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कोरबा

बालको ने ‘वरदान’ अपार्टमेंट का किया उद्घाटन, युवा कर्मचारियों को मिला नया आवास

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बालकोनगर, 5 सितंबर 2026। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारी कल्याण और टाउनशिप विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘वरदान’ अपार्टमेंट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में युवा कर्मचारियों को उनके नए आवास की चाबियां सौंपी गईं।

‘वरदान’ अपार्टमेंट को बालको के युवा कर्मचारियों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। ‘वरदान’ नाम शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। इसी भावना के साथ इस आवासीय परिसर को आधुनिक जीवनशैली और बेहतर सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। जी+9 संरचना वाले ‘वरदान’ अपार्टमेंट में कुल 172 सुसज्जित आवास हैं। प्रत्येक आवास को वन बीएचके स्टूडियो अपार्टमेंट की अवधारणा पर तैयार किया गया है, जो खास तौर पर युवा कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखता है।

इस अवसर पर राजेश कुमार सिंह ने कहा, “बालको की प्रगति में हमारे कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनका कल्याण हमारी विकास यात्रा का एक अहम हिस्सा है। हमारा प्रयास है कि ऐसा वातावरण बनाया जाए, जहाँ कर्मचारी कार्यस्थल के साथ-साथ अपने घर और समुदाय में भी बेहतर जीवन जी सकें। ‘वरदान’ अपार्टमेंट इसी दिशा में एक कदम है। यह हमारे युवा कर्मचारियों को सुविधाजनक और बेहतर आवास उपलब्ध कराएगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी। हमें विश्वास है कि यह बालकोनगर में बेहतर जीवनशैली और सुखद आवासीय वातावरण बनाने के हमारे प्रयासों को और मजबूती देगा।”

प्रत्येक आवास में मॉड्यूलर किचन, टेलीविजन, फर्निश्ड अलमारी, सोफा-कम-बेड तथा फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं से कर्मचारियों को अपने नए घर में आराम और सुविधा के साथ रहने में मदद मिलेगी। परिसर में तीन लिफ्ट, आधुनिक कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण की व्यवस्था, सुरक्षित वातावरण और लगभग 35,000 वर्गफुट का हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र विकसित किया गया है। इसके अलावा कैफेटेरिया-कम-डाइनिंग स्पेस और बैंक्वेट हॉल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं कर्मचारियों को साथ एक साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराएंगी।

‘वरदान’ अपार्टमेंट में पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। परिसर में 50 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था की गई है। यह बालको और वेदांता समूह के स्थायित्व लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल संरक्षण के लिए 80 किलोलीटर प्रतिदिन (80 हजार लीटर) क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और तीन वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं। इन व्यवस्थाओं से पानी के बेहतर उपयोग और संरक्षण में मदद मिलेगी।

‘वरदान’ अपार्टमेंट केवल रहने की जगह नहीं है, बल्कि यह बालको की कर्मचारी-केंद्रित सोच का हिस्सा है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को काम के साथ-साथ बेहतर जीवन के लिए भी सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। आधुनिक सुविधाओं से तैयार यह परिसर कर्मचारियों को बेहतर जीवन, आपसी जुड़ाव और नई शुरुआत का अवसर प्रदान करता है। यह पहल बालको की कर्मचारी कल्याण और टाउनशिप में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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कोरबा

डीएमएफ के निर्माण कार्यों में गड़बड़ी पर कलेक्टर की सख्ती

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सीढ़ी मंगवाकर कलेक्टर ने मौके पर नपवाया सरिया, 8 एमएम की जगह 6 एमएम सरिया मिलने पर सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश

स्कूल भवन में निर्धारित मापदंड के विपरीत टाइल्स और पीडीएस भवन की नीची प्लिंथ पर जताई नाराजगी, पंचनामा बनाकर एफआईआर के निर्देश

