विदेश
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला, राष्ट्रपति को पकड़ा:ट्रम्प बोले- मादुरो और उनकी पत्नी अब हमारे कब्जे में, रात में एयरस्ट्राइक की थी
काराकस,एजेंसी। अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला अब अमेरिकी सैनिकों के कब्जे में हैं। उन्हें वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है।
अमेरिका ने बीती रात करीब 2 बजे (भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह 11:30 बजे) वेनेजुएला के 4 शहरों पर हमले किए थे। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों ने मिलिट्री ठिकानों और खास जगहों को निशाना बनाया। ट्रम्प ने कहा कि वे सुबह 11 बजे (भारतीय समय के मुताबिक रात 9:30 बजे) प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर पूरी जानकारी देंगे।
वेनेजुएला में इमरजेंसी लागू
अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने बयान जारी कर कहा था कि वे जवाब देंगे। उन्होंने देशभर में इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया था। उनके बयान जारी करने के 1 घंटे बाद ट्रम्प ने उन्हें पकड़ने का ऐलान किया।
वेनेजुएला पर हमले की तीन बड़ी वजह…
- तेल कंपनियों को लेकर विवाद: ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनियों के तेल अधिकार अवैध रूप से छीन लिए थे।
- ड्रग्स तस्करी: ट्रम्प के मुताबिक वेनेजुएला अमेरिका में खतरनाक ड्रग्स की तस्करी करता है। ड्रग्स ले जा रहे 35 नावों पर हमला कर चुका।
- मादुरो का तख्तापलट: अमेरिका राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट करना चाहता है। अमेरिका मादुरो को तानाशाह और ड्रग तस्कर मानता है।
- गृहमंत्री ने जनता से हिम्मत न हारने की अपील की
- वेनेजुएला के गृहमंत्री डियोसदादो काबेलो ने टीवी पर देश के लोगों से शांत रहने की अपील की है। उन्हें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का सबसे भरोसेमंद नेता माना जाता है। काबेलो ने लोगों से सरकार और नेतृत्व पर भरोसा करने को कहा। काबेलो ने कहा, “कोई भी हिम्मत न हारे। कोई भी ऐसा काम न करे जिससे देश पर हमला करने वाले दुश्मन को फायदा मिले।”
- मादुरो के पकड़े जाने की तस्वीर वायरल

