दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर मोबाइल स्टेटस पर लगाना युवक को भारी पड़ गया। युवक ने ED कार्रवाई में सामने आए अनिल चंद्राकर से जुड़ी खबर स्टेटस पर लगाकर नीचे ‘जामगांव एम’ लिख दिया।
इसे देखकर जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर ने युवक को फोन किया और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि ‘मारते-मारते थाने ले जाऊंगा, 6 महीने के लिए जेल में डलवा दूंगा।’ इसके बाद डर के कारण युवक को गांव छोड़ना पड़ा। मोबाइल पर दी गई धमकी का ऑडियो भी वायरल हो रहा है।
दरअसल, ED केस में सामने आए अनिल चंद्राकर और धमकी देने वाले जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति हैं। मामले में पाटन थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित युवक ने पूरी बातचीत दूसरे फोन से रिकॉर्ड किया।
स्टेटस लगाने के अगले दिन आया कॉल
जानकारी के मुताबिक, पाटन के रूही गांव निवासी परमेश्वर सिंगौर ने वॉट्सऐप पर न्यूज पेपर की कटिंग अपने स्टेटस पर लगाई थी। खबर स्टेटस पर लगाने के अगले दिन उन्हें एक व्यक्ति ने कॉल किया।
खुद को अनिल चंद्राकर बताते हुए उसने परमेश्वर से गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। कुछ घंटे बाद आरोपी के गांव आने की जानकारी मिली तो परमेश्वर डरकर गांव छोड़कर चले गए।
परमेश्वर ने फोन पर हुई बातचीत को अपने दोस्त के मोबाइल से रिकॉर्ड करने की बात कही है।
उत्सुकता में स्टेटस पर लगाई थी ED की खबर
मामला 3 सितंबर का है। परमेश्वर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उस दिन एक अखबार में यह खबर छपी थी। खबर में ED की कार्रवाई का जिक्र था। इसमें लिखा था कि करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपए अनिल चंद्राकर को दिए गए थे।
परमेश्वर के मुताबिक, उन्होंने खबर को सिर्फ उत्सुकता में अपने मोबाइल के स्टेटस पर लगाया था। उनका कहना है कि वे अखबार में नाम छपे किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं और न ही उनका किसी से विवाद है।
पीड़ित ने बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को दी
शिकायत के मुताबिक, 4 सितंबर को दोपहर करीब 1.40 बजे परमेश्वर के मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अनिल चंद्राकर बताया। परमेश्वर का आरोप है कि फोन उठाते ही उसने भद्दी-भद्दी गालियां दी और कहा कि मारते-मारते थाने ले जाऊंगा।
परमेश्वर ने उसे समझाने की कोशिश की कि उसने किसी को अपमानित करने के लिए अखबार की खबर अपने स्टेटस पर नहीं लगाई थी। इसके बावजूद गाली-गलौज जारी रहने का आरोप है।
परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि बातचीत के दौरान वह डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से पूरी बातचीत रिकॉर्ड कराई। इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपा गया है।
गांव आने की सूचना मिली तो घर छोड़कर चला गया
परमेश्वर के अनुसार, उसी दिन करीब 3.10 बजे उसे अनिल चंद्राकर के गांव आने की जानकारी मिली। गांव के ही हितेंद्र पटेल ने फोन कर बताया कि अनिल गांव आए हैं और उसे बुला रहे हैं। शिकायत में परमेश्वर ने आरोप लगाया है कि उसे यह भी कहा गया कि आज तुम्हें जान से मार देंगे।
परमेश्वर का कहना है कि डर के कारण वह गांव छोड़कर चला गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी जान का डर है और इसी वजह से वह घर से बाहर रहने को मजबूर है। शिकायत में जिस अनिल चंद्राकर का जिक्र है, वह ED की कार्रवाई में सामने आए अनिल चंद्राकर से अलग है।
ईडी मामले से अपना कोई संबंध नहीं बताया
परमेश्वर ने शिकायत में बताया है कि जिस मामले से जुड़ी खबर उन्होंने स्टेटस पर लगाई थी, उससे उनका कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि वह न तो इस मामले में गवाह हैं और न ही किसी जांच का हिस्सा हैं। अखबार में खबर पढ़ने के बाद उन्होंने उसे केवल जानकारी के लिए अपने स्टेटस पर लगाया था।
परमेश्वर ने पुलिस को अखबार में छपी खबर की कॉपी और फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में देने की बात कही है। शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
ED केस के अनिल चंद्राकर के नाम से हुआ भ्रम
ED केस में सामने आए अनिल चंद्राकर और धमकी देने वाले जामगांव एम के अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति हैं। ED के मुताबिक, CGPSC-2021 परीक्षा का पेपर लीक कर कुछ अभ्यर्थियों और आरोपियों के रिश्तेदारों तक पहुंचाया गया था। इसके बदले अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए। जांच में डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे पदों पर गलत तरीके से चयन कराने की कोशिश का भी पता चला।
ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को पेपर देने का भरोसा दिलाकर 3 करोड़ रुपए से ज्यादा नकद लिए थे। इसमें से करीब 2.80 करोड़ रुपए ED केस में सामने आए अनिल चंद्राकर को दिए गए थे।