कोरबा, 06 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज रविवार को खनन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी, स्कूल एवं पीडीएस भवनों का निरीक्षण किया। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं करने की स्पष्ट चेतावनी देते हुए उन्होंने मौके पर ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई। इस दौरान निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीढ़ी मंगवाकर मौके पर नपवाया सरिया, खुली अनियमितता

जनपद पंचायत कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत जेन्जरा में डीएमएफ मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को भवन में प्रयुक्त सरिया की गुणवत्ता और निर्धारित माप को लेकर शंका हुई। उन्होंने मौके पर ही सीढ़ी मंगवाकर जनपद पंचायत के सब इंजीनियर से स्लैब के पास लगे सरिया की माप कराने के निर्देश दिए।
सब इंजीनियर द्वारा भवन में 8 एमएम सरिया लगाए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मौके पर माप करने पर कई स्थानों पर 8 एमएम के स्थान पर 6 एमएम सरिया पाया गया। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्माण कार्य की विस्तृत जांच के लिए पंचनामा तैयार करने तथा संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिम्मेदार जनपद पंचायत कटघोरा के सब इंजीनियर श्री रामकुमार पोर्ते को निलंबित करने के निर्देश दिए।

स्कूल भवन में मापदंड के अनुरूप नहीं मिले टाइल्स

जेन्जरा में ही निर्माणाधीन स्कूल भवन के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने फर्श पर लगाए गए टाइल्स की गुणवत्ता और मापदंड की जांच की। टाइल्स निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए है। इस राशि से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पीडीएस भवन की नीची प्लिंथ पर भी जताई नाराजगी

ग्राम पंचायत सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन के निरीक्षण के दौरान भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा का भवन अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश
कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग की निर्माण एजेंसी द्वारा कराए जा रहे स्कूल भवन निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। भवन निर्माण में हो रहे विलंब पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और अक्टूबर माह तक भवन का निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्राम जेन्जरा में स्थित जर्जर आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया तथा भवन की स्थिति के संबंध में आवश्यक जानकारी ली।

जनपद पंचायत में फाइलें अनावश्यक रूप से रोकने पर होगी कड़ी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों के संबंध में भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्रों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। फाइलें रोकने से निर्माण कार्यों का भुगतान प्रभावित होता है और आगामी विकास कार्यों में भी अनावश्यक विलंब होता है।
कलेक्टर ने जनपद पंचायत कटघोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जनपद के कर्मचारियों के कार्यों की जांच करने तथा अनावश्यक रूप से फाइलें लंबित रखने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत जेन्जरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के मामले में संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शासकीय राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही किए जाएं।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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कोरबा

शिक्षक दिवस पर कोरबा में सजा गुरु सम्मान का भव्य मंच, सरस्वती शिक्षा समिति ने आचार्य-आचार्याओं का किया अभिनंदन

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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर आयोजित समारोह में गुरुजनों को रोली-तिलक और भेंट देकर किया सम्मानित, शिक्षा के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण पर दिया जोर

कोरबा। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सीएसईबी कोरबा पूर्व में सरस्वती शिक्षा समिति, कोरबा द्वारा संयुक्त रूप से आचार्य अभिनंदन समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह में गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव देखने को मिला।
गुरुजनों के सम्मान में सजा समारोह का मंच

समारोह में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. विशाल उपाध्याय, जिला संघचालक कोरबा, मुख्य वक्ता जुड़ावन सिंह, उपाध्यक्ष विद्या भारती मध्य क्षेत्र उपस्थित रहे, अध्यक्षता श्याम सुंदर अग्रवाल, उपाध्यक्ष सरस्वती शिक्षा समिति ने की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई। मंच पर उपस्थित अतिथियों ने मां सरस्वती, भारत माता और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद अतिथियों का परिचय कराया गया और शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
मुख्य अतिथि डॉ. विशाल उपाध्याय ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए गुरुजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी आचार्य-आचार्याओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह की अध्यक्षता कर रहे श्याम सुंदर अग्रवाल ने भी गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को सत्य, सदाचार और अच्छे संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शिक्षा के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण की भूमिका पर जोर

