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कोरबा

जेसीआई वीक : सात दिन, सात संकल्प—सकारात्मक बदलाव की ओर

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जेसीआई कोरबा सेंट्रल : 9 से 15 सितंबर : जेसीआई वीक

कोरबा। Junior Chamber International (JCI) एक वैश्विक गैर-लाभकारी संगठन है, जो 18 से 40 वर्ष की आयु के युवा सक्रिय नागरिकों को एक साथ लाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करना है, ताकि वे अपने नेतृत्व कौशल और क्षमताओं का उपयोग करते हुए समाज में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन ला सकें।

JCI का विजन है— सक्रिय युवा नागरिकों का विश्व का सबसे प्रमुख वैश्विक नेटवर्क बनना

यही उद्देश्य है कि आज JCI का नेटवर्क 115 से अधिक देशों में 5,000 से अधिक स्थानीय संगठनों के माध्यम से सक्रिय है। दुनिया भर में लाखों युवा सदस्य JCI से जुड़कर शिक्षा, उद्यमिता, सामाजिक विकास और नेतृत्व निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

भारत में भी JCI युवाओं को अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और विचारों को सकारात्मक दिशा देने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करता है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामाजिक परियोजनाओं, सामुदायिक सेवा और नेतृत्व विकास के अवसरों के माध्यम से युवाओं को समाज के लिए सार्थक कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

JCI Korba Central द्वारा वर्तमान में 170 विद्यार्थियों की सहभागिता के साथ क्षेत्र के प्रमुख chess टूर्नामेंट में से एक का आयोजन कर युवाओं में प्रतिस्पर्धी सोच, एकाग्रता एवं खेल भावना को बढ़ावा दिया गया, 100+ व्यवसायियों एवं उद्यमियों की सहभागिता के साथ AI एवं बिजनेस के व्यावहारिक उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया, छत्तीसगढ़ योगासन एसोसिएशन एवं अतिथियों के साथ सात दिन के Speechcraft : Public Speaking Training आयोजित की गई, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ वायु के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 80 बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण जांच की गई, डॉक्टर रियल ओपन थिएटर में आयोजित Community Kite Festival में सैकड़ों लोगों की सहभागिता रही। निःशुल्क पतंग एवं चरखी वितरण के माध्यम से सामुदायिक जुड़ाव एवं एकता का संदेश दिया गया, आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से प्रतिभागियों को CPR की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई।

JCI Week

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 9 से 15 सितंबर तक JCI Week मनाया जा रहा है। इस विशेष सप्ताह के दौरान JCI Korba Central द्वारा कोरबा में विभिन्न सामुदायिक सेवा, सामाजिक जागरूकता, व्यक्तिगत विकास, व्यावसायिक नेतृत्व तथा नेतृत्व क्षमता निर्माण से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि युवाओं को जोड़ना, उन्हें सक्षम बनाना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

9 से 15 सितंबर – सात दिन, सात थीम

जेसीआई कोरबा सेंट्रल द्वारा 9 से 15 सितंबर 2026 तक जेसीआई वीक का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष जेसीआई वीक की थीम “77 इयर्स ऑफ लीडरशिप – 7 डेज ऑफ एम्पावर” है। सात दिनों तक अलग-अलग थीम पर आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, युवा नेतृत्व, मानव कर्तव्य, डिजिटल आउटरिच, बिजनेस नेटवर्किंग, मेंबरशिप एक्सपेंशन, फैमिली बॉन्डिंग एवं समाज के मौन सितारे को सम्मानित करने की दिशा में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

प्रथम दिवस : सर्रेनवल सिपिंग डे“प्लास्टिक हटाओ, स्टील अपनाओ – आज की आदत, कल का बेहतर भविष्य”

जेसीआई वीक की शुरुआत सर्रेनवल सिपिंग डे के संदेश के साथ होगी। प्लास्टिक हटाओ, स्टील अपनाओ अभियान के माध्यम से सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर स्टील की बोतलों एवं स्टील के विकल्पों को अपनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।

इस दिन सामूहिक स्टील बोतल वितरण अभियान, जन-जागरूकता एवं शिक्षा तथा जनसंपर्क से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

द्वितीय दिवस : यूथ लीडरशिप एंड वॉइस डे“युवा की आवाज, नेतृत्व का आगाज”

