मुंबई, एजेंसी। एक्टर धर्मेंद्र को बुधवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उनके परिवार ने फैसला किया है कि अब उनका इलाज घर पर ही किया जाएगा। यह जानकारी उनके डॉक्टर ने दी।
मीडिया से बात करते हुए डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि धर्मेंद्र पिछले कई हफ्तों से कभी अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, तो कभी घर लौट रहे थे। उन्हें सुबह करीब 7:30 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
डॉ. प्रतीत समदानी आंतरिक रोगों और गंभीर मरीजों की देखभाल (क्रिटिकल केयर) के विशेषज्ञ हैं।
ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज हुए धर्मेंद्र।
डिस्चार्ज के बाद परिवार ने प्राइवेसी की अपील की
वहीं, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद परिवार ने प्राइवेसी की अपील करते हुए आधिकारिक बयान में कहा,
धर्मेंद्र जी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और अब वे घर पर आराम करेंगे। हम मीडिया और लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और इस समय उनकी तथा परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। हम सभी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने धर्मेंद्र जी की अच्छी हेल्थ और लंबी उम्र के लिए दुआ की। कृपया उनका सम्मान करें क्योंकि वे आप सभी से बहुत प्यार करते हैं।
धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद जुहू में उनके घर वाली गली पुलिस ने बंद कर दी है, ताकि भीड़ जमा न हो सके।
डायरेक्टर गुड्डू धनोआ धर्मेंद्र के घर पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया धर्मेंद्र अब ठीक हैं।
प्रोड्यूसर असित मोदी, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद उनके घर उनसे मिलने पहुंचे।
धर्मेंद्र की सलामती की दुआ मांगते हुए एक फैन ने पोस्टर पर ‘गेट वेल सून’ लिखा।
धर्मेंद्र 10 नवंबर को तबीयत बिगड़ने के बाद से ही मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
सनी देओल की टीम ने मंगलवार को बताया था कि धर्मेंद्र की सेहत में सुधार आ रहा है। उनकी अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए दुआ करिए।
परिवार ने निधन की फर्जी खबरों पर नाराजगी जताई थी
इससे पहले 11 नवंबर की सुबह मीडिया में एक्टर की निधन की फर्जी खबर आई थी, जिसके बाद उनकी बेटी ईशा देओल और पत्नी हेमा मालिनी ने नाराजगी जताई थी।
ईशा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था-
मीडिया पूरी तरह गलत खबरें फैला रहा है। पापा की हालत स्थिर है और वे रिकवर कर रहे हैं। हम सभी से निवेदन करते हैं कि हमारे परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। पापा की जल्दी सेहतमंदी के लिए दुआ करने के लिए धन्यवाद।
हेमा मालिनी ने भी निधन की खबरें सामने आने के बाद नाराजगी जताते हुए लिखा था-
जो हो रहा है, वह माफ करने लायक नहीं है। जिम्मेदार चैनल किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में झूठी खबरें कैसे फैला सकते हैं जो इलाज का जवाब दे रहा है और ठीक हो रहा है? यह बेहद असम्मानजनक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। कृपया परिवार और उनकी निजता की आवश्यकता का सम्मान करें।
हेमा मालिनी ने 9 बजकर 40 मिनट पर धर्मेंद्र के निधन की खबरों पर नाराजगी जताई है।
मंगलवार सुबह धर्मेंद्र के निधन की खबर मीडिया में आई थी। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर शोक जताया। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी पोस्ट हटा ली थी।
ये पोस्ट डिलीट हो चुकी है।
जावेद अख्तर ने भी धर्मेंद्र के निधन की खबर मिलने के बाद शोक व्यक्त किया।
अस्पताल में धर्मेंद्र से मिलने पहुंचे थे परिवार के सदस्य
