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एक्टर धर्मेंद्र अस्पताल से डिस्चार्ज:डॉक्टर बोले- परिवार घर पर इलाज चाहता है, सांस की दिक्कत के कारण 2 दिन पहले भर्ती हुए थे

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मुंबई, एजेंसी। एक्टर धर्मेंद्र को बुधवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उनके परिवार ने फैसला किया है कि अब उनका इलाज घर पर ही किया जाएगा। यह जानकारी उनके डॉक्टर ने दी।

मीडिया से बात करते हुए डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि धर्मेंद्र पिछले कई हफ्तों से कभी अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, तो कभी घर लौट रहे थे। उन्हें सुबह करीब 7:30 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।

डॉ. प्रतीत समदानी आंतरिक रोगों और गंभीर मरीजों की देखभाल (क्रिटिकल केयर) के विशेषज्ञ हैं।

डॉ. प्रतीत समदानी आंतरिक रोगों और गंभीर मरीजों की देखभाल (क्रिटिकल केयर) के विशेषज्ञ हैं।

ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज हुए धर्मेंद्र।

ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज हुए धर्मेंद्र।

डिस्चार्ज के बाद परिवार ने प्राइवेसी की अपील की

वहीं, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद परिवार ने प्राइवेसी की अपील करते हुए आधिकारिक बयान में कहा,

धर्मेंद्र जी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और अब वे घर पर आराम करेंगे। हम मीडिया और लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और इस समय उनकी तथा परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। हम सभी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने धर्मेंद्र जी की अच्छी हेल्थ और लंबी उम्र के लिए दुआ की। कृपया उनका सम्मान करें क्योंकि वे आप सभी से बहुत प्यार करते हैं।

धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद जुहू में उनके घर वाली गली पुलिस ने बंद कर दी है, ताकि भीड़ जमा न हो सके।

डायरेक्टर गुड्डू धनोआ धर्मेंद्र के घर पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया धर्मेंद्र अब ठीक हैं।

डायरेक्टर गुड्डू धनोआ धर्मेंद्र के घर पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया धर्मेंद्र अब ठीक हैं।

प्रोड्यूसर असित मोदी, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद उनके घर उनसे मिलने पहुंचे।

प्रोड्यूसर असित मोदी, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद उनके घर उनसे मिलने पहुंचे।

धर्मेंद्र की सलामती की दुआ मांगते हुए एक फैन ने पोस्टर पर 'गेट वेल सून' लिखा।

धर्मेंद्र की सलामती की दुआ मांगते हुए एक फैन ने पोस्टर पर ‘गेट वेल सून’ लिखा।

धर्मेंद्र 10 नवंबर को तबीयत बिगड़ने के बाद से ही मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

सनी देओल की टीम ने मंगलवार को बताया था कि धर्मेंद्र की सेहत में सुधार आ रहा है। उनकी अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए दुआ करिए।

परिवार ने निधन की फर्जी खबरों पर नाराजगी जताई थी

इससे पहले 11 नवंबर की सुबह मीडिया में एक्टर की निधन की फर्जी खबर आई थी, जिसके बाद उनकी बेटी ईशा देओल और पत्नी हेमा मालिनी ने नाराजगी जताई थी।

ईशा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था-

मीडिया पूरी तरह गलत खबरें फैला रहा है। पापा की हालत स्थिर है और वे रिकवर कर रहे हैं। हम सभी से निवेदन करते हैं कि हमारे परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। पापा की जल्दी सेहतमंदी के लिए दुआ करने के लिए धन्यवाद।

हेमा मालिनी ने भी निधन की खबरें सामने आने के बाद नाराजगी जताते हुए लिखा था-

जो हो रहा है, वह माफ करने लायक नहीं है। जिम्मेदार चैनल किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में झूठी खबरें कैसे फैला सकते हैं जो इलाज का जवाब दे रहा है और ठीक हो रहा है? यह बेहद असम्मानजनक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। कृपया परिवार और उनकी निजता की आवश्यकता का सम्मान करें।

हेमा मालिनी ने 9 बजकर 40 मिनट पर धर्मेंद्र के निधन की खबरों पर नाराजगी जताई है।

हेमा मालिनी ने 9 बजकर 40 मिनट पर धर्मेंद्र के निधन की खबरों पर नाराजगी जताई है।

मंगलवार सुबह धर्मेंद्र के निधन की खबर मीडिया में आई थी। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर शोक जताया। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी पोस्ट हटा ली थी।