द्वितीय दिवस के अवसर पर अंतरमहाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता, यूथ पार्लियामेंट, सीपीआर प्रशिक्षण, वर्क-लाइफ बैलेंस, पर्सनल ब्रांडिंग जैसे विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, संवाद कौशल, आपातकालीन परिस्थितियों में तत्परता तथा व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देना है।

तृतीय दिवस: ह्यूमन ड्यूटीज एंड डिजिटल आउटरिच डे -अधिकारों के साथ कर्तव्यों की समझ – जिम्मेदार नागरिकता की ओर

इस दिन मानव कर्तव्य अभियान के माध्यम से मानवीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। साथ ही डिजिटल आउटरिच एवं ऑनलाइन एंगेजमेंट के माध्यम से सकारात्मक संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।

चतुर्थ दिवस : बिजनेस एंड नेटवर्क ग्रोथ डे (कनेक्शन बढ़ो, अवसर बढ़ो)

यह दिन बिजनेस कम्युनिटी और जेसीआई सदस्यों के बीच कनेक्टिविटी एवं नेटवर्किंग को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रहेगा। इस अवसर पर जे-कॉम ऑपरेशन एवं नेटवर्किंग मीट्स आयोजित की जाएगी।

पंचम दिवस : मेंबरशिप एक्सपेंशन डे (जुड़ें JCI से, बढ़े नेतृत्व की ओर)

जेसीआई के उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए यह दिन समर्पित रहेगा।

इस दिन इनबाइट एड एंज, मेंबर स्पॉटलाइट एवं वेलकम न्यू मेंबर्स जैसी गतिविधियों के माध्यम से नए सदस्यों को जेसीआई परिवार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

छठा दिवस : फैमिली बॉन्डिंग डे (मजबूत परिवार, मजबूत समाज)

परिवार को मजबूत बनाने और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ाने के उद्देश्य से इस दिन फैमिली टाइम, फैमिली एक्टिविटीज एवं एक्सप्रेस एक्टिविटीज जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

जेसीआई कोरबा सेंट्रल का मानना है कि “स्ट्रॉन्ग फैमिली ही स्ट्रॉन्ग कम्युनिटी की नींव है।”

सातवां दिवस : ग्रैंड फिनाले: ऑनरिंग हीरोज एंड साइलेंट स्टार्स डे (गुमनाम नहीं, सम्मान के हकदार)

जेसीआई वीक का समापन उन लोगों को सम्मान देने के साथ किया जाएगा, जो अपने कार्यों से समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन अक्सर उनकी उपलब्धियां लोगों की नजरों से दूर जाती हैं। इस अवसर पर साइलेंट स्टार्स एवं ग्रैंड फिनाले सेलिब्रेशन आयोजित किया जाएगा। Grand Celebration के साथ JCI Week का भव्य समापन किया जाएगा, जिसमें पूरे सप्ताह आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की उपलब्धियों और अनुभवों को साझा किया जाएगा।

सात दिन, सात पहल — एक संकल्प, सकारात्मक बदलाव का

JCI Korba Central का उद्देश्य केवल सात दिनों तक JCI Week मनाना नहीं है, बल्कि इन सात दिनों के माध्यम से समाज में ऐसे सकारात्मक बदलाव की शुरुआत करना है, जिसका प्रभाव लंबे समय तक दिखाई दे।

सस्टेनेबिलिटी से यूथ लीडरशिप तक, ह्यूमन ड्यूटीज से बिजनेस नेटवर्किंग तक, मेंबरशिप से फैमिली बॉन्डिंग तक और साइलेंट स्टार्स के सम्मान से Grand Celebration तक—JCI Week का हर दिन एक विचार, एक उद्देश्य और एक सकारात्मक संदेश लेकर आएगा।

JCI Korba Central शहर के युवाओं, बिजनेस कम्युनिटी, सामाजिक संगठनों, परिवारों, मीडिया बंधुओं एवं समस्त शहरवासियों से आह्वान करता है कि वे JCI Week के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से सहभागी बनें।

जेसीआई कोरबा सेंट्रल द्वारा 9 से 15 सितंबर 2026 तक जेसीआई वीक का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष जेसीआई वीक की थीम “77 इयर्स ऑफ लीडरशिप – 7 डेज ऑफ एम्पावर” है। सात दिनों तक अलग-अलग थीम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी तारतम्य में समाज के मौन सितारे को सम्मानित करने की दिशा में नया कदम उठाया गया है, जिसके तहत आज कोरबा प्रेस क्लब के तिलक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के उपरांत जेसीआई की टीम ने कोरबा प्रेस क्लब के केयर टेकर गुणसागर महिलांगे को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

