कोरबा
सही दवा शुध्द आहार के अंतिम चरण में निजी एवं शासकीय अस्पतालो की फार्मेसियो में प्रतिकूल औषधि प्रभाव के रिपोर्टिग प्रक्रियाओं की जांच
कोरबा। ‘सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ का आधार‘ इस थीम के अंतर्गत 27 अप्रैल से 11 मई के बीच पन्द्रह दिवसीय सघन जांच अभियान की अंतिम चरण में निजी एवं शासकीय अस्पतालों की फार्मेसियो की निरीक्षण की कार्यवाही की गई है। यह अभियान सचिव स्वास्थ्य एवं नियत्रंक के आदेशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा गठित दल के द्वारा सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन रूप से चलाया गया।

अभियान के अंतर्गत निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार में जिला कोरबा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के औषधि प्रकोष्ठ से औषधि निरीक्षक सुनील सांडे, रिशी साहू एवं वीरेन्द्र भगत भाग की संयुक्त टीम के साथ विशेष रूप से जन जागरूकता, विभिन्न क्षेत्रों में स्थित निजी एवं शासकीय अस्पताल की फार्मेसियो की जांच, तथा एंटीबायोटिक एवं स्वापक मनः प्रभावी औषधियों के नियंत्रित उपयोग से संबधित कार्यवाही की गयी। यह अभियान औषधियों की गुणवत्त, सुरक्षित उपयोग, कोल्ड चेन संधारण, नियमानुसार विक्रय तथा जन स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

अभियान में जिला स्तर पर स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों तथा एंटीबायोटिक औषधियों के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रम के तहत एन. के. एच. हास्पीटल कोरबा के डाक्टर एवं नर्सिग स्टॉफ को उक्त औषधियों के दुरूपयोग के कारण शरीर पर पडने वाले दुष्प्रभाव एवं औषधियों के प्रतिरोधक क्षमता के असर के बढ़ते खतरे के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों के औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम तथा अवैध उपयोग, दुरूपयोग तथा अनियमित विक्रय को रोकने हेतु एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानो की जानकारी दी गयी। तथा विभाग के द्वारा आम नागरिकों से अपील किया गया कि चिकित्सक के पर्चे के बिना ऐसी औषधियों का क्रय विक्रय अपराध है तथा इसका् स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड सकते है।

इसी क्रम में निजी एवं शासकीय अस्पतालों से संबद्ध फार्मेसियो का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान औषधियों के संधारण, रिकार्ड संधारण, कय विक्रय अभिलेख, तापमान नियत्रंण व्यवस्था, एक्सपायरी एवं शेड्यूल एच एवं एच वन औषधियो के नियमानुसार संधारण की जांच की गयी। इसके अतिरिक्त अस्पतालों में प्रतिकूल औषधि प्रभाव की रिपोर्टिंग प्रकिया का भी परीक्षण किया गया। संबधित फार्मासिस्टो एवं प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये प्रत्येक औषधि का वितरण नियमानुसार किया जाए तथा किसी भी प्रतिकूल औषधीय प्रभाव की सूचना समय पर संबधित प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाये । उक्त अभियान में टीपी नगर स्थित केडीसीसी फार्मेसी डां आशीष अग्रवाल क्लीनिक, महादेव फार्मेसी शिवाय हास्पीटल, अहान मेडिकल फार्मेसी, शिवाय हास्पीटल नया बस स्टैंड, आरोग्य धाम हास्पीटल नया बस स्टैंड, हर्षिका फार्मेसी डा. प्रिसं जैन नया बस स्टैंड, पालीवाल मेडिको गेवरा, एम.के. मेडिको दिपका, शासकीय अस्पताल केन्द्रीय औषधि भंडार, शासकीय अस्पताल ओपीडी, रानी धनराज कुंवर पीएचसी, जेपी सर्जिकल पीजी कालेज, मां सर्वमंगला मेडिकल, पूनम ड्रग हाउस कोसाबाडी की जांच की गयी ।
अभियान के दौरान औषधि निरीक्षको द्वारा संबधित संस्थानो को औषधियो के सुरक्षित भंडारण, नियमानुसार विक्रय, रिकार्ड संधारण एवं जन स्वास्थ्य सुरक्षा के संबध में आवश्यक निर्देश दिये गए । औषधि विभाग के द्वारा यह कार्यवाही आगामी दिनो में भी सतत रूप से जारी रहेगी ताकि जिले में सुरक्षित, गुणवत्तायुक्त एवं नियमानुसार औषधि उपलब्धता सुनिश्चत की जा सके ।
कोरबा
कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज में 13 हाथियों का जलक्रीड़ा
कोरबा/कटघोरा । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में 13 हाथियों के झुंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हाथी ऐतमा नगर परिक्षेत्र स्थित सलिहाभाठा जलाशय में जलक्रीड़ा करते और ‘डस्ट बाथ’ लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वन्यजीवों का यह दुर्लभ दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में हाथियों का झुंड पानी में उतरकर एक-दूसरे पर सूंड़ से पानी उछालते और मस्ती करता नजर आ रहा है। कुछ हाथी पानी में लोट लगाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य हाथी जलाशय के किनारे सूंड़ से धूल-मिट्टी उड़ाकर अपने शरीर पर डालते नजर आते हैं।