ये पोस्ट डिलीट हो चुकी है।

ये पोस्ट डिलीट हो चुकी है।

जावेद अख्तर ने भी धर्मेंद्र के निधन की खबर मिलने के बाद शोक व्यक्त किया।

जावेद अख्तर ने भी धर्मेंद्र के निधन की खबर मिलने के बाद शोक व्यक्त किया।

अस्पताल में धर्मेंद्र से मिलने पहुंचे थे परिवार के सदस्य

मंगलवार की रात सनी देओल और बॉबी देओल दोनों पिता से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। बॉबी अस्पताल से बाहर बेहद भावुक दिखे थे।

पिता से मिलने के बाद घर जाते बॉबी देओल।

पिता से मिलने के बाद घर जाते बॉबी देओल।

अस्पताल से बाहर निकलते सनी देओल।

अस्पताल से बाहर निकलते सनी देओल।

देर शाम बेटी ईशा और भतीजे अभय देओल के साथ अस्पताल से बाहर जातीं हेमा मालिनी।

देर शाम बेटी ईशा और भतीजे अभय देओल के साथ अस्पताल से बाहर जातीं हेमा मालिनी।

बॉबी देओल अल्फा की शूटिंग बीच में छोड़ सोमवार देर रात ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे।

बॉबी देओल अल्फा की शूटिंग बीच में छोड़ सोमवार देर रात ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे।

सनी देओल सोमवार को बेहद भावुक दिखे थे।

सनी देओल सोमवार को बेहद भावुक दिखे थे।

सोमवार को सनी देओल के दोनों बेटे करण और राजवीर हॉस्पिटल पहुंचे थे।

सोमवार को सनी देओल के दोनों बेटे करण और राजवीर हॉस्पिटल पहुंचे थे।

धर्मेंद्र को देखने कई सेलेब्स ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे-

आमिर खान गर्लफ्रेंड गौरी के साथ मंगलवार को धर्मेंद्र को देखने अस्पताल पहुंचे थे।

आमिर खान गर्लफ्रेंड गौरी के साथ मंगलवार को धर्मेंद्र को देखने अस्पताल पहुंचे थे।

सलमान खान सोमवार को ही ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।

सलमान खान सोमवार को ही ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।

शाहरुख खान भी बेटे आर्यन के साथ धर्मेंद्र का हाल जानने ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।

शाहरुख खान भी बेटे आर्यन के साथ धर्मेंद्र का हाल जानने ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।

गोविंदा भी सोमवार रात हॉस्पिटल पहुंचे थे।

गोविंदा भी सोमवार रात हॉस्पिटल पहुंचे थे।

अस्पताल से निकलते समय अमीषा पटेल भावुक नजर आईं।

अस्पताल से निकलते समय अमीषा पटेल भावुक नजर आईं।

31 अक्टूबर को भी हुए थे अस्पताल में भर्ती

धर्मेंद्र को 31 अक्टूबर को भी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रिपोर्टर विक्की ललवानी ने अपनी पोस्ट में बताया था कि सांस लेने में तकलीफ होने के चलते धर्मेंद्र को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। उन्हें ICU में रखा गया था। उनके सारे शरीर के पैरामीटर ठीक होने पर उन्हें कुछ ही घंटों में डिस्चार्ज कर दिया गया था।

इसी साल की शुरुआत में धर्मेंद्र की कॉर्निया ट्रांसप्लांट सर्जरी हुई थी। उनकी बाईं आंख की पारदर्शी परत यानी कॉर्निया डैमेज हो गई थी, जिसके बाद उनका कॉर्निया ट्रांसप्लांट (केराटोप्लास्टी) किया गया था।

धर्मेंद्र को साल 2015-2020 के बीच कई बार पीठ दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और कमजोरी की शिकायत हुई थी। उन्हें पीठ दर्द और थकान की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।

जल्द रिलीज होगी धर्मेंद्र की फिल्म

धर्मेंद्र फिल्म इक्कीस में नजर आएंगे। ये फिल्म भारत-पाकिस्तान के बीच हुई जंग के यंग सोल्जर अरुण खेत्रपाल की कहानी है। अमिताभ बच्चन के नातिन अगस्त्य नंदा ने फिल्म में अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई है, जबकि धर्मेंद्र उनके पिता एम.एल.खेत्रपाल के रोल में हैं।

