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छत्तीसगढ़

रायपुर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह:आज रात यहीं रुकेंगे, कल जगदलपुर में लेंगे बैठक, BJP नेताओं से मिलेंगे

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रायपुर, एजेंसी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 17, 18 और 19 मई को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। रविवार रात 8:15 बजे वे रायपुर पहुंचे। शाह आज रात यहीं रुकेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे मेफेयर रिसॉर्ट के लिए रवाना हुए।

दौरे के दौरान रायपुर और बस्तर संभाग में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, अमित शाह कल नेतानार जाएंगे और जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक लेंगे। इसके अलावा डायल-112 के 400 वाहन रवाना करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे रायपुर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे रायपुर

इस दौरान उनका फोकस सुरक्षा व्यवस्था, बस्तर में विकास कार्यों की समीक्षा, जनसुविधाओं के विस्तार और मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर रहेगा।

खास बात यह है कि इस दौरे में सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश नजर आएगी। डायल-112 सेवा के विस्तार से लेकर बस्तर में जन सुविधा केंद्र के उद्घाटन, फॉरेंसिक यूनिट्स, और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि तक, कार्यक्रमों की पूरी श्रृंखला इसी दिशा में तैयार की गई है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सीएम विष्णुदेव साय समेत 4 राज्यों के मुख्यमंत्री होंगे शामिल। (फाइल)

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सीएम विष्णुदेव साय समेत 4 राज्यों के मुख्यमंत्री होंगे शामिल। (फाइल)

डायल-112 सेवा का पूरे प्रदेश में विस्तार

18 मई सोमवार की सुबह अमित शाह राजधानी के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल पहुंचेंगे। यहां सुबह 10:40 बजे से 10:50 बजे के बीच वे डायल-112 सेवा के लिए शामिल 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

यह कार्यक्रम राज्य सरकार की उन बड़ी योजनाओं में शामिल है, जिनके जरिए पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने की तैयारी की गई है। अभी तक डायल-112 सेवा प्रदेश के 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा पहले ही बता चुके हैं कि नई व्यवस्था के बाद प्रदेश के सभी थानों तक डायल-112 की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता पहले की तुलना में ज्यादा तेज और प्रभावी हो सकेगी।

हर जिले को मिलेगी फॉरेंसिक जांच की सुविधा

राज्य सरकार इस दौरे के दौरान अपराध जांच सिस्टम को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाने जा रही है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स रवाना की जाएंगी।

इन विशेष वाहनों में आधुनिक फॉरेंसिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी। इससे अपराधों की विवेचना में तेजी आएगी और जांच की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इससे पहले के बस्तर दौरे की तस्वीरें।

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इससे पहले के बस्तर दौरे की तस्वीरें।

रायपुर से सीधे बस्तर रवाना होंगे शाह

रायपुर कार्यक्रम के बाद केंद्रीय गृहमंत्री सुबह 11:05 बजे विशेष विमान से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। करीब 11:50 बजे उनका आगमन मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर होगा। यहां से वे बीएसएफ हेलीकॉप्टर के जरिए बस्तर जिले के नेतानार पहुंचेंगे।

नेतानार में दोपहर 12:20 बजे से 12:50 बजे तक जन सुविधा केंद्र के उद्घाटन का कार्यक्रम निर्धारित है। माना जा रहा है कि यह केंद्र स्थानीय ग्रामीणों को प्रशासनिक और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।

बस्तर क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों और विकास की जरूरतों के बीच संतुलन की चर्चा का केंद्र रहा है। ऐसे में शाह का यह दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमर वाटिका में शहीद जवानों को देंगे श्रद्धांजलि

नेतानार कार्यक्रम के बाद अमित शाह दोपहर करीब 1:25 बजे जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचेंगे। यहां वे शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान कई जवानों ने अपनी जान गंवाई है। ऐसे में अमर वाटिका में श्रद्धांजलि कार्यक्रम को सुरक्षा बलों के मनोबल से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

बादल एकेडमी में होगी विकास और सुरक्षा पर चर्चा

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद अमित शाह जगदलपुर के एक निजी होटल पहुंचेंगे, जहां दोपहर भोजन के बाद बैठकों का दौर शुरू होगा।

दोपहर 2:35 बजे से वे बादल एकेडमी में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे। इस दौरान बस्तर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, सुरक्षा अभियानों और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

इसके बाद होटल ग्रैंड एम्बिशन में अलग-अलग विभागों की ओर से प्रेजेंटेशन भी दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि इन प्रस्तुतियों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।

भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात और लोक संस्कृति कार्यक्रम

शाम के समय अमित शाह भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे फिर से बादल अकादमी पहुंचेंगे, जहां ‘बस्तर के संग’ नाम से आयोजित लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

इस कार्यक्रम में बस्तर की पारंपरिक लोक कला, नृत्य और संस्कृति की झलक पेश की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ रात्रि भोज का आयोजन भी रखा गया है। इसके बाद शाह जगदलपुर में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

19 मई को होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक

दौरे के तीसरे दिन यानी 19 मई मंगलवार को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे।

इस बैठक में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय, क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति और प्रशासनिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें राज्यों के बीच समन्वय से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दिल्ली रवाना होंगे

बैठक के बाद दोपहर भोजन का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद अमित शाह दोपहर 2:50 बजे से 3:30 बजे तक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वे सुरक्षा, विकास और परिषद बैठक से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा कर सकते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वे जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और शाम 3:45 बजे विशेष विमान से दिल्ली लौट जाएंगे। उनका विमान शाम 6 बजे पालम स्थित एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेगा, जहां से वे सड़क मार्ग से अपने आवास रवाना होंगे।

अमित शाह के इस दौरे को छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा और विकास के एजेंडे के साथ हो रहे इस दौरे पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।

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रायपुर : मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

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समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात

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चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास,  फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।

प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम है नंदनवन जंगल सफारी

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320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र

  •  धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
  •  अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी
 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर

नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।

 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर
मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर
    नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी।
    इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर
    नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
    विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
शाकाहारी सफारी
    30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।
भालू सफारी
    20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है।
बाघ सफारी
    20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं।
सिंह सफारी
    20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है।
जू जोन
    50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।

दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण
    नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।
देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक
    वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।
रायपुर से आसान पहुंच
    नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र
नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है ।

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