कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत फिर नहीं पहुंचे, सदस्य आक्रोशित सदस्यों ने अधिकारियों को घेरा ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा का काम ठप्प, भड़के जनप्रतिनिधि डीएमएफ से पीडब्ल्यूडी को 115 काम मिले, सिर्फ 04 का टेंडर, अधिकारी निरूत्तर
कोरबा। 11 दिसम्बर को जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होते ही सदस्य आक्रोशित दिखे, क्योंकि कई निर्देश के बाद भी कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत बैठक में नहीं पहुंचे, इसके बाद सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बैठक बहिष्कार की घोषणा कर दी और सदन से उठकर जाने लगे। सीईओ दिनेश नाग ने मानमनौव्वल कर सभी सदस्यों को मनाया और कटघोरा वनमंडल को छोड़कर अन्य 5 विभागों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में वन विभाग कटघोरा के विभागीय एवं कैम्पा मद के निर्माण कार्यों, सहकारिता विभाग, रेशम विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य विभागों की योजनाओं और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, प्रगति एवं आगामी कार्ययोजनाओं को विस्तारपूर्वक सदन के समक्ष रखा।
इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े सड़क, वन, सुविधा विस्तार, एवं जनसमस्याओं से संबंधित प्रमुख मुद्दों को उठाया। उन्होंने आम जनता की आवश्यकताओं और विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर विशेष जोर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह एवं अन्य सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों व पहुंच मार्गों की मरम्मत एवं सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। साथ ही कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत किए गए जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निरीक्षण करने तथा इन कार्यों को और सुदृढ़ करने की बात कही। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित करने निर्देशित किया। सामान्य सभा की बैठक में सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेनुका राठिया, श्रीमती सावित्री कंवर, श्रीमती सुष्मिता अनंत, श्रीमती सुषमा रजक, श्रीमती माया कंवर, विद्वान सिंह मरकाम, विनोद कुमार यादव, सभी जनपदों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण, उप संचालक पंचायत मिथलेश किसान, सहायक परियोजना अधिकारी मोहनीश देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कटघोरा डीएफओ फिर नहीं पहुंचे: डॉ. पवन बोले-अधिकारियों की विकास में दिलचस्पी नहीं तो बैठक रद्द कर देते हैं… जनप्रतिनिधियों के आदेश को बारबार दरकिनार कर हिटलरशाही रूख अपनाने के लिए कटघोरा डीएफओ निशांत कुमार के खिलाफ फिर आक्रोश दिखा। अध्यक्ष डॉ. पवन ने यहां तक कह दिया कि अधिकारियों को दिलचस्पी नहीं तो बैठक ही रद्द कर देते हैं, लेकिन… डॉ. पवन ने सभी जनपदों के सीईओ को लगाई फटकार, कहा- 6 प्रतिशत कमीशन लेना बंद करें बैठक में इस बार सभी जनपदों के सीईओ घिरे रहे। डॉ. पवन ने कहा कि सभी सीईओ 6 प्रतिशत कमीशन लेते हैं और सरपंच सचिव को प्रताड़ित करते हैं। सीईओ ने नकारने की कोशिश की, लेकिन डॉ. पवन ने कहा- सरपंचों की शिकायत को सार्वजनिक करूं क्या! सभी सीईओ निरूत्तर दिखे। पीडब्ल्यूडी के ईई को भी फटकार कोरबा कलेक्टर ने जिले की सड़कों को चकाचक करने और सभी का जीवन सुगम करने सड़क निर्माण के लिए 147 करोड़ जारी किया है। पीडब्ल्यूडी को 115 काम मिले हैं, लेकिन विभाग द्वारा अब तक सिर्फ 04 टेंडर ही निकाले हैं। डॉ. पवन, विद्वान सिंह मरावी ने मुद्दा को उठाया। मरावी ने कहा कि जटगा-पसान सड़क मरम्मत के लिए राशि जारी हो गई है, लेकिन काम अब तक क्यों प्रारंभ नहीं हुआ, जिस पर जांगड़े ने सफाई दी, कहा काम शीघ्र प्रारंभ होगा। 15 वें वित्त की राशि का मुद्दा उठाया प्रशांत मिश्रा ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुए 9 माह बीत गए, लेकिन राज्य सरकार ने 15वें वित्त की राशि जारी नहीं की। इस मुद्दे को सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा ने उठाया और कहा कि पंचायतों में नई बॉडी को 15वें वित्त की राशि 9 माह बीत जाने के बाद भी नहीं मिली, जिसके कारण पंचायतों में काम ठप्प पड़ा है और पंचायत प्रतिनिधि उदास के साथ आक्रोशित भी हैं। मनरेगा का काम ठप्प प्रशांत मिश्रा ने सदन में ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा काम न चलने का मुद्दा उठाया, जिस पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने सदन को बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास एवं कोटना निर्माण का कार्य मनरेगा से चल रहा है। अन्य कामों के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इस पर प्रशांत मिश्रा ने आपत्ति जताई और कहा कि किसी गांव में तालाब या कुंआ की जरूरत है, तो वहां कैसे काम होगा। उन्होंने कहा कि मजदूर न मिलने की बात सिर्फ बहानेबाजी है।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।