मुख्य वक्ता जुड़ावन सिंह ने अपने संबोधन में शिक्षक और आचार्य की भूमिका के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक जहां शिक्षा प्रदान करता है, वहीं आचार्य विद्या के साथ संस्कार और जीवन मूल्यों का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि गुरु का कार्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाना और उनके व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार और चरित्र निर्माण की महत्वपूर्ण भूमि है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्व, सदाचार, पारिवारिक मूल्यों और समाज में व्याप्त कुरीतियों से दूर रहने की प्रेरणा भी मिलनी चाहिए।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, वैज्ञानिक और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों के पीछे किसी न किसी शिक्षक का मार्गदर्शन रहा है। इसलिए शिक्षक का सम्मान वास्तव में समाज और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान का सम्मान है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार विकास जोशी ने विद्या भारती और संघ के कार्यों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य निरंतर जारी रहना चाहिए।

आचार्य-आचार्याओं को रोली-तिलक और भेंट देकर किया सम्मान
इस गरिमामय अवसर पर सरस्वती शिक्षा समिति, कोरबा की ओर से उपस्थित आचार्य एवं आचार्याओं का विशेष अभिनंदन किया गया। समिति द्वारा सभी गुरुजनों को रोली-तिलक लगाकर एवं भेंट सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यालयों में शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में योगदान देने वाले आचार्य-आचार्याओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
 समारोह में विभिन्न विद्यालयों से आए प्राचार्य, प्रधानाचार्य और आचार्य-आचार्याओं के साथ स्थानीय विद्यालय के कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और विशेष बना दिया। पूरे आयोजन में गुरुजनों के सम्मान के साथ शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, गुरुजनों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सुख-शांति एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। इसके बाद स्वस्तिवाचन के साथ आचार्य अभिनंदन समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम में जिला समन्वयक सूर्यकुमार पांडेय, संघ के अन्य पदाधिकारी, विभिन्न सरस्वती विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य, आचार्य-आचार्या, स्थानीय विद्यालय के कर्मचारीगण तथा विद्यालय के विभिन्न परिषदों के भैया-बहन, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों की गरिमामय उपस्थिति रही। शिक्षक दिवस पर आयोजित यह समारोह गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और शिक्षा के माध्यम से संस्कारवान समाज निर्माण के संकल्प का प्रभावी संदेश दे गया।

