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कोरबा जिले में एलपीजी गैस और पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता, आपूर्ति पूरी तरह सुचारू’

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एक दिन में गैस डिलीवरीः सुभाष चंद्र अग्रवाल को मिली त्वरित सेवा

अफवाहों पर ध्यान न दें, व्यवस्था पूरी तरह सामान्य
कोरबा। जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर एवं पेट्रोल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य और सुचारू बनी हुई है। शासन के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी वितरण केंद्रों और पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से आपूर्ति की स्थिति पर सतत नजर रखी जा रही है। आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखा गया है, जिससे सभी उपभोक्ताओं को समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकें।
इसी व्यवस्था की सफलता का एक स्पष्ट और प्रेरक उदाहरण कोरबा जिले के शहरी क्षेत्र इंद्राविहार कॉलोनी के निवासी सुभाष चंद्र अग्रवाल हैं। उन्होंने बीते दिन घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग की थी और आज ही उन्हें बिना किसी परेशानी के समय पर सिलेंडर प्राप्त हो गया। उनका यह अनुभव दर्शाता है कि जिले में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू और प्रभावी ढंग से संचालित हो रही है।

श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभ में उन्हें भी गैस उपलब्धता को लेकर कुछ भ्रम था, लेकिन जब उन्होंने स्वयं जाकर सिलेंडर प्राप्त किया, तब यह स्पष्ट हो गया कि जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और वितरण व्यवस्था व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में गैस वितरण प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और निर्बाध है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।
अंत में उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें। जिले में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित है और सभी उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्टॉक की हो रही मॉनीटरिंग : खाद्य अधिकारी
खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर ने बताया कि सभी वितरकों के स्टॉक की मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रतिदिन पूर्व की भांति नया स्टॉक नियमित रूप से आ रहा है ।
शहर की प्रमुख गैस एजेंसियों सारांश गैस, कोरबा गैस एजेंसी और पवन गैस एजेंसी, की आपूर्ति स्थिति, दैनिक वितरण क्षमता और लंबित बुकिंग की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। प्रशासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को समयबद्ध रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है।
सारांश गैस के पास वर्तमान में सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। जनवरी-फरवरी में औसत 450 सिलेंडर प्रतिदिन वितरण किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 480 सिलेंडर प्रतिदिन कर दिया गया है।
कोरबा गैस एजेंसी में  सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। पूर्व में प्रतिदिन औसत वितरण 630 सिलेंडर था, जिसे बढ़ाकर 650 सिलेंडर प्रतिदिन किया गया है। पवन गैस एजेंसी में सिलेंडरों का वर्तमान स्टॉक है। एजेंसी ने अपनी वितरण क्षमता को 300 से बढ़ाकर 370 सिलेंडर प्रतिदिन कर दिया है। प्रशासन ने सभी एजेंसियों को निर्देशित किया है कि स्टॉक उपलब्धता और दैनिक वितरण क्षमता में संतुलन स्थापित करते हुए उपभोक्ताओं तक समय पर रसोई गैस पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लंबित बुकिंग के त्वरित निपटान के लिए संसाधनों और परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है।

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कोरबा में रंगमंच के पुनर्जागरण का शंखनादः 21 मार्च को होगा सुप्रसिद्ध नाटक “मैं अनिकेत हूँ” का भव्य मंचन

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रोटरी क्लब कोरबा & महाराष्ट्र मंडल कोरबा

“मैं अनिकेत हूँ”

कोरबा। औद्‌योगिक नगरी कोरबा, जो कभी रंगमंच की गतिविधियों का गढ़ माना जाता था, एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए तैयार है। रोटरी क्लब कोरबा और महाराष्ट्र मंडल कोरबा के संयुक्त तत्वाधान में आगामी 21 मार्च 2026 (शनिवार) को प्रदेश का प्रसिद्ध हिंदी नाटक “मैं अनिकेत हूँ का मंचन राजीव गांधी ऑडिटोरियम (इंदिरा गांधी स्टेडियम) में शाम 7:00 बजे किया जाएगा।

सांस्कृतिक पुनरुत्थान और युवाओं को प्रोत्साहन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों जैसे दुर्ग-भिलाई, रायपुर और बिलासपुर में रंगमंच की गतिविधियां निरंतर फल-फूल रही हैं। इंदिरा कला संगीत विश्ववि‌द्यालय खैरागढ़ से युवा इस विधा में डिग्रियां प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन कोरबा में पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में एक रिक्तता महसूस की जा रही थी। पूर्व में विद्युत मंडल, बालको और कॉलरी कॉलोनियों में नाटकों का शानदार माहौल रहता था। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इसी माहौल को वापस लाना और युवाओं को रंगमंच में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।

