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छत्तीसगढ़

सूरजपुर : उफनती नदी में चट्टान पर फंसे ग्रामीण का डीडीआरएफ टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

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सूरजपुर में बड़ा हादसा टला

सूरजपुर, 04 सितंबर 2026। उफनती नदियों में फंसे लोगों और ग्रामीणों के सुरक्षित रेस्क्यू के कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ प्रशासन, सेना और एसडीआरएफ (SDERF/SdRF) की टीमों ने जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई। सूरजपुर जिले के ओड़गी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माढर में जिला प्रशासन और डीडीआरएफ (डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति की जान बचा ली। मछली पकड़ने के दौरान उफनती नदी के तेज बहाव में बहकर चट्टान पर फंसे ग्रामीण को घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

मछली पकड़ने के दौरान बहाव की चपेट में आया ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के ओड़गी के ग्राम माढर निवासी अशोक सोनपाकर नदी में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और वे तेज बहाव की चपेट में आ गए। खुद को संभालते हुए वे नदी के बीचों-बीच स्थित एक चट्टान पर जाकर फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही भैयाथान एसडीएम ने तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किया।

विपरीत परिस्थितियों में चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही जिला सेनानी संजय गुप्ता के निर्देश पर डीडीआरएफ की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उफनती नदी और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने सूझबूझ और समन्वय के साथ जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अशोक सोनपाकर को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

बचाव टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
         इस सफल रेस्क्यू अभियान में डीडीआरएफ संयुक्त टीम प्रभारी हवलदार बीरबल गुप्ता, आनंद चौबे, धनश्य नेताम, हंसलाल, देवनारायण, त्रिनेत्र सिंह, शिवनारायण सिंह, सिद्धू सिंह, रिकेश कुमार एवं विदेश सिंह की सराहनीय भूमिका रही।

’प्रशासन की नागरिकों से अपील’
        सफल रेस्क्यू के बाद जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में जल स्रोतों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के समीप जाने से बचें, सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासनिक अमले को सूचित करें।

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छत्तीसगढ़

मंत्री बोलीं- टोलकर्मी को पीए नहीं ड्राइवर ने थप्पड़ मारे:लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा- चालक को चेतावनी दी, कर्मचारी से जल्द मिलकर जानूंगी हाल-चाल

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अंबिकापुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में लहपटरा टोल प्लाजा पर टोलकर्मी से मारपीट मामले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मारपीट उनके PA ओम प्रकाश राजवाड़े ने नहीं, बल्कि वाहन चालक ने की थी।

मंत्री ने ड्राइवर को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि टोल बूम गिरना मानवीय या तकनीकी गलती हो सकती है, लेकिन कर्मचारी से दुर्व्यवहार करना गलत है। घटना के समय वह गाड़ी में आराम कर रही थीं और उन्हें इसकी जानकारी अगले दिन सोशल मीडिया से मिली।

दरअसल, 2 सितंबर की रात मंत्री का काफिला लहपटरा टोल प्लाजा से गुजर रहा था। पहली गाड़ी टोल पार कर गई, जबकि दूसरी गाड़ी पर टोल बूम गिर गया। इसके बाद ड्राइवर टोलकर्मी के पास पहुंचा और उसे 5 थप्पड़ जड़ दिए।

इस दौरान टोलकर्मी हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा। पूरी घटना CCTV में रिकॉर्ड हुई थी। अगले दिन टोलकर्मी महेंद्र राजवाड़े ग्रामीणों के साथ लखनपुर थाने पहुंचा और शिकायत की थी। मंत्री ने कहा कि वह जल्द कर्मचारी से मिलकर उसका हाल-चाल जानेंगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की गाड़ी में टोल बैरियर का बूम गिर गया।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की गाड़ी में टोल बैरियर का बूम गिर गया।

गुस्साए मंत्री के ड्राइवर ने टोल कर्मचारी से जमकर मारपीट की।

गुस्साए मंत्री के ड्राइवर ने टोल कर्मचारी से जमकर मारपीट की।

टोल कर्मचारी को तड़ातड़ 5 थप्पड़ जड़े।

टोल कर्मचारी को तड़ातड़ 5 थप्पड़ जड़े।

मंत्री बोलीं- घटना के वक्त गाड़ी में थीं

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि घटना के वक्त वह दिनभर के सरकारी कार्यक्रमों के बाद गाड़ी में आराम कर रही थीं। गाड़ी के अंदर होने के कारण उन्हें मौके पर हुई घटना की जानकारी नहीं थी। अगले दिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलने पर उन्हें काफी दुख हुआ।

