवाल के साथ कोरबा जिला कांग्रेस अद्ध्यक्ष (शहर) मुकेश कुमार राठौर, जिला कांग्रेस अद्ध्यक्ष (ग्रामीण) मनोज चौहान, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, पूर्व जिलाध्यक्ष नत्थूलाल यादव, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, बालको नगर ब्लाक अद्ध्यक्ष ए.डी.जोशी, राजेंद्र तिवारी, पालुराम साहू, बसंत चंद्रा, पूर्व ब्लाक अद्ध्यक्ष दुष्यंत शर्मा, पार्षद कृपाराम साहू, बद्रीकिरण, नारायण लाल कुर्रे, रवि सिंह चंदेल, मंडल अध्यक्ष, देवीदयाल सोनी, रोपा तिर्की, बुधेश्वर चौहान, पंचराम आदित्य, महेंद्र थवाईत, मुन्ना खान, श्रीकांत मांझी, पुष्पा पात्रे, मुश्लिम खान, शमसुद्दीन, देवकीनंदन सिंह, कन्हैया राठोर, कुंजबिहारी साहू, आर.के.नामदेव, गणेश खूंटे, दीपक कुमार टंडन, प्रमोद दिगसकर, माजिद कुरैशी, साहिदा खान, गायत्री चंद्रा, शायद खान, गायत्री कर्ष, राजेश श्रीवास, आकाश प्रजापति, विवेक श्रीवास, प्रह्लाद बंजारे, मिनिकेतन गवेल, बाबिल मिरी, अजीत वर्मन, कारन पटेल, साहिल खान, हरवेन्द्र सिंह सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में तत्काल राहत देने तथा आम जनता को महंगाई से राहत पहुंचाने की मांग की।
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