अद्वितीय अनुभव और कुशल निर्देशन – महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन सुप्रसिद्ध दिग्दर्शक शशि वरवंडकर ने किया है। आयोजकों का विश्वास है कि यह मंचन कोरबा के सांस्कृतिक इतिहास में एक मील का पत्थर’ साबित होगा। इसकी भव्यता और कलाकारों का जीवंत अभिनय दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगा। यह मात्र एक नाटक नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव होगा जिसे आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा।

कला के माध्यम से सेवा- शिक्षा के लिए समर्पित आय इस आयोजन का सबसे प्रेरक और गरिमामयी पहलू इसका सामाजिक उद्देश्य है। रोटरी क्लब और महाराष्ट्र मंडल ने निर्णय लिया है कि इस चैरिटी शो से प्राप्त होने वाली संपूर्ण धनराशि मेधावी एवं निर्धन छात्रों के अध्ययन और उच्च शिक्षा पर खर्च की जाएगी। नगर के दानदाताओं और कला प्रेमियों का इसे भरपूर सहयोग मिल रहा है।

आयोजन समिति की सक्रियता – इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक सशक्त टीम जुटी हुई है। इसमें रोटरी क्लब से रोटे. पारस जैन (प्रोजेक्ट चेयरमैन), रोटे. नितिन चतुर्वेदी (अध्यक्ष), रोटे. संतोष जैन (सचिव) और महाराष्ट्र मंडल की ओर से सुधीर रेगे, हेमंत माहलीकर, प्रवीण जाखड़ी, आलोक दिवाटे, राजेंद्र पागे एवं श्रीमती स्नेहल ओत्तलवार पूरी निष्ठा से प्रयासरत हैं।

कोरबावासियों से अपील- आयोजन समिति ने समस्त कोरबावासियों, कला प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि वे शनिवार, 21 मार्च को शाम 7:00 बजे राजीव गांधी ऑडिटोरियम पहुँचकर इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनें। याद रखें, यह शाम दोबारा नहीं आएगी और इस अ‌द्वितीय अनुभव से वंचित रहना एक मलाल की तरह रहेगा।

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19 अप्रैल को एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल के स्थापना दिवस समारोह हेतु श्रीमती साय से पीएमजेएफ लायन अग्रवाल की मुलाकात

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कोरबा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 19 अप्रैल 2026 दिन रविवार को कोरबा जिला के धार्मिक ग्राम माॅ मड़वारानी में संचालित सीबीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालय नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जायेगा। जिसमें फिल्म जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीमती मंदाकिनी मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगी।

विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डाॅ.राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्यक्रम में उन महिलाओ´, गणमान्य नागरिको´, समाजसेवियो´ का सम्मान किया जायेगा जिनके सराहनीय एवं उल्लेखनीय कार्यो से समाज को प्रेरणा एवं गौरव प्राप्त हुआ है। श्री अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय के 10वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के लिए हमारे क्षेत्र छ.ग. राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय (राष्ट्रीय अध्यक्ष-आदिवासी कंवर समाज, समाजसेविका एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री) से सहमति लेने के लिए उनके निवास स्थान पर पहुॅचे। जहाॅ उन्हो´ने श्रीमती कौशिल्या देवी साय से कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुये अपने क्षेत्र के महिलाओ´ एवं गणमान्य नागरिको´ के उल्लेखनीय कार्यो की जानकारी दी। जिस पर श्रीमती कौशिल्या देवी साय ने श्री अग्रवाल एवं उनकी टीम को इस प्रकार के सम्मान समारोह आयोजन के लिए बधाई देते हुये कहा कि ग्रामीण अंचल में रह रहे बच्चो को अंग्रेजी माध्यम में उन्नत शिक्षा प्रदान करना बहुत बड़ा संकल्प है। आज देश निर्माण एवं विकास में शिक्षा का विशेष महत्व है। उन्होंने श्री अग्रवाल को कहा कि अन्य सामाजिक बैठको´ एवं आयोजनो´ की रूपरेखा देखते हुये वे इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति के संबंध में जल्द ही अवगत करायेंगी।