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कोरबा

पत्रकारवार्ता: जयसिंह अग्रवाल ने कहा- झीरम का फैसला, आधा अधूरा न्याय

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चालान में नामजद मुख्य आरोपियों से एनआईए ने पूछताछ तक नहीं की, मुख्य साजिशकर्ताओं के नामों का खुलासा नहीं, प्रदेश संगठन के निर्देश पर आगे की बनेगी रणनीति-पूर्व मंत्री
कोरबा। 13 साल पूर्व झीरम में हुए नक्सली वारदात पर एनआईए कोर्ट ने कल 05 सितम्बर को 10 लोगों पर दोष सिद्ध होने का फैसला सुनाया, 16 सितम्बर को इनकी सजा पर फैसला आ सकता है। आज 06 सितम्बर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कोरबा जिला मुख्यालय के कांग्रेस कार्यालय में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कांग्रेसियों की उपस्थिति में पे्रसवार्ता ली और कहा कि एनआईए कोर्ट ने जो फैसला सुनाया, उस पर टिप्पणी करना गलत होगा, लेकिन झीरम कांड की जांच एनआईए ने पूरी तरह से निष्पक्ष नहीं की और कोर्ट ने वही फैसला सुनाया, जो एनआईए ने तथ्य पेश किए। झीरम कांड का फैसला आधा अधूरा न्याय है। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि प्रारंभ में एनआईए ने जो चालान पेश किया था, उसमें बड़े नक्सली नेताओं का नाम था, उनसे न तो आज तक पूछताछ की गई और न ही उन्हें आज तक गिरफ्तार किया गया।
तत्समय के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, महेन्द्र कर्मा सहित 32 कांग्रेस नेताओं की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और तत्समय के केन्द्र सरकार ने झीरम कांड पर एनआईए जांच करने टीम का गठन किया और 13 साल बाद एनआईए कोर्ट ने झीरम कांड में 10 लोगों को दोषी माना, जो आधा अधूरा न्याय जैसा है।
हमने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया, लेकिन जांच रूकवा दी गई- पूर्व मंत्री
प्रेसवार्ता में जयसिंह अग्रवाल ने कहा जब प्रदेश में हमारी सरकार आई, तो हमने झीरम कांड को अंजाम देने वाले साजिश कर्ताओं एवं दोषियों को बेनकाब करने के लिए एसआईटी का गठन किया, लेकिन केन्द्र सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी और जांच रूकवा दी। हमारी जांच एजेंसी से सभी बेनकाब हो सकते थे, लेकिन जांच नहीं होने दिया गया। एनआईए ने न तो मुख्य साजिशकर्ताओं के नामों का खुलासा किया और न ही बड़े सफेदपोश नेताओं एवं बड़े नक्सली लीडरों के नामों का खुलासा किया। एनआईए कोर्ट का फैसला आधा अधूरा न्याय है।
16 सितम्बर के बाद कांग्रेस की आगे की रणनीति बनेगी-जयसिंह
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि दोषियों को 16 सितम्बर को एनआईए कोर्ट सजा सुनाएगा, उसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी आगे की रणनीति तय करेगी।
बड़े नक्सली नेताओं के बिना इतना बड़ा कांड संभव नहीं-पूर्व मंत्री
एनआईए कोर्ट का फैसला आने के बाद जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि झीरम कांड का वारदात बड़े नक्सली नेताओं के ईशारे पर हुआ था और एनआईए ने तत्समय छोटे 10 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, जबकि एफआईआर दर्ज करते समय एनआईए ने पहले कई बड़े नक्सली नेताओं का नाम शामिल किया था, जो आज तक न तो गिरफ्तार हुए और न ही उनसे पूछताछ की गई और एफआईआर दर्ज होने के बाद कुछ समय के बाद उनका नाम हटा दिया गया। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि इस फैसले से घटना की साजिश का पर्दाफाश नहीं हो सकता।
कई सवाल आज भी जिन्दा हैं?
एनआईए ने साजिशकर्ताओं के नामों का आखिर खुलासा क्यों नहीं किया? कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा से सुरक्षा क्यों हटाई गई?
यात्रा के मार्ग को किसने और क्यों बदलाव किया?
हमले की योजना किसके द्वारा बनाई गई थी?
जब-जब बड़े नक्सलियों समर्पण किया, तब-तब सरकार ने दावा किया कि यह झीरम हमले में शामिल थे, एनआईए ने इनसे पूछताछ क्यों नहीं की?