इसी मामले में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर अखबार में प्रकाशित हुई थी। इस खबर को परमेश्वर ने अपने मोबाइल स्टेटस पर लगाया था, जिसके बाद जामगांव एम के अनिल चंद्राकर ने उसे फोन कर धमकी दी।
सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को दुर्घटना प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर पात्र मामलों की अनिवार्य रूप से एंट्री एवं ब्लॉकिंग के निर्देश
कोरबा 08 सितम्बर 2026। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को निर्देशित किया है कि पीएम राहत योजना के अंतर्गत आने वाले पात्र दुर्घटना प्रकरणों की अधिकतम संख्या में अनिवार्य रूप से ब्लॉकिंग सुनिश्चित की जाए। किसी भी पात्र दुर्घटना प्रकरण को पीएम राहत योजना के अंतर्गत ब्लॉक किए बिना नहीं छोड़ा जाए। सीएमएचओ ने कहा कि संबंधित अस्पताल अपने स्तर पर दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा योजना के लिए पात्र पाए जाने वाले अधिकतम प्रकरणों की समय पर एंट्री एवं ब्लॉकिंग की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए तथा पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाए। उन्होंने बताया कि आगामी कलेक्टर की समीक्षा बैठक में अस्पतालवार पीएम राहत योजना के अंतर्गत की गई ब्लॉकिंग तथा संबंधित अस्पतालों में दर्ज दुर्घटना प्रकरणों की संख्या की समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक अस्पताल की प्रगति का तुलनात्मक रूप से परीक्षण किया जाएगा। कम प्रगति अथवा कार्य में लापरवाही पाए जाने की स्थिति में संबंधित संस्था की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। सीएमएचओ ने सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल प्रभाव से पीएम राहत योजना के अंतर्गत पात्र दुर्घटना प्रकरणों की अधिकतम ब्लॉकिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाला कार्य मानते हुए गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल प्रबंधन से अपील की गई है कि पात्र दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया का गंभीरतापूर्वक पालन करें।
संभावित फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए अधिकारियों एवं चिकित्सकों के कथन दर्ज किए जाएंगे
कोरबा, 08 सितंबर 2026। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा कुणाल दुदावत ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत जनहानि के प्रकरणों में आर्थिक अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं तथ्यपरक बनाने तथा संभावित फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों के कथन दर्ज किए जाने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत होने वाली जनहानि की सूचना संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार, पटवारी अथवा कोटवार के माध्यम से दी जाएगी। सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मृत्यु प्राकृतिक आपदा के कारण हुई है अथवा नहीं। जनहानि से संबंधित प्रकरणों में संबंधित थाने के विवेचक एवं शव परीक्षणकर्ता चिकित्सक को संबंधित राजस्व न्यायालय में बुलाकर उनके कथन दर्ज किए जाएंगे। कथन दर्ज होने के पश्चात ही प्रकरण को विधिवत अनुशंसा सहित प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आर्थिक अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में आवश्यक तथ्य एवं साक्ष्य स्पष्ट रूप से उपलब्ध रहें। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राप्त जनहानि प्रकरणों में निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जनहानि के प्रकरणों में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही, अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा संभावित फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे, इसके लिए सभी स्तरों पर आवश्यक सावधानी बरती जाए।
सभी शिक्षण संस्थानों में कोटपा एक्ट का पालन सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश कोरबा, 08 सितम्बर 2026। जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए नशे की रोकथाम, जनजागरूकता तथा तंबाकू नियंत्रण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रो के सभी शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त संस्थान बनाने हेतु 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले नशा मुक्ति जागरूकता अभियान में भारत वाहिनी की इकाइयों को सक्रिय रूप से शामिल कर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के नशा मुक्ति केंद्र का निर्धारित क्षमता के अनुरूप प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने रेस्टोरेंट व स्ट्रीट वेंडर्स संचालको की कार्यशाला आयोजित कर स्वच्छता सम्बंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ नशा मुक्ति अभियान में आधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने निर्देशित किया।