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एमपी में जहरीली शराब से पिता-बेटा समेत 22 मौतें:112 की हालत बिगड़ी, सागर-भोपाल में भर्ती, शराब ठेकेदार समेत 30 पर केस, 10 गिरफ्तार

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सागर, एजेंसी। सागर में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। मरने वालों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। 112 लोग ऐसे हैं, जिनकी जहरीली शराब पीने से हालत बिगड़ी है। उन्हें सागर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मामले में शराब बेंचने वाले ठेकेदार समेत 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से 10 को अरेस्ट कर लिया गया है।

सोमवार सुबह महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी ने दम तोड़ा। इससे पहले एयरलिफ्ट कर भोपाल लाए गए राम प्रसाद लोधी की रविवार देर रात को मौत हुई थी। उनके पिता गोविंद लोधी ने भी रविवार को दम तोड़ दिया था। रामप्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी सागर में भर्ती है। वहीं, दोपहर में गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह (35), खटोरा निवासी गोपाल आदिवासी (40) और देश कुमार लोधी, निवासी मुड़ना पैरा की भी मौत हुई है।

नकली शराब पीने से बीमार करीब 112 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

नकली शराब पीने से बीमार करीब 112 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

परिजन बोले- शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत

जहरीली शराब से मरने वाले महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि चाचा ने कल शाम को शराब पी थी‌‌, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। वहीं, श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने कहा- हम मामा के घर गमी में गए थे। मां घर में अकेली थी।

उन्होंने गांव में किसी से मंगवाकर शराब पी ली। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सुबह उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।

एक शख्स ने पूछा था- जहरीली शराब तो नहीं है

बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था।

जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से नया सस्ता ब्रांड भेजा है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। अनूप ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीनी है। राजेंद्र ने पूछा कि नकली जहरीली शराब तो नहीं है।

दुकानदार जुझार ने कहा- 20 रुपए सस्ती मिलेगी

शराब दुकानदार जुझार लोधी ने कहा- ब्रांड वही है और इसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। उसने कहा कि यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपए में एक क्वार्टर देशी शराब खरीदी और पी।

रात में घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर किया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत हुई।

बंडा में नकली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।

बंडा में नकली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।

पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की FIR

पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।

ग्रामीण बोले- ततरवारा गांव से होती थी शराब की सप्लाई

नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई जा रही है। यहां से आसपास के गांवों में शराब की सप्लाई होती है।

ग्रामीणों के मुताबिक, शराब बनाने के काम में कई प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हैं। उनकी दहशत के कारण ग्रामीण खुलकर नाम लेने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस भी ततरवारा गांव में शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है।

बंडा के मॉर्चुरी कक्ष में शव ले जाने के लिए लगी वाहनों की कतार।

बंडा के मॉर्चुरी कक्ष में शव ले जाने के लिए लगी वाहनों की कतार।

10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रहे

सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में बंडा और विनायका थाने में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।

उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बंडा के ग्राम बमूरा भेड़ा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बंडा के ग्राम बमूरा भेड़ा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

जीतू पटवारी बमूरा भेड़ा गांव में मृतकों के परिजन से मिले।

जीतू पटवारी बमूरा भेड़ा गांव में मृतकों के परिजन से मिले।

जीतू पटवारी का दावा- 50 से ज्यादा लोगों की मौत

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- इस त्रासदी के कारण कई परिवारों में मातम छा गया है, जहां छोटे-छोटे बच्चों और बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। पटवारी ने दावा कि जहरीली शराब से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

पटवारी बोले- SP पर तत्काल FIR हो

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने SP अनुराग सुजानिया के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि मुरैना में हुई जहरीली शराब त्रासदी के दौरान भी वे SP थे। अब सागर में भी ऐसी घटना हुई है। पटवारी ने SP पर तत्काल FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की।