मंगलवार की रात सनी देओल और बॉबी देओल दोनों पिता से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। बॉबी अस्पताल से बाहर बेहद भावुक दिखे थे।
पिता से मिलने के बाद घर जाते बॉबी देओल।
अस्पताल से बाहर निकलते सनी देओल।
देर शाम बेटी ईशा और भतीजे अभय देओल के साथ अस्पताल से बाहर जातीं हेमा मालिनी।
बॉबी देओल अल्फा की शूटिंग बीच में छोड़ सोमवार देर रात ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे।
सनी देओल सोमवार को बेहद भावुक दिखे थे।
सोमवार को सनी देओल के दोनों बेटे करण और राजवीर हॉस्पिटल पहुंचे थे।
धर्मेंद्र को देखने कई सेलेब्स ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे-
आमिर खान गर्लफ्रेंड गौरी के साथ मंगलवार को धर्मेंद्र को देखने अस्पताल पहुंचे थे।
सलमान खान सोमवार को ही ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।
शाहरुख खान भी बेटे आर्यन के साथ धर्मेंद्र का हाल जानने ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे थे।
गोविंदा भी सोमवार रात हॉस्पिटल पहुंचे थे।
अस्पताल से निकलते समय अमीषा पटेल भावुक नजर आईं।
31 अक्टूबर को भी हुए थे अस्पताल में भर्ती
धर्मेंद्र को 31 अक्टूबर को भी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रिपोर्टर विक्की ललवानी ने अपनी पोस्ट में बताया था कि सांस लेने में तकलीफ होने के चलते धर्मेंद्र को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। उन्हें ICU में रखा गया था। उनके सारे शरीर के पैरामीटर ठीक होने पर उन्हें कुछ ही घंटों में डिस्चार्ज कर दिया गया था।
इसी साल की शुरुआत में धर्मेंद्र की कॉर्निया ट्रांसप्लांट सर्जरी हुई थी। उनकी बाईं आंख की पारदर्शी परत यानी कॉर्निया डैमेज हो गई थी, जिसके बाद उनका कॉर्निया ट्रांसप्लांट (केराटोप्लास्टी) किया गया था।
धर्मेंद्र को साल 2015-2020 के बीच कई बार पीठ दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और कमजोरी की शिकायत हुई थी। उन्हें पीठ दर्द और थकान की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
जल्द रिलीज होगी धर्मेंद्र की फिल्म
धर्मेंद्र फिल्म इक्कीस में नजर आएंगे। ये फिल्म भारत-पाकिस्तान के बीच हुई जंग के यंग सोल्जर अरुण खेत्रपाल की कहानी है। अमिताभ बच्चन के नातिन अगस्त्य नंदा ने फिल्म में अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई है, जबकि धर्मेंद्र उनके पिता एम.एल.खेत्रपाल के रोल में हैं।
एक नजर धर्मेंद्र के फिल्मी सफर पर-
धर्मेंद्र की कहानी शुरू होती है 1935 से…
ब्रिटिश इंडिया में पंजाब के गांव सहनेवाल के हेडमास्टर केवल किशन देओल के घर 8 दिसंबर 1935 को धर्मेंद्र का जन्म हुआ। जिन्हें नाम दिया गया था धरम केवल किशन। पंजाबी जट परिवार में धर्मेंद्र का बचपन सहनेवाल में ही बीता। जिस गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उनके पिता हैडमास्टर थे, वहीं से धर्मेंद्र ने पढ़ाई की। धर्मेंद्र जब दसवीं में थे तब उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म ‘शहीद’ देखी। उन्हें फिल्म इस कदर पसंद आई कि उन्होंने खुद भी हीरो बनने का फैसला कर लिया।
धर्मेंद्र करीब 19 साल के ही थे, जब 1954 में उनके पिता ने उनकी शादी प्रकाश कौर से करवा दी। इसी समय एक दिन अखबार में फिल्मफेयर मैगजीन एक टेलेंट हंट कॉम्पिटिशन का इश्तिहार पढ़ा। इसमें जीतने वाले को फिल्मों में काम मिलने वाला था। नई-नई शादी हुई थी, तो उनके लिए पत्नी को छोड़कर मुंबई जाना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने घरवालों को मना ही लिया।
पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ धर्मेंद्र। इस शादी से उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हैं।