एक नजर धर्मेंद्र के फिल्मी सफर पर-

धर्मेंद्र की कहानी शुरू होती है 1935 से…

ब्रिटिश इंडिया में पंजाब के गांव सहनेवाल के हेडमास्टर केवल किशन देओल के घर 8 दिसंबर 1935 को धर्मेंद्र का जन्म हुआ। जिन्हें नाम दिया गया था धरम केवल किशन। पंजाबी जट परिवार में धर्मेंद्र का बचपन सहनेवाल में ही बीता। जिस गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उनके पिता हैडमास्टर थे, वहीं से धर्मेंद्र ने पढ़ाई की। धर्मेंद्र जब दसवीं में थे तब उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म ‘शहीद’ देखी। उन्हें फिल्म इस कदर पसंद आई कि उन्होंने खुद भी हीरो बनने का फैसला कर लिया।

धर्मेंद्र करीब 19 साल के ही थे, जब 1954 में उनके पिता ने उनकी शादी प्रकाश कौर से करवा दी। इसी समय एक दिन अखबार में फिल्मफेयर मैगजीन एक टेलेंट हंट कॉम्पिटिशन का इश्तिहार पढ़ा। इसमें जीतने वाले को फिल्मों में काम मिलने वाला था। नई-नई शादी हुई थी, तो उनके लिए पत्नी को छोड़कर मुंबई जाना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने घरवालों को मना ही लिया।

पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ धर्मेंद्र। इस शादी से उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हैं।

पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ धर्मेंद्र। इस शादी से उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हैं।

धर्मेंद्र चंद रुपए लेकर बॉम्बे (अब मुंबई) पहुंचे और देशभर से आए युवाओं को मात देकर कॉम्पिटिशन जीत गए। शर्त के अनुसार विजेता धर्मेंद्र को फिल्म दी जाने वाली थी, लेकिन उनके साथ कोई फिल्म नहीं बनाई गई। हीरो बनने के लिए धर्मेंद्र बॉम्बे में ही रुके और गुजारे के लिए नौकरी ढूंढ ली। उन्होंने एक ड्रिलिंग फर्म में नौकरी की जहां उनकी तनख्वाह थी 200 रुपए। नौकरी के साथ-साथ वो कई प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काटा करते थे।

मामूली तनख्वाह से कभी भरपेट खाना मिल जाता था, तो कभी खाली पेट ही सो जाया करते थे। ऐसे ही एक रोज धर्मेंद्र काम से लौटे तो भूख से बेहोशी आने लगी। न घर में खाना था, न पैसे। भूख से तड़पते हुए धर्मेंद्र की नजर टेबल पर पड़े इसबगोल के पैकेट पर पड़ गई। उन्हें कुछ नहीं सूझा और उन्होंने पूरा पैकेट एक ग्लास पानी में घोलकर गटक लिया। चंद मिनटों के लिए भूख तो शांत हुई, लेकिन उसके बाद इसबगोल ने अपना काम शुरू कर दिया। आम तौर पर इसबगोल को कब्ज मिटाने या पाचन के लिए इस्तेमाल किया जाता था। धर्मेंद्र के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और उन्हें दस्त लग गए। कुछ घंटों के इंतजार के बाद उनके साथ रहने वाले रूम पार्टनर ने गंभीरता से समझते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जब डॉक्टर को पूरा हाल बताया तो डॉक्टर ने हंसते हुए कहा, इन्हें दवा की नहीं खाने की जरूरत है।

इसी तंगी के दौर में मशक्कत करते हुए उन्हें अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे मिल गई। इस फिल्म के लिए उन्हें मात्र 51 रुपए मिले थे। वो अर्जुन हिंगोरानी के गैरेज में रहते थे। कुछ समय बाद फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई। शूटिंग चल ही रही थी कि धर्मेंद्र को पीलिया हो गया। वजन घट गया और जब रिकवरी के बाद दोबारा शूटिंग शुरू हुई तो उनका चेहरा मुरझा चुका था। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र ने बताया कि जब वो फिल्म के प्रीमियर में पहुंचे तो खुद की शक्ल नहीं पहचान पा रहे थे। अपने लुक से निराश होकर वो फिल्म आधी भी नहीं देख सके और थिएटर छोड़कर निकल गए। उन्हें लगा कि उन्हें कोई पसंद नहीं करेगा, लेकिन हुआ इसका उल्टा।