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रेल लाइन से गांव का रास्ता हुआ बाधित, ग्रामीणों ने चक्काजाम की चेतावनी दी

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कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के कर्री मार्ग पर बैरा उदरदा पर्यटन स्थल तक आवाजाही का मार्ग गेवरा-पेंड्रा रोड रेल लाइन बिछाने से बाधित हो गया है। ग्रामीणों ने अब इस मुद्दे को लेकर सड़क चक्काजाम आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने 10 दिनों का अल्टीमेटम देकर वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग की है।

सोमवार को ग्रामीणों ने कांग्रेस नेता युसूफ खान के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक का बैरा उदरदा पर्यटन स्थल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यह 70 किलोमीटर के आसपास के लोगों का एकमात्र प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। पर्यटन स्थल पर घने जंगल और विशाल जलराशि पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। लेकिन यहां तक पहुंचने का मार्ग गेवरा-पेंड्रा रोड रेल कॉरिडोर की लाइन बिछाने से बाधित हो गया है। 5 साल से काम जारी है। कई दशकों से आवाजाही के मार्ग के बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी होगी। इस मार्ग पर अंडरपास, ओवरब्रिज या फिर वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कराकर ग्रामीणों को राहत दी जाए। अन्यथा चक्काजाम आंदोलन के लिए विवश होंगे। ज्ञापन में इस मांग के समर्थन में ग्राम पंचायत अड़सरा, बैरा, लैंगी, कुम्हारसानी, पसान, पुटीपखना समेत आसपास की ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

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28 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आजीवन संगठन सेवा सम्मान

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कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन का आजीवन संगठन सेवा सम्मान समारोह जमनीपाली के परमेश्वरी होटल में हुआ। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी से सेवानिवृत्त संगठन के वरिष्ठ सदस्यों को शॉल, श्रीफल, सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। 28 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आजीवन संगठन सेवा सम्मान दिया गया।

जनता यूनियन के प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कर्मचारी की सेवानिवृत्ति केवल शासकीय सेवा से है, संगठन से नहीं। प्रांताध्यक्ष द्विवेदी ने कहा कि वरिष्ठ साथियों का लगाव, अनुभव व चिंतन बना रहता है। उनके मार्गदर्शन से वर्तमान पीढ़ी को नई दिशा मिलती है। विशिष्ट अतिथि प्रदीप पाठक ने कहा कि संगठन की मजबूती समर्पित कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ साथियों के सम्मान से है।

अतिविशिष्ट अतिथि उमाशंकर वर्मा ने कहा कि कर्मचारी हितों के संघर्ष में सेवानिवृत्त साथियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन उदय राठौर व दिनेश कुमार चंद्रा ने किया।इस मौके पर संगठन के सचिव घनश्याम गबेल, प्रांतीय सदस्य संजय लसार, प्रमोद राठौर, प्रकाश सिंह राठौर, अरुण सागर, पुष्पेंद्र सिंह बैस, दिलेश्वर प्रजापति, मो. नासिर खान, मुरलीधर सोनिकर, त्रिलोक पटेल, सुधेश पाठक आदि मौजूद रहे।

सेवानिवृत्त अतिविशिष्ट अतिथि एसए सईद ने कहा कि यह सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भावुक और यादगार क्षण है। युवा संगठन की अमूल्य धरोहर हैं। वरिष्ठों के अनुभव से सीख लेकर संगठन को आगे बढ़ाएं। सम्मानित सेवानिवृत्त डीएस दीक्षित ने संगठन से अपने लंबे जुड़ाव के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में संगठन की आजीवन सेवा और कर्मचारी हितों में योगदान के लिए उमेश कुमार श्रीवास्तव, लक्ष्मी नारायण यादव, दुर्गा शंकर दीक्षित, टीपी गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल, सत्यनारायण राठौर, सुंदरलाल साहू, उमाशंकर सिंह, छविराम साहू, जोहित राम राठौर, विजय मेहरा समेत अन्य का सम्मान किया।

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रील देखते नेटवर्क गया तो महिला ने कीटनाशक पिया:मोबाइल तोड़ा, पति ने उल्टी कराने गोबर पानी पिलाया, इलाज के दौरान मौत

