छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 8 लाख PM आवास की स्वीकृति:CM साय बोले- योजना में PM का नाम; इसलिए कांग्रेस ने 5 साल रोककर रखा
रायपुर,एजेंसी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, छत्तीसगढ़ के लिए 8 लाख 46 हजार 931 PM आवासों की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दे दी है। इससे लाखों गरीब परिवारों को उनके सिर पर छत का सपना साकार होगा। प्रदेशवासियों के लिए खुशी का दिन है। CM साय बुधवार को मीडिया से बात कर रहे थे।
CM हाउस में साय ने कहा, कांग्रेस सरकार ने इसे 5 सालों में ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इसे रोककर रखा। जिसके चलते 18 लाख से अधिक गरीब परिवार PM आवास योजना से वंचित रह गए थे। उन्होंने कहा, योजना में मोदी का नाम था, उनको इसका श्रेय न मिले, इसलिए गरीबों का हक छीना गया था।
हमने सरकार बनते ही दी स्वीकृति
CM कहा कि, तत्कालीन सरकार ने योजना के लिए आवश्यक राज्यांश 40% जमा नहीं किया था। हमारी सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को शपथ ली और अगले ही दिन 14 दिसंबर को हमारे पहले कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। राज्यांश की व्यवस्था भी तुरंत की गई।
उन्होंने कहा कि, विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के लिए 24 हजार आवास बनकर पूरे हो चुके हैं। 47 हजार 90 लोगों के आवास की स्वीकृति पिछली सरकार ने एक अलग योजना बनाकर दी थी। इनमें से 25 हजार लोगों को स्वीकृत किया था। हम पिछली सरकार की घोषणा में कोई भेदभाव नहीं कर रहे हैं। इसमें भी बचे हुए लोगों को आवास योजना का लाभ मिलेगा।
नए वित्तीय वर्ष के बजट में छत्तीसगढ़ को स्वीकृत PM आवास में एसईसीसी 2011 के अंतर्गत 6 लाख 99 हजार 331 आवास और 1 लाख 47 हजार 600 आवास प्लस शामिल हैं। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की तरफ से प्रधानमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।
8 माह में 1.99 लाख आवास पूरे किए जा चुके
CM साय ने प्रधानमंत्री जनमन योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, विशेष पिछड़ी जनजाति, जिन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र भी कहते हैं, उनके लिए PM मोदी ने 24 हजार 64 आवास की स्वीकृति दी है। इनमें से कई पूरे हो चुके हैं। साय ने बताया कि, जनवरी से लेकर अब तक 1 लाख 99 हजार PM आवासों का निर्माण किया जा चुका है।
निय्यद नेलानार योजना ‘आपका अच्छा गांव’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10,000 से अधिक अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति के लिए ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की गई है। उसे भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
जनता को भटका रही बीजेपी- बैज

सरकार के पीएम आवास के आरोप पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, विधानसभा चुनाव में वादा किया था कि हम लोगों को 18 लाख पीएम आवास देंगे, पहली मीटिंग में स्वीकृत करेंगे। मुख्यमंत्री आवास देने के बाद ही अपने सीएम हाउस में शिफ्ट होंगे।
पिछले विधानसभा सत्र में हमारे विधायकों ने सवाल किया कि आपने अब तक कितने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं? एक भी आवास इस सरकार ने स्वीकृत नहीं किया है। जनता से झूठ बोला। जब पहली मीटिंग हुई मंत्रालय में शपथ ग्रहण के बाद वहां भी आपने झूठ बोला। अभी दावा कर रहे हैं कि, 8 लाख आवास की स्वीकृति केंद्र सरकार ने की है।
कांग्रेस ने ही साढ़े 7 लाख आवास स्वीकृत कर दिया था
आपको याद होगा कि विधानसभा चुनाव से पहले हमारी सरकार ने साढ़े 7 लाख आवास स्वीकृत किया था। पूरे प्रदेश में सर्वे कराने के बाद साढ़े 17 लाख आवास हमें देना था। इसकी पहली किस्त भी हमने हितग्राहियों के खाते में डाली थी।
हमें और केवल 10 लाख आवास देना था। मैं इनसे पूछता हूं कि साढ़े 7 लाख आवास कि स्वीकृति तो हमारी सरकार ने की थी। उसकी पहले किस्त दी थी। आपने कौन से 8 लाख आवास की स्वीकृति दिलाई है, स्पष्ट करें। आपको तो 18 लाख आवास देने हैं। अब तक 8 लाख आवास स्वीकृत किए हैं, तो बाकी की 10 लाख आवास क्यों स्वीकृत नहीं किए ?
छत्तीसगढ़
रायपुर : जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना
छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक
रायपुर। भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census) का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।
डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।
इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी
प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी (Self-Enumeration ID) प्रगणक को बतानी होगी।
जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
निगरानी
जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।
जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

छत्तीसगढ़
शराब के लिए पैसे मांगने और गाली-गलौज करने वाला गिरफ्तार: बलौदा पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र में शराब के लिए पैसे मांगने और गाली-गलौज करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
यह मामला 10 अप्रैल को लव कुमार तिवारी द्वारा बलौदा थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। तिवारी ने बताया कि 9 अप्रैल की सुबह लगभग 11 बजे वह शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जर्वे (ब) में मौजूद थे।

गर्भवती महिलाओं की तस्वीरें खींच रहा था आरोपी
इसी दौरान ग्राम जर्वे (ब) निवासी कृष्ण मोहन पाण्डेय उर्फ अंकु पाण्डेय (30) अपने कुत्ते के साथ अस्पताल पहुंचा और वजन कराने लगा। आरोप है कि वह अस्पताल में मौजूद गर्भवती महिलाओं की तस्वीरें भी खींच रहा था। जब उसे ऐसा करने से रोका गया, तो वह भड़क गया।
पाण्डेय ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर उसने लव कुमार तिवारी को मां-बहन की अशोभनीय गालियां दीं और दुर्व्यवहार किया। शिकायत के आधार पर बलौदा थाना में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 119(1) और 296 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी कृष्ण मोहन पाण्डेय को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

छत्तीसगढ़
‘SIR से न सीएम योगी खुश, न अखिलेश’:ज्योतिबा फुले की जयंती मनाने लखनऊ पहुंचे भूपेश बघेल, बोले- उन्होंने महिला शिक्षा पर काम किया
लखनऊ/रायपुर,एजेंसी। लखनऊ में कांग्रेस आज (11 अप्रैल को) ज्योतिबा फुले की जयंती मना रही है। यहां छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे। उन्होंने SIR पर कहा कि इस प्रक्रिया से न सीएम योगी खुश हैं और न ही विपक्ष के नेता अखिलेश यादव। जब सरकार में बैठे लोग ही SIR से संतुष्ट नहीं हैं तो इसमें हम अपना क्या ही बताएं।

ज्योतिबा फुले के लिए कहा कि उन्होंने महिलाओं के लिए स्कूल खोले। महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। बता दें कि लखनऊ में ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती कांग्रेस वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस के रूप में मना रही है।


इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में कांग्रेस के नेताओं का जुटान हुआ है।

ऑडिटोरियम में कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी बैठे हुए हैं।

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