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अम्बिकापुर : योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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विश्व को भारत की अमूल्य देन है योग, इसे जन-जन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास

अम्बिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है। आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है। योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास
मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।
इस अवसर पर विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

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टाटा पावर को बिजली लाइसेंस देने के खिलाफ याचिका:पूर्व विधायक ने निजी-कंपनी को 25 साल के लिए लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर जताई आपत्ति

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर जिले के चार इलाकों में टाटा पावर को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के प्रस्ताव का कांग्रेस ने विरोध किया है। पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इसके खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करने की बात कही है।

उनका कहना है कि रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर जैसे इलाकों में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण की अनुमति मिलने से सरकारी वितरण कंपनी सीएसपीडीसीएल पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

टाटा पावर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका क्रमांक 89/2026 के जरिए इन क्षेत्रों में 25 साल के लिए वितरण लाइसेंस मांगा है। आयोग ने इस प्रस्ताव पर आम लोगों, स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित पक्षों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इस मामले में 1 अक्टूबर को सार्वजनिक सुनवाई भी प्रस्तावित है।

विकास उपाध्याय की आपत्ति क्या है?

उपाध्याय का कहना है कि टाटा पावर ने आवेदन में शुरुआती पांच साल में करीब 435 करोड़ रुपए निवेश कर नेटवर्क तैयार करने की बात कही है। उनका दावा है कि इतने निवेश से प्रस्तावित क्षेत्र में नए 33 और 11 केवी सब-स्टेशन और लाइनें खड़ी करना संभव नहीं होगा। उनका आरोप है कि बाद में निजी कंपनी को सीएसपीडीसीएल के मौजूदा ग्रिड का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

हालांकि यह कंपनी की ओर से दाखिल आवेदन और नियामक प्रक्रिया का हिस्सा है। उपाध्याय की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अंतिम फैसला नियामक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

‘मलाईदार इलाका निजी कंपनी के पास चला जाएगा’

विकास उपाध्याय की सबसे बड़ी आपत्ति प्रस्तावित क्षेत्र को लेकर है। उनका कहना है कि रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर में औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा है, इसलिए ये सीएसपीडीसीएल के लिए ज्यादा राजस्व वाले इलाके हैं।

उनका तर्क है कि अगर निजी कंपनी को इन्हीं इलाकों में वितरण का लाइसेंस मिलता है तो सरकारी कंपनी के पास कम राजस्व वाले ग्रामीण, कृषि और बीपीएल उपभोक्ता ज्यादा रह सकते हैं। इससे किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्रॉस-सब्सिडी की व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका उन्होंने जताई है।

निजी कंपनी आने से बिजली महंगी होने का दावा

उपाध्याय ने निजी वितरण कंपनियों के मॉडल पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि भविष्य में व्हीलिंग चार्ज और दूसरे शुल्क के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में निजी बिजली वितरण के अनुभवों का भी हवाला दिया है।

यह फिलहाल उपाध्याय का राजनीतिक और नीतिगत तर्क है। टाटा पावर को लाइसेंस मिलने के बाद बिजली दर कितनी होंगी, यह अभी तय नहीं है। दरों और संबंधित शुल्क पर नियामक प्रक्रिया लागू होगी।

स्मार्ट मीटर और ‘पीएम सूर्य घर’ योजना भी मुद्दा

उपाध्याय ने स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि स्मार्ट मीटर के बाद बिजली बिलों में 15 से 20% तक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर’ योजना को लेकर भी सरकार की आलोचना की और इसे उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं बताया।

उद्योगों पर असर की आशंका

रायपुर, धरसींवा और अभनपुर को औद्योगिक क्षेत्र बताते हुए उपाध्याय ने कहा कि यहां पहले से ही बिजली की लागत और दूसरी समस्याओं के कारण छोटे-बड़े उद्योग दबाव में हैं। उनके मुताबिक निजी वितरण कंपनी के आने के बाद यदि औद्योगिक बिजली की लागत बढ़ती है तो इसका असर स्थानीय उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है।

सरकार से लाइसेंस आवेदन खारिज करने की मांग

विकास उपाध्याय ने सीएसईआरसी में दाखिल टाटा पावर की याचिका को निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने निजी कंपनी को लाइसेंस देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई तो कांग्रेस सड़क से विधानसभा तक आंदोलन करेगी।

अब मामला नियामक प्रक्रिया में है। टाटा पावर के प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव लिए जा रहे हैं और 1 अक्टूबर की सार्वजनिक सुनवाई में संबंधित पक्ष अपना पक्ष रख सकेंगे।

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छत्तीसगढ़ में 854 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती:हिंदी-अंग्रेजी-संस्कृत के 120-120 पद, विभाग ने जारी किया विज्ञापन, 29 नवंबर को हो सकती है परीक्षा

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग ने व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। मुख्यमंत्री की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा की गई थी। इसी के तहत अब व्याख्याता के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

इन पदों के लिए लिखित परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कराएगा। परीक्षा की संभावित तारीख 29 नवंबर 2026 रखी गई है। आवेदन कब से शुरू होंगे, इसकी जानकारी कर्मचारी चयन मंडल अलग से जारी करेगा।

8 विषयों में पद, हिंदी-अंग्रेजी के सबसे ज्यादा

व्याख्याता के 854 पदों को 8 विषयों में बांटा गया है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के 120-120 पद हैं। वहीं भौतिकी के 94, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र के 100-100 पद हैं।

