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छत्तीसगढ़

रायपुर : बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, ‘विष्णु भैया’ ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा

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बहनों के स्नेह से सजी ‘विष्णु भैया’ की कलाई, सुरक्षा-सम्मान का लिया संकल्प

बहनों के ‘विष्णु भैया’ बने मुख्यमंत्री साय, राखी के साथ मिला स्नेह और विश्वास

नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में राष्ट्ररक्षा के संकल्प और भाई-बहन के स्नेह का हुआ भावपूर्ण संगम

शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी, भावुक हुए मुख्यमंत्री साय

शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार : उनके सम्मान और हर सुख-दुःख में साथ खड़ी है सरकार – मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय 

सुरक्षा बलों के लगभग 800 जवानों को स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला समूहों की दीदियों ने बांधी राखी

रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में मिलेंगे 631 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का किया शुभारंभ

बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, ‘विष्णु भैया’ ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा

रायपुर 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजधानी रायपुर में आज भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर जब स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने रक्षा सूत्र बांधे तो पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता के भाव से भर उठा।

बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, ‘विष्णु भैया’ ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर भावुक हो उठे। उन्होंने शहीद श्री वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद जवानों के परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।

बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, ‘विष्णु भैया’ ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का बंधन नहीं, बल्कि एक शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। हमारे वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता। शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहने का यह रिश्ता सदैव अटूट रहेगा।

बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, ‘विष्णु भैया’ ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा

नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। अब वह समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल घर लौटने की चिंता नहीं सताएगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए युग का मार्ग प्रशस्त किया है। इस परिवर्तन में बस्तर की जनता का विश्वास और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहे क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर तेजी से पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प बस्तर को देश के श्रेष्ठ और विकसित आदिवासी अंचलों में शामिल करना है।

बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, ‘विष्णु भैया’ ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा

जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी

‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आत्मीय और अद्भुत दृश्य पहली बार देखा है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले जवानों को जब इतनी बड़ी संख्या में बहनों ने राखी बांधी तो रक्षाबंधन का पर्व अपने व्यापक अर्थ में साकार होता दिखाई दिया। हमारे जवान केवल सीमाओं और समाज के सुरक्षा प्रहरी नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों के भाई भी हैं।

इस अवसर पर सुरक्षा बलों के जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जवानों का सम्मान किया।

बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों-करोड़ों बहनों का अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है। बहनों का यही विश्वास और अपनापन जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण आज शासन की नीतियों के केंद्र में है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। लखपति दीदी अभियान ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है और प्रदेश की 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाएं अब परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ गांव और समाज के विकास का नेतृत्व भी कर रही हैं।

रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में लगभग 68 लाख बहनों के बैंक खातों में करीब 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से मजबूत बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहार पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को भी रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने बहनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

देश की एकता और जवानों के सम्मान का दिलाया संकल्प

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा देश के वीर जवानों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने का संकल्प दिलाया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल वर्दीधारी जवानों का दायित्व नहीं है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करे तथा राष्ट्रविरोधी शक्तियों के विरुद्ध सजग रहे। जवानों के प्रति सम्मान की भावना समाज और नई पीढ़ी में और मजबूत हो, ‘स्नेह की डोर’ जैसे आयोजन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने साहस के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है।

उन्होंने कहा कि एक समय नक्सल हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपने बेटे, भाई और जीवनसाथी खोए, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब किसी बहन को यह नहीं कहना पड़ेगा कि उसका भाई ड्यूटी पर गया था और लौटकर नहीं आया। उन्होंने समाज से वैचारिक रूप से भी सजग रहने और देश की एकता-अखंडता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

रायपुर जिले को मिले पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स—‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ का शुभारंभ किया।

‘हरित पोषणम्’ के माध्यम से आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ महिलाओं और समुदाय को पोषण अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ना है।

‘प्रोजेक्ट निरामय’ के अंतर्गत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर आवश्यकतानुसार निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।

‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’ के माध्यम से रायपुर में प्रत्येक माह सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है।

‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।

‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ के माध्यम से जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की मुख्यधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, स्कूली विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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कोरबा

