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छत्तीसगढ़

सचिन पायलट बोले-दिखावे के लिए बुलाया गया विशेष सत्र:कार्यकर्ता घर-घर जाकर भाजपा के पाखंड को करेंगे बेनकाब, बैठक में सरकार को घेरने पर हुई चर्चा

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र केवल दिखावे और झूठ को आगे बढ़ाने के लिए बुलाया गया था, जिसकी सच्चाई को सामने लाने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे छत्तीसगढ़ में घर-घर जाकर लोगों से मिलेंगे और भाजपा की नाकामियों को बताएंगे। खासतौर से महिलाओं को भ्रमित करने के लिए ये जो पाखंड रच रहे हैं, उसे बेनकाब करने का काम करेंगे।

कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट

कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट

महिला आरक्षण को लेकर पायलट ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

पायलट ने कहा, सदन में राहुल गांधी और सोनिया गांधी पहले ही इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। महिला आरक्षण बिल तीन साल पहले ही पास हो चुका था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे लागू नहीं किया और लंबे समय तक रोककर रखा।

अब महिला आरक्षण के नाम पर सरकार जनगणना से पहले परिसीमन करना चाहती थी, जिसका विपक्ष ने विरोध किया। कांग्रेस का कहना है कि अगर अभी लोकसभा में एक-तिहाई महिलाओं को आरक्षण दिया जाता है, तो पार्टी इसका समर्थन करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए महिला आरक्षण का इस्तेमाल कर रही है। अब सरकार की मंशा सामने आ गई है और यह मुद्दा जनता के सामने रखा जाएगा।

बैठक में सरकार को घेरने और राजनीतिक चुनौतियों पर भी हुई चर्चा

पायलट ने रायपुर के राजीव भवन में हुई बैठक को लेकर कहा कि संगठन सृजन के तहत नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हुई, नए ब्लॉक अध्यक्ष बने हैं और नई कार्यकारिणी बनी है। हमारे विधायकों की संगठन में अलग भूमिका है, इसलिए उनसे मुलाकात की गई। बैठक में आने वाले समय में सरकार को घेरने और राजनीतिक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने शुक्रवार को राजीव भवन में विधायकों के साथ बैठक की।

कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने शुक्रवार को राजीव भवन में विधायकों के साथ बैठक की।

सचिन पायलट ने विधायकों के साथ की वन-टू-वन बैठक

सचिन पायलट ने शुक्रवार को विधायकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने हर विधायक से लगभग 15 मिनट तक अलग-अलग (वन-टू-वन) बातचीत की। इसमें संगठन की स्थिति के साथ-साथ उनके विधानसभा क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्ट भी ली गई।

अभी चुनाव में करीब ढाई साल का समय है, लेकिन पार्टी ने अभी से विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करना शुरू कर दिया है। इस बैठक में दीपक बैज और चरणदास महंत भी मौजूद रहे।

कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा

कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा

महिला बिल को लेकर भ्रम दूर करने पर हुई चर्चा

बैठक को लेकर कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने बताया कि प्रदेश प्रभारी के साथ महिला सशक्तिकरण बिल और उससे जुड़े भ्रम को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को इस विषय की पूरी जानकारी है या नहीं, इस पर भी बात हुई और आम लोगों तक सही संदेश पहुंचाने की रणनीति पर जोर दिया गया।

संगीता सिन्हा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 33 प्रतिशत आरक्षण के विरोध में नहीं है, बल्कि इसे लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना जरूरी है। वहीं, महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह पूरी तरह स्वीकार्य होगा। गौरतलब है कि महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में संगीता सिन्हा की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।

17 मार्च को हुआ था पिछला दौरा

सचिन पायलट का पिछला दौरा 17 मार्च को हुआ था, उस समय वे विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल हुए थे। राजधानी में हुए इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से हजारों नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। पार्टी ने इस घेराव को सरकार के खिलाफ बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश करने की रणनीति बनाई थी।

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छत्तीसगढ़

सरगुजा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर त्वरित अमल, ग्रामीणों की मांगों को मिली स्वीकृति

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सुशासन तिहार में किए गए वादे हो रहे पूरे, पंचायत भवन, पीडीएस भवन और मुक्तिधाम निर्माण को मिली मंजूरी

