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कोरबा

शिक्षक समाज के निर्माण और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं : राज्यपाल रमेन डेका

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एसईसीएल डीएवी विद्यालय बिलासपुर में आयोजित हुआ द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह

बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल डीएवी विद्यालय, बिलासपुर में द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल छत्तीसगढ़ रमेन डेका उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के शुभारंभ में भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर राज्यपाल रमेन डेका एवं अन्य अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया गया।

समारोह में एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों के अंतर्गत संचालित सभी डीएवी विद्यालयों के शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि राज्यपाल छत्तीसगढ़, रमेन डेका ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण चरण होता है और इस दौरान शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व एवं भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक से प्राप्त सीख का प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन आवश्यक है। उन्होंने कार्य को टालने की प्रवृत्ति और आलस्य से दूर रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। व्यक्ति को सदैव कुछ नया सीखने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि समाज ने हमारे लिए क्या किया, बल्कि यह विचार करना चाहिए कि हमने समाज के लिए क्या किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग सकारात्मक योगदान के लिए करने का आह्वान किया।

समारोह में बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील जैन, एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, एसईसीएल डीएवी बिलासपुर के प्राचार्य के. पार्थिपन, डीएवी बिलासपुर क्षेत्र की क्षेत्रीय सहायक अधिकारी श्रीमती मौलिका मुखर्जी तथा एसईसीएल डीएवी कोरबा की प्राचार्य श्रीमती सुचित्रा शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह तथा एसईसीएल एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में उपस्थित रहे।

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कोरबा

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह 8 सितंबर को

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कोरबा, 07 सितंबर 2026। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला साक्षरता विभाग, कोरबा द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह का आयोजन 8 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2 बजे कलेक्टर सभा कक्ष, कोरबा में किया जाएगा।
समारोह का आयोजन “साक्षर बनें, सशक्त बनें” एवं “उल्लास से उज्ज्वल भविष्य की ओर” की थीम पर किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने तथा उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के प्रति जागरूक करना है।
समारोह में मुख्य अतिथिलखन लाल देवांगन, माननीय मंत्री, वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम, छत्तीसगढ़ शासन होंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, सांसद लोकसभा क्षेत्र कोरबा, प्रेमचंद पटेल विधायक कटघोरा, फूलसिंह राठिया विधायक रामपुर, तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम विधायक पाली-तानाखार, श्रीमती संजू देवी राजपूत महापौर नगर पालिक निगम कोरबा, डॉ. पवन सिंह अध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, नूतन सिंह ठाकुर सभापति नगर पालिक निगम कोरबा तथा श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा उपस्थित रहेंगी।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले में साक्षरता के साथ-साथ नागरिकों को दैनिक जीवन में उपयोगी ज्ञान, कौशल एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला साक्षरता विभाग ने जिलेवासियों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहभागी बनकर साक्षरता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है।

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कोरबा

आप स्वीकृत काम पूरा करिए, मैं गाँव के विकास के लिए नए काम तुरंत स्वीकृत करूंगा-कलेक्टर कुणाल दुदावत

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खनन प्रभावित ग्रामों में कलेक्टर ने सरपंचों और ग्रामीणों से किया वन-टू-वन संवाद, विकास कार्यों की ली जानकारी

सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा में लगी चौपालः शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता

कोरबा, 07 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कोयला उत्खनन से प्रभावित ग्राम पंचायतों सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा का दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायत भवनों में सरपंचों, पंचों और ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर सीधे संवाद किया तथा गाँव की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
कलेक्टर ने सरपंचों और पंचों से कहा कि गाँव के समग्र विकास के लिए सभी मिलकर एक समग्र कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि गाँव में जिन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। महत्वपूर्ण कार्यों को जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को केवल समय-सीमा में पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण होना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा, आप स्वीकृत काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करिए, मैं गाँव के विकास के लिए नए काम तुरंत स्वीकृत करूंगा।
आप काम पूरा करते जाइए और नए कार्यों के प्रस्ताव लेकर आइए, ताकि गाँव के विकास की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ती रहे।
स्वीकृत कार्यों के साथ भुगतान की समस्या भी होगी दूर
कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्राम पंचायतों को भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्यों से संबंधित भुगतान में यदि जनपद पंचायत अथवा किसी अन्य एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी स्तर पर कोई समस्या आ रही है तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही संबंधित कार्यों का भुगतान भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। गाँवों में पेयजल, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के सुधार पर जोर

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने जर्जर आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों की मरम्मत की मांग रखी। कलेक्टर ने आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने तथा अनुपयोगी भवनों के स्थान पर नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत करने की बात कही। विभिन्न स्थानों पर सीसी सड़क निर्माण की मांग पर भी उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों द्वारा शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए मंगल भवन की मांग रखे जाने पर कलेक्टर ने कहा कि अलग-अलग वार्डों में छोटे-छोटे भवन बनाने की अपेक्षा गाँव के प्रमुख स्थान पर सभी की सहमति से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाया जाना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने ग्रामीणों की सहमति के आधार पर इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर विचार करने की बात कही।
पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप

ग्रामीणों की मांग पर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप स्थापित करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा मंच एवं अहाता निर्माण, सोलर लाइट, सड़क पर ब्रेकर, गोठान विकास, तालाब में पचरी निर्माण, पुल निर्माण, खराब बोर की मरम्मत और ट्रांसफार्मर बदलने जैसी मांगों पर भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