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की समीक्षा कर दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश

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बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों का कराए शीघ्र मरम्मत -कलेक्टर कुणाल दुदावत

एग्रीस्टेक पंजीयन से वंचित किसानों का चिन्हांकन कर शीघ्र पंजीयन कराने किया निर्देशित

डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाकर शत-प्रतिशत सर्वे शीघ्रता से पूर्ण करने दिए निर्देश

पीएम धन-धान्य योजना के सभी सूचकांकों में प्रगति लाने अधिकारियों को किया निर्देशित

कोरबा 25 अगस्त 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विभागीय कार्यो की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने टीएल प्रकरणों सहित विभिन्न लंबित एवं महत्वपूर्ण मामलों की विभागवार स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सभी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने  बारिश में क्षतिग्रस्त एवं मरम्मत योग्य सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग, सेतु विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सभी नगरीय निकाय व जनपद सीईओ को खराब व क्षतिग्रस्त सड़को की आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवागमन की सुविधा और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिन्हांकित सड़कों की मरम्मत में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने सड़कों का नियमित निरीक्षण कर बारिश के कारण खराब हुई सड़को का आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिकायतो का केवल औपचारिक निराकरण ना हो, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक व संतोष जनक समाधान मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का वास्तविक स्थिति की जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने  तथा शिकायतों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण नहीं करने वाले विभागों को शोकॉज नोटिस जारी करने निर्देशित किया।

कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को ई-एचआरएमएस पोर्टल पर आवश्यक जानकारी दर्ज कर शीघ्र ऑनबोर्ड होने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का भी पोर्टल पर समयबद्ध ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करें, जिससे विभागीय मानव संसाधन संबंधी जानकारी का डिजिटल संधारण व्यवस्थित रूप से हो सके।
बैठक में एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शत प्रतिशत किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पर पंजीयन होने से किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने पंजीयन से वंचित किसानों का ग्रामवार चिन्हांकन कर अभियान चलाकर शीघ्र पंजीयन पूर्ण कराने को कहा।
कलेक्टर ने वनाधिकार पट्टाधारी हितग्राहियों की सूची भी अद्यतन जानकारी के साथ संकलित करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन समय-सीमा में पूर्ण किया जा सके।
कलेक्टर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिले के सभी गांवों में सर्वे कार्य में तेजी लाने और इसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे शासन की प्राथमिकता का कार्य है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पटवारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से सर्वे कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में सर्वे कार्य अभी शेष है, वहां विशेष टीम गठित कर प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कार्य पूर्ण कराया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी शेष कार्य की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करें कि जिले में कोई भी ग्राम सर्वे कार्य से वंचित न रहे और निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण हो।
कलेक्टर ने जिले में पीएम धन-धान्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा योजना से जुड़े सभी सूचकांकों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि योजना के निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति के साथ-साथ मैदानी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने कृषि विभाग को लक्ष्य के अनुरूप एक्सटेंशन वर्कर एवं किसानों का कृषक विज्ञान केंद्र के माध्यम से शीघ्र प्रशिक्षण पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण कार्य में तेजी लाने तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों एवं योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने मत्स्य विभाग के अंतर्गत एफपीओ गठन के कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने तथा मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से लाभान्वित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के अंतर्गत निर्धारित अन्य गतिविधियों एवं लक्ष्यों को भी समय-सीमा में पूर्ण करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि पीएम धन-धान्य योजना में जिले का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागवार लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए जिन सूचकांकों में प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है, उनमें विशेष प्रयास कर तेजी से सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने मुख्यमंत्री  घोषणा, सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा विभिन्न जन शिकायतों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय-सीमा की बैठकों में निर्धारित दायित्वों एवं दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य आमजन को त्वरित, सुगम एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारी अपने विभागीय कार्यों के साथ-साथ जनहित से जुड़े प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता दें तथा प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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देवरी-कोरई मार्ग में सलिहा नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6.24 करोड़ की स्वीकृति