सरगुजा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार केवल जनसंवाद का मंच नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं को शीघ्रता से पूरा करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। आम नागरिकों की समस्याओं और मांगों के त्वरित निराकरण के लिए राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सरगुजा प्रवास के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर की गई घोषणाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर अमल में लाया गया है।

उल्लेखनीय है कि 03 मई 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे थे। जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली तथा विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। ग्राम सिलमा में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन, डीएमएफ मद से 2.50 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम तथा मनरेगा मद से 11.63 लाख रुपये की लागत से नवीन पीडीएस भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसी प्रकार ग्राम कुनकुरीकला में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणाओं पर त्वरित अमल के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया है। उनका कहना है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और प्रशासन सीधे जनता तक पहुंचकर न केवल समस्याएं सुन रहा है, बल्कि उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित कर रहा है।

राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त मांगों और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों का लाभ समय पर आमजन तक पहुंच रहा है और सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार हो रही है।

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कोरबा

कोरबा के ग्रीन जोन में कब्जे का आरोप:पेड़ काटकर हो रही प्लाटिंग, निगम कर्मचारी पर मिलीभगत के भी आरोप

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कोरबा। कोरबा के मुड़ापार स्थित अंबेडकर भवन के पास नगर निगम के ग्रीन जोन में अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई एकड़ शासकीय जमीन पर हरे-भरे पेड़ काटकर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इस अवैध कब्जे में आम लोगों के साथ नगर निगम के एक कर्मचारी की संलिप्तता भी बताई जा रही है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार अंबेडकर भवन से सटी यह सरकारी जमीन ग्रीन जोन के रूप में चिन्हित है। पिछले कुछ दिनों से यहां लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। जमीन को समतल कर टेंट और तिरपाल लगाकर अवैध प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। नागरिकों ने नगर निगम के कर्मचारी मनोज बक्सेल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

निगम कर्मचारी पर मिलीभगत के आरोप

उनका कहना है कि बक्सेल ने इसी शासकीय जमीन पर अपना मकान बना लिया है। शिकायत के बाद मौके पर जेसीबी भेजी गई थी, लेकिन उनके मकान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी।

अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई का दावा

टीम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग का काम अब भी जारी है। पेड़ काटना और जमीन की नपाई नहीं रुकी है। वहीं इस मामले पर नगर निगम के जोन कमिश्नर पवन वर्मा ने बताया कि अवैध कब्जे और प्लाटिंग की शिकायत मिली थी, जिस पर मौके पर कार्रवाई की गई है। अन्य लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि निगम कर्मचारी की संलिप्तता के आरोपों पर विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर रही है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय

स्कूली शिक्षा में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का संत समाज ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विभिन्न संत-महात्माओं ने की सौजन्य भेंट, आध्यात्मिक शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्णय पर जताया आभार

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर स्वामी राजीव लोचन दास महाराज, निर्वाणी अखाड़ा के महंत सुरेंद्र दास महाराज, शदाणी दरबार से उदय लाल तथा कबीर आश्रम सोनपैरी के देवकर साहब ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर संत-महात्माओं ने छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों एवं नैतिक शिक्षा से जुड़े पारंपरिक श्लोकों और मंत्रों को पुनः शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

    संतों ने कहा कि पूर्व में विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वर जैसे मंत्रों एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया जाता था, जिससे बच्चों में संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास होता था। समय के साथ ये परंपराएं शैक्षणिक वातावरण से धीरे-धीरे विलुप्त होती गईं, किंतु अब राज्य सरकार द्वारा इन्हें पुनः स्थापित करने की पहल अत्यंत स्वागतयोग्य है। संत समाज ने कहा कि विद्यालयों में शांतिपाठ, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र तथा अन्य प्रेरणादायी वैदिक एवं सांस्कृतिक प्रार्थनाओं का समावेश बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे नई पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ सकेगी।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों के विकास का आधार भी है। हमारी सरकार बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में शांतिपाठ, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र एवं अन्य प्रेरणादायी प्रार्थनाओं के समावेश से विद्यार्थियों में अनुशासन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का विकास होगा। यह पहल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए एक संस्कारित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस पहल के लिए साधुवाद देते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया तथा कहा कि यह निर्णय प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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