धूप और कीड़ों से बचाव के लिए लेते हैं ‘डस्ट बाथ’
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों द्वारा धूल-मिट्टी शरीर पर डालने की प्रक्रिया को ‘डस्ट बाथ’ कहा जाता है। यह उनकी प्राकृतिक आदत है, जिससे उनकी त्वचा तेज धूप, गर्मी और कीड़ों के हमले से सुरक्षित रहती है। जलक्रीड़ा के बाद हाथी अक्सर इस प्रक्रिया को अपनाते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ाई गई निगरानी
वीडियो सामने आने के बाद कटघोरा वन विभाग अलर्ट हो गया है। वन विभाग की टीम ने सलिहाभाठा जलाशय और आसपास के गांवों में गश्त तेज कर दी है। अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से जलाशय के आसपास नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
ग्रामीणों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
वन विभाग ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि हाथियों के दिखने पर शोर न मचाएं, पटाखे न जलाएं और उन्हें किसी भी तरह से परेशान करने का प्रयास न करें। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को उकसाने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
गर्मी में जलस्रोतों की ओर बढ़ता है हाथियों का रुख
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में जंगलों में जलस्रोत सूखने लगते हैं। ऐसे में हाथियों के झुंड पानी की तलाश में जलाशयों, नदी-नालों और तालाबों की ओर रुख करते हैं। कटघोरा वनमंडल में करीब 50 हाथियों का एक स्थायी दल विचरण करता है, जो अक्सर रात के समय खेतों और जलस्रोतों के आसपास पहुंच जाता है।
ड्रोन और सीसीटीवी से रखी जा रही निगरानी
वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी के जरिए हाथियों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है, ताकि समय रहते ग्रामीणों को सतर्क किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कोरबा
कोरबा में झपटमारी और चोरी की दो वारदातें:युवती से वेतन-मोबाइल छीना,बस यात्रा के दौरान महिला का मंगलसूत्र गायब,पुलिस जांच में जुटी
कोरबा। कोरबा शहर में झपटमारी और चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीएसईबी चौकी क्षेत्र में काम से लौट रही एक युवती से बाइक सवार बदमाश वेतन और मोबाइल झपटकर फरार हो गए।

जबकि बिलासपुर से बस में लौट रही एक महिला का सोने का मंगलसूत्र चोरी हो गया। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घर लौट रही युवती से वेतन और मोबाइल छीना
पहली घटना चिमनी भट्ठा निवासी नेहा पाण्डेय (24) के साथ हुई। नेहा श्रीराम वस्त्रालय, हीरानंद कॉम्प्लेक्स में कार्यरत हैं। मंगलवार रात करीब 9:50 बजे ड्यूटी समाप्त कर वह पैदल घर लौट रही थीं। उनके पास वेतन के 9,840 रुपये और एक वीवो मोबाइल फोन था।
जैसे ही वह एक्सिस बैंक के पास पहुंचीं, पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने उनके हाथ से मोबाइल और नकदी झपट ली और तेज रफ्तार से फरार हो गए। छीने गए मोबाइल की कीमत करीब 4 हजार रुपये बताई गई है। इस वारदात में पीड़िता को कुल 13,840 रुपये का नुकसान हुआ।
नेहा ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपियों की उम्र करीब 22 से 24 वर्ष थी। बाइक चला रहा युवक गहरे नीले रंग की पूरी बाजू की शर्ट पहने हुए था।

बस से लौट रही महिला का मंगलसूत्र चोरी
दूसरी घटना में कोरबा निवासी एक महिला बिलासपुर से बस के जरिए वापस लौटी थीं। बुधवारी बस स्टॉप पर उतरते समय उन्हें पता चला कि उनके गले से सोने का मंगलसूत्र गायब है। बस यात्रा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने मंगलसूत्र चोरी कर लिया। महिला ने सीएसईबी चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
कोरबा सीएसपी ने बताया कि दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। झपटमारी की घटना के संबंध में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। दोनों मामलों की जांच जारी है।
कोरबा
मारपीट में 92 आरोपी गिरफ्तार, 9 जेल भेजे गए:कोरबा में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 7 पर कार्रवाई, आदतन अपराधी पर BNSS एक्शन
कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस ने ‘सजग कोरबा–सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत बुधवार, 24 जून को व्यापक कार्रवाई की।
जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में एक साथ विशेष अभियान चलाकर मारपीट, आपसी विवाद, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में सख्ती बरती गई।

मारपीट के 92 आरोपी गिरफ्तार
अभियान के दौरान पुलिस ने मारपीट और आपसी विवाद के मामलों में कुल 92 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले नियंत्रित कर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

संवेदनशील इलाकों में बाइक पेट्रोलिंग
पुलिस ने अभियान के तहत बाइक पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय किया। इन टीमों ने संकरी गलियों और उन क्षेत्रों में गश्त की, जहां चार पहिया पुलिस वाहन नहीं पहुंच पाते। संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखते हुए समय रहते कार्रवाई की गई।

धारा 170 BNSS के तहत 9 आरोपी जेल भेजे
भविष्य में शांति भंग होने और विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस ने धारा 170 BNSS के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आदतन लड़ाई-झगड़ा करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वाले 7 चालकों के खिलाफ धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर भी विभिन्न धाराओं में चालान किए गए।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक धारा 185 के तहत 1021 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस ने नशे में वाहन चलाने के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की बात दोहराई।

आदतन अपराधियों पर भी नजर
अपराधिक गतिविधियों में लिप्त और आदतन अपराधियों की निगरानी के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ धारा 129 BNSS के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिनसे भविष्य में अपराध या शांति भंग होने की आशंका है।
अभियान रहेगा लगातार जारी
कोरबा पुलिस ने कहा कि ‘सजग कोरबा–सतर्क कोरबा’ अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