PA ने नहीं, ड्राइवर ने की मारपीट

मंत्री ने कहा कि उनके PA ओम प्रकाश राजवाड़े ने टोलकर्मी से कोई मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं किया। उन्होंने PA का नाम इस मामले में जोड़े जाने को गलत और भ्रामक बताया। मंत्री के मुताबिक, वीडियो में टोलकर्मी से मारपीट करता दिखाई दे रहा व्यक्ति वाहन चालक है। उन्होंने ड्राइवर को कड़ी चेतावनी दिए जाने की बात कही है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, बुधवार (2 सितंबर) की रात करीब साढ़े 12 बजे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बिलासपुर से अंबिकापुर की ओर आ रही थीं। उनके काफिले में दो गाड़ियां थीं। सबसे आगे चल रही इनोवा ने लहपटरा टोल बैरियर पार किया। इसके तुरंत बाद मंत्री की फॉर्च्यूनर टोल बैरियर से गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक बैरियर का बूम फॉर्च्यूनर के ऊपर गिर गया।

ड्राइवर ने जड़े थप्पड़, गार्ड ने किया बचाव

हादसे के बाद मंत्री के काफिले की दोनों गाड़ियां रुक गईं। घटना से तमतमाए मंत्री का ड्राइवर सुरक्षाकर्मियों के साथ नीचे उतरा और नाके पर पहुंचा। ड्राइवर ने टोल कर्मी महेंद्र राजवाड़े के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी।

माफी मांगता रहा टोलकर्मी

इस दौरान महेंद्र राजवाड़े माफी मांगता रहा, लेकिन मंत्री के ड्राइवर ने कई थप्पड़ जड़ दिए। सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका और उसे वापस गाड़ी में लेकर आए। इस घटनाक्रम के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपनी गाड़ी से नहीं उतरीं, वो अंदर ही बैठी रहीं।

टोल कर्मचारी हाथ जोड़कर माफी मंगता रहा।

टोल कर्मचारी हाथ जोड़कर माफी मंगता रहा।

मारपीट की घटना CCTV में रिकॉर्ड हुई है।

मारपीट की घटना CCTV में रिकॉर्ड हुई है।

FIR दर्ज कराने थाने पहुंचे टोलकर्मी, आंदोलन की चेतावनी

घटना के दूसरे दिन गुरुवार (3 सितंबर) को टोलकर्मी महेंद्र राजवाड़े अपने बाकी कर्मचारियों के साथ थाने पहुंचा। उसने मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसका एमएलसी करा लिया है।

महेंद्र राजवाड़े के साथ थाने पहुंचे लोगों ने कहा कि, अगर पुलिस FIR नहीं करती है तो लहपटरा के ग्रामीण आंदोलन करेंगे। गुरुवार शाम तक पुलिस ने मामले में FIR दर्ज नहीं की थी।

पीड़ित और ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की बात कही।

पीड़ित और ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की बात कही।

फॉलो वाहन नहीं था, इसलिए गिरा बूम

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की गाड़ी पर बूम गिरने का कारण फॉलो वाहन नहीं होना बताया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मंत्री ने अपना काफिला घटा दिया है और फॉलो वाहन हटा दिया गया है।

मंत्री की गाड़ी के सामने चल रही इनोवा वाहन टोल से गुजरी तो नियमानुसार टोल बूम नीचे आ गया। फॉलो वाहन होता तो कर्मी टोल बूम को उठा देते। फॉलो वाहन नहीं था तो वे यह नहीं समझ सके कि काफिला मंत्री का है।

इस कारण आगे की गाड़ी के क्रॉस होते ही टोल मैकेनिज्म ने बूम को नीचे कर दिया और मंत्री की फॉर्च्यूनर कार पर टोल बूम गिर गया। इससे मंत्री की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस मामले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी है।

गुरुवार सुबह थाने पहुंचे थे ग्रामीण।

गुरुवार सुबह थाने पहुंचे थे ग्रामीण।

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छत्तीसगढ़

क्लास-रूम में स्प्राइट की बोतल में महुए की शराब:शिक्षक पर नशे में स्कूल आने का आरोप, ग्रामीण बोले-मैन्यू के मुताबिक नहीं मिलता मिड-डे मील

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गरियाबंद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक शिक्षक पर शराब पीकर बच्चों को पढ़ाने का आरोप है। इसके अलावा क्लास रूम में स्प्राइट की बोतल में महुए की शराब मिली है। हालांकि, शिक्षक शराब लेकर स्कूल आने की बात से इनकार कर रहा है।

इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, बच्चों के पेरेंट्स ने मिड-डे-मील को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मैन्यू के हिसाब से बच्चों को खाना नहीं दिया जा रहा है।

