काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 2 मजदूर जिंदा निकाले गए हैं। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। उनकी पहचान संजय साह और कबीर महर्जन के रूप में हुई है।
बाढ़ के बाद सुरंग में 42 कर्मचारी और मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। दो लोगों के जिंदा मिलने के बाद बचाव अभियान में उम्मीद बढ़ी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग के भीतर से इंसानी आवाज सुनाई देने की सूचना मिली थी। इसके बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें सुरंग में दाखिल हुईं और तलाशी अभियान तेज किया।
बाढ़ से अब तक 5,300 से ज्यादा लोग लापता हैं। अब तक 1,282 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12,038 लोगों को सुरक्षित निकाला है।
सुरंग में रेस्क्यू से जुड़ी तस्वीरें…
चितवन जिले में सबसे ज्यादा शव बरामद, 95 की पहचान
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में शवों की बरामदगी का अभियान जारी है। चितवन जिले में सबसे ज्यादा शव मिले हैं, जबकि अब तक बरामद शवों में से 95 की पहचान की जा चुकी है।
प्रशासन और बचाव दल लापता लोगों की तलाश के साथ शवों की पहचान और उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटे हैं।
पति को जिंदा देख पत्नी बोली- दूसरी जिंदगी मिल गई
कबीर महर्जन 25 अगस्त की सुबह त्रिशूली-3A में मेंटेनेंस के काम के लिए गए थे। रेस्क्यू के बाद उनकी पत्नी ने कहा कि ऐसा लगा जैसे उनके पति को दूसरी जिंदगी मिल गई हो।
26 अगस्त को आई बाढ़ की घटना के बाद उनका फोन बंद हो गया। उस सुबह करीब 7:30 बजे पत्नी हीरा शोभा से कबीर की आखिरी बार बात हुई थी।
कई दिन तक कोई खबर नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती गई थी। अब कबीर के रेस्क्यू के बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।
संजय साह बोले – सबकी जान बचाना मेरी जिम्मेदारी थी
नेपाल में आई भीषण आपदा के 9 दिन बाद सुरंग से दो हाइड्रोपावर कर्मचारियों को जिंदा बाहर निकाला गया है। इनमें 30 साल के मैकेनिकल फोरमैन संजय साह भी शामिल हैं।
आपदा के समय उन्होंने सुरंग से भागने के बजाय पहले अपने साथियों को बचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि, सबकी जान बचाना उनकी जिम्मेदारी थी।
संजय साह अपर त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर स्टेशन में काम करते थे। उन्होंने बताया कि हादसे के समय वह सुरंग के कंट्रोल रूम में थे। आमतौर पर वहां 4 से 6 लोग रहते थे, लेकिन उस दिन करीब 40-45 लोग मौजूद हो सकते थे।
उन्होंने बताया कि अंधेरे में उम्मीद बनाए रखने के लिए वह मंत्रों का जाप करते रहे।संजय ने यह भी कहा कि कुछ लोग सुरंग के अंदर और गहराई में फंसे हो सकते हैं।
बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज घोषित
नेपाल सरकार ने बाढ़ से प्रभावित कारोबारियों के लिए राहत पैकेज घोषित किया है। बाढ़ में नष्ट वाहन, मशीनरी और उपकरण बिना कस्टम ड्यूटी के दोबारा आयात किए जा सकेंगे, जबकि प्रभावित लोगों के लोन की किस्तें आगे बढ़ाई या दोबारा तय की जाएंगी।
बीमा कंपनियों को तेजी से क्लेम निपटाने और शुरुआती आकलन के आधार पर 50% तक रकम एडवांस देने को कहा गया है।
बाढ़ में रसुवा, नुवाकोट और धादिंग की करीब 15 बस्तियां तबाह हुई हैं, इसलिए सरकार लोगों को बाढ़ के खतरे वाले इलाकों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बसाने की तैयारी कर रही है।
शुरुआती आकलन में करीब 16 लाख लोग प्रभावित और 8,317 घर तबाह हुए हैं। रेस्क्यू किए गए करीब 3,948 लोग अस्थायी केंद्रों में रह रहे हैं। रेस्क्यू कर्मियों को जोखिम भत्ता मिलेगा और ड्यूटी में मौत होने पर परिवार को 10 लाख नेपाली रुपए की मदद दी जाएगी।
नेपाल आपदा से जुड़ी तस्वीरें…
बाढ़ में अपनों को खोने वाले परिजन, शव नहीं मिलने के कारण काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में अंतिम संस्कार के दौरान रोते-बिलखते नजर आए
बाढ़ में 43 वर्षीय दिनेश अच्छामे की मौत हो गई। शव बरामद नहीं होने के बाद काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में अंतिम संस्कार की रस्म के दौरान परिजनों ने उनका पुतला लेकर अंतिम विदाई दी।
नेपाल के रसुवा में अपर त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर स्टेशन की सुरंग में फंसे लोगों की तलाश और शवों को निकालने में बचावकर्मियों की टीम जुटी है।
भारतीय अधिकारियों ने काठमांडू के एयरपोर्ट पर नेपाली आधिकारियों को मदद सौंपी।
नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे 56 यात्रियों की मुंबई वापसी। गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे यात्री।
नेपाल बाढ़ में 600 बच्चे लापता, तलाश जारी
नेपाल के रसुवा और नुवाकोट में फ्लैश फ्लड के बाद करीब 600 बच्चे अब भी लापता हैं। रसुवा में करीब 280, जबकि नुवाकोट में 300-350 बच्चों के लापता होने की जानकारी है। अकेले नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका में करीब 250 बच्चे लापता बताए गए हैं।
