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कोरबा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : जिले के अऋणी किसान 31 जुलाई  तक करा सकते हैं फसल बीमा

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कोरबा। खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, अल्पवृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि, कीट एवं रोग प्रकोप सहित अन्य प्राकृतिक जोखिमों से फसलों को होने वाली क्षति के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय को स्थिरता प्रदान करना तथा खेती को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है।
योजना के अंतर्गत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। खरीफ 2026 के लिए फसल ऋण लेने वाले ऋणी किसानों का बीमा संबंधित वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्वतः कर दिया जाएगा। वहीं अऋणी किसानों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए स्वयं आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर फसल बीमा कराना होगा।
अऋणी किसान अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में जाकर फसल बीमा करा सकते हैं। इसके लिए वे अपने ग्राम के कृषक मित्र से भी संपर्क कर सकते हैं। किसान जिन फसलों का बीमा कराना चाहते हैं, उनका विवरण एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी) द्वारा निर्धारित प्रपत्र में भरकर जमा करना होगा।
खरीफ सीजन 2026 के लिए सिंचित धान की बीमित राशि 66 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है, जिस पर कृषक को मात्र दो प्रतिशत अर्थात 1,320 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होगा। असिंचित धान की बीमित राशि 47,300 रुपये तथा प्रीमियम 946 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। इसी प्रकार मक्का की बीमित राशि 39,600 रुपये एवं प्रीमियम 792 रुपये, कोदो की बीमित राशि 17,600 रुपये एवं प्रीमियम 352 रुपये, कुटकी की बीमित राशि 18,700 रुपये एवं प्रीमियम 374 रुपये, अरहर की बीमित राशि 38,500 रुपये एवं प्रीमियम 770 रुपये, रागी की बीमित राशि 16,500 रुपये एवं प्रीमियम 330 रुपये, उड़द तथा मूंग की बीमित राशि 24,200 रुपये एवं प्रीमियम 484 रुपये तथा मूंगफली की बीमित राशि 46,200 रुपये एवं प्रीमियम 924 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।
अऋणी किसानों को फसल बीमा कराने के लिए नवीनतम आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति, स्वयं के नाम की भूमि अभिलेख (बी-1 एवं पी-2) की प्रति, बुआई प्रमाण-पत्र, सक्रिय बैंक खाते की प्रति जिसमें खाता संख्या, आईएफएससी कोड तथा बैंक शाखा का विवरण स्पष्ट अंकित हो, वैध मोबाइल नंबर, बटाईदार अथवा कास्तकार होने की स्थिति में घोषणा-पत्र तथा निर्धारित प्रीमियम राशि के साथ बीमा केंद्र में उपस्थित होना होगा। आवेदन प्रपत्र अपने ग्राम के कृषक मित्र से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
कृषि विभाग ने जिले के सभी पात्र कृषकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाते हुए 31 जुलाई 2026 से पूर्व अपने निकटतम बैंक, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति अथवा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से फसल बीमा अवश्य कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य अधिसूचित जोखिमों की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।

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कोरबा में घर के छज्जे पर लटका मिला कोबरा:रेस्क्यू के लिए तोड़ना पड़ा छज्जा, 1 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया

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कोरबा। कोरबा जिले के बरमपुर गांव में गुरुवार देर रात एक घर में कोबरा घुस गया। करीब 5 फीट लंबा कोबरा कच्चे मकान के छज्जे पर लटका फुंकार रहा था। सांप को देखकर घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे डर गए और बाहर भाग गए। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

घटना रात करीब 11 बजे की है। प्रकाश यादव का परिवार सोने की तैयारी कर रहा था, तभी कमरे के छज्जे से सरसराहट की आवाज सुनाई दी। टॉर्च की रोशनी में देखने पर करीब 5 फीट लंबा कोबरा छज्जे से लटका दिखाई दिया और फुंकार मार रहा था।

मकान कच्चा और खपरैल का होने के कारण कोबरा आसानी से अंदर घुस आया। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर मानस यादव और उमेश यादव की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि कोबरा छज्जे की दरार में छिपा हुआ था, जिससे रेस्क्यू करना चुनौतीपूर्ण हो गया।

17 फीट ऊंचाई पर चढ़कर किया रेस्क्यू

रेस्क्यू टीम को करीब 17 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर जोखिम उठाना पड़ा। सांप तक पहुंचने के लिए घर के एक हिस्से को हल्का तोड़ना भी पड़ा। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया।

जंगल में छोड़ा गया कोबरा

रेस्क्यू के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

बरसात में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं

स्नेक कैचर उमेश यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों की छत, स्टोर रूम, अनाज रखने की जगह और छज्जों में पहुंच जाते हैं।

लोगों से की अपील

स्नेक कैचर ने लोगों से अपील की कि घर में सांप दिखने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।

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पिता से पूछा-मां मुझसे नाराज क्यों है, फिर फूट-फूटकर रोया:सुबह किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला बेटा, सेलून में करता था काम

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में किराए के मकान में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने पिता को फोन कर पूछा, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगा। कुछ देर बाद उसने कॉल काट दी।

शुक्रवार सुबह जब उसके माता-पिता किराए के कमरे पर पहुंचे, तो युवक फांसी के फंदे पर लटका मिला। फिलहाल आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह मामला सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र का है।

पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।

पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।

सेलून में करता था काम

जानकारी के मुताबिक युवक का नाम रोहन उर्फ अमन श्रीवास (24) है, जो ट्रेंड्ज़ स्टूडियो सैलून में काम करता था। रोहन टीपी नगर में किराए के मकान में रहता था। मूल रूप से वह बरपाली का रहने वाला था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन भी है।

देर रात पिता को किया था फोन

रिश्तेदारों ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे रोहन की पिता से सामान्य बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे उसने फिर कॉल किया। कॉल पर वह रो रहा था और बार-बार पूछ रहा था, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद उसने फोन काट दिया।

सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला

शुक्रवार सुबह जब रिश्तेदारों ने कई बार फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। अनहोनी की आशंका पर माता-पिता तुरंत उसके कमरे पहुंचे। दरवाजा खोलने पर रोहन का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। इसके बाद फौरन पुलिस को सूचना दी गई।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

सूचना मिलते ही सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।

माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

जांच के बाद सामने आएगी वजह

सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पुलिस रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

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कोरबा के सिंचाई कॉलोनी में लाखों की चोरी:सूने मकान का ताला तोड़कर सोना, चांदी, नकदी ले उड़े चोर, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित सिंचाई कॉलोनी में चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर से सोना-चांदी के गहने, नगदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित भारत लाल साहू, जो सिंचाई विभाग में कर्मचारी हैं, सिंचाई कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एचपीटी A2/25 में रहते हैं। वह किसी काम से घर से बाहर गए थे और मकान में ताला लगा था। इसी दौरान चोरों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया।

पुलिस सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट के आधार पर कर रही जांच

पुलिस सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट के आधार पर कर रही जांच

अलमारी तोड़कर ले गए गहने और नकदी

शुक्रवार (24 जुलाई ) सुबह घटना की जानकारी मिलने पर भारत लाल साहू घर पहुंचे तो मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। घर के अंदर अलमारी भी तोड़ी गई थी और सामान बिखरा पड़ा था। चोर अलमारी में रखे सोने-चांदी के गहने, करीब 30 से 35 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। पीड़ित के अनुसार कुल नुकसान करीब 2 से 2.5 लाख रुपये का हुआ है।

सोना-चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर

सोना-चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं।

बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोग चिंतित

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरबा जिले में हाल के दिनों में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ी हैं। सूने मकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पीड़ित ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है। पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।

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