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छत्तीसगढ़

बलरामपुर में कुसमी के बाद कोरंधा में अफीम की खेती:ढाई एकड़ में मिली, कुसमी में 4.75 करोड़ की अफीम जब्त, भूपेश बोले-ये तीसरी घटना

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बलरामपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में कुसमी के बाद अब कोरंधा में अफीम की खेती मिली है। यहां 3 किसानों के करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम लगी हुई मिली। जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम ने अफीम उखवा दिया है।

मामला कोरंधा थाना क्षेत्र का है। खजूरी गांव झारखंड से लगा है। बलरामपुर की प्रशासनिक टीम ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उखड़वाने की कार्रवाई की।

बता दें कि, इससे पहले त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध अफीम की 3.67 एकड़ में खेती पकड़ी गई, पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 4.75 करोड़ रुपये मूल्य की 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त की, जबकि सरगना और भाजपा नेता की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई।

अफीम की खेत की ये तस्वीरें …

कांग्रेस की जांच टीम पहुंची खेत में

कांग्रेस की जांच टीम पहुंची खेत में

बलरामपुर त्रिपुरी के सरनाटोली गांव में मिली अफीम की फसल।

बलरामपुर त्रिपुरी के सरनाटोली गांव में मिली अफीम की फसल।

इन दोनों ग्रामीणों को झारखंड के व्यक्ति ने मसाले की खेती बताकर अफीम उगवाई थी।

इन दोनों ग्रामीणों को झारखंड के व्यक्ति ने मसाले की खेती बताकर अफीम उगवाई थी।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, खजूरी गांव में अवैध तरीके से अफीम की खेती की जा रही थी। बुधवार देर शाम ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंची और फसल का निरीक्षण किया।

तुर्रापानी खजूरी पंचायत का हिस्सा है, लेकिन यह पहाड़ी क्षेत्र में बसा इलाका है। यह इलाका झारखंड सीमा से लगा हुआ है। यहां आम तौर पर लोगों का आना-जाना कम रहता है। पुलिस टीम की तैनाती रात को ही मौके पर कर दी गई थी।

टीएस सिंहदेव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अफीम की खेती की जानकारी दी है।

टीएस सिंहदेव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अफीम की खेती की जानकारी दी है।

भूपेश बघेल का सोशल मीडिया पोस्ट

खजूरी गांव में अफीम की खेती मिलने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में लिखा कि बलरामपुर जिले के करौंधा के पास खजूरी पंचायत में डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की खेती मिली है। इसे तीसरा मामला बताया गया है।

तीन किसान हिरासत में, प्रशासन ने उखड़वाई फसल

खजुरी के तुर्रीपानी में अफीम की फसल मिलने के बाद गुरुवार को सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर राजेंद्र कटारा, एसपी वैभव बैंकर मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट आशीष कुमार की मौजूदगी में अफीम की फसल को उखाड़वाकर जब्त किया गया।

मामले में तीन किसानों को हिरासत में लिया गया है। बताया गया है कि झारखंड के चतरा निवासी राजेंद्र राम ने खजूरी के सहादुर राम, रोपना सहित तीन लोगों की जमीन को किराये पर लिया था और उसमें अफीम की खेती की गई थी।

अफीम के डोडों में पांच से छह चीरे लगे हुए मिले। यहां अफीम निकालने का काम झारखंड के मजदूर करते थे। सभी की तलाश की जा रही है।

प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उखड़वाया अफीम

प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उखड़वाया अफीम

त्रिपुरी में जब्त हुई 4.75 की अफीम, 7 ग्रामीण गिरफ्तार

बता दें कि कुसमी के त्रिपुरी गांव में बुधवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर अफीम की फसल का सैंपल लिया। इसके बाद बलरामपुर के मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अफीम की खड़ी फसल उखाड़कर जब्त की गई। जब्त फसल को ट्रैक्टर के जरिए थाने लाया गया।

पुलिस और प्रशासन के अनुसार कुसमी क्षेत्र में कुल 3 एकड़ 67 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती पाई गई। कार्रवाई के दौरान फसल के बीच से करीब दो किलो अफीम लेटेक्स भी बरामद हुआ, जिसे डोडों से एकत्र किया गया था। कुल 4344 किलोग्राम अफीम बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई है।

अफीम की फस बोरों में भरकर ट्रैक्टर से थाने भेजा गया।

अफीम की फस बोरों में भरकर ट्रैक्टर से थाने भेजा गया।

अफीम की खेती के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

अफीम की खेती के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

सात आरोपी गिरफ्तार, सरगना फरार

त्रिपुरी में अफीम की खेती के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में रूपदेव राम भगत (50 वर्ष), कौशिल भगत (30 वर्ष), मनोज कुमार (24 वर्ष, जिला गया बिहार), जिरमल मुण्डा (56 वर्ष, जिला जशपुर), उपेन्द्र कुमार (27 वर्ष, जिला गया बिहार), विन्देश्वर (45 वर्ष, जिला चतरा झारखंड) तथा कृष्णा सिंह (जिला जशपुर) शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में झारखंड का सरगना फरार है। झारखंड के सरगना की तलाश के लिए पुलिस टीमें रवाना की गई हैं।

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अनिल अग्रवाल ने सिंहितराई पावर प्लांट हादसे पर दुख जताया, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