1960 में रिलीज हुई फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरा जबरदस्त हिट रही और पहली ही फिल्म से धर्मेंद्र को देशभर में पहचान मिल गई। पॉपुलैरिटी मिलते ही धर्मेंद्र को सूरत और सीरत (1962), अनपढ़ (1962), बंदिनी (1963), आई मिलन की बेला (1964), बहारें फिर आएंगी (1966), दिल ने फिर याद किया (1966), दुल्हन एक रात की (1967) जैसी कई हिट फिल्में मिलने लगीं। इन फिल्मों की बदौलत उन्हें 60 के दशक में रोमांटिक हीरो का दर्जा मिला।

फिल्म इंडस्ट्री में तो धर्मेंद्र नाम का हीरो पहचान बना चुका था, लेकिन उन्हें स्टार का दर्जा मिलना अभी बाकी था। ये काम किया मीना कुमारी ने। साल 1964 की फिल्म ‘मैं भी लड़की हूं’ में साथ नजर आए। पहली फिल्म से ही मीना कुमारी धर्मेंद्र को पसंद करने लगीं। उस समय मीना और उनके पति कमाल अमरोही के रिश्ते में दरार आ चुकी थी। मीना कुमारी अपने प्रोड्यूसर्स के सामने शर्त रख दिया करती थीं कि वो तब ही फिल्म की हीरोइन बनेंगी, जब धर्मेंद्र फिल्म के हीरो रहेंगे।

मीना कुमारी जैसी बड़ी एक्ट्रेस को कास्ट करने के लिए फिल्ममेकर्स उनकी हर शर्त मान लेते थे। धर्मेंद्र और मीना कुमारी फिल्म पूर्णिमा, काजल, मंझली दीदी, बहारों की मंजिल और फूल और पत्थर में साथ दिखे और धर्मेंद्र को स्टार का दर्जा मिल गया।

जिन दिलीप कुमार को देखकर हीरो बने, वो धर्मेंद्र जैसा बनना चाहते थे

1997 में 42वें फिल्मफेयर अवॉर्ड सेरेमनी में धर्मेंद्र को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया था। यह अवॉर्ड दिलीप कुमार ने खुद धर्मेंद्र को दिया और कहा- जब मैंने पहली बार धरम (धर्मेंद्र) को देखा, तो देखते ही मेरे दिल में उमंग पैदा हुई, अल्लाह मुझे ऐसा ही बनाया होता तो क्या जाता?

धर्मेंद्र को जब दिलीप कुमार ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया तो वे काफी भावुक हो गए थे।

धर्मेंद्र को जब दिलीप कुमार ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया तो वे काफी भावुक हो गए थे।

देव आनंद भी चाहते थे धर्मेंद्र जैसी शक्ल

पहली बार जब देव आनंद ने धर्मेंद्र को देखा था, तो वे बोले थे कि हे भगवान तुमने ये शक्ल मुझे क्यों नहीं दी। इस बात का खुलासा डायरेक्टर अशोक त्यागी ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान किया। अशोक त्यागी ने कहा- ‘जब धरम जी मुंबई फिल्मफेयर कॉन्टेस्ट में भाग लेने आए थे, उस समय कॉन्टेस्ट में जितने लोग भाग लेने आए सभी कंटेस्टेंट्स को शूटिंग दिखाने के लिए ले जाया गया। उस समय देव साहब की फिल्म की शूटिंग चल रही थी।

देव साहब ने अशोक त्यागी को बताया था कि धर्मेंद्र को दूर भीड़ में खड़े देखकर बोले थे कि हे भगवान तुमने मुझे ये शक्ल क्यों नहीं दी। इतना ही नहीं, देव साहब दूर खड़े धर्मेंद्र की पर्सनैलिटी से इस कदर प्रभावित हुए कि उनको बुलाकर अपना लंच भी शेयर किया था।

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नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

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काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में आई बाढ़ के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं।

अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 4894 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 587 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों, टूटे रास्तों और भारी मलबे के कारण बचाव अभियान में कई मुश्किलें आ रही हैं।