मादुरो के पकड़े जाने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें DEA (ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन) के अधिकारी मादुरो को पकड़कर कहीं ले जा रहे हैं।
DEA अमेरिका की सरकारी एजेंसी है। इसका काम ड्रग्स से जुड़े अपराधों को रोकना है। यह अवैध ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करती है। यह अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के अंडर काम करती है। - अमेरिका में निकोलस मादुरो पर मुकदमा चलाया जाएगा
- रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली के मुताबिक, अमेरिका में निकोलस मादुरो पर मुकदमा चलाया जाएगा।
- ली ने कहा कि उनकी इस मामले में विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई है। रुबियो ने उन्हें बताया कि मादुरो की गिरफ्तारी अमेरिकी एजेंसियों ने की। इसे सुरक्षित तरीके से अंजाम देने के लिए सैन्य कार्रवाई की गई।
- अमेरिका ने तीसरी बार किसी राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ाये पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश पर सैन्य कार्रवाई करके वहां के राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ा, इसके पहले 2003 में इराक और 1989 में पनामा में भी कुछ ऐसे ही ऑपरेशन चलाए गए थे।
पनामा, 1989: अमेरिका ने लैटिन अमेरिकी देश पनामा पर हमला किया था। अमेरिका ने पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को सत्ता से हटाया था, जिन पर ड्रग तस्करी और अमेरीकी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था।
इस हमले में अमेरिकी सेना ने पनामा सिटी समेत कई इलाकों पर बमबारी की थी, जिसमें करीब 2 हजार लोगों की मौत हुई थी और नोरिएगा को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया था।
1992 में अमेरिकी अदालत ने नोरिएगा को 40 साल की सजा सुनाई।
इराक, 2003: अमेरिका ने इराक पर हमला किया। इसका मकसद इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाना था, जिन पर अमेरिका ने इराक के कई समुदायों पर हिंसा करने अल-कायदा का समर्थन करने और परमाणु हथियार रखने के आरोप लगाए थे।
अमेरिकी सेना ने बगदाद समेत कई शहरों पर बमबारी की और सद्दाम की सरकार गिरा दी गई। कुछ महीनों बाद सद्दाम हुसैन को पकड़ लिया गया।
इसके बाद सद्दाम पर इराक की अदालत में मुकदमा चलाया गया। इस दौरान इराक पर अमेरिकी सेना का कंट्रोल था।
2006 में इराकी अदालत ने सद्दाम हुसैन को दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई।
विदेश
अमेरिका में ईरानी स्लीपर सेल एक्टिव, तेहरान से बस “Go” का इंतजार ! FBI और DHS हाई अलर्ट पर
वाशिंगठन, एजेंसी। मध्य-पूर्व में बम और मिसाइलें गरज रही हैं, लेकिन अमेरिका के भीतर खामोशी में एक और खतरा पनप रहा है। ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेहरान से कथित “गो सिग्नल” मिलने पर स्लीपर सेल या कट्टरपंथी समर्थक बदले की कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक किसी ठोस आतंकी साजिश की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क मोड में है।
देशभर में FBI और DHS की बड़ी तैनाती
Federal Bureau of Investigation (FBI) और United States Department of Homeland Security (DHS) ने काउंटर-टेरर टीमों को सक्रिय कर दिया है। FBI निदेशक काश पटेल (Kash Patel) के नेतृत्व में जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस जैसे शहरों में चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। पूर्व DHS सलाहकार चार्ल्स मैरीनो ने चेतावनी दी है कि “10, 15 या 20 लोगों का कोई सेल एक साथ या लगभग एक साथ हमला कर सकता है -यह संभव है।”
वर्ल्ड कप पर मंडराता काला साया
आगामी FIFA World Cup को “नेशनल स्पेशल सिक्योरिटी इवेंट” घोषित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्टेडियम जैसे MetLife Stadium आतंकियों के लिए हाई-विजिबिलिटी टारगेट हो सकते हैं। मैरीनो ने 2008 के 2008 Mumbai attacks जैसी समन्वित, बहु-स्थान हमलों की आशंका जताई।सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार खतरा ‘लोन वुल्फ’ से लेकर संगठित सेल तक कई स्तरों पर हो सकता है। ईरान समर्थित संगठित स्लीपर सेल खुद से कट्टरपंथी बने “लोन वुल्फ”, ऑनलाइन प्रचार से प्रेरित हमलावर ईरान से जुड़े संगठनों से Islamic Revolutionary Guard Corps, Hezbollah और Hamas पर विशेष नजर रखी जा रही है।
ऑस्टिन गोलीबारी की जांच
टेक्सास के ऑस्टिन में हाल की एक गोलीबारी भी जांच के दायरे में है। संदिग्ध के कपड़ों पर कथित रूप से ईरानी प्रतीक थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह व्यक्तिगत रूप से प्रेरित हमला था या अंतरराष्ट्रीय तनाव से जुड़ा हुआ
खतरे की असली चुनौती
अधिकारियों ने कांग्रेस को बताया है कि अभी तक अमेरिका पर किसी पूर्व-नियोजित ईरानी हमले की ठोस खुफिया जानकारी नहीं है। लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अनिश्चितता ही सबसे बड़ा खतरा है। “जब आप संभावना का प्रतिशत भी तय नहीं कर सकते, तो वही सबसे डरावनी स्थिति होती है,” एक पूर्व अधिकारी ने कहा। अमेरिका के भीतर फिलहाल शांति है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। बड़े सार्वजनिक आयोजन, भीड़भाड़ वाले स्थल और राष्ट्रीय प्रतीकात्मक स्थान आने वाले हफ्तों में कड़ी सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
विदेश
बेरूत में हमलों के बीच पैसेंजर प्लेन ने उड़ान भरी
तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का आज चौथा दिन है। इजराइली और अमेरिकी सेनाओं ने मंगलवार को भी ईरान के अहम ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले किए। उसने गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बर्बाद करने का दावा भी किया।
शनिवार को शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई की मौत हो चुकी है। अमेरिका-इजराइल तीन दिन में 2000 से ज्यादा बम गिरा चुके हैं। इससे ईरान में 787 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं।
हमलों के बीच पर्व, प्रार्थना

