सरगुजा, एजेंसी। सरगुजा के शिवपुर एकलव्य स्कूल की छात्राओं ने सोमवार को 16 किमी पैदल चलकर कलेक्टर को अपनी समस्याएं बताई। उन्होंने कहा कि, 3 महीने से बिजली नहीं, फिजिक्स-केमेस्ट्री की पढ़ाई ठीक नहीं और मेस में सफाई खराब है। अब आदिम जाति कल्याण विभाग ने प्रिंसिपल ओम नारायण श्रीवास्तव को हटा दिया है, जबकि वार्डन को नोटिस थमाया है।
इस मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने कलेक्टर से फोन पर बातचीत कर जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, बच्चियों को अपनी समस्या बताने के लिए पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। जिम्मेदारी तय कर लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। वहीं,आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी है।
कलेक्टर से मिलने 30 किमी पैदल ही अंबिकापुर के लिए निकली थी छात्राएं।
स्कूल की छात्राओं के साथ टीचर्स भी साथ चलते रहे।
छात्राओं से बात करने पहुंचे सहायक आयुक्त, लेकिन बच्चों ने बात नहीं की।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने पहले भी कई बार अव्यवस्था और प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से छात्राओं ने अंबिकापुर पहुंचकर कलेक्टर से शिकायत करने का फैसला लिया। 45 छात्राएं सोमवार सुबह पैदल ही 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर जाने के लिए रवाना हो गईं।
अधिकारी से भी बात तक करने को तैयार नहीं हुई छात्राएं
छात्राओं के साथ स्कूल टीचर्स भी सुरक्षा के लिहाज से पैदल चलने लगे और छात्राओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्राएं नहीं रुकीं। इसकी जानकारी ट्राइबल असिस्टेंट कमिश्नर ललित शुक्ला को मिली तो वे बैलकोटा पहुंचे।
एसी शुक्ला ने छात्राओं से बात करने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि, अगर उन्हें प्रिंसिपल से प्रॉब्लम है तो आज से ही वे स्कूल नहीं जाएंगे। छात्राएं एसी को समस्याएं तक बताने को तैयार नहीं हुई और अंबिकापुर पैदल आने की जिद पर अड़ी रहीं। 16 किमी बैदल चलने के बाद एसी शुक्ला ने छात्राओं के लिए बस की व्यवस्था कराई और बस से छात्राओं को अंबिकापुर रवाना किया।
छात्राओं ने सहायक आयुक्त से बात करने से किया इनकार।
कलेक्टर से मिलकर बताई समस्याएं
कलेक्टर अजीत वसंत से मिलकर छात्राओं ने तीन शिकायतें बताई- स्कूल और हॉस्टल में तीन महीने से बिजली नहीं है, मैथ्स और केमेस्ट्री के शिक्षक ठीक से नहीं पढ़ा रहे और मेस में सफाई की व्यवस्था खराब है। छात्राओं ने बताया कि प्रिंसिपल से शिकायत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
कलेक्टर अजीत वसंत से मिलकर छात्राओं ने बिजली, टीचर्स और सफाई की समस्या बताई।
प्रिंसिपल हटाए गए, वार्डन को नोटिस
कलेक्टर अजीत वसंत ने एकलव्य गर्ल्स स्कूल में शिकायतों की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर शारदा अग्रवाल की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। 2 दिनों में रिपोर्ट मांगी थी। जांच कमेटी ने सोमवार शाम पहुंचकर छात्राओं और स्टॉफ से पूछताछ कर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंप दिया।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल ओम नारायण श्रीवास्तव को हटाकर सहायक आयुक्त कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। स्कूल की टीचर प्रतीक्षा त्रिपाठी, पीजीटी (अंग्रेजी) को स्कूल के प्रिंसिपल का प्रभार सौंपा गया है।
स्कूल में संलग्न अरविन्द अशोक तिग्गा, पीजीटी (हिन्दी) को उनके मूल पदस्थ संस्था एकलव्य स्कूल मैनपाट के लिए कार्यमुक्त किया गया है। हॉस्टल वार्डन आयुषी सोनी को शासकीय कार्य में लापरवाही और उदासीनता बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एकलव्य स्कूल शिवपुर में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान अब कलेक्टर, अध्यक्ष, जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बाद ही करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री नेताम ने मांगी जांच रिपोर्ट
आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने मामले में ट्राइबल के असिस्टेंट कमिश्नर से जांच रिपोर्ट मांगी है। मंत्री नेताम ने कहा कि, ऐसे मामले क्यों आ रहे हैं कि छात्र प्रशासन से मिलने पैदल रूख कर रहे हैं, इस पर जांच करने कहा गया है।
मंत्री नेताम ने कहा कि, छात्राओं की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। इस तरह की कोई भी अव्यवस्था होने पर विभाग को सूचना दें, जिससे समय रहते सभी व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया जा सके।
