विदेश
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला, राष्ट्रपति को पकड़ा:ट्रम्प बोले- मादुरो और उनकी पत्नी अब हमारे कब्जे में, रात में एयरस्ट्राइक की थी
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1 month agoon
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Divya Akashकाराकस,एजेंसी। अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला अब अमेरिकी सैनिकों के कब्जे में हैं। उन्हें वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है।
अमेरिका ने बीती रात करीब 2 बजे (भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह 11:30 बजे) वेनेजुएला के 4 शहरों पर हमले किए थे। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों ने मिलिट्री ठिकानों और खास जगहों को निशाना बनाया। ट्रम्प ने कहा कि वे सुबह 11 बजे (भारतीय समय के मुताबिक रात 9:30 बजे) प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर पूरी जानकारी देंगे।
वेनेजुएला में इमरजेंसी लागू
अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने बयान जारी कर कहा था कि वे जवाब देंगे। उन्होंने देशभर में इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया था। उनके बयान जारी करने के 1 घंटे बाद ट्रम्प ने उन्हें पकड़ने का ऐलान किया।
वेनेजुएला पर हमले की तीन बड़ी वजह…
- तेल कंपनियों को लेकर विवाद: ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनियों के तेल अधिकार अवैध रूप से छीन लिए थे।
- ड्रग्स तस्करी: ट्रम्प के मुताबिक वेनेजुएला अमेरिका में खतरनाक ड्रग्स की तस्करी करता है। ड्रग्स ले जा रहे 35 नावों पर हमला कर चुका।
- मादुरो का तख्तापलट: अमेरिका राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट करना चाहता है। अमेरिका मादुरो को तानाशाह और ड्रग तस्कर मानता है।
- गृहमंत्री ने जनता से हिम्मत न हारने की अपील की
- वेनेजुएला के गृहमंत्री डियोसदादो काबेलो ने टीवी पर देश के लोगों से शांत रहने की अपील की है। उन्हें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का सबसे भरोसेमंद नेता माना जाता है। काबेलो ने लोगों से सरकार और नेतृत्व पर भरोसा करने को कहा। काबेलो ने कहा, “कोई भी हिम्मत न हारे। कोई भी ऐसा काम न करे जिससे देश पर हमला करने वाले दुश्मन को फायदा मिले।”
- मादुरो के पकड़े जाने की तस्वीर वायरल