विद्यालय के 10वे´ स्थापना दिवस समारोह में विद्यालय के बच्चो´ द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ साथ सम्मान समारोह भी आयोजित किया जायेगा। इस पर पीएमजेएफ लायन डाॅ. राजकुमार अग्रवाल ने समस्त ग्रामवासियो´ एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिको´ को आमंत्रित किया है। श्री अग्रवाल के साथ लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल के आगामी अध्यक्ष लायन दर्शन अग्रवाल और गोवर्धन सिंह कँवर (पूर्व भाजपा मंत्री अनुसूचित जनजाति मौर्चा) थे।

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अब संपूर्ण न्यूरो केयर एक ही छत के नीचे, NKH में शुरू हुई एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी

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कोरबा। जिले के प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल न्यू कोरबा हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में अस्पताल के न्यूरो केयर विभाग को और मजबूत करते हुए अब न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्री और न्यूरो फिजियोथैरेपी की संपूर्ण सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।
अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी द्वारा अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव (दूरबीन) तकनीक से स्पाइन सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है। इस तकनीक के माध्यम से बिना बड़े चीरे के रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जा रहा है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और सर्जरी के बाद कुछ ही दिनों में मरीज को डिस्चार्ज भी कर दिया जाता है। अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवा भी उपलब्ध है, जहां देर रात गंभीर मरीज आने पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तत्काल उपचार शुरू कर देती है।
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि न्यूरो संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अब कोरबा के मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं है। एनकेएच में ही उच्चस्तरीय उपचार मिलने से मरीजों और उनके परिजनों के समय, खर्च और परेशानी तीनों में कमी आ रही है।

कोरबा में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी

न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इस आधुनिक तकनीक में दूरबीन की सहायता से रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द, कम समय में रिकवरी और जल्दी सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिलता है।

आयुष्मान सहित सभी बीमा सुविधाएं उपलब्ध

अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के अलावा सभी प्रमुख निजी हेल्थ कार्ड और बीमा योजनाएं भी स्वीकार की जाती हैं, जिससे मरीजों को आर्थिक राहत मिलती है।

न्यूरो-साइकेट्रिक रोगों का उपचार प्रांरभ

अहमदाबाद की अनुभवी मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी वर्मा द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का आधुनिक और प्रभावी इलाज संभव हो रहा है। जिलों के मरीजों के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो रही है।

न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्रिक और फिजियोथैरेपी में अंतर

अक्सर दिमाग और नसों से जुड़ी बीमारियों में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्रिक और फिजियोथैरेपी को एक ही समझ लिया जाता है, जबकि ये चारों अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताएँ हैं और प्रत्येक की भूमिका अलग होती है।
न्यूरोलॉजी दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारियों का बिना ऑपरेशन इलाज करने वाली चिकित्सा शाखा है। न्यूरोलॉजिस्ट रोग की पहचान कर दवाओं के माध्यम से उपचार करते हैं। सरल शब्दों में, नसों की बीमारी का दवा से इलाज न्यूरोलॉजी में किया जाता है। न्यूरोसर्जरी उन रोगों का इलाज करती है, जिनमें सर्जरी की आवश्यकता होती है। न्यूरोसर्जन दिमाग और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी करते हैं। ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, ब्रेन ब्लीड, स्लिप डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस, स्ट्रोक में खून का थक्का निकालना, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, हाइड्रोसेफेलस और एन्यूरिज्म जैसी जटिल समस्याओं का सर्जिकल उपचार इसी विभाग में किया जाता है। न्यूरो-साइकेट्रिक उस क्षेत्र में काम करते हैं जहाँ ऐसी मानसिक बीमारियां जिनका कारण मस्तिष्क की शारीरिक खराबी (brain disease) हो, जैसे व्यवहार में अचानक बदलाव, डिमेंशिया के साथ व्यवहारिक लक्षण, मिर्गी के साथ मनोविकृति (psychosis), या स्ट्रोक के बाद अवसाद (depression) को ठीक करता है। फिजियोथैरेपी बीमारी या सर्जरी के बाद मरीज को दोबारा सामान्य जीवन में लौटाने में मदद करती है। फिजियोथैरेपिस्ट व्यायाम और विशेष थेरेपी के माध्यम से ताकत, संतुलन और चलने-फिरने की क्षमता बढ़ाते हैं। न्यूरोसर्जरी के बाद तथा मांसपेशियों की कमजोरी के मामलों में फिजियोथैरेपी बेहद जरूरी होती है। सरल भाषा में कहें तो न्यूरोलॉजिस्ट दवा से इलाज करते हैं, न्यूरोसर्जन सर्जरी करते हैं, न्यूरो-साइकेट्रिक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करती है और फिजियोथैरेपिस्ट मरीज को फिर से सामान्य चलने-फिरने लायक बनाते हैं।

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