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 1,356 लोगों की मौत हुई है। वहीं तिब्बत में 43 लोगों की मौत हुई है और 519 लापता हैं।

नेपाल रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी तस्वीर

चिलिमे सुरंग में बचाव कार्य जारी है। यहां कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। तस्वीर सोमवार की है।

चिलिमे सुरंग में बचाव कार्य जारी है। यहां कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। तस्वीर सोमवार की है।

चिलिमे टनल में नेपाल की टीम के साथ भारत की रेस्क्यू टीम भी ऑपरेशन में लगी है।

चिलिमे टनल में नेपाल की टीम के साथ भारत की रेस्क्यू टीम भी ऑपरेशन में लगी है।

बाढ़ और भूस्खलन के बाद नेपाल के बागमती में मशीनरी से कीचड़ हटाया जा रहा है।

बाढ़ और भूस्खलन के बाद नेपाल के बागमती में मशीनरी से कीचड़ हटाया जा रहा है।

5 हजार लापता लोगों की रेस्क्यू की उम्मीदें कम

नेपाल हादसे को 14 दिन हो गए हैं। अभी भी लगभग 5 हजार लोग लापता हैं। जैसे ही दिन बढ़ रहे हैं, उनके रेस्क्यू की उम्मीदें भी खत्म होती जा रही है।

नेपाल ने दुनिया से जरूरी उपकरण और सामान मांगे

नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जरूरी उपकरण और सामान मांगे हैं।

नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने खास तौर पर ऐसे उपकरण मांगे हैं, जिनकी मदद से बाढ़, भूस्खलन, कीचड़ और बंद या क्षतिग्रस्त सुरंगों जैसी मुश्किल जगहों पर बचाव अभियान चलाया जा सके।

नेपाल में मौत का आंकड़ा 1357 हुआ

नेपाल में मंगलवार दोपहर 1 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1357 हो गई है। इनमें से 102 शवों को परिजनों को सौंपे जा चुके हैं।

चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में 6 लोग फंसे

नेपाल के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में 6 लोग फंसे हैं। इन्हें बचाने के लिए भारतीय सेना की 35 सदस्यीय टीम, नेपाल सेना और अन्य रेस्क्यू टीमें अभियान चला रही हैं।

करीब 250 मीटर लंबी टनल में टीम 130 मीटर तक पहुंच चुकी है। प्रोजेक्ट में मौजूद 71 लोग सुरक्षित निकल चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने में अभी 3-4 दिन लग सकते हैं।

नेपाल ने 2 करोड़ डॉलर का मुआवजा मांगा

नेपाल ने बाढ़ से हुए नुकसान के लिए 2 करोड़ डॉलर (लगभग 189 करोड़ रुपए) का मुआवजा मांगा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को दिए इंटरव्यू में कहा कि, जिन देशों के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से जलवायु परिवर्तन बढ़ रहा है, उन्हें अब मदद के लिए आगे आना चाहिए।

नेपाल का कहना है कि वह दुनिया के कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 0.1% से भी कम योगदान करता है। इसके बावजूद जलवायु परिवर्तन का असर उस पर काफी ज्यादा पड़ रहा है। यहां तापमान दुनिया के औसत तापमान से करीब 50% ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 साल में नेपाल के पहाड़ों ने करीब एक-तिहाई बर्फ खो दी है।

लापता भारतीयों के परिजनों से DNA सैंपल मांगे गए

तिब्बत-नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद कुछ भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने इन लापता लोगों के परिवारों से DNA सैंपल जमा करने को कहा है, ताकि चीनी अधिकारी बरामद शवों की पहचान कर सकें।

7 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

  • लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट – सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
  • चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (22 MW) – नेपाली और भारतीय सेना की टीम करीब 115 मीटर अंदर सुरंग में पहुंची।
  • अपर त्रिशूली-1 (216 MW) – सुरंग में करीब 400 मीटर अंदर तक तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
  • मेलुंग खोला (5 MW) – करीब 1 किमी के दायरे में ड्रोन से तलाशी ली गई।
  • त्रिशूली-3A (60 MW) – सुरंग और पावर हाउस में तलाश जारी।
  • त्रिशूली-3B (37 MW) – ड्रोन और थर्मल कैमरों से ऑफिस और आवासीय परिसर के आसपास तलाशी जारी है।