धर्मेंद्र चंद रुपए लेकर बॉम्बे (अब मुंबई) पहुंचे और देशभर से आए युवाओं को मात देकर कॉम्पिटिशन जीत गए। शर्त के अनुसार विजेता धर्मेंद्र को फिल्म दी जाने वाली थी, लेकिन उनके साथ कोई फिल्म नहीं बनाई गई। हीरो बनने के लिए धर्मेंद्र बॉम्बे में ही रुके और गुजारे के लिए नौकरी ढूंढ ली। उन्होंने एक ड्रिलिंग फर्म में नौकरी की जहां उनकी तनख्वाह थी 200 रुपए। नौकरी के साथ-साथ वो कई प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काटा करते थे।
मामूली तनख्वाह से कभी भरपेट खाना मिल जाता था, तो कभी खाली पेट ही सो जाया करते थे। ऐसे ही एक रोज धर्मेंद्र काम से लौटे तो भूख से बेहोशी आने लगी। न घर में खाना था, न पैसे। भूख से तड़पते हुए धर्मेंद्र की नजर टेबल पर पड़े इसबगोल के पैकेट पर पड़ गई। उन्हें कुछ नहीं सूझा और उन्होंने पूरा पैकेट एक ग्लास पानी में घोलकर गटक लिया। चंद मिनटों के लिए भूख तो शांत हुई, लेकिन उसके बाद इसबगोल ने अपना काम शुरू कर दिया। आम तौर पर इसबगोल को कब्ज मिटाने या पाचन के लिए इस्तेमाल किया जाता था। धर्मेंद्र के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और उन्हें दस्त लग गए। कुछ घंटों के इंतजार के बाद उनके साथ रहने वाले रूम पार्टनर ने गंभीरता से समझते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जब डॉक्टर को पूरा हाल बताया तो डॉक्टर ने हंसते हुए कहा, इन्हें दवा की नहीं खाने की जरूरत है।
इसी तंगी के दौर में मशक्कत करते हुए उन्हें अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे मिल गई। इस फिल्म के लिए उन्हें मात्र 51 रुपए मिले थे। वो अर्जुन हिंगोरानी के गैरेज में रहते थे। कुछ समय बाद फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई। शूटिंग चल ही रही थी कि धर्मेंद्र को पीलिया हो गया। वजन घट गया और जब रिकवरी के बाद दोबारा शूटिंग शुरू हुई तो उनका चेहरा मुरझा चुका था। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र ने बताया कि जब वो फिल्म के प्रीमियर में पहुंचे तो खुद की शक्ल नहीं पहचान पा रहे थे। अपने लुक से निराश होकर वो फिल्म आधी भी नहीं देख सके और थिएटर छोड़कर निकल गए। उन्हें लगा कि उन्हें कोई पसंद नहीं करेगा, लेकिन हुआ इसका उल्टा।
1960 में रिलीज हुई फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरा जबरदस्त हिट रही और पहली ही फिल्म से धर्मेंद्र को देशभर में पहचान मिल गई। पॉपुलैरिटी मिलते ही धर्मेंद्र को सूरत और सीरत (1962), अनपढ़ (1962), बंदिनी (1963), आई मिलन की बेला (1964), बहारें फिर आएंगी (1966), दिल ने फिर याद किया (1966), दुल्हन एक रात की (1967) जैसी कई हिट फिल्में मिलने लगीं। इन फिल्मों की बदौलत उन्हें 60 के दशक में रोमांटिक हीरो का दर्जा मिला।
फिल्म इंडस्ट्री में तो धर्मेंद्र नाम का हीरो पहचान बना चुका था, लेकिन उन्हें स्टार का दर्जा मिलना अभी बाकी था। ये काम किया मीना कुमारी ने। साल 1964 की फिल्म ‘मैं भी लड़की हूं’ में साथ नजर आए। पहली फिल्म से ही मीना कुमारी धर्मेंद्र को पसंद करने लगीं। उस समय मीना और उनके पति कमाल अमरोही के रिश्ते में दरार आ चुकी थी। मीना कुमारी अपने प्रोड्यूसर्स के सामने शर्त रख दिया करती थीं कि वो तब ही फिल्म की हीरोइन बनेंगी, जब धर्मेंद्र फिल्म के हीरो रहेंगे।
मीना कुमारी जैसी बड़ी एक्ट्रेस को कास्ट करने के लिए फिल्ममेकर्स उनकी हर शर्त मान लेते थे। धर्मेंद्र और मीना कुमारी फिल्म पूर्णिमा, काजल, मंझली दीदी, बहारों की मंजिल और फूल और पत्थर में साथ दिखे और धर्मेंद्र को स्टार का दर्जा मिल गया।
जिन दिलीप कुमार को देखकर हीरो बने, वो धर्मेंद्र जैसा बनना चाहते थे
1997 में 42वें फिल्मफेयर अवॉर्ड सेरेमनी में धर्मेंद्र को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया था। यह अवॉर्ड दिलीप कुमार ने खुद धर्मेंद्र को दिया और कहा- जब मैंने पहली बार धरम (धर्मेंद्र) को देखा, तो देखते ही मेरे दिल में उमंग पैदा हुई, अल्लाह मुझे ऐसा ही बनाया होता तो क्या जाता?
