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बंगाल गवर्नर ने विधानसभा भंग की:तमिलनाडु में राज्यपाल ने विजय से 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा, AIADMK के 28 विधायक पुडुचेरी शिफ्ट

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चेन्नई/कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल में राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी है। लोकभवन से गुरुवार शाम को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसका मतलब है कि ममता कैबिनेट के किसी भी मंत्री के पास अब कोई पावर नहीं रहेगी। ममता ने बुधवार को कहा था कि वे सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी।

इधर बंगाल में हावड़ा के पास शिवपुर में भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर है। इससे पहले बुधवार रात को शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

दूसरी तरफ तमिलनाडु में सरकार बनने को लेकर पेच फंसा हुआ है। 108 सीटें हासिल करने वाली एक्टर विजय की पार्टी TVK से राज्यपाल ने बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा है। TVK को कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन हासिल है। उधर, AIADMK ने अपने 47 में से 28 विधायकों को पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है।

DMK और AIADMK के बीच गठबंधन की चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एक-दूसरे की प्रतिद्वंदी DMK और AIADMK के बीच भी सरकार गठन को लेकर चर्चा चल रही है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों दलों के नेताओं के बीच बैकचैनल बातचीत चल रही है।

सूत्रों का कहना है कि एक प्रस्ताव पर चर्चा हुई है, जिसमें AIADMK सरकार बनाए और DMK बाहर से समर्थन दे। छोटे दलों का समर्थन भी इस फॉर्मूले का हिस्सा हो सकता है। हालांकि अभी तक कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया है।

VCK बोली- TVK भरोसा दिलाए कि वह BJP के दबाव में नहीं आएगी, तभी समर्थन देंगे

VCK नेता एसएस बालाजी ने कहा है कि उनकी पार्टी ने अभी TVK को समर्थन देने पर कोई फैसला नहीं लिया है। उनकी पार्टी तभी समर्थन पर विचार करेगी, जब TVK यह भरोसा दिलाए कि वह BJP या RSS के दबाव में नहीं आएगी। एसएस बालाजी ने साथ ही कहा कि राज्यपाल को TVK चीफ विजय को सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए।

तमिलनाडु- IUML अध्यक्ष चेन्नई में DMK मुख्यालय पहुंचे

तमिलनाडु में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के अध्यक्ष केएम कादर मोहिदीन चेन्नई में DMK मुख्यालय ‘अन्ना अरिवलयम’ पहुंचे।

पश्चिम बंगाल- कोलकाता में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में परेड ग्राउंड में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां चल रही हैं। 9 मई को शपथ समारोह होगा। शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी जिसमें सीएम का ऐलान हो सकता है।

होटल में मौजूद विधायकों से मिलने पहुंचे पलानीसामी

AIADMK के जनरल सेक्रेटरी के. पलानीसामी पुडुचेरी के पूरनकुप्पम स्थित एक निजी रिसॉर्ट में पहुंचे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तमिलनाडु के AIADMK के 28 विधायक इसी होटल में ठहरे हुए हैं।

पश्चिम बंगाल गवर्नर ने विधानसभा भंग की

विधानसभा भंग करने के बाद गवर्नर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा।

विधानसभा भंग करने के बाद गवर्नर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा।

AIUDF चीफ बोले- विपक्ष की हालत कांग्रेस की रणनीति की वजह से

असम विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मौजूदा स्थिति कांग्रेस की रणनीति की गलती की वजह से बनी है।

गुवाहाटी में अजमल ने कहा- असम चुनाव नतीजों पर विपक्ष की जो हालत हुई है, वह कांग्रेस की योजना की गलती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब विपक्ष की भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं है।

AIUDF प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने साफ कहा- कांग्रेस विपक्ष की भूमिका नहीं निभा सकती। असम चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। AIUDF और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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‘चंपत राय बेदाग-निष्कलंक, उनका भोलापन मुसीबत बना’:उन्होंने सब पर विश्वास करके गलती की – महासचिव गोविंद देव गिरि

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अयोध्या, एजेंसी। ‘चंपत राय बेदाग और निष्कलंक हैं। यह मैं अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। उनका भोलापन उनके लिए मुसीबत बन गया। उन्होंने सब पर विश्वास करके गलती की। लोगों की पहचान करने में उनसे चूक हुई।’

‘ट्रस्ट के दायित्व निभाने में कुछ कमियां रही हैं। अगर कोई कमी नहीं होती तो चोरी कैसे हो सकती थी? जहां कमी रही है, वहां सुधार किया जाएगा। चोरी करने वालों को सजा जरूर मिलनी चाहिए।’

ये बातें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव गोविंद देव गिरि महाराज ने कहीं।

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36,000km से तस्वीरें लेने वाला पहला भारतीय सैटेलाइट लॉन्च:पाकिस्तान-चीन पर लगातार नजर रखेगा, आपदा से पहले अलर्ट में मदद करेगा