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कोरबा, 25 अगस्त 2026। देवरी-कोरई (तुन्दुकोन्हा) मार्ग में सलिहा नाला पर निर्मित सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में हो रही असुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से 6 करोड़ 24 लाख 80 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
स्वीकृत राशि से देवरी-कोरई (तुन्दुकोन्हा) मार्ग में सलिहा नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को वर्षभर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र की आवश्यकता और ग्रामीणों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। सलिहा नाला पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन बेहतर होने के साथ ही ग्रामीणों को आवागमन के लिए अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा।

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राखी पर्व के पूर्व खाते में पैसा आने पर देवन्ती के मन में खिला उम्मीद का उजियारा, महतारी वंदन से बेटी का भविष्य संवारने की राह हुई आसान

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कोरबा 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के रिश्ते को और गहरा करता है। ऐसे में ग्राम पतरापाली की देवन्ती राठिया के लिए इस बार का रक्षाबंधन केवल त्योहार नहीं, बल्कि अपने परिवार और बेटी के उज्ज्वल भविष्य को संवारने की एक नई उम्मीद लेकर आया है। उनकी खुशी आज और भी दुगनी हो गई जब उन्हें मालूम हुआ कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन के पहले अपनी बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की राशि भेज दी है।
करतला तहसील के ग्राम पतरापाली, पंचायत बरकोन्हा निवासी श्रीमती देवन्ती राठिया, पति धजाराम राठिया, अपने चार सदस्यीय परिवार के साथ जीवन यापन करती हैं। उनके पति कृषि कार्य करते हैं। परिवार की जरूरतों को सीमित आय में पूरा करते हुए बेटी के भविष्य के लिए बचत करना उनके लिए हमेशा एक चुनौती रही है।
लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली हर माह एक हजार रुपये की राशि ने उनकी इस चिंता को काफी हद तक कम किया है। देवन्ती बताती हैं कि खाते में आने वाली यह राशि उनके लिए सिर्फ एक हजार रुपये नहीं, बल्कि परिवार की जरूरतों और बेटी के सपनों के बीच एक मजबूत सहारा है। वह इस राशि का उपयोग अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि योजना के खाते की मासिक किस्त जमा करने के साथ-साथ बच्चों के भरण-पोषण और घरेलू जरूरतों में करती हैं। उनका कहना है कि पहले परिवार की आमदनी से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही प्राथमिकता होती थी, ऐसे में बेटी के भविष्य के लिए अलग से राशि बचाना मुश्किल था। अब महतारी वंदन योजना की राशि से वह नियमित रूप से बेटी के नाम बचत कर पा रही हैं।
देवन्ती के चेहरे पर संतोष की मुस्कान के साथ यह विश्वास भी दिखाई देता है कि छोटी-छोटी बचत ही एक दिन बेटी के बड़े सपनों की नींव बनेगी। उनके लिए सुकन्या समृद्धि खाते में जमा होने वाली हर किश्त केवल पैसा नहीं, बल्कि बेटी के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक कदम है।
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देवन्ती कहती हैं कि एक भाई के रूप में मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की बहनों के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह एक हजार रुपये का उपहार देकर उनके जीवन में आर्थिक संबल और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उनके लिए यह राशि बहनों के सम्मान और भाई के स्नेह का प्रतीक है।
देवन्ती कहती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना शुरू कर हमारे जैसे परिवारों के लिए आर्थिक समृद्धि का एक नया रास्ता खोला है। उन्हें अपनी बहनों की विशेष चिंता है जो आज त्यौहार से पहले ही खाते में हर महीने मिलने वाली राशि से मैं अपनी बेटी की सुकन्या समृद्धि की किश्त जमा कर रही हूं और घर की जरूरतों में भी मदद मिल रही है। अब मुझे लगता है कि मैं अपनी बेटी के भविष्य के लिए कुछ कर पा रही हूं।
इस रक्षाबंधन पर देवन्ती के लिए सबसे बड़ा उपहार यही है कि उनकी बेटी के भविष्य की गुल्लक में हर माह एक नई उम्मीद जुड़ रही है। महतारी वंदन योजना की यह छोटी-सी आर्थिक मदद उनके लिए बेटी के सपनों को पंख देने, परिवार को संबल देने और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ने का माध्यम बन गई है।

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