विदेश
इजराइल बोला- ईरान के सबसे ताकतवर अफसर लारीजानी को मारा:खामेनेई की मौत के बाद देश की कमान संभाली थी, ईरान ने अभी पुष्टि नहीं की
तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने दावा किया है कि रात को की गई एयरस्ट्राइक में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी मारे गए हैं। अगर इजराइल का यह दावा सही साबित होता है, तो वह इस युद्ध में खामेनेई के बाद मारे जाने वाले सबसे ताकतवर शख्स होंगे।
इसके साथ ही इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि एक अलग हमले में ईरान के बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरजा सुलेमानी को भी मार गिराया गया। हालांकि, इन दावों पर अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।

वहीं, इजराइल के दावों के बीच लारीजानी के X अकाउंट पर एक हाथ से लिखा नोट पब्लिश किया है। इसमें उन्होंने हमले में मारे गए ईरानी नौसैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई है, जिनका अंतिम संस्कार आज होने की उम्मीद थी।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…

इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम ने सोमवार रात ईरानी से आ रही एक मिसाइल को बीच में ही रोक दिया।

इजराइल पर सोमवार रात ईरानी एयरस्ट्राइक का फुटेज।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार को ईरानी हथियारों पर हमले का फुटेज जारी किया।
भारत का नंदी देवी जहाज गुजरात पहुंचा

नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके आज रात 2:30 बजे गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा।
भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके आज रात 2:30 बजे गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई है।
इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है।
खामेनेई की उपाधि नहीं थी, इसलिए सुप्रीम लीडर नहीं बने लारीजानी
लारीजानी अमेरिका के साथ परमाणु बातचीत भी देख रहे थे और संभावित युद्ध की स्थिति में ईरान कैसे काम करेगा, इसकी रणनीति भी तैयार कर चुके थे।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक उनका प्रभाव इतना बढ़ गया था कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान भी कई मामलों में उनके भरोसे नजर आते थे। यहां तक कि इंटरनेट पाबंदियों जैसे फैसलों के लिए भी राष्ट्रपति को उनकी मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिससे उनकी असली ताकत का अंदाजा लगता है।
हालांकि, खामेनेई के बेहद करीबी होने के बावजूद लारीजानी खुद सर्वोच्च नेता नहीं बन सकते थे, क्योंकि इसके लिए वरिष्ठ शिया धर्मगुरु होना जरूरी होता है। आखिर में यह पद खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई ने संभाल लिया।
लारीजानी ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया
लारीजानी एक प्रभावशाली राजनीतिक और धार्मिक परिवार से आते थे। वे 12 साल तक संसद के स्पीकर रह चुके थे। साल 2021 में उन्होंने चीन के साथ 25 साल का बड़ा समझौता कराया, जिससे पश्चिमी प्रतिबंधों से जूझ रही ईरान की अर्थव्यवस्था को राहत मिली।
युद्ध से पहले भी उनकी ताकत बढ़ती जा रही थी। उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने के लिए सख्त कदम उठाए और बल प्रयोग तक किया। साथ ही वे रूस, कतर और ओमान जैसे देशों के साथ संपर्क बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभा रहे थे।

इजराइल ने ईरान पर फिर हमले शुरू किए
इजराइल ने ईरान पर एक बार फिर हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइली सेना के मुताबिक उसने राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर हवाई हमलों की नई लहर शुरू की है।
इन हमलों में ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार मंगलवार सुबह से तेहरान और अन्य शहरों में जोरदार धमाके सुने गए हैं।
लारीजानी ने खामेनेई के मारे जाने के बाद देश की कमान संभाली थी
अली लारीजानी, जो ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी थे और परदे के पीछे से देश की कमान संभाल रहे थे, अब तक के सबसे बड़े नेताओं में गिने जाते हैं जिन्हें इस युद्ध में निशाना बनाया गया है।
लारीजानी 67 साल के थे और खामेनेई के मारे जाने के बाद वह ईरान में सबसे ताकतवर शख्स माने जाने लगे थे। लारीजानी ने आगे आकर सरकार की कमान संभाली और लगातार अमेरिका और इजराइल की आलोचना करते रहे।
खामेनेई के करीबी माने जाने वाले लारीजानी को पहले ही यह जिम्मेदारी दी गई थी कि अगर सर्वोच्च नेता की हत्या हो जाती है तो देश को कैसे संभालना है। इसलिए उनके पास पहले से ही एक इमरजेंसी प्लान तैयार था।