बच्चियों को पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं- सीएम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मामल में कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि यदि विद्यालय में लंबे समय से बिजली सहित कई समस्याएं बनी हुई थीं, तो संबंधित अधिकारियों की तरफ से समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को दुर्घटना प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर पात्र मामलों की अनिवार्य रूप से एंट्री एवं ब्लॉकिंग के निर्देश
कोरबा 08 सितम्बर 2026। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को निर्देशित किया है कि पीएम राहत योजना के अंतर्गत आने वाले पात्र दुर्घटना प्रकरणों की अधिकतम संख्या में अनिवार्य रूप से ब्लॉकिंग सुनिश्चित की जाए। किसी भी पात्र दुर्घटना प्रकरण को पीएम राहत योजना के अंतर्गत ब्लॉक किए बिना नहीं छोड़ा जाए। सीएमएचओ ने कहा कि संबंधित अस्पताल अपने स्तर पर दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा योजना के लिए पात्र पाए जाने वाले अधिकतम प्रकरणों की समय पर एंट्री एवं ब्लॉकिंग की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए तथा पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाए। उन्होंने बताया कि आगामी कलेक्टर की समीक्षा बैठक में अस्पतालवार पीएम राहत योजना के अंतर्गत की गई ब्लॉकिंग तथा संबंधित अस्पतालों में दर्ज दुर्घटना प्रकरणों की संख्या की समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक अस्पताल की प्रगति का तुलनात्मक रूप से परीक्षण किया जाएगा। कम प्रगति अथवा कार्य में लापरवाही पाए जाने की स्थिति में संबंधित संस्था की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। सीएमएचओ ने सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल प्रभाव से पीएम राहत योजना के अंतर्गत पात्र दुर्घटना प्रकरणों की अधिकतम ब्लॉकिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाला कार्य मानते हुए गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल प्रबंधन से अपील की गई है कि पात्र दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया का गंभीरतापूर्वक पालन करें।
संभावित फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए अधिकारियों एवं चिकित्सकों के कथन दर्ज किए जाएंगे
कोरबा, 08 सितंबर 2026। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा कुणाल दुदावत ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत जनहानि के प्रकरणों में आर्थिक अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं तथ्यपरक बनाने तथा संभावित फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों के कथन दर्ज किए जाने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत होने वाली जनहानि की सूचना संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार, पटवारी अथवा कोटवार के माध्यम से दी जाएगी। सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मृत्यु प्राकृतिक आपदा के कारण हुई है अथवा नहीं। जनहानि से संबंधित प्रकरणों में संबंधित थाने के विवेचक एवं शव परीक्षणकर्ता चिकित्सक को संबंधित राजस्व न्यायालय में बुलाकर उनके कथन दर्ज किए जाएंगे। कथन दर्ज होने के पश्चात ही प्रकरण को विधिवत अनुशंसा सहित प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आर्थिक अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में आवश्यक तथ्य एवं साक्ष्य स्पष्ट रूप से उपलब्ध रहें। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राप्त जनहानि प्रकरणों में निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जनहानि के प्रकरणों में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही, अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा संभावित फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे, इसके लिए सभी स्तरों पर आवश्यक सावधानी बरती जाए।
सभी शिक्षण संस्थानों में कोटपा एक्ट का पालन सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश कोरबा, 08 सितम्बर 2026। जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए नशे की रोकथाम, जनजागरूकता तथा तंबाकू नियंत्रण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रो के सभी शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त संस्थान बनाने हेतु 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले नशा मुक्ति जागरूकता अभियान में भारत वाहिनी की इकाइयों को सक्रिय रूप से शामिल कर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के नशा मुक्ति केंद्र का निर्धारित क्षमता के अनुरूप प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने रेस्टोरेंट व स्ट्रीट वेंडर्स संचालको की कार्यशाला आयोजित कर स्वच्छता सम्बंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ नशा मुक्ति अभियान में आधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने निर्देशित किया।