इधर, शराबखोरी के मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है। उनका कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला मैनपुर ब्लॉक के ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा का है।

क्लास रूम में स्प्राइट की बोतल में महुए की शराब मिली।

क्लास रूम में स्प्राइट की बोतल में महुए की शराब मिली।

शिक्षक सतीश कुमार दुबे पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप है।

शिक्षक सतीश कुमार दुबे पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप है।

पेरेंट्स ने मिड-डे-मील को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

पेरेंट्स ने मिड-डे-मील को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

स्कूल में 24 बच्चे, 2 शिक्षकों की तैनाती

जानकारी के मुताबिक, ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा में करीब 24 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में 2 शिक्षकों की तैनाती है, जिसमें शिक्षक सतीश कुमार दुबे भी शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल समय के दौरान सतीश दुबे महुआ शराब के नशे में पाए गए।

मौके पर पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने शिक्षक का वीडियो बना लिया। वीडियो में शिक्षक न तो ठीक से खड़े हो पा रहा है और न ही ठीक से बात करते नजर आ रहा है। इसके अलावा फर्श पर एक बोतल में शराब रखी हुई थी।

ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा में करीब 24 बच्चे पढ़ते हैं।

ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा में करीब 24 बच्चे पढ़ते हैं।

शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

शिक्षक के इस तरह स्कूल पहुंचने को लेकर ग्रामीणों और पेरेंट्स में नाराजगी है। उनका कहना है कि शिक्षकों पर बच्चों को पढ़ाने और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में स्कूल समय में नशे की हालत में पहुंचना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

BEO ने मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

BEO ने मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पर भी सवाल

ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन को लेकर भी शिकायत की है। आरोप है कि बच्चों को निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय से बच्चों को सिर्फ दाल-चावल परोसे जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पीएम पोषण योजना के तहत निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं किया जा रहा है।

BEO ने दिए जांच के निर्देश

मामले को लेकर मैनपुर बीईओ देवनाथ बघेल का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने बताया कि शिक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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छत्तीसगढ़

कमिश्नर की समीक्षा बैठक से नदारद 3 इंजीनियरों को नोटिस:मोपका में भवन निर्माण में देरी पर ठेकेदार से जवाब मांगा, अब इंजीनियरों की भी तय होगी जवाबदेही

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बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर नगर निगम के निर्माण कार्यों में देरी और गुणवत्ता को लेकर अब इंजीनियरों की जवाबदेही तय की जाएगी। नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने समीक्षा बैठक में साफ कहा कि निर्माण में कमी या खामी मिलने पर कार्रवाई होगी। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

कमिश्नर सर्वे ने बैठक से गैरहाजिर रहने वाले तीन इंजीनियरों पर नाराजगी जताई। उन्होंने इन तीनों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिन इंजीनियरों को नोटिस दी गई है, उनमें असिस्टेंट इंजीनियर शशि वारे, सब इंजीनियर किरण तिर्की और धनेश्वरी गुलेरी शामिल हैं।

भवन के काम में देरी पर ठेकेदार को नोटिस

बैठक में 15वें वित्त आयोग मद, अधोसंरचना मद और अमृत मिशन 2.0 के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने सभी कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मोपका में पिछड़े वर्गों के लिए बन रहे भवन के काम में देरी पर ठेकेदार को नोटिस देने को भी कहा गया।

निगम कमिश्नर ने इंजीनियरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी काम गुणवत्ता के तय मापदंडों के अनुसार समय पर पूरे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करें और काम की प्रगति पर नजर रखें।

बैठक में बारिश के कारण खराब हुई शहर की सड़कों पर भी चर्चा हुई। कमिश्नर ने संबंधित इंजीनियरों को ऐसी सड़कों का सर्वे करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि उन सभी सड़कों को चिह्नित किया जाए, जहां बारिश से सड़कें जर्जर हो गई हैं, गड्ढे हो गए हैं या उनकी सतह खराब हुई है। बारिश के बाद इन सड़कों की मरम्मत की जाएगी।

जर्जर सड़कों की सूची बनेगी

सर्वे के दौरान शहर की सभी सड़कों की स्थिति की जांच कर सड़कवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश खत्म होने के बाद इसी सूची के आधार पर खराब सड़कों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इसके बाद सड़कों की मरम्मत और जरूरत के अनुसार दोबारा निर्माण की योजना बनाकर जल्द काम शुरू किया जाएगा।

घटिया निर्माण और लापरवाही पर होगी कार्रवाई

कमिश्नर ने कहा कि शहर की सड़कों की गुणवत्ता और लोगों की सुविधा निगम की प्राथमिकता है। बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत और नए निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने काम में लापरवाही या घटिया निर्माण मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

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