कमलनाथ बोले- दवा से लेकर शराब तक सब जहरीला बिक रहा

पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- जहरीली शराब से 22 मौतें गंभीर है। जिन शराब ब्रांड पर पहले सवाल उठे थे, सरकार की जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। छिंदवाड़ा में जहरीला कफ सिरप, इंदौर में जहरीला पानी और अब सागर में जहरीली शराब से मौतें बताती हैं कि प्रदेश में दवा से लेकर शराब तक सब कुछ जहरीला बिक रहा है। यह सब सरकार की मिलीभगत से हो रहा है।

गांव की गली-गली में बिखरी पड़ी शराब की बोतलें।

गांव की गली-गली में बिखरी पड़ी शराब की बोतलें।

शराब में मेथेनॉल की मिलावट पाई गई

बताया गया कि जहरीली शराब का स्रोत जांच का विषय है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई थी। इसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।

मेथेनॉल एक तरह का जहरीला अल्कोहल

मेथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर औद्योगिक कामों में किया जाता है, जैसे सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ केमिकल बनाने में। शराब में मेथेनॉल की मिलावट” का मतलब है कि शराब में ऐसा जहरीला केमिकल पाया गया, जिसे पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है और जान भी जा सकती है।

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कश्मीर के बाद अब उत्तराखंड में बर्फबारी:बिहार के 12 जिलों में बाढ़, 23 लाख लोग प्रभावित, यूपी के बरेली में फायर स्टेशन में पानी भरा

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नई दिल्ली, एजेंसी। कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद अब उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट के साथ चमोली में बद्रीनाथ-हेमकुंड की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। बारिश और बर्फबारी के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है।

बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति बन गई है। राज्य के 12 जिलों में 22.42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर में रिंग बांध ओवरफ्लो होने से सुल्तानगंज के करीब 4 हजार घर पानी में डूब गए।

वहीं, यूपी में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। बरेली में रविवार दोपहर से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते फायर स्टेशन में 3 फीट तक पानी भर गया। घरों के किचन और बेडरूम तक घुटनों तक पानी पहुंच गया।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

मध्य प्रदेश में लगातार बारिश की वजह से बांधों के गेट खोले जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश में लगातार बारिश की वजह से बांधों के गेट खोले जा रहे हैं।

बिहार में गंगा-पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दियारा इलाके में पानी घरों तक पहुंच गया है।

बिहार में गंगा-पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दियारा इलाके में पानी घरों तक पहुंच गया है।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी कस्बे में दुकानों में पानी घुस गया।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी कस्बे में दुकानों में पानी घुस गया।

मुरैना में पानी में डूबे गुराह नाले का पुल पार करने के लिए लोग रस्सी और कढ़ाही का सहारा ले रहे हैं।

मुरैना में पानी में डूबे गुराह नाले का पुल पार करने के लिए लोग रस्सी और कढ़ाही का सहारा ले रहे हैं।

यूपी के रामपुर के बाढ़ से घिरे भैया नगला गांव में पुल बह जाने से जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

यूपी के रामपुर के बाढ़ से घिरे भैया नगला गांव में पुल बह जाने से जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

देहरादून के जैंतनवाला में नून नदी उफान पर आ गई, जिससे पिकअप बह गया।

देहरादून के जैंतनवाला में नून नदी उफान पर आ गई, जिससे पिकअप बह गया।

पश्चिम बंगाल में 9 सितंबर तक भारी बारिश

पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 9 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसकी वजह सक्रिय मानसून और उत्तर प्रदेश से पूर्व की ओर बढ़ रहा कम दबाव का क्षेत्र है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के ज्यादातर हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

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देश

36 हजार फीट पर प्लेन का ऑयल प्रेशर कम हुआ:अबू धाबी जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट कोच्चि लौटी, एक इंजन के सहारे इमरजेंसी लैंडिंग

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कोच्चि, एजेंसी। एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में तकनीकी खराबी के कारण एक इंजन के सहारे कोच्चि लौटना पड़ा और यहां इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह बोइंग 737 विमान अबू धाबी जा रहा था। करीब 50 मिनट की उड़ान के बाद पायलट ने इसके एक इंजन में ऑयल प्रेशर कम पाया। तब यह 36 हजार फीट की ऊंचाई पर था।