विषयवार पद

हिंदी: 120 पद

अंग्रेजी: 120 पद

संस्कृत: 120 पद

भौतिकी: 94 पद

राजनीति शास्त्र: 100 पद

इतिहास: 100 पद

भूगोल: 100 पद

अर्थशास्त्र: 100 पद

कुल: 854 पद

ई-संवर्ग में 424 और टी-संवर्ग में 430 पद

जारी विज्ञापन के मुताबिक 854 पदों में से 424 पद ई-संवर्ग की शालाओं और 430 पद टी-संवर्ग की शालाओं में भरे जाएंगे। योग्यता और उम्र की जानकारी विस्तृत विज्ञापन में

भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य जरूरी शर्तों की जानकारी विस्तृत विज्ञापन में दी जाएगी। भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम भी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

आवेदन की तारीख अभी तय नहीं

विभाग ने बताया है कि व्याख्याता भर्ती का विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। आवेदन की शुरुआत की तारीख की जानकारी CGSSB अलग से जारी करेगा। इसके बाद अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में आवेदन कर सकेंगे।

परीक्षा से जुड़ी मुख्य जानकारी

विस्तृत विज्ञापन: व्यापम की वेबसाइट पर जारी होगा https://vyapamcg.cgstate.gov.in/

पद: व्याख्याता

कुल पद: 854

भर्ती संस्था: छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB)

परीक्षा: लिखित भर्ती परीक्षा

संभावित परीक्षा तारीख: 29 नवंबर 2026

आवेदन की तारीख: बाद में घोषित होगी

ई-संवर्ग: 424 पद

टी-संवर्ग: 430 पद

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रायगढ़ को 126.92 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात:उप मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन-लोकार्पण, बोले- विकसित जिला बनाने तेज गति से काम जारी

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रायगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में विकास कार्यों को गति देने के लिए भूमिपूजन-लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोमवार को पंजरी प्लांट स्थित ऑडिटोरियम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के कुल 126.92 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। वहीं उपमुख्यमंत्री ने शहर के विकास के लिए चार और बड़े कार्यों की घोषणा की।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, राज्यगीत और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को पूर्ण हो चुके आवासों की प्रतिकात्मक चॉबी भी सौंपी गई।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि रायगढ़ तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रायगढ़ जिले को विकसित जिला बनाने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत विकास कार्यों को गति देने के साथ लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ नगर निगम की ओर से लगभग 10 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सूची उन्हें दी गई है। इन कार्यों के लिए शीघ्र स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने 4 अतिरिक्त कामों की घोषणा की

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने 4 अतिरिक्त कामों की घोषणा की

चार अतिरिक्त कामों की घोषणा

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने शहर के विकास के लिए चार अतिरिक्त कामों की घोषणा की।

इनमें संजय मार्केट के निर्माण व उन्नयन के लिए 15.67 करोड़ रुपए, रामलीला मैदान के विकास, मंच व पवेलियन निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए, तालाब के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 4.99 करोड़ रुपए व केवड़ाबाड़ी से मरीन ड्राइव तक सनलाईजेशन कार्य के लिए 9.97 करोड़ रुपए शामिल है।

ऑडिटोरियम में लोकापर्ण व भूमिपूजन का कार्यक्रम का आयोजित किया गया

ऑडिटोरियम में लोकापर्ण व भूमिपूजन का कार्यक्रम का आयोजित किया गया

लगातार विकास के काम किए जा रहे हैं

कार्यक्रम में वित्त मंत्री व रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी दिल्ली से वर्चुअली रूप से जुड़े थे। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले ढाई सालों में नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के तहत 384.66 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिली है।

वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में सड़क, भवन और पुल समेत विभिन्न कामों के लिए 1426 करोड़ रुपए की स्वीकृति का उल्लेख किया।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी

वित्तमंत्री ने कहा कि रायगढ़ के रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रायगढ़-घरघोड़ा फोरलेन व पूंजीपथरा-तमनार फोरलेन की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है।

इसके अलावा तमनार-उरगा-लैलूंगा, तमनार बाईपास, कया-कमतरा-चरखापारा-ससकोबा-बंधनपुर और कोड़ातराई-पुसौर फोरलेन समेत विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।

उन्होंने रायगढ़ में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, संगीत महाविद्यालय भवन और वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसे कार्यों की जानकारी भी दी।

इन कामों का हुआ भूमिपूजन-लोकार्पण

नगर निगम रायगढ़ के अंतर्गत भूमिपूजन वाले कामों में 15वें वित्त आयोग से 28 सड़क, नाली, उद्यान समेत अन्य विकास कामों के लिए 10.55 करोड़ रुपए, केवड़ाबाड़ी चौक से मरीन ड्राइव कैनाल लिंक रोड के लिए 25.63 करोड़ रुपए और वार्ड क्रमांक 42 में आईएसबीटी निर्माण के लिए 20.75 करोड़ रुपए शामिल हैं।

वहीं 2 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से टाउन हॉल में 20 लाख लीटर पानी टंकी के निर्माण काम का लोकार्पण किया गया। इसी तरह लोक निर्माण विभाग के तहत 67.80 करोड़ रुपए के चार कामों का भूमिपूजन हुआ।

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