भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय की अनुपम और अनोखी पहल से खेलों के माध्यम से महिलाओं को गुदगुदाया, घंटों तक रोमांच की दुनिया का कराया सफर सरोज पाण्डेय ने कहा-धन्यवाद कोरबा, अपेक्षा से अधिक कार्यक्रम को बनाया सफल
कोरबा। 12 अप्रैल का दिन कोरबा के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। भाजपा के दो धु्रवों के बीच एक तरह से शक्ति प्रदर्शन था। एक तरफ मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित था, तो दूसरी ओर कोरबा लोकसभा की भाजपा प्रत्याशी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय का अशोक वाटिका में बपचन की टिकट का अद्भूत कार्यक्रम आयोजित था।
बचपन की टिकट कोरबा की महिलाओं के लिए एक अद्भूत अनुभव साबित हुआ। कोरबा के लिए ऐसा प्रथम बार कार्यक्रम महिलाओं के लिए आयोजित था, जिसमें 10,000 से अधिक महिलाओं ने अपनी भागीदारी निभाई। सबसे अद्भूत और रोमांच का दृश्य उस समय देखने को मिला जब कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत और उनकी टीम वर्सेस बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी और उनकी टीम के बीच कबड्डी खेली गई। रोमांच चरम पर था और तालियों की गड़गड़ाहट और हौसला के बीच कोरबा महापौर बिलासपुर की टीम को समेटने के लिए मैदान में उतरीं और कबड्डी…कबड्डी बोलते-बोलते बिलासपुर टीम के पाले में गई, लेकिन खुद पटकनी खा गईं। बिलासपुर महापौर जब मैदान में कुदीं तो वे बैरंग लौट गईं। महिला पार्षदों ने दमखम दिखाया और दोनों टीम अपनी खेल प्रतिभा से एक-दूसरे पर भारी दिख रहे थे, लेकिन बाद में जजों ने दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया, लेकिन बिलासपुर महापौर और उनकी टीम ने रोमांचक हंगामा किया और कहा-जीत हमारी हुई। उपविजेता के रूप में नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की टीम रही।
छत्तीसगढ़ी खेलों ने गुदगुदाया:बचपन की यादों में खोईं महिलाएं
सुश्री सरोज पाण्डेय की इस अद्भूत पहल से संध्या 5.00 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक अशोक वाटिका महिलाओं की भीड़ से आबाद रहा। ऐसा दृश्य कोरबा में पहली बार देखने को मिला। अलग-अलग खेलों के लिए जोन में बांटा गया था, जहां कबड्डी, खो-खो, जलेबी दौड़, फूगड़ी, बोरा दौड़, हौजी, सुआ नृत्य, रस्सी खींच, कुर्सी दौड़, गोटा, बिल्लस सहित कई रोमांचित छत्तीसगढ़ी खेलों में महिलाएं व्यस्त रहीं और अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रही थीं। चारों तरफ उल्लास और उमंग का माहौल था। घर की जिम्मेदारियां, महिलाओं की व्यस्तता के बीच तीन घंटे सुकून के पल अशोक वाटिका में महिलाओं सहित युवतियां खेलों के माध्यम से बिताया और महिलाओं ने इसे रोमांच का अद्भूत उदाहरण बताया और सुश्री सरोज पाण्डेय को इस तरह के आयोजन के लिए हृदय से धन्यवाद दिया।
कई हस्तियां पहुंची थीं
कोरबा के लिए इस ऐतिहासिक और अनोखा कार्यक्रम -बपचन की टिकट को अनुभव करने, खेलने छत्तीसगढ़ की कई प्रतिभाएं यहां मौजूद थीं। सुश्री सरोज पाण्डेय के अलावा कोरबा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय सहित कई महिला प्रतिभाएं यहां रोमांच का अनुभव लिया और खुद बचपन में खो गईं।
पूजा विधानी ने कहा-महिलाओं के लिए सराहनीय कार्यक्रम
बिलासपुर महापौर ने कबड्डी में अपनी और टीम की प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरोज दीदी की सोच काफी प्रशंसनीय रहती है। बचपन की टिकट-कार्यक्रम का अनुभव वाकई में रोमांच पैदा कर गया। ऐसा आयोजन महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए।
महिलाओं के बीच महिलाओं का प्रदर्शन नया अनुभव दे गया- कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत
कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत ने कबड्डी में टीम के साथ अपनी प्रतिभाएं दिखाईं। उन्होंने पत्रकारों से रू ब रू होकर कहा कि महिलाओं के बीच महिलाओं का खेल प्रदर्शन अद्भूत और अनोखा अनुभव दे गया। हमारी भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज दीदी का यह कार्यक्रम कोरबा के लिए ऐतिहासिक अनुभव दे गया। महिलाओं की अपार भीड़ के बीच खेलों ने हमें गुदगुदाया और सुकून दे गया। ऐसा कार्यक्रम महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए। यह अनुभव महिलाओं के लिए खास रहा और घंटों तक हमारी महिलाएं जीवन की आपाधापी से दूर कुछ पल अपनों के साथ बीताया, बचपन की यादों में खोई रहीं।