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श्रीहरिकोटा, एजेंसी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गुरुवार देर रात 2:55 बजे EOS-05 इमेजिंग सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इसे श्रीहरिकोटा से GSLV-F17 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया।

EOS-05 करीब 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में रहकर तस्वीरें लेगा। ऐसा करने वाला भारत का यह पहला सैटेलाइट है। इससे पहले भारत के सभी इमेजिंग सैटेलाइट निचली कक्षा में थे।

EOS-05 भारत और आसपास के बड़े इलाकों की लगातार तस्वीरें भेज सकेगा। इससे पाकिस्तान-चीन सीमा समेत संवेदनशील और रणनीतिक इलाकों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

सैटेलाइट का इस्तेमाल बाढ़, चक्रवात और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी के लिए भी किया जाएगा। इससे आपदा की स्थिति का जल्दी पता लगाने और समय पर चेतावनी देने में मदद मिलेगी।

इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि संगठन का इस साल छह और मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य है। करीब आठ महीने बाद ISRO का यह पहला लॉन्च है। इससे पहले जनवरी 2026 और मार्च 2025 में उसके दो मिशन सफल नहीं हो पाए थे।

सैटेलाइट EOS-05 को GSLV-F17 रॉकेट से लॉन्च किया गया।

सैटेलाइट EOS-05 को GSLV-F17 रॉकेट से लॉन्च किया गया।

GSLV-F17 श्रीहरिकोटा के लॉन्चपैड तक ले जाया गया।

GSLV-F17 श्रीहरिकोटा के लॉन्चपैड तक ले जाया गया।

ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचा EOS-05

GSLV-F17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल कार्यक्रम की 19वीं उड़ान थी। EOS-05 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के सेकेंड पैड से लॉन्च किया।

EOS-05 लॉन्च के करीब 18 मिनट बाद सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचा दिया गया। इसके बाद सैटेलाइट को 36000km पर मौजूद अपनी अंतिम कक्षा तक पहुंचना है।

जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में क्या फायदा है?

जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट पृथ्वी से करीब 35,786 किमी ऊपर की कक्षा है। इसमें सैटेलाइट पृथ्वी का एक चक्कर करीब 24 घंटे में पूरा करता है। यानी उसकी गति पृथ्वी के घूमने के साथ बनी रहती है।

वहीं, LEO (लो-अर्थ ऑर्बिट) पृथ्वी के काफी करीब होती है और आमतौर पर 2,000 किमी से कम ऊंचाई पर होती है। यहां सैटेलाइट बहुत तेजी से पृथ्वी का चक्कर लगाता है, इसलिए वह किसी एक इलाके के ऊपर थोड़े समय के लिए ही रहता है।

जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट का फायदा यह है कि सैटेलाइट भारत और आसपास के बड़े इलाके पर लगातार नजर रख सकता है। इसकी तस्वीरों और डेटा से चक्रवात, भारी बारिश, बाढ़ और जंगल की आग जैसे खतरों की पहचान, निगरानी और नुकसान का आकलन तेजी से किया जा सकेगा।

दो खास कैमरों से बड़े इलाके की निगरानी

EOS-05 में दो मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजर यानी ऐसे कैमरे लगे हैं, जो धरती की तस्वीरें अलग-अलग तरह की प्रकाश तरंगों में लेते हैं।

इससे सामान्य तस्वीर के अलावा जमीन, पेड़-पौधों, पानी और पर्यावरण में हो रहे बदलावों की जानकारी मिल सकती है। इनमें से एक इमेजर की रिजॉल्यूशन 42 मीटर प्रति पिक्सल है, यानी तस्वीर का एक पिक्सल जमीन के करीब 42×42 मीटर हिस्से की जानकारी देता है।

EOS-05 की खासियत बहुत छोटी चीजों की बारीक तस्वीर लेना नहीं, बल्कि करीब 36 हजार किमी की ऊंचाई से बड़े इलाके की बार-बार तस्वीरें लेना है।

2021 में GISAT-1 मिशन हुआ था फेल

अगस्त 2021 में इसरो ने जीएसएलवी-एफ10 से GISAT-1 लॉन्च करने की कोशिश की थी। क्रायोजेनिक स्टेज में रॉकेट को समस्या आने के बाद मिशन फेल हो गया था। इसके चलते सैटेलाइट ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाया।

GISAT-1 को जियोस्टेशनरी ऑर्बिट से भारतीय उपमहाद्वीप की करीब-करीब रियल टाइम इमेजिंग के लिए तैयार किया गया था।

ISRO के पिछले 2 लॉन्च फेल हुए

PSLV-C62- 12 जनवरी 2026 को यह रॉकेट रक्षा DRDO के ‘अन्वेषा’ उपग्रह और 15 अन्य उपग्रहों को ले जा रहा था, लेकिन तीसरे चरण में बेकाबू होने के कारण मिशन फेल हो गया।