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सक्ती/सिंघीतराई। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सिंहितराई पावर प्लांट हादसे पर सोशल मीडिया (एक्स) पर 27 अप्रैल 2026 को अपनी दूसरी पोस्ट में इस साल की शुरुआत में अपने बेटे के निधन और हाल ही में हुए बॉयलर हादसे, जिसमें 25 लोगों की जान गई, के बाद गहरे व्यक्तिगत और पेशेवर दुख के दौर पर बात की। सोमवार को अपनी पोस्ट में, अग्रवाल ने पिछले कुछ महीनों को अपने जीवन के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समयों में से एक बताया और दोनों घटनाओं से जुड़े अपार दुख को व्यक्त किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एथेना प्लांट कड़े सुरक्षा और सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत संचालित हो रहा था। इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एनजीएसएल को सौंपी गई थी, जो भारत की विश्वसनीय महारत्न कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड और जनरल इलेक्ट्रिक के बीच साझेदारी है। यह काम अनुभवी टीमों, स्थापित प्रणालियों और उद्योग मानकों के सुरक्षा उपायों के साथ किया जा रहा था। इन सभी उपायों के बावजूद, उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना हो गई, जो इस तरह की घटनाओं की अनिश्चितता को दर्शाती है।
उन्होंने आगे वेदांता की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि कंपनी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और अपने सभी कार्यों में सुरक्षा, देखभाल और जिम्मेदारी पर लगातार ध्यान बनाए रखेगी।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:
““सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ।
साल की शुरुआत में ही, मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर इस महीने, 14 अप्रैल को सिंहितराई पावर प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली भाँति जानता हूँ।
दोनों ही हादसे, इतने अननेचुरल से, पीड़ा से भरे लगते हैं, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
मुझे दुख और हैरत होती है सोचकर कि हमारे इस एथेना प्लांट में हमने सर्वोच्च सावधानी बरती, इस प्लांट की पूरी जिम्मेदारी भी हमने हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी एनटीपीसी-जीई की पार्टनरशिप एनजीएसएल को सौंपी। कॉन्टैक्टर्स और एम्पलॉइज भी उनके थे। एक्सपरटाईज भी उनका था। और इसी भरोसे पे निश्चिंत होकर हमने इस प्लांट का रखरखाव और ऑपरेशन्स, आउटसोर्स किया था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।
यह वैसा ही है जैसे अक्सर वाहन मालिक, अपना वाहन किसी भरोसेमंद ड्राइवर को दे देते हैं। और उम्मीद करते हैं कि वाहन चालक और वाहन, नियमों के साथ चलकर सलामत रहेंगे।
वेदांता के हर कांट्रैक्ट में सेफ्टी पर सबसे ज़्यादा फोकस रहता है। और एनटीपीसी और जीई की भी यही पॉलिसी रही है। उसके बाद भी इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाए तो दिल टूट जाता है।
मेरे बेटे अग्निवेश सहित, जो 25 प्रियजन हमने खोए हैं, उन सभी जनों को मैं, वेदांता परिवार और अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

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बालोद : इसरो के यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में चयनित होने वाली हिमांशी साहू का कलेक्टर ने किया सम्मान

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सेजेस कन्नेवाड़ा की हिमांशी को उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

बालोद। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में चयनित होकर राज्य का मान बढ़ाने वाली स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा की छात्रा हिमांशी साहू को बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सम्मानित किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज बालोद के संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान कुमारी हिमांशी साहू की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना करते हुए उनके इस उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गौरव बताया। इस अवसर पर कलेक्टर ने हिमांशी साहू को प्रशस्ति पत्र के अलावा शाॅल, श्रीफल भेंटकर उनका आत्मीय सम्मान किया।

         इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने हिमांशी की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी साहू को कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की सीख भी दी। उल्लेखनीय है कि हिमांशी साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है। कुमारी हिमांशी ने 96 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। 

       छात्रा हिमांशी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपने विद्यालय तथा संपूर्ण बालोद जिला का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी के पिता अभय कुमार और माता श्रीमती सहिता साहू को भी सम्मानित कर उनकी सुपुत्री की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा एवं नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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जगदलपुर : विधायक किरण देव ने मोबाइल ऐप से स्वयं की अपने परिवार की जनगणना

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नागरिकों से की डिजिटल भागीदारी की अपील

जगदलपुर। तकनीक और नवाचार के इस दौर में डिजिटल इंडिया के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जगदलपुर विधायक किरण देव ने सोमवार को एक अनुकरणीय पहल के तहत जनगणना 2026 में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने भारत सरकार की जनगणना प्रक्रिया के तहत मोबाइल ऐप का उपयोग करते हुए अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज किया। विधायक ने इस आधुनिक प्रक्रिया को अपनाकर यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण कार्यों में तकनीक का समावेश न केवल पारदर्शिता लाता है, बल्कि नागरिकों के समय और श्रम की भी बचत करता है।

        सोमवार को अपने निवास पर ऐप के माध्यम से जनगणना कार्य पूर्ण करने के बाद किरण देव ने स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों को इस प्रक्रिया से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जनगणना केवल शासकीय आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के आबंटन और जन-कल्याणकारी नीतियों के निर्धारण का सबसे सशक्त आधार है। विधायक ने कहा कि मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं जानकारी दर्ज करना बेहद सरल और सुरक्षित है, जिससे डेटा की सटीकता बनी रहती है।

           उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे भी इस डिजिटल माध्यम का अधिक से अधिक उपयोग करें और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में जनगणना कार्य हेतु अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि जब समाज का हर व्यक्ति तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा, तभी विकास की धारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सकेगी।

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