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की लत ने एक महिला की जान ले ली। 52 साल की मंगलो बाई ने रील देखते समय नेटवर्क चले जाने से गुस्से में कीटनाशक पी लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दरअसल, शनिवार दोपहर वह खाना खाते समय मोबाइल पर रील देख रही थी, तभी नेटवर्क गायब हो गया। काफी देर तक रील नहीं चली तो उसने गुस्से में मोबाइल जमीन पर पटक दिया। इसके बाद कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया। अंदर उसने कीटनाशक पी लिया।

पति को जब यह बात पता चली तो उल्टी कराने महिला को गोबर पानी पिला दिया। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे करतला स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रविवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।

यह घटना करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव की है। वहीं, कोरबा मेडिकल कॉलेज में पिछले 8 महीनों में आत्महत्या से जुड़े मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है।

पुलिस परिजनों को बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।

पुलिस परिजनों को बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।

जानकारी के अनुसार, केराकछार गांव में रहने वाला प्रेमलाल सारथी मजदूरी करता है। वह पत्नी मंगलो बाई (52) और 3 बच्चों का पालन-पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक, मंगलो बाई को मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत थी।

शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंगलो खाना खा रही थी और साथ में मोबाइल पर रील देख रही थी। इसी दौरान अचानक मोबाइल में नेटवर्क चला गया। उसने कुछ देर इंतजार किया, लेकिन नेटवर्क नहीं आया और रील शुरू नहीं हुई। इससे वह गुस्सा हो गई और मोबाइल को जमीन पर पटक दिया, जिससे वह टूट गया।

इसके बाद मंगलो कमरे के अंदर चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। करीब 10 मिनट बाद वह कमरे से बाहर आई और बरामदे में जाकर बैठ गई। कुछ देर बाद उसे लगातार उल्टियां होने लगी।

मोबाइल पर रील नहीं चली तो महिला ने कीटनाशक पी लिया।

मोबाइल पर रील नहीं चली तो महिला ने कीटनाशक पी लिया।

कमरे में मिला कीटनाशक का खाली डिब्बा

शुरुआत में परिजनों को लगा कि उसकी तबीयत खराब हो गई है। लेकिन उल्टी से जहरीले पदार्थ जैसी दुर्गंध आने पर उन्हें शक हुआ। परिजनों ने कमरे की जांच की तो वहां कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। इसके बाद उन्हें अंदेशा हुआ कि मंगलो ने कीटनाशक पी लिया है।

परिजन तुरंत डायल-112 की मदद से उसे करतला स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे संजीवनी एक्सप्रेस से कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। यहां उसका इलाज चल रहा था। रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अस्पताल ले जाने से पहले गोबर पानी पिलाया

मृतका के पति प्रेमलाल ने पुलिस को बताया कि गांव में चली आ रही पुरानी मान्यता के चलते अस्पताल ले जाने से पहले उन्होंने मंगलो को उल्टी कराने के लिए गोबर पानी भी पिलाया था। हालांकि, उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया।

मोबाइल की लत को लेकर एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता के मुताबिक, आजकल कई परिवारों में माता-पिता काम में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में बच्चों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें मोबाइल दे दिया जाता है। धीरे-धीरे मोबाइल ही उनका साथी बन जाता है।

उन्होंने बताया कि स्कूल-कॉलेज में भी मोबाइल का इस्तेमाल और उससे जुड़ी बातें आम हो गई हैं। ऐसे में जब मोबाइल छीन लिया जाता है या ज्यादा इस्तेमाल करने पर डांट पड़ती है तो कुछ बच्चों और युवाओं में अकेलापन, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ सकता है।

गंभीर स्थिति में वे आत्मघाती कदम तक उठा सकते हैं। ऐसे मामलों में परिवार को बच्चों से बातचीत करने और उनकी परेशानी समझने पर ध्यान देना चाहिए।

8 महीने में 57 लोगों की सुसाइड से मौत

कोरबा मेडिकल कॉलेज में आत्महत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें कई मरीजों को समय पर इलाज मिलने से बचा लिया जाता है, लेकिन पिछले 8 महीनों में ऐसे मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है।

यानी औसतन हर महीने करीब 7 लोगों की जान सुसाइड से जा रही है। इन मामलों में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हैं।

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