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राहुल गांधी बोले- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार MP में:कहा- दवा जहरीली, पानी जहरीला, शराब जहरीली, सागर में 22 मौतें, 120 लोग अस्पताल में

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सागर, एजेंसी। राहुल गांधी ने सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद X पर लिखा- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं। दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन अगले हादसे तक उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है।

उन्होंने लिखा- जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा। कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है।

सागर के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक करीब 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 120 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।

एसडीएम-एसडीओपी को हटाया, 30 के खिलाफ FIR

मामले में बंडा के एसडीएम आरती यादव और एसडीओपी प्रदीप बाल्मीकि को हटा दिया गया है।

मामले की जांच में बंबइया व्हिस्की और सागर गोल्ड नाम के दो ब्रांड सामने आए हैं। दोनों ब्रांड को लेकर दर्ज अलग-अलग एफआईआर में दो लाइसेंसी ठेकेदारों समेत 30 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

बंडा थाने की FIR में लाइसेंसी ठेकेदार यशवंत सिंह ठाकुर के खिलाफ बंबइया व्हिस्की को लेकर मामला दर्ज हुआ है, जबकि विनायका थाने की एफआईआर में लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के खिलाफ सागर गोल्ड को लेकर मामला दर्ज किया गया है।

यह शराब गांव-गांव में किराना दुकानों से लेकर ढाबों और लाइसेंसी ठेकों तक बिकने के दावे सामने आए हैं। भर्ती मरीजों ने भी इन्हीं दो ब्रांड की शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही है। पुलिस अब शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

बंडा थाने में पहली FIR की कहानी…

बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचने का काम करते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ गांव में जुझार लोधी की दुकान पर गया था।

जुझार लोधी ने बताया कि एक नया सस्ता ब्रांड बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और आशीष साहू निवासी बंडा के द्वारा आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से लाया गया है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए कम कीमत में मिलेगी।

अनूप सिंह ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीना है। इस पर राजेंद्र ने पूछा कि कहीं यह नकली या जहरीली शराब तो नहीं है। जुझार लोधी ने कथित तौर पर कहा कि ब्रांड वही है और उसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी।

इसके बाद राजेंद्र ने जुझार की दुकान से एक क्वार्टर देशी शराब बंबइया 70 रुपए में खरीदी और पी। रात में राजेंद्र अपने घर चला गया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सागर में राजेंद्र की मौत हो गई। इसके अलावा करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत होने की बात एफआईआर में दर्ज है।

पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की FIR

मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

वहीं, विनायका थाना पुलिस ने लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह, मानसिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।

पुलिस द्वारा मामले में FIR कर ली गई है। शवों को गांव भेजा जा रहा है।

पुलिस द्वारा मामले में FIR कर ली गई है। शवों को गांव भेजा जा रहा है।

विनायका थाने में दर्ज दूसरी FIR की कहानी…

विनायका थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी सुरेंद्र पिता गजराज लोधी निवासी पाटन ने शिकायत में बताया कि उसके गांव पाटन में राम सिंह, अरविंद, भगवान सिंह, देवी सिंह लोधी और मान सिंह चोरी-छिपे अवैध रूप से शराब बेचते हैं।

5 सितंबर की शाम को राम सिंह लोधी के पास से उसका भांजा रोशन पिता जगन्नाथ शराब पीकर वापस आया। घर पर उसे उल्टियां होने लगीं। सुरेंद्र ने उससे पूछा तो रोशन ने बताया कि वह गांव में राम सिंह के यहां शराब पीने गया था।

रोशन के अनुसार, राम सिंह ने बताया कि उसके पास नई शराब सस्ती आई है। इसे चंदू और चंद्रभान सिंह राजपूत तथा शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के द्वारा निर्मित कराया गया है। गद्दीदार रोहित शिवहरे, कर्मचारी राघवेंद्र सिंह, धर्मेंद्र राजपूत और सोहन सिंह के माध्यम से राम सिंह लोधी और अन्य जगहों पर इसे भेजा जाता है, जिससे शराब की कीमत कम होकर 60 रुपए में बेची जा रही है।

