छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में मीसाबंदियों को फिर मिलेगी सम्मान निधि:सरकार ने बजट आबंटन आदेश जारी किया, कांग्रेस सरकार ने लगाई थी रोक
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मीसाबंदियों को अब सम्मान निधि फिर से मिलेगी। इसे लेकर वित्त विभाग ने आदेश जारी किया है। इन्हें लोकतंत्र सेनानी कहा जाता है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर इन्हें सम्मान निधि जारी करने बजट आबंटन का आदेश जारी कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि 28 जनवरी 2019 को लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान निधि में रोक लगा दी गई थी। हमारी सरकार ने रोक हटाते हुए पेंशन बहाल करने 7 मार्च 2024 को अधिसूचना जारी की थी।अधिसूचना दिनांक से लंबित भुगतान के लिए सरकार ने बजट आबंटन का आदेश भी जारी कर दिया है। आपातकाल में जनतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए महान विभूतियों का संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा है।
CM का सम्मान करेंगे मीसाबंदी
लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने इस पर कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों की वर्ष 2008 से दी जा रही सम्मान निधि बन्द कर लोकतंत्र की हत्या कर अपनी तानाशाही का प्रदर्शन कर उच्च न्यायालय के आदेशों को भी रद्दी की टोकरी में फेंक दिया।विष्णु देव साय की सरकार ने सत्ता में आते ही लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान लौटा कर लोकतंत्र बहाल किया। भूपेश सरकार द्वारा विगत पांच वर्षों से रोकी गई सम्मान निधि भीप्रतिमाह देना प्रारंभ किया। अब सेनानी संघ 26 जून को मुख्यमंत्री को सम्मानित करेगा।
साय सरकार ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के मीसाबंदियों को फिर से सम्मान निधि राशि देने की घोषणा की थी। विधानसभा में उन्होंने यह घोषणा की। 2018 में कांग्रेस की सरकार आने के बाद मीसाबंदियों को दी जाने वाली पेंशन पर रोक लगा दी गई थी।
15 हजार रुपए मिलती थी सम्मान राशि
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद आपातकाल में जेल गए मीसा बंदियों को लोकतंत्र सेनानी बताते हुए उन्हें सम्मान निधि देना शुरू किया गया था। रमन सिंह के तीसरे कार्यकाल में ये राशि बढ़ाकर 15 हजार रुपए कर दी गई थी। अब दोबारा पेंशन शुरू करने की सरकार की घोषणा के बाद मीसाबंदियों में खुशी की लहर है।
कौन हैं मीसाबंदी?
25 जून 1975 की आधी रात को एक अध्यादेश के जरिए देशभर में आपातकाल लागू कर दिया गया था। इस दौरान संविधान में दिए गए नागरिक अधिकारों को भी निलंबित कर दिया गया था। बंदी प्रत्यक्षीकरण कानून समाप्त कर दिया गया। जिसके बाद गिरफ्तार व्यक्ति को अदालत में 24 घंटे के भीतर प्रस्तुत करने का नियम भी शिथिल हो गया।मीसा कानून के तहत कांग्रेस शासित राज्यों के एक लाख सत्ता विरोधी जेल में डाल दिए गए। अविभाजित मध्यप्रदेश में भी उन दिनों कांग्रेस सरकार थी। मीसा का पूरा नाम बताया गया- मेंटनेन्स ऑफ इन्टरनल सिक्योरिटी एक्ट। मजेदार तो ये था कि इस गिरफ्तारी को अदालत में चैलेंज भी नहीं किया जा सकता था। इस दौरान मीसा कानून के तहत बंदी बनाए गए लोगों को मीसाबंदी कहा जाता है।

कोरबा
खतरनाक एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्यवाही, थार जप्त
- वाहन जप्त – वाहन क्रमांक CG 04 NG 8300 (थार कार)
कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सतत कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में थाना सिविल लाइन रामपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 19.03.2026 को दोपहर लगभग 03:30 बजे से 04:00 बजे के मध्य घंटाघर ओपन थियेटर मैदान में कुछ वाहन चालकों द्वारा लापरवाहीपूर्वक एवं खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त कृत्य से वहां उपस्थित आम नागरिकों के लिए दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो रही थी।