मादुरो के पकड़े जाने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें DEA (ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन) के अधिकारी मादुरो को पकड़कर कहीं ले जा रहे हैं।
DEA अमेरिका की सरकारी एजेंसी है। इसका काम ड्रग्स से जुड़े अपराधों को रोकना है। यह अवैध ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करती है। यह अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के अंडर काम करती है। - अमेरिका में निकोलस मादुरो पर मुकदमा चलाया जाएगा
- रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली के मुताबिक, अमेरिका में निकोलस मादुरो पर मुकदमा चलाया जाएगा।
- ली ने कहा कि उनकी इस मामले में विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई है। रुबियो ने उन्हें बताया कि मादुरो की गिरफ्तारी अमेरिकी एजेंसियों ने की। इसे सुरक्षित तरीके से अंजाम देने के लिए सैन्य कार्रवाई की गई।
- अमेरिका ने तीसरी बार किसी राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ाये पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश पर सैन्य कार्रवाई करके वहां के राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ा, इसके पहले 2003 में इराक और 1989 में पनामा में भी कुछ ऐसे ही ऑपरेशन चलाए गए थे।
पनामा, 1989: अमेरिका ने लैटिन अमेरिकी देश पनामा पर हमला किया था। अमेरिका ने पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को सत्ता से हटाया था, जिन पर ड्रग तस्करी और अमेरीकी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था।
इस हमले में अमेरिकी सेना ने पनामा सिटी समेत कई इलाकों पर बमबारी की थी, जिसमें करीब 2 हजार लोगों की मौत हुई थी और नोरिएगा को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया था।
1992 में अमेरिकी अदालत ने नोरिएगा को 40 साल की सजा सुनाई।
इराक, 2003: अमेरिका ने इराक पर हमला किया। इसका मकसद इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाना था, जिन पर अमेरिका ने इराक के कई समुदायों पर हिंसा करने अल-कायदा का समर्थन करने और परमाणु हथियार रखने के आरोप लगाए थे।
अमेरिकी सेना ने बगदाद समेत कई शहरों पर बमबारी की और सद्दाम की सरकार गिरा दी गई। कुछ महीनों बाद सद्दाम हुसैन को पकड़ लिया गया।
इसके बाद सद्दाम पर इराक की अदालत में मुकदमा चलाया गया। इस दौरान इराक पर अमेरिकी सेना का कंट्रोल था।
2006 में इराकी अदालत ने सद्दाम हुसैन को दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई।
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देश
बांग्लादेश में 20 साल बाद BNP की जीत:तारिक रहमान का PM बनना तय, ममता बनर्जी ने भाई कहकर बधाई दी
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2 days agoon
February 13, 2026By
Divya Akashढाका/कोलकाता,एजेंसी। बांग्लादेश में गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। प्रथोम ओलो के मुताबिक BNP+गठबंधन ने 299 सीटों में से 212 सीटें हासिल कर बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया। अब तक 297 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं।
जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को अब तक 77 सीटें मिली हैं। देश में करीब 20 साल बाद BNP की सरकार बनेगी। 2008 से 2024 तक वहां शेख हसीना की आवामी लीग सत्ता में थी। इस जीत के साथ BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है।
तारिक ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की है। तारिक रहमान की जीत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘मेरे भाई तारिक, उनकी टीम और बाकी सभी को बधाई।
बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बनेगा। 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 1991 से 2024 तक देश की राजनीति में पूर्व पीएम शेख हसीना और खालिदा जिया का दबदबा रहा। ये दोनों ही प्रधानमंत्री बनती रहीं।
हिंदू-अवामी लीग के वोट BNP को मिले, जमात को हराया
बांग्लादेश चुनाव में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी बुरी तरह हारी है। उसके गठबंधन को सिर्फ 70 सीटें मिलीं हैं। शेख हसीना की सरकार गिराने वाले स्टूडेंट्स की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी यानी NCP को भी बांग्लादेशियों ने नकार दिया।
एक्सपर्ट्स BNP की एकतरफा जीत की तीन वजह बताते हैं…
- पूर्व PM शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के वोट खासकर हिंदू वोटर BNP में शिफ्ट हो गए। BNP को अवामी लीग के गढ़ रहे गोपालगंज के अलावा खुलना, सिलहट, चटगांव, ठाकुरगंज में जीत मिली है।
- जमात का अतीत आड़े आ गया, लोगों को याद रहा कि उसने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का विरोध किया था। जमात इस दाग को नहीं धो पाई।
- स्टूडेंट्स की नेशनल सिटीजन पार्टी को आपसी फूट और जमात से गठबंधन करना भारी पड़ा। उन्हें लोगों ने पूरी तरह खारिज कर दिया।
बांग्लादेश में चुनाव की तस्वीरें…

अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस वोट डालते हुए।

BNP अध्यक्ष तारिक रहमान वोट डालते हुए। रहमान पीएम पद के सबसे बड़े दावेदार हैं।

NCP लीडर नाहिद इस्लाम ने वोट डालने के बाद सरकार बनने की उम्मीद जताई।

जमात-ए-इस्लामी के नेता शफीकुर रहमान ने कल कहा था कि अगर चुनाव निष्पक्ष हुए तो उनकी पार्टी चुनाव परिणाम स्वीकार कर लेगी।

इस चुनाव में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में वोट डाला।

मतदान पूरा होने के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई।
बांग्लादेश में वोटिंग के दौरान झड़पें हुई
बांग्लादेश में वोटिंग के दौरान कई जगहों पर झड़पें भी हुई। खुलना में एक वोटिंग सेंटर के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में एक BNP नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई।
दूसरी तरफ मुंशीगंज-3 और गोपालगंज सदर इलाके में वोटिंग सेंटर के बाहर देसी बम फेंके गए। गोपालगंज सदर इलाके में धमाके से 3 लोग घायल हो गए थे।
बांग्लादेश चुनाव को लेकर भारत ने नतीजों का इंतजार करने के लिए कहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नतीजे आने के बाद ही यह देखा जाएगा कि जनादेश किस तरह का है।