इजराइल में यहूदी पर्व पुरिम ( Purim) मनाया जा रहा है। इस मौके पर तेल अवीव में मंगलवार को एक बम शेल्टर में स्थानीय लोगों ने बुक ऑफ ईथर का पाठ किया और तोराह स्क्रॉल उठाया। यह पर्व प्राचीन फारस में यहूदियों के नरसंहार से बचाए जाने की स्मृति में मनाया जाता है।
हमलों के बीच संदेश

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नह्यान और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हामदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम दुबई मॉल में खरीदारी कर रहे लोगों के बीच घूमते नजर आए। यह घटना ऐसे समय में हुई जब देश ने ईरान की तरफ से लॉन्च किए गए ड्रोन और हवाई हमलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है।
जंग के बीच मजबूरी

लेबनान की राजधानी बेरूत में इजराइली हवाई हमलों के बीच पैसेंजर विमान को उड़ान भरते हुए देखा गया। यह पता नहीं चला कि वह कहां जा रहा था। कहा गया इस विमान से बेरूत में फंसे लोगों को निकाला गया।

UN की शरणार्थी एजेंसी UNHCR के मुताबिक, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद लेबनान में कम से कम 30,000 लोग अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शिफ्ट हो गए हैं।
हमलों में विरासत खत्म

इजराइल ने ईरान के 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस पर हमला किया है। हमले में इसका कुछ हिस्सा डैमेज हो गया। वहां रखी गई कीमती और ऐतिहासिक चीजों को पहले ही सुरक्षित जगह पर रख दिया गया था, इसलिए वे बच गईं। साल 2013 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया था।
विदेश
ईरान से बात करेंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन:मिडिल ईस्ट देशों पर हमला रोकना मकसद, सऊदी क्राउन प्रिंस और कतर के अमीर से चर्चा कर चुके
तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। ईरान से जारी जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान से बातचीत करेंगे। इसका मकसद मिडिल-ईस्ट देशों पर हो रहे हमलों को रोकना और बढ़ते तनाव को कम करना है।
पुतिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने संघर्ष के गंभीर परिणामों को लेकर चिंता जताई।
क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन खाड़ी देशों की चिंताओं को सीधे तेहरान तक पहुंचाएंगे और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात को स्थिर करने की कोशिश करेंगे।
हालिया हमलों में ईरान ने सऊदी रिफाइनरी, UAE के फुजैराह एनर्जी सेंटर और कतर के रस लाफान LNG फैसिलिटी को निशाना बनाया। इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है।
जंग में ईरान का नुकसान…
- 4 दिन में 787 लोगों की मौत हो चुकी है।
- 153 शहरों को निशाना बनाया गया।
- कुल 504 जगहों पर 1,039 हमले हुए।
- यह जानकारी ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने दी है।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…

ईरान के हमले से UAE में भारी नुकसान हुआ। सैटेलाइट इमेज में दुबई के पॉम बीच की हमले से पहले और बाद की तस्वीर।

इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम का सोमवार रात ईरानी मिसाइल को गिराने का फुटेज।

ईरान की सरकारी मीडिया ने मिसाइल लॉन्च का नया फुटेज जारी किया है।

ईरान पर हमले के दौरान अमेरिकी सैनिक। सोर्स- इजराइली मीडिया वाइनेट।

ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया है। यहां हमले के बाद धुआं उठता नजर आया।

ईरान के सनंदज शहर पर हमला हुआ है। इसमें दो लोग मारे गए हैं।
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