इंजन में ऑयल खतरनाक स्तर तक कम हो गया, तब दोनों पायलट ने इसे बंद करने का फैसला किया। वे एक इंजन सहारे ही कोच्चि लौटे।

चूंकि विमान ने करीब दो घंटे की ही उड़ान भरी थी इसलिए इसमें फ्यूल ज्यादा था। ऐसे में यह ओवरवेट लैंडिंग थी, जो और भी जोखिम भरी होती है।

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा- रिपोर्ट्स सही नहीं

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा, ‘एक हफ्ते पहले हमारी कोच्चि-अबू धाबी की एक फ्लाइट ने तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत वापस कोच्चि लौटने का फैसला किया था। इस घटना को सही समय और पूरे संदर्भ के बिना पेश करने वाली रिपोर्ट्स यात्रियों और आम लोगों के बीच अनावश्यक चिंता पैदा कर सकती हैं।’

पायलट ने पहले मुंबई से संपर्क साधा

एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ऑयल की मात्रा घटने के बाद ही क्रू ने अबु धाबी जाने की बजाय कोच्चि जाने का फैसला किया। कमांडर ने पहले इसकी जानकारी मुंबई ATC को दी और बताया कि विमान कोच्चि लौट रहा है।

एक इंजन खराब तो दूसरे से उड़ता है विमान

दो इंजन वाला कोई भी विमान इमरजेंसी में एक इंजन से भी उड़ सकता है। सिर्फ उसकी ताकत और ऊंचाई पर जाने की क्षमता कम हो जाती है। पायलट उसे एक ही इंजन से ऐसे एयरपोर्ट की ओर ले जाता है, जहां सुरक्षित लैंडिंग की जा सके।

ओवरवेट लैंडिंग से विमान को नुकसान हो सकता है

हर विमान के लिए एक अधिकतम लैंडिंग वजन तय होता है। सामान्य स्थिति में विमान को इससे ज्यादा वजन के साथ नहीं उतारा जाता। लेकिन इमरजेंसी में अगर तय सीमा से ज्यादा वजन के साथ उतारना पड़े, तो इसे ओवरवेट लैंडिंग कहते हैं।

विमान का वजन ज्यादा होने पर लैंडिंग स्पीड और लैंडिंग एनर्जी बढ़ सकती है। इससे ब्रेक और रनवे पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। ज्यादा लंबे रनवे की जरूरत हो सकती है।

लैंडिंग कितनी मुश्किल होगी, यह विमान की गति, रनवे की हालत, हवा की गति और ढलान पर भी निर्भर करता है। इसलिए ओवरवेट लैंडिंग के बाद विमान की जांच की जा सकती है कि उसे कोई नुकसान तो नहीं हुआ।

अब इसे ऐसे समझें

कोच्चि से अबू धाबी की हवाई दूरी करीब 2,800 किमी है। उड़ान में करीब 4 घंटे लगते हैं। विमान ने करीब 50 मिनट बाद 36 हजार फीट की ऊंचाई पर तकनीकी खराबी की वजह से लौटने का फैसला किया।

यानी विमान ने यात्रा का करीब एक चौथाई समय ही पूरा किया था। इस वजह से उसमें सामान्य उड़ान की तुलना में काफी ईंधन बचा हुआ था। यात्रियों और लगैज के साथ विमान में ईंधन का वजन भी शामिल होता है, इसलिए वापस लौटते समय उसका लैंडिंग वजन तय वजन से ज्यादा था। इसलिए इसे ओवरवेट लैंडिंग कहा गया।

फ्लाइटरडार24 का यह स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

फ्लाइटरडार24 का यह स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

3 सितंबर को भी फ्लाइट में तकनीकी खराबी आई थी

इससे पहले भी 3 सितंबर को वाराणसी से दिल्ली जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को तकनीकी खराबी के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।