बिज़नस
इलॉन मस्क की AI कंपनी चांद पर फैक्ट्री लगाएगी:इससे सूर्य की ऊर्जा कैप्चर होगी, मस्क बोले- ये शायद इंसानों को एलियन से मिला सके
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3 days agoon
February 12, 2026By
Divya Akashवॉशिंगटन,एजेंसी। दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क चांद पर AI सैटेलाइट फैक्ट्री लगाएंगे। मस्क ने बताया कि वे इसके जरिए सूरज की ऊर्जा कैप्चर करना चाहते हैं। मस्क ने अपनी AI कंपनी XAI की इंटरनल मीटिंग का 45 मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ये जानकारी सामने आई है।
इलॉन मस्क की मीटिंग से जुड़ी बड़ी बातें…
1. सूरज की ऊर्जा का इस्तेमाल
मस्क ने कहा अगर हम आज की मानव सभ्यता की ऊर्जा खपत को देखें, तो हम पृथ्वी की संभावित ऊर्जा का केवल 1% हिस्सा ही इस्तेमाल कर रहे हैं।
अगर हम सूरज की कुल ऊर्जा का 10 लाखवां हिस्सा भी हासिल कर लें, तो वह आज की सभ्यता द्वारा उपयोग की जाने वाली ऊर्जा से करीब 10 लाख गुना ज्यादा होगी।
सूरज हमारे सौर मंडल के कुल द्रव्यमान का 99.8% है। अगर हमें सूरज की ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है, तो हमें पृथ्वी की सीमा से बाहर निकलना ही होगा।
‘मास ड्राइवर’ से डीप स्पेस में चांद से लॉन्च होंगे सैटेलाइट्स
हमारा अगला कदम ‘अर्थ ऑर्बिटल डेटा सेंटर्स’ है। हम स्पेसएक्स की मदद से हर साल 100 से 200 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर्स अंतरिक्ष में लॉन्च करेंगे।
उन्होंने कहा अगर हमें 1 टेरावॉट से भी आगे जाना है, तो चांद पर जाना होगा। मस्क ने बताया वे चांद पर ऐसी फैक्ट्रियां बनाएंगे जो एआई सैटेलाइट्स तैयार करेंगी।
वहां एक ‘मास ड्राइवर’ भी लगाया जाएगा। यह चांद से एआई सैटेलाइट्स को सीधे डीप स्पेस में लॉन्च करेगा। इससे हम सूरज की ऊर्जा के कुछ प्रतिशत हिस्से तक पहुंच पाएंगे।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्चर चांद से सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में छोड़ेगा।
पूरे सौर मंडल में कहीं भी इंसानी बस्तियां बसा सकेंगे
मस्क का विजन असल में ‘डाइसन स्फीयर’ के कॉन्सेप्ट पर आधारित है। यह एक ऐसा विशाल ढांचा होता है जो ऊर्जा को कैप्चर करने के लिए पूरे सूरज को चारों तरफ से ढक लेता है।
मस्क चांद पर ‘मास ड्राइवर’ के जरिए जो एआई सैटेलाइट्स भेजेंगे, वे धीरे-धीरे सूरज के चारों ओर ऐसा ही एक जाल या घेरा बनाएंगे। इससे हमारे पास इतनी बिजली होगी कि हम पूरे सौर मंडल में कहीं भी इंसानी बस्तियां बसा सकेंगे और बड़े से बड़े स्पेसशिप चला सकेंगे।