ईरान बोला- सैकड़ों स्टारलिंक टर्मिनल जब्त किए
ईरान के खुफिया मंत्रालय ने कहा है कि उसने देशभर में सैकड़ों स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट टर्मिनल जब्त किए हैं। सरकारी मीडिया के मुताबिक मंत्रालय ने कहा कि इन टर्मिनलों की लोकेशन की पहचान कर उनके इस्तेमाल करने वालों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उन्हें नियंत्रित किया गया।
मंत्रालय ने कहा कि अवैध स्टारलिंक सिस्टम का इस्तेमाल कानूनन अपराध है और युद्ध जैसे हालात में इसके लिए सख्त सजा दी जा सकती है। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट को कई दिन हो चुके हैं। ऐसे में लोग सेंसरशिप से बचने के लिए स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में हजारों स्टारलिंक टर्मिनल गुप्त रूप से पहुंचाए गए हैं, जिनके जरिए लोग इंटरनेट तक पहुंच बना रहे हैं।

विदेश
हंसी के पीछे UK-US टकराव: किंग चार्ल्स से बोले ट्रम्प- मेरी मां का ‘क्रश’ थे आप, मुझे बड़ी ‘जलन’ होती थी
वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ब्रिटेन के राजा राजा चार्ल्स तृतीय की मुलाकात के दौरान व्हाइट हाउस में एक तरफ दोस्ताना माहौल दिखा, तो दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच चल रहे मतभेद भी सामने आए।राजकीय दौरे पर आए किंग चार्ल्स के स्वागत में ट्रम्प ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनकी मां का कभी चार्ल्स पर “क्रश” था और मुझे आपसे जलन होती थी। उन्होंने अपने बचपन की याद साझा करते हुए बताया कि उनकी मां ब्रिटिश शाही परिवार की बड़ी प्रशंसक थीं और टीवी पर उनके कार्यक्रम जरूर देखती थीं। ट्रम्प ने चार्ल्स के भाषण और उनके “एलीगेंट अंदाज” की भी तारीफ की और कहा कि उनका ब्रिटिश एक्सेंट लोगों को प्रभावित करता है।

इस दौरान उन्होंने अपने परिवार और शादी को लेकर भी मजाक किया, जिससे माहौल हल्का बना रहा। हालांकि, इस दोस्ताना माहौल के पीछे दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर तनाव भी दिखा। किंग चार्ल्स ने अपने भाषण में NATO और AUKUS जैसे गठबंधनों की अहमियत पर जोर दिया, जिसे ट्रम्प पहले आलोचना कर चुके हैं। चार्ल्स ने अप्रत्यक्ष रूप से वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों की बात की, जो ट्रम्प की कुछ नीतियों से अलग नजर आती हैं। खासकर जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर दोनों के विचारों में अंतर साफ दिखा।
इस मुलाकात के दौरान किंग चार्ल्स ने ट्रम्प को द्वितीय विश्व युद्ध की पनडुब्बी HMS Trump की ऐतिहासिक घंटी भी भेंट की, जिसे दोनों देशों के साझा इतिहास और दोस्ती का प्रतीक माना गया। वहीं, पृष्ठभूमि में मिडिल ईस्ट संकट, Strait of Hormuz में तनाव और सैन्य रणनीतियों को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ट्रम्प पहले अपने सहयोगियों की आलोचना कर चुके हैं कि वे इस संकट में अमेरिका का पूरा साथ नहीं दे रहे। कुल मिलाकर, यह मुलाकात दिखाती है कि भले ही मंच पर हंसी-मजाक और कूटनीतिक शिष्टाचार नजर आए, लेकिन UK और US के बीच कई अहम मुद्दों पर गहरे मतभेद अब भी मौजूद हैं।
विदेश
किंग चार्ल्स ने ट्रम्प को गिफ्ट की ऐतिहासिक घंटी ! कहा-अगर कभी हमें बुलाना हो तो बस….
वाशिंगठन, एजेंसी। ब्रिटेन के राजा राजा चार्ल्स तृतीय (King Charles III) ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) को एक खास और ऐतिहासिक तोहफा दिया, जिसने कूटनीति के साथ-साथ दोस्ती का भी मजबूत संदेश दिया। व्हाइट हाउस में आयोजित स्टेट डिनर के दौरान चार्ल्स ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय की ब्रिटिश पनडुब्बी HMS Trump की असली घंटी ट्रम्प को भेंट की। इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा “अगर कभी हमें बुलाना हो, तो बस घंटी बजा दीजिए,” जिससे पूरे कार्यक्रम में हंसी और तालियां गूंज उठीं।