झीरम कांड में घायल चश्मदीद गवाह थे, उनसे एनआईए ने पूछताछ क्यों नहीं की?
झीरम कांड में घायल और बचे पीड़ितों का बयान एनआईए ने क्यों नहीं लिया? कई बार पीड़ितों ने शपथ पत्र दे कर जांच एजेंसियों के सामने पेश हुए, लेकिन चालान में उनका बयान दर्ज नहीं किया गया। झीरम कांड के हफ्तों बाद भी मृतकों, घायलों का पर्स, मोबाईल एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज घटना स्थल पर पड़े हुए थे, किसी का भी मोबाईल जांच एजेंसियों ने जब्त नहीं किया?
एसआईटी जांच क्यों रूकवाई गई?
एनआईए ने तात्कालीन मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीसी (नक्सल आपरेशन) से कब पूछताछ की, इसका खुलासा करें?
जांच के दायरे में आए बड़े नक्सली नेताओं का नाम क्यों हटाया गया?
शुरूआत में एनआईए की एफआईआर में दो प्रमुख नक्सली नेता गणपति (मुपल्ला लक्ष्मण राव) और रमन्ना का नाम शामिल था, इनके नाम क्यों हटाए गए, जबकि 21 मार्च 2014 को गणपति और रमन्ना सहित 26 फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, उनका नाम एकाएक क्यों हटा दिया गया?
एनआईए की एफआईआर में देवा (बारसे सुक्का उर्फ देवा) का नाम झीरम कांड में शामिल था और एनआईए ने वांछित भी घोषित किया था, ईनाम भी घोषित किया था, फिर उससे पूछताछ क्यों नहीं हुई।
एनआईए ने जिन 26 लोगों का नामजद कर फरार घोष्ज्ञित किया था, उसमें बसवराजू, गणेश उईके, रूपेश उर्फ संजीव, सुरेन्द्र उर्फ रामचन्द्र रेड्डी, जयदेव उर्फ बड्डादेव सोनू उर्फ भूपति के नाम थे। इनमें से अनेकों ने आत्मसमर्पण किया, लेकिन एनआईए इनसे पूछताछ नहीं की जबकि इन्हें दोषी मान लिया गया था।
झीरम कांड में शामिल सरेन्डर नक्सलियों से कब पूछताछ हुई, इसका खुलासा होना चाहिए
भाजपा नहीं चाहती, सच सामने आए-जयसिंह
जयसिंह अग्रवाल ने कहा भाजपा चाहती ही नहीं, कि सच सामने आए। भाजपा के वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक न्यायिक जांच आयोग के खिलाफ स्टे लेकर आ गए थे, हमने एसआईटी का गठन किया तो एनआईए जांच के बहाने एसआईटी जांच रूकवा दी गई। जब सुप्रीम कोर्ट ने हमारी एसआईटी के पक्ष में फैसला दिया तो ढाई साल में विष्णु देव सरकार ने जांच तक प्रारंभ नहीं करवाई। एनआईए की जांच अधूरी है और कहीं न कहीं एनआईए ने निष्पक्ष जांच नहीं की और कोर्ट ने वही फैसला दिया जो एनआईए ने तथ्य पेश किए।
झीरम कांड में शामिल कई नक्सली नेताओं का नाम आया था, ये नाम निम्रलिखित हैं, जिनसे एनआईए ने पूछताछ तक नहीं की, उनमें चैतू उर्फ श्याम दादा, 25 लाख रूपए का ईनाम घोषित था और बस्तर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
रूपेश उर्फ मोल्ला ने सरेन्डर के बाद सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि झीरम घाटी नरसंहार संगठन की एक बड़ी गलती और नीतिगत विफलता थी।
निर्मला उर्फ सुमित्रा पर 20 लाख का ईनाम था और झीरम कांड में अग्रिम मोर्चे और लाजिस्टिक सपोर्ट में सक्रिय रही।
01 करोड़ का ईनामी भूपति उर्फ सोनू दादा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में गढ़चिढ़ौली में सरेन्डर किया था।
केन्द्रीय समिति सदस्य सुजाता ने सितम्बर 2025 में तेलंगाना में सरेन्डर किया था और छत्तीसगढ़ सरकार ने 40 लाख तथा तेलंगाना सरकार ने 25 लाख का ईनाम घोषित किया था। इसके अलावा जयसिंह अग्रवाल ने प्रेसवार्ता में कई सवाल खड़े किए और फैसला को अधूरा न्याय बताया।
पत्रकारवार्ता में जयसिंह अग्रवाल के अलावा कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष ग्रामीण मनोज चौहान, शहर मुकेश राठौर पूर्व विधायक श्याम लाल कंवर, कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, बीएन सिंह, पालूराम साहू, रवि चंदेल, आनंद जायसवाल, सपना चौहान, कुसूम द्विवेदी, सुरेश अग्रवाल, मनमोहन राठौर, मनीष शर्मा, केडी महंत सहित कांग्रेस, महिला कांग्रेस के सदस्य शामिल थे।

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