‘डाइसन स्फीयर’ एक मेगास्ट्रक्चर है, जिसे किसी तारे (जैसे सूरज) के चारों ओर उसकी ऊर्जा का पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए बनाया जा सकता है।
2. फाउंडिंग टीम के 12 मेंबर्स में से 6 को निकाला
मीटिंग में मस्क ने बताया कि कंपनी से कई पुराने कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है। इसमें कंपनी की शुरुआत करने वाली फाउंडिंग टीम के सदस्य भी शामिल हैं।
xAI की शुरुआत करने वाले 12 मुख्य सदस्यों में से अब केवल आधे ही मस्क के साथ बचे हैं। मस्क ने इसे कंपनी के ‘ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर’ में बदलाव का नाम दिया है।
3. चार टीमों में बंटी xAI, ‘मैक्रोहार्ड’ प्रोजेक्ट सबसे खास
- ग्रोक टीम: यह चैटबॉट और वॉयस फीचर्स पर काम करेगी।
- कोडिंग टीम: एप के सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए।
- इमेजिन टीम: यह वीडियो जेनरेशन टूल पर फोकस करेगी।
- मैक्रोहार्ड प्रोजेक्ट: यह कंप्यूटर सिम्युलेशन से लेकर पूरी कंपनियों की मॉडलिंग करेगी। इसका लक्ष्य एआई के जरिए रॉकेट इंजन तक डिजाइन करना है।
यह प्रोजेक्ट सिर्फ साधारण सॉफ्टवेयर नहीं बनाएगा, बल्कि पूरी की पूरी कंपनियों का ‘डिजिटल सिमुलेशन’ तैयार करेगा। इसका मतलब है कि एआई एक कंपनी के हर विभाग, सप्लाई चेन और बिजनेस फैसलों का एक कंप्यूटर मॉडल बना देगा। इससे किसी भी बड़े फैसले को असल में लागू करने से पहले एआई पर टेस्ट किया जा सकेगा कि उसका नतीजा क्या होगा।
मैक्रोहार्ड का एक बड़ा लक्ष्य एआई के जरिए जटिल मशीनों को डिजाइन करना है। यह एआई इतना एडवांस होगा कि खुद ही रॉकेट के इंजन और उनके पार्ट्स के डिजाइन तैयार करेगा, जिससे इंसानी गलती की गुंजाइश खत्म हो जाएगी और काम की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
4. इंसानों की जगह सॉफ्टवेयर खुद लिखेगा पूरा प्रोग्राम
अब AI मॉडल्स किसी भी समस्या को एक अनुभवी इंजीनियर की तरह समझते हैं। अगर प्रोग्राम में कोई गलती आती है, तो वे उसे ढूंढकर खुद ही ठीक भी कर सकते हैं।
मस्क ने कहा कि इस साल के अंत तक शायद कोडिंग लिखने की जरूरत ही न पड़े। AI सीधे ‘बाइनरी’ (कंप्यूटर की अपनी भाषा यानी 0 और 1) में फाइलें बना देगा। यह काम किसी भी इंसानी प्रोग्रामर या मौजूदा सॉफ्टवेयर (कंपाइलर) से कहीं ज्यादा बेहतर और तेज होगा।
मस्क का दावा है कि अगले 2-3 महीनों में उनका ‘ग्रोक कोड’ दुनिया का सबसे बेहतरीन कोडिंग मॉडल बन जाएगा, जो चुटकियों में जटिल से जटिल सॉफ्टवेयर तैयार कर देगा।

मस्क ने भविष्यवाणी की है कि इस साल के अंत तक शायद कोडिंग लिखने की जरूरत ही न पड़े।
5. AI बना पाएगा 20 मिनट तक लंबे वीडियो
XAI की इमेजिन टीम साल के अंत तक ऐसे मॉडल्स लाएगी जो एक बार में 10 से 20 मिनट के लंबे वीडियो बना सकेंगे। इसमें किसी मानवीय दखल की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
6. ‘मेम्फिस क्लस्टर’ धरती का सबसे बड़ा सुपरकंप्यूटर
मस्क के पास दुनिया का सबसे बड़ा GPU क्लस्टर है। ये 24 घंटे बिना रुके काम करता है। इसका मुख्य काम AI चैटबॉट ‘ग्रोक’ के अगले और एडवांस वर्जन को ट्रेनिंग देना है। यहां हजारों ऑपरेटिंग सिस्टम एक साथ मिलकर विशाल दिमाग की तरह काम कर रहे हैं।
मस्क की टीम ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि डेटा सेंटर का एक बड़ा हिस्सा मात्र 6 हफ्ते में तैयार किया गया है। हॉल के अंदर 1363 किलोमीटर लंबी फाइबर केबल बिछाई गई है। पूरा क्लस्टर तैयार होने पर यह 1 गीगावाट से ज्यादा बिजली खर्च करेगा।
7. छत पर लिखवाया ‘मैक्रो हार्ड’
मस्क ने अपनी सफलता का मंत्र ‘कंप्यूट एडवांटेज’ (ज्यादा से ज्यादा मशीनी ताकत) को बताया। एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने भी माना कि मस्क जितनी तेजी से एआई इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया में कोई नहीं बना सकता। मस्क ने डेटा सेंटर की छत पर ‘Macro Hard’ (माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर तंज) लिखवाया है।

मस्क ने डेटा सेंटर की छत पर ‘Macro Hard’ (माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर तंज) लिखवाया है।
8. ग्रोक वॉइस और ‘एवरीथिंग एप’ का विजन
वॉइस टीम ने बताया कि सितंबर 2024 तक उनके पास कोई वॉइस मॉडल नहीं था, लेकिन सिर्फ 6 महीने में उन्होंने स्क्रैच से ऐसा मॉडल बनाया जो ओपन एआई को टक्कर दे रहा है। उनका लक्ष्य इसे सिर्फ सवाल-जवाब तक सीमित न रखकर एक ‘एवरीथिंग एप’ बनाना है।

