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कोरबा

विश्व किडनी दिवस पर एनकेएच में जागरूकता कार्यक्रम:डायलिसिस मरीजों को दी गई जरूरी सलाह

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कोरबा। विश्व किडनी दिवस के अवसर पर न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में डायलिसिस मरीजों के लिए जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किडनी रोग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, मरीजों को सही मार्गदर्शन देना और लंबे समय से उपचार करा रहे मरीजों का उत्साहवर्धन करना रहा।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि शुगर (मधुमेह) और ब्लड प्रेशर (बीपी) को नियंत्रित नहीं रखने से किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नियमित जांच, सही उपचार और संतुलित जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। इस अवसर पर एमडी मेडिसिन डॉ. अविनाश तिवारी, डॉ. सी. भास्कर, मनोचिकित्सक डॉ. रजनी वर्मा, क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. सुदीप्ति साहा तथा डाइटिशियन रिया दुबे उपस्थित रहीं। सभी विशेषज्ञों ने मरीजों को नियमित डायलिसिस, संतुलित आहार, दवाइयों का समय पर सेवन और संक्रमण से बचाव के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मरीजों और उनके परिजनों ने अपनी समस्याएं डॉक्टरों के सामने रखीं। विशेषज्ञों ने सभी सवालों के जवाब देते हुए सही जीवनशैली अपनाने और इलाज में लापरवाही न करने की सलाह दी।
मनोचिकित्सक डॉ. रजनी वर्मा ने डायलिसिस मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जानकारी देते हुए कहा कि लंबे समय तक चलने वाले उपचार के कारण तनाव और चिंता की समस्या हो सकती है, इसलिए मरीजों के लिए सकारात्मक सोच, परिवार का सहयोग और नियमित परामर्श जरूरी है।
डाइटिशियन द्वारा किडनी मरीजों के लिए सही खान-पान और परहेज के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में कई डायलिसिस मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य मरीजों को भी प्रेरणा मिली।
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि किडनी रोग से बचाव के लिए नियमित जांच कराएं और शुगर व बीपी को नियंत्रण में रखें।
कार्यक्रम के अंत में सभी मरीजों और उनके परिजनों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और डॉक्टर की सलाह का पालन करने का संदेश दिया गया।

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कोरबा

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से आमजनों को त्वरित राहत, समस्याओं के समाधान का बना भरोसेमंद माध्यम

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कोरबा। शासन की जन हितकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आमजनों तक समय पर पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में स्थापित हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों एवं मांगों की लगातार निगरानी करते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
जिले में 19 जून की सुबह तक राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, विद्युत, पेयजल, खाद्य, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित 1311 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 388 से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि 374 से अधिक आवेदन वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं। शेष प्रकरणों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत’ के निर्देशन में सभी विभागों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता, संवेदनशीलता और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी नियमित समीक्षा कर शिकायतों के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जिले के नागरिकों को नवीन राशन कार्ड बनवाने, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, लंबित भुगतान, विद्युत व्यवस्था में सुधार, सड़क मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, नालियों की सफाई, स्वच्छता कार्य, सीमांकन, नामांतरण तथा अन्य राजस्व संबंधी मामलों में त्वरित राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाया है। शिकायतों के पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण से आमजन का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हुआ है तथा सुशासन की अवधारणा को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है।
जिला प्रशासन का सतत प्रयास है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित हो, ताकि नागरिकों को शीघ्र राहत मिले और शासन की जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंच सके।

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कोरबा

मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करती तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी संपन्न

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वरिष्ठ नागरिकों ने प्रदर्शनी की सराहना, कहा-देश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं की मिली विस्तृत जानकारी’’

विकसित भारत के संकल्प और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों से रूबरू हुए नागरिक

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कोरबा नगरीय क्षेत्र के स्मृति उद्यान के समीप आयोजित तीन दिवसीय भव्य छायाचित्र प्रदर्शनी आज गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रदर्शनी के अंतिम दिवस जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की।