रोशन ने राम सिंह से पूछा कि नकली या जहरीली शराब तो नहीं है। इस पर राम सिंह ने कथित तौर पर कहा कि ब्रांड वही है और इसे शराब के फार्मूले से बनाया गया है, इसलिए बाजार से 30 रुपए सस्ता मिलेगा।

इसके बाद रोशन ने राम सिंह की दुकान से एक क्वार्टर देशी शराब सागर गोल्ड 60 रुपए में खरीदी और पी। रात में वह घर चला गया। घर आते ही उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने लगी। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रोशन की मौत हो गई।

ततरवारा सरपंच समेत 10 को बनाया आरोपी

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

सागर मेें इस तरह की बोतल मिली थीं।

सागर मेें इस तरह की बोतल मिली थीं।

बरेठी का ठेका चला रहे थे मनीष और आशीष

शराब कांड के बाद पुलिस ने शराब कारोबार से जुड़े आरोपियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बरेठी में स्थित शराब का ठेका आरोपी मनीष लोधी और आशीष साहू संचालित करते थे। कुछ मृतकों ने बरेठी और गूगरा खुर्द ठेके से भी शराब लेने का दावा किया है। हालांकि, प्रशासन इन बिंदुओं पर भी जांच कर रहा है।

सात शराब दुकानें सील, सैंपलिंग कराई

मामले को लेकर प्रशासन ने प्रथम दृष्टया एहतियातन बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की शराब दुकानें सील कर दी हैं। दुकानों में मौजूद शराब की सैंपलिंग भी कराई गई है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

संदिग्ध अवैध शराब मामले की एसडीएम करेंगे मजिस्ट्रियल जांच

सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रतिभा पाल ने सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।

विगत दिनों सागर जिले के शाहगढ़ तहसील के ग्राम नौराज, गूगरा खुर्द तथा बंडा तहसील के ग्राम बमूरा आदि में 4 और 5 सितंबर की दरम्यानी रात संदिग्ध अमानक और अवैध शराब के सेवन के बाद ग्रामीणों के बीमार होने तथा कुछ मरीजों की मृत्यु की घटना को लेकर कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

प्रभावित ग्रामीणों ने उल्टी, बेहोशी और शरीर में झटके जैसे लक्षणों की शिकायत के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंडा पहुंचकर उपचार कराया था। चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया, लेकिन उपचार के दौरान कुछ मरीजों की मृत्यु हो गई।

गिरफ्तार आरोपियों को ले जाती हुई सागर पुलिस।

गिरफ्तार आरोपियों को ले जाती हुई सागर पुलिस।

मरीजों की मौत के वास्तविक कारणों की होगी जांच

घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि मृतकों द्वारा शराब का सेवन किया गया था, जिसे अमानक और अवैध बताया गया है। मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी जैसीनगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसका वास्तविक कारण क्या था। इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण अमानक और अवैध शराब का सेवन था या नहीं तथा शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण किस स्तर पर और किसके द्वारा किया गया।

जांच में जिम्मेदारों की जवाबदेही होगी तय

जांच में यह भी देखा जाएगा कि संबंधित नियामकीय विभागों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई या नहीं। घटना के लिए मुख्य रूप से कौन-कौन से व्यक्ति जिम्मेदार हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कौन से प्रशासनिक एवं कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, इन बिंदुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।

जिला प्रशासन ने जांच अधिकारी को सभी बिंदुओं की जांच कर स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मौतों का आंकड़ा बताने से बच रहा प्रशासन

शराब के मामले में लगातार मौतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन मौतों का आंकड़ा बताने से बच रहा है। अब तक करीब 13 मौतें प्रशासन ने स्वीकार की हैं। लेकिन अन्य मौतों पर अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। एसपी अनुराग सुजानिया और कलेक्टर प्रतिभा पाल को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

पिता-पुत्र की मौत, छोटा बेटा अस्पताल में भर्ती

बंडा के ग्राम बमूरा में एक ही परिवार में शराब का सेवन करने के बाद पिता गोविंद सिंह लोधी ने रविवार को दम तोड़ दिया था। बेटे रामप्रसाद सिंह लोधी को एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान रामप्रसाद की मौत हो गई। छोटा बेटा भूरे लोधी बीएमसी में भर्ती है। घर में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

ललितपुर एएसपी बोले- सागर पुलिस ने भ्रामक जानकारी दी, कोई साक्ष्य हो तो हमें बताएं