विदेश
अमेरिका ने इंडियन मैप वाला पोस्ट हटाया:PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया था, पाकिस्तान-चीन से तनाव की अटकलें लगी थीं
Published
4 days agoon
February 11, 2026By
Divya Akashवॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। अमेरिका ने बुधवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन (चीन के कब्जे वाला इलाका) को भारत का हिस्सा दिखाने वाला पोस्ट डिलीट कर दिया है।
यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने 7 फरवरी को भारत-अमेरिका के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट के बाद किए गए पोस्ट में इंडियन मैप शेयर किया था। जारी होने के बाद यह नक्शा चर्चा में आ गया था।
अब तक अमेरिकी एजेंसियां इंडियन मैप में PoK और अक्साई चिन को विवादित इलाके के तौर पर अलग रंग या ‘डॉटेड लाइन्स’ से दिखाती थी। हालांकि, इस पोस्ट में ऐसा कोई निशान या लाइन नहीं थी, बल्कि पूरे क्षेत्र को भारत का अभिन्न हिस्सा दिखाया गया था।
इस बदलाव के बाद कई एक्सपर्ट का कहना था कि पाकिस्तान और चीन के साथ अमेरिका के रिश्तों में तनाव के बीच यह कदम भारत के समर्थन का संकेत हो सकता है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे गलती से जारी हुआ बताया। इन तमाम अटकलों के बीच अब USTR ने यह पोस्ट हटा दिया है। हालांकि, इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अमेरिका ने यह इंडियन मैप शेयर किया था…

अमेरिकी ट्रेड ऑफिस ने यह इंडियन मैप अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के ऐलान के साथ पोस्ट किया था, जिसे अब हटा दिया गया है।
PoK को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद
भारत और पाकिस्तान के बीच PoK विवाद जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से जुड़ा सबसे पुराना विवाद है। यह 1947 से चला आ रहा है और दोनों देशों के बीच युद्ध, तनाव और कूटनीतिक लड़ाई का कारण बना हुआ है।
विवाद की शुरुआत
- 1947: भारत-पाकिस्तान विभाजन- भारत के विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत (प्रिंसली स्टेट) थी, जिसके महाराजा हरि सिंह हिंदू थे, लेकिन आबादी में मुस्लिम बहुमत में थे। विभाजन के नियम के अनुसार, रियासतें भारत या पाकिस्तान में शामिल हो सकती थीं या स्वतंत्र रह सकती थीं।
- 1947-48: पहला भारत-पाकिस्तान युद्ध- पाकिस्तान से आए मिलिशिया ने कश्मीर पर हमला किया। महाराजा हरि सिंह ने मदद के लिए भारत से संपर्क किया और 26 अक्टूबर 1947 को इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन (विलय पत्र) पर हस्ताक्षर किए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया। भारत ने सैन्य मदद भेजी।युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने क्षेत्र के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे अब PoK कहा जाता है। 1949 में UN की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ और सीजफायर लाइन (बाद में लाइन ऑफ कंट्रोल – LoC) बनाई गई, जो दोनों देशों के नियंत्रण को अलग करती है।
- भारत का दावा- भारत कहता है कि पूरा जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) उसका अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने भारत में विलय किया था। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। भारत PoK को अवैध कब्जा मानता है और इसे वापस लेने की बात करता है।
- पाकिस्तान का दावा- पाकिस्तान कहता है कि कश्मीर मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, इसलिए वह पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए। पाकिस्तान PoK को आजाद कश्मीर कहता है और वहां अपनी तरह की सरकार चलाता है। पाकिस्तान UN के पुराने प्रस्तावों का हवाला देता है, जिसमें कश्मीरियों को जनमत संग्रह का अधिकार देने की बात थी।
पाकिस्तानी PM बोले थे- कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा
अमेरिका के मैप शेयर करने से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 5 फरवरी को बयान जारी कर कहा था कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ मजबूती से खड़ा है और जम्मू-कश्मीर विवाद का हल कश्मीर के लोगों की इच्छा के मुताबिक होना चाहिए। शहबाज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों को लागू करने से ही हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘मैं पाकिस्तानी लोगों और पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से कश्मीर के अपने भाइयों के साथ एकजुटता दिखाने आया हूं।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने इस क्षेत्र को पाकिस्तान की लाइफ लाइन बताया था।
शहबाज बोले- कश्मीर का मुद्दा हमारी फॉरेन पॉलिसी की नींव है
शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान की फॉरेन पॉलिसी का आधार है। शहबाज ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद कश्मीर मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी ताकत के साथ उठाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अब प्रॉक्सी के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। पाकिस्तान, मिलिटेंट ग्रुप बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को भारत का समर्थन मिलने का दावा करता है, जबकि भारत ऐसे आरोपों को हमेशा खारिज करता रहा है।


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