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कोरबा

प्रदीप महतो के बाद अब उनके परिवार वालों ने भी किया देहदान का फैसला:पत्नी ने किया नेत्रदान, बेटा-बहू ने देहदान

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कोरबा। शहर के मेडिकल कॉलेज में प्रथम अंगदानी बने स्वर्गीय प्रदीप महतो के परिवार ने अनूठी मिसाल पेश की है। रविवार को उनकी श्रद्धांजलि सभा में पत्नी केवरा देवी महतो ने नेत्रदान के लिए फार्म भरा। उनके पुत्र महेन्द्र महतो और बहू प्रीति महतो ने देहदान के लिए आवेदन फार्म भरा है। देहदान के लिए भारत विकास परिषद ने महतो परिवार को सम्मानित किया।
करतला ब्लॉक के ग्राम बरपाली निवासी समाजसेवी प्रदीप महतो ने अपने जीवनकाल में ही देहदान कर दिया था। उनका निधन 4 अक्टूबर को हो गया था। उनके परिजनों ने शव को मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया। वे जिले के पहले देहदानी बने। उनका शव मेडिकल कॉलेज के छात्रों के अध्ययन में काम आएगा। उनके शव को एक साल तक केमिकल में डूबोकर रखा जाएगा। इसके बाद चिकित्सा अध्ययन में उपयोग किया जाएगा। जब उनका अंग बाहर निकल आएगा तो म्यूजियम में रखकर छात्रों को पढ़ाया जाएगा। रविवार को उनके दशगात्र के मौके पर भारत विकास परिषद के प्रकल्प प्रभारी महेश गुप्ता, सह प्रभारी धर्मेन्द्र कुदेशिया ने उनके परिवार को सम्मानित किया। पूर्व विधायक श्यामलाल कंवर ने भी स्व. महतो को श्रद्धांजलि दी। इसी मौके पर स्व. प्रदीप महतो की पत्नी ने नेत्रदान और बेटा व बहू ने देहदान की घोषणा की। इस संबंध में घोषणा पत्र भी भर दिया है। इस दौरान मेडिकल कॉलेज की टीम भी मौजूद रही।
दुनिया को कुछ देकर चले गए प्रदीप महतो
क्या लेके आया है… क्या लेके जाएगा…? यह कहावत अब सार्थक नहीं है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो लेकर कुछ नहीं आते, लेकिन जाते समय दुनिया को बहुत कुछ देकर चले जाते हैं। ऐसा ही एक व्यक्तित्व प्रदीप महतो जो एक पत्रकार भी थे और समाज सेवी भी। दुनिया से वे जाते समय अपना सबकुछ देकर चले गए। उन्होंने मरने से पहले घोषणा की थी कि मरणोपरांत उनकी देह को दान कर दिया जाए। पुत्र महेन्द्र महतो ने मेडिकल कालेज अस्पताल के डॉक्टरों को फार्म भरकर प्रक्रिया पूरी की और 13 अक्टूबर को उनके दशगात्र कार्यक्रम में खुद भी पत्नी सहित देहदान करने की घोषणा की और स्व. प्रदीप महतो की पत्नी ने नेत्रदान करने का फैसला किया। प्रदीप महतो मरे नहीं बल्कि मरने के बाद भी कई लोगों के शरीर में जिंदा रहेंगे।

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कोरबा

55 बंदियों ने जेल में साक्षर बनने हेतु दी उल्लास महापरीक्षा

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पूरे जिले में 17305 लोगो ने दी महापरीक्षा

कोरबा। ‘उल्लास – नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत आयोजित बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान आकलन में कोरबा जिला जेल 30 एवं कटघोरा उपजेल के कुल 25 बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर साक्षर बनने उल्लास महापरीक्षा में शामिल हुए।

यह परीक्षा 22 मार्च, रविवार को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक जिले के सभी प्राथमिक शाला में आयोजित की गई।
इस बार साक्षरता विभाग द्वारा परीक्षा के माध्यम से जेल के बंदियों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं उन्हें साक्षर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

जेल प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित इस परीक्षा में बंदियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सीखने के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित की। जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के प्रयास बंदियों के पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस नवभारत उल्लास महा परीक्षा में पूरे जिले में लगभग 17 हजार 305 लोगो ने साक्षर बनने हेतु अपना काम धाम छोड़कर परीक्षा में शामिल हुए। असाक्षरो ने प्राथमिक शाला में आयोजित परीक्षा में शामिल होकर शिक्षा की अलख जागने और साक्षर बनने की दिशा में एक कदम बढ़ाया । इस महा परीक्षा में 15 साल से 75 साल के लोगों ने परीक्षा दिलाया । जिसमें कहीं पर देरानी- जेठानी, सास- बहू ,देवर – भाभी भी शामिल हुए।
विकासखंड पोड़ी – उपरोड़ा के प्राथमिक शाला में अपने दो बच्चों को साथ में लेकर पति-पत्नी ने परीक्षा दिलाई।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर भारद्वाज एवं जिला साक्षरता अधिकारी ज्योति शर्मा द्वारा आयोजित उल्लास महापरीक्षा से जेल के बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