प्रशासन और स्कूलों से बच्चों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण सटीक संख्या जुटाने में दिक्कत आ रही है। कुछ बच्चों का पता चल चुका है, लेकिन अलग-अलग स्कूलों से नए लापता बच्चों की जानकारी भी सामने आ रही है। बाढ़ में दोनों जिलों के 22 शिक्षक और स्कूल कर्मचारी भी लापता हैं।
एनवीडिया ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए 1 करोड़ डॉलर दिए
अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया ने भोटेकोशी बाढ़ के बाद राहत और पुनर्निर्माण के लिए 10 मिलियन डॉलर यानी 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 1.5 अरब नेपाली रुपए) की सहायता दी है।
वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग को मदद के लिए धन्यवाद दिया।
वागले के मुताबिक, इस सहायता के बाद प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 10 अरब नेपाली रुपए से ज्यादा जमा हो चुके हैं।
UN में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाएंगे नेपाल PM
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में जलवायु परिवर्तन और पर्वतीय क्षेत्रों पर इसके असर का मुद्दा उठा सकते हैं।
रसुवा में विनाशकारी बाढ़ के बाद शाह ने महासभा में शामिल होने की इच्छा जताई है। विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क दौरे की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
शाह ने पहले महासभा में शामिल नहीं होने का फैसला किया था। इसके बाद कैबिनेट ने विदेश मंत्री शिशिर खनाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया था।
भारत की नई खेप में फोरेंसिक किट और मेडिकल उपकरण
भारत के छठे और सातवें राहत विमान गुरुवार रात काठमांडू पहुंचे। दोनों C-130J विमानों से आई 21.5 टन सहायता में फोरेंसिक किट और मेडिकल उपकरण शामिल हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, राहत सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि यह सहायता रसुवा फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल के राहत प्रयासों के लिए भारत के लगातार जारी सहयोग का हिस्सा है।
26 अगस्त से भारत भेज रहा राहत सामग्री
भारत ने बाढ़ के बाद 26 अगस्त को पहला राहत विमान भेजा था। इसमें 10 टन सामग्री थी, जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।
इसके बाद 27 अगस्त को 37.5 टन, तीसरे विमान से 10 टन और 30 अगस्त को चौथे विमान से 11 टन राहत सामग्री भेजी गई। चौथी खेप में सर्च एंड रेस्क्यू उपकरण और DNA विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी शामिल थी।
2 सितंबर को भारत ने पांचवां विमान भेजा, जिसमें 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां थीं।
बाढ़ की वजहों की जांच में जुटे विशेषज्ञ
भोटेकोशी आपदा के कारणों का पता लगाने के लिए नेपाल में जलवायु वैज्ञानिक, पर्वतीय विशेषज्ञ और हिमनद विशेषज्ञ अध्ययन कर रहे हैं। विशेषज्ञ अचानक आई बाढ़ के पीछे प्राकृतिक और जलवायु संबंधी कारणों की जांच कर रहे हैं।
इस बीच नेपाल सरकार ने राहत सामग्री के वितरण के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था लागू की है। राहत और सहायता के लिए प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में सीधे धनराशि जमा करने की व्यवस्था भी की गई है।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।
तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुरी ने कहा-
पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल
यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।
इसमें लिखा है-प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।
करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।
उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।
उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।
उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां
साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं
सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया। सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है। कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण
इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है। उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां
501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।
जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया। चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…। दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित
हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना। काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों। जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे। शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय
क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।
नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।