अपेक्षा से कहीं अधिक सफल रहा कार्यक्रम, धन्यवाद कोरबा-सुश्री सरोज पाण्डेय
कार्यक्रम की संयोजिका सुश्री सरोज पाण्डेय ने बचपन की टिकट-कार्यक्रम में महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी से काफी रोमांचित हुईं और मंच पर कहा- धन्यवाद कोरबा! इस कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने अपेक्षा से अधिक सफल बनाया, हम कृतार्थ हैं।
बचपन की टिकट-एक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, छत्तीसगढ़ी खेलों के प्रति पुनर्जागरण का संदेश था, महिलाओं के जीवन में आपाधापी के बीच सुकून के पल बिताने का अवसर था। घर से निकलकर अपने लिए महिलाओं को जीने का सुअवसर प्रदान करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था, जिसमें हम सफल हुए। कोरबा ने बता दिया कि हम इस तरह के कार्यक्रम को और आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। सखी-सहेली महिला समूह छत्तीसगढ़ के बैनर तले सरोज पाण्डेय के इस कार्यक्रम को सभी ने सराहा…।
टीम के सदस्यों से रू ब रू होते सरोज पाण्डेय
टीम के सदस्यों से रू ब रू होते भाजपा नेता
मशाल जलाकर प्रतियोगिता का शुभारंभ
खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ मशाल जलाकर किया गया और मशाल रैली में मंत्री लखनलाल देवांगन, सुश्री सरोज पाण्डेय, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, व्यापारी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक विकास अग्रवाल, कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार सहित कई हस्तियां शामिल हुईं।
पुरूस्कारों से विजेता टीमों के खिले चेहरे
इस अनुपम और अनोखी खेल प्रतियोगिता के समापन के बाद अतिथियों ने सभी विजेता टीम, खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। विजेताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखर रही थी। एक ओर बचपन की यादें और दूसरी ओर जीत की खुशी चेहरों पर झलक रही थीं।
कोरबा 07 सितम्बर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने नगरीय क्षेत्र में सड़कों पर घूमते मवेशियों के संबंध में नगर पालिका परिषद कटघोरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुद्रिका प्रसाद तिवारी एवं नगर पंचायत छुरीकला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोहर लाल गहवरिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि सड़क सुरक्षा/प्रोटोकाल कार्यक्रम के तहत एसडीएम कटघोरा द्वारा विशिष्ट अतिथियों के सम्बंधित क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सड़कों पर घूमते मवेशियों के उचित व्यवस्थापन के संबंध में नगरीय निकाय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी दिनांक 29 अगस्त 2026 को विशिष्ट अतिथियों के उक्त क्षेत्र के भ्रमण के दौरान सड़कों पर मवेशी घूमते पाए गए। इस संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने को गंभीरता से लिया गया है। इसी प्रकार सामान्य दिनों में सड़क पर घुमंतू मवेशियों के उचित व्यवस्थापन हेतु निकाय द्वारा अपेक्षित कार्यवाही की प्रगति नगण्य है। नोटिस में कहा गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में मवेशियों के विचरण को रोकने तथा उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए दिए गए निर्देशों का विधिसम्मत पालन नहीं होना कार्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। साथ ही उच्च अधिकारियों के दिये निर्देशो को गम्भीरता से नही लेना कर्तव्य के प्रति तत्परता के अभाव को प्रदर्शित करता है। इस हेतु कलेक्टर श्री दुदावत ने सम्बंधित नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारियो को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर जनदर्शन में 6 दिव्यांगों को तत्काल मिले सहायक उपकरण
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में सीईओ जिला पंचायत के माध्यम से सहायक उपकरण किया गया प्रदान