जिला प्रशासन द्वारा जेल के बंदियों के द्वारा महापरीक्षा में शामिल होने पर सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की बात कही है।

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कोरबा

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में इलेक्ट्रॉनिक दुकान में आग:कोरबा में CISF की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टला, दुकानें खाली कराई गईं

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कोरबा/दीपका। कोरबा के दीपका थाना क्षेत्र स्थित शक्तिनगर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में रविवार दोपहर एक इलेक्ट्रॉनिक मरम्मत की दुकान में आग लग गई। सीआईएसएफ (CISF) की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और आसपास की दुकानें सुरक्षित बच गईं। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

यह घटना रविवार दोपहर लगभग 2 बजे सामने आई। सीआईएसएफ को सूचना मिली कि शक्तिनगर स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एक इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत की दुकान में अचानक आग लग गई है। सूचना मिलते ही स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों में चिंता फैल गई।

CISF की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से आग पर जल्द काबू पा लिया गया।

CISF की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से आग पर जल्द काबू पा लिया गया।

CISF ने तुरंत कार्रवाई कर बुझाई आग

सूचना मिलते ही सहायक कमांडेंट सुमन सिंह के नेतृत्व में सीआईएसएफ के बल सदस्य तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। मौके पर पहुंचकर उन्होंने स्थिति का आकलन किया और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

बल सदस्यों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने शुरू किया। साथ ही, आग को फैलने से रोकने के लिए आसपास की दुकानों को भी तुरंत खाली कराया गया।

सीआईएसएफ की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के कारण आग पर जल्द ही पूरी तरह काबू पा लिया गया। इससे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की अन्य दुकानें आग की चपेट में आने से बच गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर के समय दुकान बंद थी और आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।

इस घटना में दुकान संचालक को काफी नुकसान हुआ है, जहां इलेक्ट्रिक सामान जल गए हैं। यह राहत की बात है कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सीआईएसएफ की इस कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने सराहना की है, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा और आपदा प्रबंधन क्षमता को दर्शाती है।

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कोरबा

पत्रकारों के मान-सम्मान और अधिकारों का सजग प्रहरी बना सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़

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कोरब। छत्तीसगढ़ प्रदेश में पत्रकारों के हितों की रक्षा उनके मान-सम्मान को अक्षुण्ण बनाए रखने और मीडिया जगत की समस्याओं के निराकरण हेतु सर्व पत्रकार एकता महासंघ एक सशक्त आवाज़ बनकर उभरा है, प्रमोद कुमार बंजारे प्रदेशाध्यक्ष सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में महासंघ राज्य के पत्रकारों के साथ होने वाले शोषण और अन्याय के विरुद्ध एक अभेद्य महा संगठन के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है ।

संगठन के मुख्य उद्देश्य और संकल्प

  • सुरक्षा और सम्मान की प्राथमिकता:- महासंघ का प्राथमिक लक्ष्य पत्रकारों को कार्यक्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करना है, उत्कृष्ट और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले साथियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए संगठन समय-समय पर सम्मान समारोह आयोजित करता है ।
  • अन्याय के विरुद्ध ‘ढाल’:- पत्रकारों के विरुद्ध होने वाली किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या द्वेषपूर्ण कार्यवाही के खिलाफ महासंघ एक ढाल की तरह खड़ा रहता है ।
  • भ्रष्टाचार पर प्रहार:- राज्य में हो रहे अवैध कार्यों के विरुद्ध बुलंद आवाज़ उठाना और शासन-प्रशासन तक धरातल की समस्याओं को पहुँचाना संगठन की प्राथमिकता में शामिल है ।
  • विस्तृत नेटवर्क:- वर्तमान में महासंघ कोरबा सहित जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, महासमुंद, बलौदाबाजार, कोरिया और राजधानी रायपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में सक्रिय है ।

एकता में ही शक्ति है

जब हम संगठित होंगे तभी हमारे अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। सर्व पत्रकार एकता महासंघ का उद्देश्य हर उस पत्रकार की आवाज़ बनना है जो समाज के हित में कार्य कर रहा है ।

सदस्यता अभियान, एक बनें सशक्त बनें

महासंघ छत्तीसगढ़ के समस्त पत्रकार साथियों से अपील करता है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा और संगठन की मजबूती के लिए अधिक से अधिक संख्या में इस मुहिम से जुड़ें। एक बड़ा और एकजुट संगठन ही पत्रकारों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकता है ।

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