प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे वरिष्ठ नागरिक अवध राम, त्रिभुवन लाल यादव, एम.आर. राठौर एवं गिरीश दुबे ने छायाचित्र प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में हुए उल्लेखनीय परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि छायाचित्रों, तथ्यों एवं प्रदर्शित सामग्री के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं के सकारात्मक प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। ऐसी प्रदर्शनी नागरिकों को शासन की उपलब्धियों एवं विकास कार्यों से जोड़ने के साथ-साथ जनजागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रदर्शनी अवलोकन को पहुंचे कोरबा के गोरेलाल साहू ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, किसानों की आय वृद्धि तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ उठाने का आग्रह किया। इसी प्रकार नगरवासी उमेष कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 12 वर्षों में विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व पटल पर एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं से किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों तथा वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और देश विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा आरडीएसएस योजना सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिज्ञासु छात्राओं ने चित्रों में देखी देश के विकास की कहानी

प्रदर्शनी में पहुंचे आदिवासी कन्या आश्रम की छात्राओं के लिए यह केवल तस्वीरों का अवलोकन नहीं, बल्कि देश के विकास की प्रेरणादायक यात्रा को समझने का अवसर था। अधीक्षिका ने चित्रों के माध्यम से पिछले 12 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में हुए परिवर्तन, जनकल्याणकारी योजनाओं और देश की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्राएं बड़ी उत्सुकता और ध्यान से हर जानकारी को सुनती रहीं। इस दौरान जब शिक्षिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चित्र दिखाया, तो छात्राओं के चेहरे खिल उठे। उन्होंने मुस्कुराते हुए तुरंत कहा, “ये हमारे देश के प्रधानमंत्री जी हैं।” उनकी सहज पहचान और उत्साह यह दर्शा रहा था कि नई पीढ़ी देश के विकास और नेतृत्व के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ उससे जुड़ाव भी महसूस कर रही है।

स्मृति उद्यान के समीप आयोजित इस प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं एवं उपलब्धियों को आकर्षक छायाचित्रों, तथ्यात्मक आंकड़ों और सफलता की कहानियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, डिजिटल इंडिया अभियान सहित विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक रही, जिसमें सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, जल संरक्षण, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कार्यों को विस्तार से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को यह जानने का अवसर मिला कि विभिन्न योजनाओं ने समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन में किस प्रकार सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। इस दौरान आगंतुकों को जनसंपर्क विभाग की मासिक पत्रिका ‘जनमन’ सहित अन्य प्रचार सामग्री का भी वितरण किया गया। तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी को नागरिकों ने ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं जन-जागरूकता की दृष्टि से उपयोगी पहल बताते हुए इसकी सराहना की।

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कोरबा

वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ते कदम, नैनो उर्वरकों से सुधरी फसल की गुणवत्ता

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पारंपरिक उर्वरकों से आगे बढ़कर अपनाई नई तकनीक, किसान रमेश सिंह कंवर को दिखे बेहतर परिणाम

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं। किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। संतुलित पोषण, कम लागत और बेहतर कृषि उत्पादकता की दिशा में यह पहल किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।

कोरबा जिले के ग्राम खैरभवना निवासी कृषक रमेश सिंह कंवर इसकी सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े श्री कंवर अपनी लगभग डेढ़ एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे आज सहकारी समिति कनबेरी पहुंचे, जहां उन्होंने अन्य कृषि आदान सामग्री के साथ नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया भी प्राप्त किया।

श्री कंवर बताते हैं कि वे पिछले दो वर्षों से नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। प्रारंभ में उन्होंने परीक्षण के तौर पर इसका प्रयोग किया था, लेकिन सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब वे प्रत्येक वर्ष नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, हरियाली बढ़ी है तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है। इसके साथ ही पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कम मात्रा में अधिक प्रभाव मिलने से उनकी लागत में कमी आई है और आर्थिक लाभ भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त होते हैं, जिससे फसल का समुचित विकास होता है। इससे उर्वरकों की बर्बादी कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है तथा पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

श्री कंवर ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि केवल पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को अपनाएं। इससे फसलों को बेहतर पोषण मिलता है, उत्पादन में वृद्धि होती है तथा खेती की लागत कम होकर किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलती है।

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