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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया

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“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत किया गया पौधरोपण

एसईसीएल की वार्षिक पर्यावरण पत्रिका “पर्यावरण दर्पण” का हुआ विमोचन

बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में आज दिनांक 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस उत्साह, जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति एसईसीएल की प्रतिबद्धता को विभिन्न गतिविधियों द्वारा प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन द्वारा पर्यावरण ध्वज फहराकर किया गया। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन, उपाध्यक्षागण श्रीमती अनीता फ्रैंकलिन, श्रीमती इप्सिता दास, श्रीमती विनिता जैन एवं श्रीमती शुभश्री महापात्र सहित विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के नेतृत्व में सभी निदेशगण एवं सीवीओ तथा श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा, उपाध्यक्षागण , सदस्याएं ,एवं विभिन्न विभागाध्यक्षगण ,नेहरु सताब्दी नगर कॉलोनी में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत विभिन्न फलदार एवं औषधि युक्त पोधो का पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी जनों ने हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु अपना संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान एसईसीएल की वार्षिक पर्यावरण पत्रिका “पर्यावरण दर्पण” का विमोचन मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया। साथ ही एसईसीएल की पर्यावरणीय पहलों, हरित परियोजनाओं एवं सतत खनन प्रथाओं पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

अपने संबोधन में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने सभी उपस्थितजनों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वृक्षारोपण, जल बचत एवं पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र ने कहा कि सतत विकास की अवधारणा तभी सार्थक होगी जब औद्योगिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि एसईसीएल पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप जिम्मेदार एवं सतत खनन के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के आरंभिक सत्र में डीएवी विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन पर आधारित स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित जनों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया ।
इस अवसर पर कुसमुंडा एवं हसदेव क्षेत्र द्वारा पर्यावरण सरंक्षण विषयक संदश परत नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया जिसे उपस्थितों ने अत्यंत सराहा ।
महाप्रबंधक (पर्यावरण) बी. राणा प्रताप ने स्वागत भाषण में विश्व पर्यावरण दिवस की थीम तथा एसईसीएल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रमुख कार्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष का विश्व पर्यावरण दिवस संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।
इस अवसर पर मुख्यालय स्तर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, तत्क्षण भाषण प्रतियोगिता एवं कवि सम्मेलन के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को मंचासीन अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का सफल संचालन शेख जाकिर हुसैन, मुख्य प्रबंधक (पर्यावरण) ने किया तथा अंत में डॉ. एम.एस. प्रियंका ने आभार व्यक्त किया।

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कोरबा

अपराधों की रोकथाम और ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ को प्रभावी बनाने आईजीपी राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में उच्च स्तरीय पुलिस कार्यशाला आयोजित

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गुंडा और निगरानी बदमाशों की सघन चेकिंग के लिए जारी हुईं एसओपी (SOPs)
एक गुंडा-एक जवान’ नीति तथा सक्रिय अपराधियों पर सख्त निगरानी के दिये आदेश

बिलासपुर/कोरबा। आज दिनांक 21.07.2026 को राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, द्वारा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा संपत्ति एवं शरीर संबंधी अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक वृहद ऑनलाइन बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर रेंज मीटिंग हॉल में किया गया। कार्यशाला में रेंज के समस्त पुलिस अधिकारियों, एसडीओपी (SDOPs) और थाना प्रभारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान प्रफुल्ल ठाकुर,पुलिस अधीक्षक जिला-सक्ती, द्वारा 'गुंडा एवं निगरानी बदमाश' विषय पर अपना व्यापक अनुभव साझा करते हुए 'प्रिवेंटिव पुलिसिंग' (निवारक पुलिसिंग) और बेसिक पुलिसिंग की पुनर्स्थापना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

कार्यशाला के मुख्य बिंदु एवं निर्देश:
अपराधियों का सटीक वर्गीकरण: पुलिस रेगुलेशन (पैरा 855-860) के तहत आदतन चोरों/लुटेरों को A-Class (निगरानी) और मारपीट/रंगदारी/भू-माफिया को B-Class (गुंडा) में वर्गीकृत कर उनका पूरा बायोडाटा (फोटो, फिंगरप्रिंट, बैंक खाते) अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों के लिए ‘गैंग हिस्ट्री शीट’ बनानी होगी।
सरप्राइज चेकिंग : बदमाशों की चेकिंग का समय अनिश्चित (Unpredictable) रखने तथा अधिकारियों को 2-3 सदस्यों की टीम में रहने, टॉर्च को शरीर से दूर (दाहिनी ओर) रखने जैसी सुरक्षा SOPs और बदमाशों के रहन-सहन/आजीविका के मिलान के निर्देश दिए गए।