प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 236/2026 धारा 281, 3(5) BNS एवं 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 11 AA 6166 (स्कॉर्पियो), CG 12 BJ 2975 (बोलेरो), CG 12 BF 3890 (स्विफ्ट) एवं CG 04 NG 8300 (थार) के चालकों के विरुद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया गया।
वाहन मालिकों का पता लगाकर वाहन क्रमांक CG 04 NG 8300 (थार) को जप्त कर लिया गया है तथा अन्य वाहनों की तलाश जारी है। वाहनों की जप्ती के उपरांत मोटर व्हीकल एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

पुलिस द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के विरुद्ध सतत अभियान चलाकर निगरानी रखी जा रही है एवं भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिला पुलिस कोरबा आम नागरिकों से अपील करती है कि यातायात नियमों का पालन करें, तेज गति एवं स्टंट जैसे खतरनाक कृत्यों से बचें तथा सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध या खतरनाक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

कोरबा
आदर्श राजवाड़े कुर्मी समाज का होली मिलन समारोह: दिखा खुशियों का रंग, उठाया स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त
कोरबा। 15 मार्च को दोपहर आदर्श राजवाड़े कुर्मी समाज ने राजवाड़े भवन कुंआभट्ठा में होली मिलन समारोह का आयोजन किया। केन्द्रीय अध्यक्ष कृपासिंधु राजवाड़े के नेतृत्व में समाज से बड़ी संख्या में पदाधिकारी, सदस्य एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित होकर होली मिलन समारोह का आनंद उठाया। सभी ने एक-दूसरे को हर्बल गुलाल लगाकर होली की बधाई दी और एकता का परिचय दिया।

होली मिलन समारोह में सामाजिक एकता को बढ़ावा देने आवश्यक चर्चा भी हुई और पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए। यहां उपस्थित समाज के लोगों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त भी उठाया।
केन्द्रीय अध्यक्ष कृपासिंधु राजवाड़े ने सभी को रंगोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रमों से सांगठनिक एकता को बढ़ावा मिलता है और विचार साझा होते हैं। अन्य पदाधिकारियों ने भी होली की शुभकामनाएं प्रेषित की।

कोरबा
शोभायात्रा में दिखी देशभर की संस्कृति की झलक
कोरबा। शहर के हर वर्ग में गुरुवार को हिन्दू नववर्ष का उत्साह रहा। पूरे शहर में भगवा ध्वज लहरा रहे थे, वहीं रंग-बिरंगी आकर्षक लाइट से सजे चौक-चौराहों के साथ सड़कों पर रोशनी बिखरी थी। गुरुवार को निकाली गई शोभायात्रा में देशभर की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। कलाकारों की टीमों ने विविध रूप धारण कर युवाओं का उत्साह बढ़ाया, तो शहर में जगह-जगह लगी आकर्षक व आधुनिक लाइट के बीच डीजे पर गूंज रहे भक्ति गीतों पर शहरवासी थिरकते रहे। युवतियों व महिलाओं के साथ युवाओं की टोली हाथों में ध्वज लिए जय श्रीराम का जय घोष कर रही थी।

शोभायात्रा का आयोजन हिंदू क्रांति सेना, बजरंग दल, विहिप व सर्व हिंदू समाज के नेतृत्व में नगर में दो दिशाओं से किया गया। पहली शोभायात्रा सीतामढ़ी रामजानकी मंदिर से और दूसरी कोसाबाड़ी हनुमान मंदिर से शुरू हुई। दोनों ही शोभायात्रा टीपी नगर पर आकर समाप्त हुई। दोपहर 3 बजे निकलने वाली शोभायात्रा शाम 6 बजे के बाद निकलनी शुरू हुई। इसके पहले ही लोगों की भीड़ पूरे शहर में उमड़ रही थी। दोनों ही दिशाओं की शोभायात्रा में प्रदेश समेत, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, बंगाल, ओडिशा समेत 13 राज्यों के लोक कलाकारों की टीम शामिल रही।
शोभायात्रा में शामिल कलाकारों की जीवंत झांकियों का सीतामढ़ी से लेकर कोसाबाड़ी तक स्वागत किया गया। जगह-जगह युवाओं का उत्साह बढ़ाने सेवा स्टॉल लगाए गए थे। कहीं ठंडा पानी, तो कहीं शरबत, कहीं खाने का सामान बांटा जा रहा था। शोभायात्रा के दौरान झांकियों का विशेष प्रदर्शन सुभाष चौक निहारिका, घंटाघर सहित अन्य जगह स्वागत हुआ।

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