कोरकोमा में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन और केराकछार प्राथमिक शाला को मॉडल स्कूल बनाने कलेक्टर ने दी सहमति बागवानी फसल,सूर्यघर, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रोत्साहित शिविर में 163 आवेदनों का हुआ निराकरण
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव् साय की मंशा के अनुरूप कोरबा जिले में 01 मई से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुशासन तिहार के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज कोरबा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम केराकछार में 10 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर के साथ जनसमस्या निवारण शिविर लगाकर ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त किए गए और विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें लाभान्वित किया गया। शिविर में कलेक्टर कुणाल दुदावत, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बीजमोती राठिया, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, जनपद सदस्य एवं सरपंच उपस्थित रहे। शिविर के दौरान कुल 641 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 163 आवेदनों का निराकरण तत्काल मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों के समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
स्टॉल निरीक्षण के पश्चात ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने बताया कि यह शिविर ग्रामीणों की समस्याएँ सुनने और उनके निराकरण के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी लेने और आवेदन जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में समीक्षा कर निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
कलेक्टर ने किसानों को बताया कि शासन द्वारा किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल में किया जा रहा है, जिससे धान विक्रय एवं अन्य योजनाओं का लाभ उन्हें आसानी से मिलेगा। 15 मई से 15 जून तक पंजीयन की प्रक्रिया जारी रहेगी, जिसके लिए उन्होंने ग्रामीणों से कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर पंजीयन कराने की अपील की। बागवानी फसल को बढ़ावा देने की बात करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि जिला प्रशासन द्वारा बागवानी फसल के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। किसान आपसी सहयोग से 8 से 10 एकड़ क्षेत्र में बागवानी फसल ले सकते हैं। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को पशुपालन और मछलीपालन को आजीविका का साधन बनाने हेतु प्रेरित किया।
क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के विषय में कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा रखी गई डेम-बांध की मांग पर जलसंसाधन विभाग को प्रस्ताव तैयार करने निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बुंदेली की स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित वॉशिंग पाउडर की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि रेडी टू ईट सामग्री का निर्माण अब जिले में महिला समूहों द्वारा किया जा रहा है, जिससे महिलाएँ कौशल विकास और अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
कलेक्टर श्री दुदावत ने डिजिटल सेवाओं के विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के माध्यम से 442 ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिन्हें कोई भी नागरिक चॉइस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकता है। इसमें निर्धारित समय सीमा और विलंब पर कार्यवाही का प्रावधान भी शामिल है। मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत अधिक बिल आने और भुगतान न हो पाने की स्थिति में सरचार्ज माफी का लाभ लिए जाने के लिए भी उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सोलर सिस्टम स्थापित करने पर शासन द्वारा सब्सिडी दी जा रही है, जिससे बिजली बिल शून्य हो सकता है तथा अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी प्राप्त की जा सकती है।
कलेक्टर ने स्कूलों में विद्यार्थियों के बायोमैट्रिक अपडेट किए जाने की जानकारी देते हुए अभिभावकों से बच्चों का आधार अपडेट कराने की अपील भी की। शिविर के दौरान प्राप्त मांगों पर उन्होंने गंभीरता से विचार किया। कोरकोमा में हायर सेकंडरी स्कूल भवन नहीं होने और मिडिल स्कूल में संचालन की स्थिति को देखते हुए हायर सेकंडरी के लिए नए भवन की स्वीकृति डीएमएफ से देने की घोषणा की। कोरकोमा से रजगामार सड़क निर्माण को एसईसीएल सीएसआर मद से स्वीकृति दिलाने, केरवाद्वारी से केराकछार मार्ग पर पुलिया निर्माण को डीएमएफ से स्वीकृति प्रदान करने तथा 1979 से संचालित प्राथमिक शाला केराकछार को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की सहमति दी।
जनपद अध्यक्ष श्रीमती बीजमोती राठिया और जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेष क्रुमार नाग, एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।
इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।
कोरबा/बालको नगर। बालको में सितंबर 2008 बैच के कर्मचारियों ने 18 वर्षों की सेवा पूरी होने पर वार्षिक मिलन समारोह का आयोजन किया। समारोह में बैच के 35 कर्मियों ने हिस्सा लिया और अपने बालको में बिताए 18 साल के अनुभव साझा किए। उपलब्धियां और चुनौतियों को सामने रखा। बालको कर्मियों ने अपने सेवाकाल के कई यादगार किस्से सुनाए। पुराने साथियों से मिलकर माहौल उत्साह से भरा रहा।
इस आयोजन से कर्मियों के बीच आपसी स्नेह, सौहार्द, भाईचारा, एकजुटता मजबूत हुई। समारोह में राजशेखर साहू, गगन गुप्ता, टिकेश्वर चेलक, अमित शर्मा, कमलेश बोहरपी, ज्ञानेंद्र, सुमन यादव, देवेंद्र प्रताप, सुमित सोनी, कुंदन, आशीष शुक्ला, आशीष दुबे, मधुरेश श्रीवास्तव, संजय न नारवानी, जितेंद्र द्विवेदी, अभिषेक साहू, दुर्गेश साहू, पूर्णानंद साहू, केशव साहू, हेमंत वर्मा, अरविंद, विकास गुरुदीवान, लेखराज लोधी, प्रकाश ठाकुर, प्रकाश रघुवंशी समेत अन्य उपस्थित थे।
कोरबा/कटघोरा। पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में गुरुवार को आग की लपटें उठी तो विस्फोट की आशंका पर आसपास घरों को खाली कराया गया। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। लेकिन कटघोरा- अंबिकापुर हाइवे पर लगभग 2 घंटे आवाजाही थमी रही।
कोरबा से तेल से भरी टैंकर कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाइवे के रास्ते से वाड्रफनगर जाने रवाना हुआ। बांगो थाना क्षेत्र के गुरसिया ढाबा के पास टैंकर चालक ने खाना खाने वाहन रोका। कुछ देर बाद वहां से चालक आगे बढ़ने टैंकर स्टार्ट किया, तभी बैटरी में चिंगारी उठी और केबिन तक आग की लपटें उठने लगी। संभवत: शार्ट सर्किट से आग वाहन तक फैली होगी। टैंकर में 12 हजार लीटर तेल भरने की कैपिसिटी है। सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हाइवे पर आवाजाही को रोकवाया। साथ ही आसपास के घरों को खाली कराया गया। इस तरह सुरक्षा के जरूरी ऐहतियात बरते गए।
सूचना पर बांगो, कटघोरा नगर पालिका, सीएसईबी कोरबा की दमकल टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल कर्मियों ने पानी और फोम से आग बुझाई। इसमें करीब दो घंटे लग गए। आग पर काबू पा लेने के बाद हाइवे पर आवाजाही सामान्य हुई। एनएएआई की टीम को सूचना देने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंची। कटघोरा-अंबिकापुर हाइवे के साथ बायपास पर दो साल के भीतर वाहनों में आग लगने की यह तीसरी घटना है। इसी महीने कटघोरा-बायपास के हुकरा क्षेत्र में एक तेज रफ्तार 407 वाहन रोड किनारे पेड़ से टकराया। इसके बाद वाहन में आग लगने की घटना सामने आई। चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। साल 2024 में 28-29 दिसंबर की रात अंबिकापुर-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांगो थाना क्षेत्र के चोटिया टोल प्लाजा के पास ट्रक और कार में भिड़ंत हो गई थी। इस दुर्घटना में ट्रक पलट गया, वहीं कार सवार दो युवकों की वाहन में आग लगने पर जलकर मौत हो गई।