बंडा के शराब मामले में उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से शराब आने के सागर पुलिस के दावे को लेकर अब नया विवाद सामने आया है। ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने सागर पुलिस के इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि ललितपुर जिले में इस प्रकार की कोई अवैध शराब बनाए जाने की जानकारी नहीं है।

ललितपुर एएसपी ने कहा कि सागर पुलिस की ओर से मीडिया में यूपी कनेक्शन को लेकर जो जानकारी दी गई है, वह भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सागर पुलिस के पास इस मामले में ललितपुर से अवैध या जहरीली शराब आने से जुड़े कोई तथ्य या साक्ष्य हैं, तो उन्हें ललितपुर पुलिस के साथ साझा किया जाए, ताकि दोनों पुलिस मिलकर कार्रवाई कर सकें।

दमोह में शराब पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ी

दमोह जिले के गणेशपुरम हरदुआ गांव में सोमवार रात ज्यादा शराब पीने के बाद एक युवक भगवान सिंह (25) पिता दामोदर गौंड की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

युवक के चचेरे भाई मूरत सिंह ने बताया कि भाई को सोमवार दोपहर दो लोगों के साथ सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र के बलेह गया था। वहां उसने शराब पी। गांव लौटने के बाद भी उसने शराब पी। शाम को उसके मुंह से झाग निकलने लगा और उल्टियां होने लगीं।

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देश

मुंबई में मोदी के कार्यक्रम से पहले 2 संदिग्ध पकड़ाए:एक ने खुद को PMO अफसर बताया, साथ में हथियारबंद गार्ड था, फर्जी ID कार्ड मिला

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मुंबई, एजेंसी। मुंबई में पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले पुलिस ने 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने दोनों को सोमवार को पकड़ा था। इसकी जानकारी मंगलवार को सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, BKC स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में 24 साल का युवक PMO का अफसर बनकर पहुंचा था। उसके साथ लोडेड रिवाल्वर लिए गार्ड भी था। जांच के दौरान दोनों को पकड़ा गया। मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।

पीएम मोदी शाम को करीब 5.45 बजे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का सातवां संस्करण 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है।

फर्जी ID दिखाकर खुद को PMO अधिकारी बताया

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध युवक की पहचान रोहन पारेख (24) के रूप में हुई है। वह NMACC परिसर में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर घूम रहा था। उसके व्यवहार और गतिविधियों पर सुरक्षा अधिकारियों को संदेह हुआ।

पीएम के कार्यक्रम को देखते हुए इलाके में पहले से ही विशेष सुरक्षा समूह (SPG) और मुंबई पुलिस की कड़ी तैनाती थी। सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस ने रोहन को रोका और उससे पूछताछ की।

पूछताछ में रोहन ने अपनी पहचान साबित करने के लिए PMO का पहचान पत्र दिखाया। पुलिस ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि यह पहचान पत्र फर्जी था।

बॉडीगार्ड के पास मिली लोडेड पिस्टल

रोहन के साथ उसका निजी बॉडीगार्ड भी मौजूद था। तलाशी लेने पर अंगरक्षक के पास से भरी हुई पिस्तौल बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

कल्चरल सेंटर में एंट्री की जांच शुरू

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि फर्जी PMO पहचान पत्र रखने वाला युवक सुरक्षा जांच को पार कर NMACC परिसर तक कैसे पहुंचा।

सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रोहन ने फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कहां-कहां किया और उसे यह कार्ड किसने उपलब्ध कराया था। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के उसके वास्तविक मकसद की भी जांच की जा रही है।

2020 में शुरू हुआ ग्लोबल फिनटेक फेस्ट

2020 से GFF एक अंतरराष्ट्रीय मंच बन गया है। इसमें नीति निर्माता, नियामक, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, फिनटेक और टेक कंपनियों समेत कई वैश्विक विशेषज्ञ वित्त के भविष्य पर चर्चा करते हैं।

GFF 2026 में नीति, नियम, तकनीक, पूंजी और उद्योग से जुड़े लोग एक मंच पर आएंगे। इसका मकसद डिजिटल पेमेंट और वित्तीय समावेशन में भारत की भूमिका मजबूत करना और नई संभावनाओं को जमीनी असर में बदलना है।

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