चौपाल में पट्टा निरस्तीकरण, राशन दुकान में अंगूठा लगवाने के बाद चावल नहीं मिलने, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास निर्माण, पूर्ण आवास का मजदूरी भुगतान नहीं होने तथा अवैध शराब विक्रय पर रोक लगाने जैसी समस्याएं भी ग्रामीणों ने रखीं। कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों द्वारा नए स्कूल खोलने तथा अरिहन नदी पर पुल निर्माण की मांग भी रखी गई। कलेक्टर ने दोनों मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।
जल जीवन मिशन में घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही भुगतान

कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत गाँवों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित ठेकेदारों को तीन माह की समय-सीमा में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति शुरू होने और उसका सत्यापन होने के बाद ही संबंधित कार्यों का भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने ग्राम पंचायतों को सुझाव दिया कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद पेयजल व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव के लिए पंचायत स्तर पर न्यूनतम शुल्क का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे बिजली बिल, पंप खराब होने अथवा अन्य आकस्मिक आवश्यकताओं के समय राशि की समस्या न हो।
सौर ऊर्जा से बिजली बिल में राहत के साथ अतिरिक्त आय का अवसर
कलेक्टर ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जो ग्रामीण अपने घर में सोलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, वे ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं। ऐसे परिवार जिनके घर में पक्की छत नहीं है अथवा खपरैल वाले घर हैं, वे भी 8 से 15 ग्रामीणों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोलर ऊर्जा के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ ही अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है।
“12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई भी जरूरी”-बच्चों की उच्च शिक्षा पर कलेक्टर का जोर
कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्रामीणों से कहा कि आज के समय में केवल 12वीं तक शिक्षा प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और आगे कॉलेज की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी समाज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग दिया जा रहा है। कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को यदि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए नीट अथवा जेईई की तैयारी करनी है, तो उनके लिए आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद यदि कोई विद्यार्थी देश के किसी भी मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज अथवा अन्य पाठ्यक्रम में किसी बड़े सरकारी शिक्षण संस्थान में प्रवेश प्राप्त करता है, तो उसकी फीस का वहन जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के संबंध में सीपेट और बालिकाओं के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेषन द्वारा 30 हजार रूपए के छात्रवृत्ति के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी।
महिलाओं को प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक जोड़ने की पहल
कलेक्टर ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इच्छुक महिलाएं प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर स्वरोजगार से जुड़ सकती हैं।
उन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की मांग पर दोना-पत्तल बनाने की मशीन, सिलाई कार्य, साबुन निर्माण, स्कूल ड्रेस सिलाई, बर्तन बैंक तथा ढलाई से संबंधित सेंटरिंग कार्य के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने सहित अन्य प्रकार से सहयोग करने की बात कही।
उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और परिवार के साथ-साथ गाँव की आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं द्वारा बैठक के लिए भवन की मांग किए जाने पर कलेक्टर ने कहा कि फिलहाल गाँव के किसी पुराने भवन की मरम्मत कर बैठक के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार नए भवन के निर्माण के लिए भी प्रयास किया जाएगा।
गोठान के स्थान पर गौधाम योजना से जुड़ने की सलाह
गाँव में गोठान विकसित करने की मांग पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को गौधाम योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौ सेवा आयोग द्वारा इस दिशा में सहयोग प्रदान किया जाता है। सामाजिक संगठन अथवा ग्राम पंचायत इस प्रकार की गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं।
धान विक्रय के लिए किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील
कलेक्टर श्री दुदावत ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रही गिरदावरी की जानकारी दी। उन्होंने नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन किसानों का नया शासकीय अथवा वन पट्टा बना है, रकबे में संशोधन हुआ है, जो पिछले वर्ष धान विक्रय के लिए पंजीयन से वंचित रह गए थे अथवा किसी कारण से पंजीयन नहीं करा पाए थे और इस वर्ष धान बेचना चाहते हैं, वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि धान विक्रय के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने किसानों से 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की, ताकि सर्वे के पठन के दौरान यदि किसी प्रकार की आपत्ति हो तो किसान अपनी बात रख सकें और समय रहते आवश्यक सुधार कराया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि खनन प्रभावित गाँवों का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, बिजली और आजीविका के अवसरों को मजबूत करते हुए गाँवों को आत्मनिर्भर और बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाना जिला प्रशासन का लक्ष्य है। उन्होंने ग्रामीणों से भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूर्ण कराने में सहयोग करने की अपील की।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ, बीईओ, तहसीलदार, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

नारी शक्ति मछुवा सहकारी समिति बुका मड़ई के मतदाता सूची प्रकाषित

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दावा- आपत्ति 12 सितंबर तक आमंत्रित

कोरबा 07 सितंबर 2026। नारी शक्ति मछुवा सहकारी समिति मर्यादित बुका मड़ई पंजीयन क्रमांक 346 के सदस्यों की मतदाता सूची का प्रकाशन 07 सितंबर 2026 को कर दिया गया है। मतदाता सूची के सम्बंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 12 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारी जी.डी. पाण्डेय ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय बुका मड़ई में प्रबंधक/सदस्य श्रीमती बसंती बाई के पास  12 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 14 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

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