सूत्रों के मुताबिक विमान के कार्गों में धुएं का अलार्म बजा था। पायलट ने तुरंत लखनऊ एयरपोर्ट संपर्क किया। विमान के उतरते ही रिस्पॉन्स टीम ने मोर्चा संभाला। फायर बिग्रेड और टेक्निकल एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे। विमान की जांच की गई।

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देश

तबाही के 11 दिन बाद तिब्बत पहुंचा इंटरनेशनल मीडिया:चीनी विदेश मंत्रालय ने दौरा कराया, नेपाल बाढ़ हादसे में अभी भी 5000 लोग लापता

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काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाके में पहली बार इंटरनेशनल मीडिया को जाने की इजाजत दी गई है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रॉयटर्स समेत कई विदेशी मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग का दौरा कराया।

यह इलाका 26 अगस्त को पानी, कीचड़ और मलबे की तेज लहर की चपेट में आया था। चीन और नेपाल को मिलाकर इस आपदा में 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि 5,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।

तिब्बत-नेपाल हादसे से जुड़े फोटोज

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और मलबे से हुई तबाही की जानकारी देते चीनी अधिकारी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और मलबे से हुई तबाही की जानकारी देते चीनी अधिकारी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आपदा की जानकारी देते चीनी वैज्ञानिक सु पेंगचेंग, साथ में चीन-नेपाल सीमा का नक्शा।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आपदा की जानकारी देते चीनी वैज्ञानिक सु पेंगचेंग, साथ में चीन-नेपाल सीमा का नक्शा।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर चीनी झंडे के पास मलबे में लोगों की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर चीनी झंडे के पास मलबे में लोगों की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मलबे की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मलबे की तलाश करते बचावकर्मी।

चीन-नेपाल सीमा पर बाढ़ में बह गई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर मलबा हटाते बचावकर्मी।

चीन-नेपाल सीमा पर बाढ़ में बह गई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर मलबा हटाते बचावकर्मी।

चीन ने पहली बार विदेशी मीडिया को दिखाई तबाही

दौरे के दौरान पत्रकारों ने प्रभावित इलाके में चल रहे बचाव अभियान को देखा। नारंगी रंग की वर्दी पहने बचावकर्मी खुदाई मशीनों, फावड़ों और जमीन के नीचे तलाश करने वाले रडार की मदद से लोगों और शवों को खोज रहे हैं।

आपदा से पहले यहां चीन की पांच मंजिला कस्टम्स बिल्डिंग थी, लेकिन अब उसका कोई निशान नहीं बचा है। करीब 20 मीटर ऊंचा बॉर्डर गेट भी मलबे में दब गया है। वहां सिर्फ पास के पानी के टावर का एक हिस्सा दिखाई दे रहा है।

जहां पहले बॉर्डर गेट था, वहां चीन का झंडा लगाया गया है। आसपास का पूरा इलाका भूरे-काले मलबे से ढका हुआ है। बचावकर्मी चेतावनी वाले बोर्ड के पीछे लगातार खुदाई कर रहे हैं।

तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनाए गए ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए थे।

तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनाए गए ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए थे।

नेपाल आर्मी बोली- सुरंगों में बड़ी सफलता मिलने तक रेस्क्यू जारी

नेपाल आर्मी ने कहा है कि बाढ़ से खराब हुई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में सर्च और रेस्क्यू का काम तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिलती।

मेजर जनरल सुभाष जंग थापा ने सोमवार को कहा कि सुरंगों के अंदर तेजी से तलाशी और बचाव का काम चल रहा है। सरकार के रोकने का फैसला लेने तक जवान अपना काम जारी रखेंगे।

नेपाल आर्मी के अनुमान के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में करीब 121 लोग फंसे हो सकते हैं।

भारत-नेपाल की टीमें चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।

भारत-नेपाल की टीमें चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने RSP चीफ से बातचीत की

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चीफ रवि लामिछाने को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन कर भोटेकोशी बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया।

रुबियो ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मुश्किल समय में नेपाली जनता और नेपाल सरकार के साथ खड़ा है।