PSLV-C61-18 मई 2025 को इस मिशन का उद्देश्य अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-09 को कक्षा में स्थापित करना था, लेकिन तीसरे चरण में कंबशन चैंबर प्रेशर अचानक गिरने से मिशन असफल रहा।

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C62 12 जनवरी को 10.18 बजे लॉन्च हुआ था।

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C62 12 जनवरी को 10.18 बजे लॉन्च हुआ था।

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श्रीनगर एयरपोर्ट पर इंडिगो प्लेन पोल से टकराया:पार्किंग में ले जाते वक्त हादसा, अगला हिस्सा टूटा, यात्री सुरक्षित

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श्रीनगर, एजेंसी। श्रीनगर एयरपोर्ट पर इंडिगो का विमान 6E 225 (VT-NOG) पार्किंग के दौरान खंभे से टकरा गया। फ्लाइट शुक्रवार सुबह नवी मुंबई से श्रीनगर पहुंची थी। घटना करीब सुबह 9 बजे बे नंबर-6 पर विमान को पार्क करते समय हुई। विमान में सवार सभी 200 यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

घटना के बाद यात्रियों और क्रू को मैनुअल एयरक्राफ्ट सीढ़ियों की मदद से विमान से सुरक्षित उतारा गया। हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। फिलहाल श्रीनगर एयरपोर्ट का संचालन सामान्य है और सभी फ्लाइट्स निर्धारित समय के अनुसार चल रही हैं।

विमान जिस खंभे से टकराया, वह विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (VDGS) का हिस्सा है। यह सिस्टम विमान को पार्किंग बे में सही जगह लाने और सुरक्षित तरीके से पार्क कराने में मदद करता है।

घटना से जुड़ी तस्वीरें…

खंभे से टकराने के कारण प्लेन की नोज यानी अगला हिस्सा टूट गया।

खंभे से टकराने के कारण प्लेन की नोज यानी अगला हिस्सा टूट गया।

विमान की नोज यानी आगे का हिस्सा करीब एक फुट तक अंदर चला गया।

विमान की नोज यानी आगे का हिस्सा करीब एक फुट तक अंदर चला गया।

पोल से विमान के टकराने की संभावित वजहें…

  • विमान का अलाइनमेंट थोड़ा बिगड़ना- पार्किंग के दौरान विमान निर्धारित सेंटरलाइन से हट गया हो।
  • संकेत को सही तरह से फॉलो न कर पाना- VDGS के डिस्प्ले/लाइट के संकेत में भ्रम या मानवीय गलती।
  • पायलट की विजिबिलिटी कम होना- बारिश, धुंध, रात या किसी अन्य वजह से पोल/मार्किंग स्पष्ट न दिखना।
  • VDGS में तकनीकी खराबी- सिस्टम गलत दूरी या दिशा दिखा रहा हो।
  • विमान की गति या ब्रेकिंग में मामूली गड़बड़ी- पार्किंग में विमान को रोकते समय ब्रेक नहीं लग पाना।
  • VDGS विमान को पार्क करने में मदद करता है
  • विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (VDGS) एयरपोर्ट के पार्किंग बे में लगा होता है। यह पायलट को विमान को सही सेंटरलाइन पर रखते हुए तय जगह पर रोकने में मदद करता है। डिस्प्ले के जरिए विमान की दिशा, सेंटरलाइन से उसकी स्थिति और रुकने की जगह के संकेत मिलते हैं।

आधुनिक VDGS विमान का प्रकार पहचानने के साथ यह भी बता सकता है कि पार्किंग पोजिशन तक कितनी दूरी बाकी है और विमान किस गति से आगे बढ़ रहा है। सेंसर विमान की स्थिति का पता लगाते हैं और उसी के आधार पर डिस्प्ले पर निर्देश दिए जाते हैं।

विमान के आगे का कवर रडार को सुरक्षित रखता है

विमान के सबसे आगे लगे बाहरी कवर को रेडोम कहते हैं। इसके पीछे आमतौर पर वेदर रडार होता है, जो उड़ान के दौरान बारिश, तूफान और खराब मौसम का पता लगाने में मदद करता है। रेडोम रडार को सुरक्षित रखता है, लेकिन रेडियो तरंगों को आसानी से आने-जाने देता है।

विमान की नोज और उसके आसपास पिटोट ट्यूब, एंगल ऑफ अटैक सेंसर, टेम्परेचर सेंसर और एंटीना जैसे उपकरण भी लगे होते हैं। इनमें से कई विमान की बाहरी सतह पर होते हैं।

टक्कर में रेडोम या वेदर रडार के अलावा सेंसर भी डैमेज हो सकते हैं। इससे विमान की गति, ऊंचाई या हवा से जुड़ी जानकारी प्रभावित हो सकती है। इसलिए नोज पर टक्कर के बाद विमान को उड़ाने से पहले उसकी पूरी जांच जरूरी होती है।

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