धर्मेंद्र को जब दिलीप कुमार ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया तो वे काफी भावुक हो गए थे।
देव आनंद भी चाहते थे धर्मेंद्र जैसी शक्ल
पहली बार जब देव आनंद ने धर्मेंद्र को देखा था, तो वे बोले थे कि हे भगवान तुमने ये शक्ल मुझे क्यों नहीं दी। इस बात का खुलासा डायरेक्टर अशोक त्यागी ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान किया। अशोक त्यागी ने कहा- ‘जब धरम जी मुंबई फिल्मफेयर कॉन्टेस्ट में भाग लेने आए थे, उस समय कॉन्टेस्ट में जितने लोग भाग लेने आए सभी कंटेस्टेंट्स को शूटिंग दिखाने के लिए ले जाया गया। उस समय देव साहब की फिल्म की शूटिंग चल रही थी।
देव साहब ने अशोक त्यागी को बताया था कि धर्मेंद्र को दूर भीड़ में खड़े देखकर बोले थे कि हे भगवान तुमने मुझे ये शक्ल क्यों नहीं दी। इतना ही नहीं, देव साहब दूर खड़े धर्मेंद्र की पर्सनैलिटी से इस कदर प्रभावित हुए कि उनको बुलाकर अपना लंच भी शेयर किया था।
नई दिल्ली, एजेंसी। परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024 में संशोधन के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
संशोधित विधेयक को मिली मंजूरी
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संशोधित पेपर लीक विधेयक के मसौदे पर चर्चा की गई और उसे मंजूरी दे दी गई। सरकार अब इस विधेयक को अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।
पेपर लीक माफिया पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।
बता दें कि इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार मजबूत कानूनी व्यवस्था लागू करेगी।
CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक
इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। इस वार्ता को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक से पहले CJP ने मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग की थी, जिसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को वार्ता स्थल बनाया गया।
CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे 25 जुलाई (शनिवार) को ज़िला स्तर पर कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करें। यह आयोजन NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के समर्थन में और विरोध कर रहे छात्रों पर कथित “बर्बर हमलों” की निंदा करने के लिए किया जाएगा। सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों को लिखे एक पत्र में, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशन में आयोजित किए जाने चाहिए।
वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, “माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशानुसार, आपसे अनुरोध है कि आप अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक ज़िला कांग्रेस कमेटी (DCC) को शनिवार शाम, 25 जुलाई, 2026 को एक विशाल कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का निर्देश दें।” पत्र में कहा गया है कि मार्च महात्मा गांधी या डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की ओर बढ़ना चाहिए और वहीं समाप्त होना चाहिए, साथ ही छात्रों और युवाओं के समर्थन में सत्याग्रह आयोजित किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करने का भी निर्देश दिया। पार्टी ने परीक्षा की शुचिता के “पूरी तरह से ध्वस्त होने” और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया, “हमें परीक्षा की शुचिता के पूरी तरह से ध्वस्त होने और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी स्पष्ट रूप से मांग करनी चाहिए।”
पार्टी ने PCC, DCC, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के सदस्यों की भागीदारी का आह्वान किया। PCC अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि मार्च और सत्याग्रह “शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावी ढंग से” आयोजित किए जाएं और उन्हें व्यापक मीडिया और सोशल मीडिया कवरेज मिले।
पत्र में कहा गया, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और डराने-धमकाने, दमन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस की यह घोषणा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई।
CJP बातचीत के लिए तब सहमत हुई जब सरकार ने कथित तौर पर उसकी दो शर्तें मान लीं — कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और हाल ही में परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, CJP प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर अड़ी रही। CJP प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने कहा, “हमें (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।” यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रणालीगत सुधारों के संबंध में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे मसौदा विधेयक पर विचार करेगा जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर, एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को उदयपुर-किलाड़ सड़क पर कडू नाला के पास लैंडस्लाइड हो गई। इसकी चपेट में टाटा सूमो टैक्सी आ गई। गाड़ी में 15 लोग सवार थे, 13 की मौत हो गई।
उधर गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं।
नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अहमदाबाद, सूरत में पानी भर गया। वाव-थराद जिले में बाजार डूब गए।
यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में पानी सड़क पर भर गया। ग्रामीण नाव से आ-जा रहे हैं।
वहीं, राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।