लामिछाने ने रुबियो को बताया कि भोटेकोशी बाढ़ के बाद राहत, बचाव और लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल सरकार अपने सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।

चीन का दावा- नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से शुरू हुई तबाही

26 अगस्त को नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, मिट्टी और मलबे की तेज लहर चीन की सीमा तक पहुंची। इसने ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग को पूरी तरह तबाह कर दिया।

हादसे के वीडियो में पानी, मिट्टी और मलबे की काली लहर तेजी से बॉर्डर क्रॉसिंग की ओर बढ़ती दिखाई देती है। लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने का ज्यादा समय नहीं मिला।

चीन का कहना है कि हादसे की शुरुआत नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से हुई थी। इसके बाद चीन ने प्रभावित इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया।

शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट-टैटू का रिकॉर्ड

मलबे से मिले शवों की पहचान के लिए बचाव दल फिंगरप्रिंट और टैटू जैसे पहचान वाले निशानों का रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। मौके से अब तक 993 निजी सामान भी मिले हैं, जिनसे लापता लोगों की पहचान में मदद मिल सकती है।

हालांकि, लापता विदेशी नागरिकों के परिवार और उनके देशों के राजनयिक चीन से ज्यादा जानकारी साझा करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने नागरिकों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही।

रॉयटर्स से बातचीत में चार देशों के प्रतिनिधियों ने कहा कि चीन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि बरामद शवों की DNA जांच कैसे होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि बॉर्डर की CCTV और चेहरे पहचानने वाली फुटेज से शवों की पहचान की जाएगी या नहीं और क्या यह जानकारी परिवारों को दी जाएगी।

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ को लेकर दी गई जानकारी पारदर्शी और समय पर है। मंत्रालय ने दूसरे देशों और एजेंसियों के साथ काम करने की तैयारी भी जताई है।

नेपाल-तिब्बत के बीच कारोबार और कैलाश यात्रा का अहम रास्ता

ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग चीन के तिब्बत और नेपाल के बीच कारोबार और आवाजाही का अहम रास्ता है।

2015 के भूकंप में पूर्व की तरफ मौजूद दूसरे रास्ते को नुकसान पहुंचने के बाद ग्यिरोंग नेपाल और तिब्बत के बीच कारोबार और लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता बन गया था।

इस रास्ते से चीन से नेपाल की ओर इलेक्ट्रिक वाहनों समेत कई तरह का सामान भेजा जाता था। नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी यह अहम रास्ता है।

चीन अब इस बॉर्डर क्रॉसिंग को दोबारा बनाने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इसे फिर से बनाया गया तो डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

तबाही से पहले ग्योरोंग पोर्ट दिखने में ऐसा था।

तबाही से पहले ग्योरोंग पोर्ट दिखने में ऐसा था।

पहले भी ग्लेशियर की बाढ़ से बंद हुआ था बॉर्डर

ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग इससे पहले भी पिछले साल जुलाई से जनवरी तक बंद रहा था। उस समय ग्लेशियर से आई बाढ़ के कारण रास्ता बंद करना पड़ा था।

इस घटना के बाद ग्लेशियर और उनसे बनने वाली झीलों की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी।

जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी।

चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक, तिब्बत और आसपास के इलाकों में 3,000 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें हैं। इनमें से 187 को ज्यादा जोखिम वाली झीलों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इनकी निगरानी जमीन पर और दूर से सेंसर की मदद से की जाती है।

चीन के आपातकालीन बचाव मुख्यालय के उप प्रमुख नोरबू त्सेरिंग ने कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए निगरानी और समय रहते चेतावनी देने की व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।

चीन में 43 की मौत, 519 लोग अब भी लापता

चीनी अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तक चीन की तरफ 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि 519 लोग लापता थे। इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में 49 भारतीय भी हैं।

लापता विदेशी नागरिकों में कई तीर्थयात्री हैं, जो नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश की यात्रा पर गए थे।

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