इस तोहफे का मकसद सिर्फ सम्मान देना नहीं था, बल्कि यह दोनों देशों के साझा सैन्य इतिहास और सहयोग को दर्शाने वाला प्रतीक भी था। चार्ल्स ने अपने भाषण में NATO और AUKUS जैसे गठबंधनों का जिक्र करते हुए कहा कि आज की जटिल दुनिया में UK और US की साझेदारी पहले से ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा, बंद कमरे में हुई मुलाकात के दौरान चार्ल्स ने ट्रम्प को व्हाइट हाउस के प्रसिद्ध Resolute Desk के 1879 के डिजाइन की फ्रेम की हुई कॉपी भी दी। यह डेस्क ब्रिटिश जहाज HMS Resolute की लकड़ी से बना था और दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का प्रतीक माना जाता है।
वहीं, महारानी कैमिला ने अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प को एक खास डिजाइनर ब्रोच भेंट किया। बदले में ट्रम्प ने चार्ल्स को 1785 में John Adams द्वारा लिखे गए एक ऐतिहासिक पत्र की कॉपी दी, जो ब्रिटेन-अमेरिका के शुरुआती कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है। मेलानिया ट्रम्प ने महारानी कैमिला को खास सिल्वर चम्मचों का सेट और व्हाइट हाउस का शहद भेंट किया, जो परंपरा और प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति सम्मान का प्रतीक माना गया। यह पूरा गिफ्ट एक्सचेंज केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि 250 साल पुराने UK-US रिश्तों, साझा इतिहास और भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने का एक कूटनीतिक संदेश भी था।
बिज़नस
टेक वॉर तेज: चीन का Meta को बड़ा झटका, 2 अरब डॉलर AI डील पर लगाई रोक
वाशिंगठन/बीजिंग, एजेंसी। चीन ने एक बड़े फैसले में अमेरिकी टेक कंपनी Meta की 2 अरब डॉलर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डील को रोक दिया है। यह डील AI स्टार्टअप Manus के अधिग्रहण से जुड़ी थी, जिसे अब राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते रद्द कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के प्रमुख आर्थिक नियामक NDRC ने 2021 में लागू विदेशी निवेश सुरक्षा नियमों के तहत इस सौदे को वापस लेने का आदेश दिया। यह फैसला दिखाता है कि चीन अब अपनी तकनीक, डेटा और टैलेंट को विदेश जाने से रोकने के लिए और सख्त रुख अपना रहा है।

हालांकि Manus ने बाद में अपना बेस विदेश में शिफ्ट कर लिया था और उसे अमेरिकी निवेश भी मिला था, लेकिन चीनी अधिकारियों ने माना कि कंपनी के तकनीकी संसाधन, डेटा और रिसर्च अभी भी चीन से जुड़े हुए हैं। इसी वजह से इस डील को संवेदनशील माना गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फैसले के तहत अब Meta और Manus के बीच हुए निवेश, शेयर ट्रांसफर और बौद्धिक संपत्ति (Intellectual Property) को वापस करना होगा। AI जैसे सेक्टर में यह प्रक्रिया काफी जटिल मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक डील तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा संकेत है कि चीन अब AI जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों, खासकर अमेरिकी कंपनियों, को लेकर ज्यादा सतर्क हो गया है। इस फैसले का असर वैश्विक निवेशकों पर भी पड़ सकता है। अब क्रॉस-बॉर्डर टेक डील्स में जोखिम बढ़ेगा और कंपनियां भविष्य में अपने ऑपरेशन, डेटा और रिसर्च को अलग-अलग रखने की कोशिश कर सकती हैं, ताकि ऐसे नियमों से बचा जा सके। कुल मिलाकर, यह मामला दिखाता है कि दुनिया में टेक्नोलॉजी और डेटा को लेकर प्रतिस्पर्धा और तनाव लगातार बढ़ रहा है, और AI इस संघर्ष का सबसे अहम केंद्र बन चुका है।
-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized7 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