रिकॉर्ड संधारण एवं डिजिटल-मैनुअल तालमेल
रोजनामचा में रवानगी/वापसी की क्रॉस-एंट्री अनिवार्य।
रजिस्टर 7, परवाना फाइल और A-to-Z अल्फाबेटिकल रजिस्टर का संधारण (ताकि त्वरित रिकॉर्ड खोजा जा सके)।
बीट जवानों के लिए A, B नोटबुक तथा ‘C Notebook’ (क्राइम) का पुनरुद्धार।
‘एक गुंडा – एक जवान’ नीति व कठोर वैधानिक कार्रवाई
हर बदमाश की निगरानी के लिए एक विशिष्ट पुलिसकर्मी जिम्मेदार रखने तथा जमानत के बाद पुन: अपराध करने पर BNSS की धारा 480 के तहत तुरंत जमानत निरस्तीकरण (Bail Cancellation) के निर्देश दिये गए.
धारा 110 BNSS, 20-50 हजार रुपये का बाउंड ओवर, जिला बदर और PIT NDPS के तहत सख्त कदम। Natgrid व CDR से फरार आरोपी ट्रैक होंगे।
मानवाधिकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट के नियम : ‘पुट्टस्वामी केस’ व सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले (अमानतुल्लाह खान बनाम दिल्ली पुलिस, 2024) का पालन करते हुए विमुक्त जनजातियों, पिछड़ों या नाबालिगों पर मनमानी कार्रवाई न करने और निजता/मानवाधिकारों का पूरा सम्मान करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) व मूवमेंट ट्रैकिंग
VCNB में गांव के प्रतिष्ठित लोगों, कोटवारों और पेंशनर्स का डेटा रहेगा।
कोटवारों की रोस्टर हाजिरी और मुसाफिर रजिस्टर अनिवार्य।
अंतरराज्यीय/अंतरजिला अपराधियों के लिए BC Roll, SS Roll और केंद्र सरकार के Cri-MAC ऐप से इंटेलिजेंस शेयरिंग की जाएगी।

सुधार का अवसर (माफी) : जो अपराधी वर्षों से अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं , उन्हें निगरानी सूची से हटाया जाएगा, ताकि पुलिस का ध्यान केवल सक्रिय बदमाशों पर रहे।
त्योहारों से पहले परेड : राष्ट्रीय पर्वों व त्योहारों से पूर्व थानों में गुंडा-बदमाशों की परेड और क्लास ली जाएगी।

आईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि पुलिस की टारगेट बदमाशों पर रहना चाहिये कि वह अपराध की पुनर्विती ना करें. यह महत्वपूर्ण कार्यशाला  गुंडा और निगरानी बदमाशों की सघन चेकिंग करने विषय पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य "प्रिवेंटिव पुलिसिंग की सफलता, कोटवारों, पुलिस-मित्रों और जनता के सीधे संवाद पर निर्भर करती है। नियमों का कड़ाई से पालन कर क्षेत्र को पूरी तरह अपराध-मुक्त बनाया जाएगा।"
उक्त ऑन लाईन कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से लगभग 200 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित होकर प्रशिक्षण प्राप्त किये। बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने पुलिस अधीक्षक सकती का धन्यावाद ज्ञापित करते हुए  सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इन निर्देशों की स्वयं मॉनिटरिंग करने तथा इनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।
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कोरबा में 24 घंटे में दूसरी हत्या,आरोपी फरार:छोटे भाई ने खेत में काम कर रहे बड़े भाई को टांगी से उतारा मौत के घाट

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कोरबा। कोरबा जिले में 24 घंटे के भीतर हत्या की दूसरी बड़ी वारदात सामने आई है। मंगलवार (21 जुलाई) की रात बांगो थाना क्षेत्र में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की थी, वहीं बुधवार सुबह श्यांग थाना क्षेत्र के छुईमाटी गांव में छोटे भाई ने बड़े भाई पर टांगी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। दोनों मामलों में हथियार टांगी ही रहा और रिश्ते भी खून के थे।

श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम जिल्गा के छुईमाटी गांव में राम भरोस राठिया (47) अपने घर से लगी बाड़ी में घास साफ कर रहे थे। इसी दौरान उनका छोटा भाई रामजीवन राठिया वहां पहुंचा और गर्दन पर टांगी से लगातार 6 से 7 वार कर दिए। हमले में राम भरोस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उनकी पत्नी सनिसो राठिया भी मौजूद थीं और उन्होंने पूरी वारदात देखी।

पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

पुलिस की जांच में दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी रामजीवन का स्वभाव भी सनकी बताया जा रहा है। दोनों भाई एक ही गांव में आमने-सामने अलग-अलग घरों में रहते थे और खेती-किसानी करते थे।

दोनों परिवारों पर टूटा दुख

मृतक राम भरोस राठिया की पत्नी और दो बेटियां हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। वहीं आरोपी रामजीवन राठिया के परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के बेटे राम अवतार राठिया की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। गांव में साक्ष्य जुटाने और लोगों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।

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कोरबा

23-24 जुलाई को रद्द की गई 4 मेमू ट्रेन बहाल:चार ट्रेनें अब भी रद्द रहेंगी, भाटापारा-हथबंध में ऑटो सिग्नलिंग काम होगा

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रायपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। रेलवे ने पहले जिन ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की थी।

इनमें से चार मेमू ट्रेनों को बहाल (रिस्टोर) कर दिया है। ये ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी।

ये 4 ट्रेनें अब रद्द नहीं होंगी

रेलवे के संशोधित आदेश के अनुसार 23 जुलाई को चलने वाली ये ट्रेनें अब सामान्य रूप से संचालित होंगी।

  • 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू
  • 68734 बिलासपुर–कोरबा मेमू
  • 68733 कोरबा–बिलासपुर मेमू
  • 68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू

अब ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

संशोधित सूची के अनुसार अब भी ये ट्रेनें रद्द रहेंगी।

  • 23 जुलाई: 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू
  • 24 जुलाई: 68745 कोरबा–रायपुर मेमू

इस ट्रेन का आंशिक परिचालन

23 जुलाई को चलने वाली 68862/68861 झारसुगुड़ा–गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू केवल बिलासपुर तक ही चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और वहीं से प्रारंभ होगी। बिलासपुर–गोंदिया–बिलासपुर के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।

क्यों किया गया बदलाव?

रेलवे के अनुसार रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से कुछ ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

यात्रियों के लिए सलाह

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES या हेल्पलाइन के माध्यम से जरूर जांच लें, क्योंकि इंजीनियरिंग कार्य के दौरान परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

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