कोरबा, 07 सितंबर 2026। कलेक्टर जनदर्शन में अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को लेकर पहुंचे दिव्यांगजनों के आवेदनों पर जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित पहल करते हुए 6 हितग्राहियों को तत्काल सहायक उपकरण उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जनदर्शन में आए दिव्यांगों के प्राप्त आवेदनों को संवेदनशीलता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा श्री प्रतीक जैन द्वारा हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किया गया। जनदर्शन मे आए दिव्यांग परदेशी दास पिता ज्ञानदास निवासी धवईपुर कटघोरा को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, गुड्डी सागर पिता मोहनसागर निवासी मोतीसागर पारा कोरबा को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल व वॉकर तथा रामजी साव पिता सरबजिस साव निवासी दर्री कोरबा को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। इसी प्रकार ललित जांगड़े पिता सुखीराम जांगड़े निवासी कुसमुंडा कोरबा को व्हीलचेयर, कु. दृष्टि महंत पिता शंकर दास निवासी दुरपा रोड कोरबा को सी.पी. चेयर तथा निरवर पिता मिर्जा इसराइल बेग निवासी जिला कोरबा को सी.पी. चेयर प्रदान की गई। सहायक उपकरण प्राप्त होने से दिव्यांग हितग्राहियों के लिए दैनिक जीवन की आवश्यक गतिविधियां अधिक सहज होंगी तथा उन्हें आवागमन और सामान्य जीवन में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन की इस त्वरित एवं संवेदनशील पहल से हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रशासन के प्रति आभार जताया। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर यथासंभव त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि जरूरतमंद नागरिकों को शासकीय योजनाओं और सहायता का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के लिए केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और बेहतर जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग हैं। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता अनुरूप योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सुगमता एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर ओंकार यादव, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम एवं उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, कोरबा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में दीक्षारम्भ समारोह में बोले मंत्री, बेटियां जितना पढ़ेंगी, उतना ही सशक्त होगा परिवार, समाज और प्रदेश
कोरबा, 07 सितंबर 2026। शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, कोरबा में सोमवार को आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत अतिविशिष्ट अतिथि तथा कलेक्टर कुणाल दुदावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने नवप्रवेशित छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बेटियां दो कुलों का नाम रोशन करती हैं। बेटियां जितना अधिक पढ़ेंगी, उतना ही परिवार, समाज, प्रदेश और देश सशक्त होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से दीक्षारम्भ समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय की लगभग 1500 छात्राओं को सीएसआर मद के माध्यम से एजुकेशन किट प्रदान की गई। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में डीएमएफ मद से विशाल डोम का निर्माण कराया जा रहा है। इसी तर्ज पर जिले के अन्य शासकीय महाविद्यालयों में भी विशाल डोम निर्माण की घोषणा उन्होंने की। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाने के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास मॉडल के केंद्र में ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी हैं। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात वर्ष 2021-22 में 19.6 प्रतिशत था, जो बढ़कर वर्तमान में 27.5 प्रतिशत हो गया है। यह उच्च शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि और राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय संघर्ष और मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि जिले में डीएमएफ के कार्यों में शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी छात्र-छात्रा देश के किसी भी शासकीय महाविद्यालय में अध्ययन के लिए जाता है, तो उसकी फीस की राशि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में सुधार के साथ उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। समारोह में पार्षद श्रीमती वर्षा वैष्णव, नरेंद्र देवांगन, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पापिया चतुर्वेदी, प्रफुल्ल तिवारी, सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्राएं एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।