रायपुर/कोरबा,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सेंदुर नदी पार करने के दौरान कोटवार बह गया। कोटवार जनेउधारी सोनवानी (48 वर्ष) महावीरगंज में मुनादी कर लौट रहा था। जनेउधारी सोनवानी मंगलवार को मुनादी करने गया था। वापसी में उसने पुल के रास्ते के बजाए शॉर्टकट में नदी पार करने का रास्ता चुना।
नदी पार करने के दौरान तेज बहाव में वह बह गया। ग्रामीणों ने कोटवार को बहते हुए देखकर इसकी सूचना विजयनगर पुलिस चौकी को दी। पुलिस और SDRF की टीम उसकी तलाश कर रही है, लेकिन उसका पता नहीं चला सका है।
वहीं कोरबा जिले में लगातार हो रही बारिश से एक घर का बरामदा और बाथरूम अचानक भरभराकर गिर गया। परिवार वालों की जान बाल-बाल बची।
बलरामपुर की सेंदुर नदी में पुलिस और SDRF की टीम कोटवार की तलाश में जुटी हुई है।
लगातार बारिश से कोरबा में घर का बरामदा और बाथरूम ढह गया।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में इस समय मानसून सबसे ज्यादा एक्टिव है। बादलों से ढंका मैनपाट।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आज (बुधवार) को सूरजपुर, कोरिया, रायगढ़, बस्तर, कांकेर, बीजापुर, बालोद, धमतरी सहित 16 जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने और भारी बारिश की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार ये स्थिति अगले 5 दिनों तक बने रहेगी। वहीं जगदलपुर में हो रही लगातार बारिश के कारण कॉलोनियों ने जलभराव हो गया। दलपत सागर वार्ड गायत्री नगर में पानी घरों में घुस गया।
जगदलपुर के दलपत सागर वार्ड गायत्री नगर में बारिश से जलभराव हो गया।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में इस समय मानसून सबसे ज्यादा एक्टिव है। मंगलवार को सरगुजा संभाग में हुई तेज बारिश ने आम जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। वहीं बलरामपुर के शंकरगढ़ में कोरवा जनजाति के मां-बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई, जबकि दूसरी तरफ गेउर नदी में मछली मारने गए एक युवक की डूबने से जान चली गई।
मंगलवार को प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में पानी बरसा। औसतन बारिश 18.4 मिमी रिकॉर्ड किया गया है। वहीं तापमान की बात करें तो 31.9°C के साथ बिलासपुर सबसे गर्म रहा और 21.0°C डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ राजनांदगांव सबसे ठंडा रहा।
अब सिलसिलेवार पढ़िए कहां कौन सी घटना हुई ?
पहली घटना- बलरामपुर में बहने से मां-बेटे की मौत
बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में उफनते नाले को पार कर रहे मां-बेटे बह गए। दोनों का शव मंगलवार को बरामद हुआ है। आमगांव निवासी विशुन कोरवा की पत्नी रजनी पहाड़ी कोरवा (20) अपने 2 वर्षीय बेटे आनंद के साथ मायके रकैया गांव गई थी।
बताया जा रहा है कि वहां से शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच वह बेटे को लेकर पैदल ही लौट रही थी। दोनों गांव के बीच स्थित बढ़नी झरिया नाले में कमर तक पानी भरा था। बेटे को गोद में लेकर रजनी कोरवा नाला पार कर रही थी, तभी दोनों नाले के तेज बहाव में बह गए।
मंगलवार को बलरामपुर में नाले में बहने से मां-बेटे की मौत हो गई।
पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने मां-बेटे का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में पड़ा देखा। सूचना शंकरगढ़ पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
दूसरी घटना- बलरामपुर में डूबने से युवक की मौत
वहीं दूसरी घटना बलरामपुर जिले की है। जारगिम निवासी में मणिशंकर पैकरा (45) सोमवार को अपने अन्य साथियों के साथ गेउर नदी पार कर मछली पकड़ने के लिए गया हुआ था। दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीण वापस जारगिम आने के लिए निकले, तब तक नदी में बाढ़ आ चुकी थी।
इस दौरान उफनती नदी को पार करने के दौरान मणिशंकर पैकरा बह गया। शाम को उसकी लाश नदी किनारे मिली है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा।
बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।
तीसरी घटना- राजपुर में बाढ़ में फंसे 3 कोरवा बच्चे
राजपुर क्षेत्र में बारिश के बीच गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे। राजपुर से तीन किलोमीटर दूर उधेनुपुरा के तीन पहाड़ी कोरवा बच्चे नदी में मछली पकड़ने गए थे। अचानक नदी का जल स्तर 3 बढ़ गया तो तीनों बच्चे बीच में ही फंस गए।
इस दौरान करीब तीन घंटे बाद नदी का जलस्तर कम हुआ, तो बच्चों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी बच्चे सुरक्षित हैं।
राजपुर में गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे।
चौथी घटना- सूरजपुर में कंधे पर बाइक रखकर नदी पार कर रहे ग्रामीण
सूरजपुर जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदी चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के खोड़- छतौली मार्ग पर स्थित है। पुलिया का निर्माण अभी तक नहीं हो सका है।
ऐसे में कंधे पर बाइक रखकर जान जोखिम में डालकर ग्रामीण नदी पार कर रहे हैं, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
सूरजपुर में पुल नहीं होने के कारण लोग बाइक कंधे पर रखकर नदी पार रहे हैं।
जून में 22% कम बरसा पानी, बलरामपुर में सबसे ज्यादा
1जून से 1 जुलाई तक प्रदेश में 169.6 MM बारिश हो चुकी है। जबकि पूरे जून में नॉर्मली 204.9 MM बारिश रिकॉर्ड की जाती है। इस लिहाज से अब तक बारिश लगभग 17% कम हुई है। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर में हुई है। यहां सामान्य से लगभग 112% प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा है। जिले में जून में अब तक 338 MM पानी बरस चुका है।
मई में 374 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी
पिछले माह लगातार बने सिस्टम और करीब 14 दिन पहले आए मानसून ने पूरे छत्तीसगढ़ में मई महीने में जमकर बारिश कराई। इस दौरान औसत से 373 फीसदी ज्यादा पानी गिर गया। इसके बाद से मानसून पिछले करीब 12 दिनों से ठहरा है। यह आगे ही नहीं बढ़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में 22 मई से 28 मई के बीच 53.51 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है। प्रदेश में मानसून में औसतन 1200 मिलीमीटर पानी बरसता है। पिछले साल 1276.3 MM पानी गिरा था।
पिछले साल के मुकाबले तापमान कम
हालांकि इस बार की स्थित पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। साल 2024 में जून का अधिकतम तापमान 45.7°C था, जो 1 जून को दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अधिकतम तापमान अब तक 42 से 43°C के आस-पास ही रहा है।
वहींसबसे कम न्यूनतम तापमान 23.5°C 19 जून को रिकॉर्ड किया गया था। पिछले साल जून में पूरे महीने के औसत तापमान की बात करें तो 38.6°C रहा था। वहीं न्यूनतम औसतन तापमान 27.7°C दर्ज किया गया था।
लंबा रह सकता है मानसून
मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है।
इसलिए गिरती है बिजली
दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके।
अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ।
आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी
आकाशीय बिजली का तापमान सूर्य के ऊपरी सतह से भी ज्यादा होता है। इसकी क्षमता तीन सौ किलोवॉट अर्थात 12.5 करोड़ वॉट से ज्यादा चार्ज की होती है। यह बिजली मिली सैकेंड से भी कम समय के लिए ठहरती है।
यह मनुष्य के सिर, गले और कंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।
दोपहर के वक्त इसके गिरने की आशंका ज्यादा होती है।
आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ
आकाशीय बिजली के एक चीज पर दो बार नहीं गिरती।
रबर, टायर या फोम इससे बचाव कर सकते हैं।-अगर कोई नाव चला रहा हो तो बाहर आ जाना चाहिए।
बांकीमोंगरा :– नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के प्रशासनिक गलियारे में हलचल तेज है। शहर के समग्र विकास और जन-समस्याओं के त्वरित समाधान को नई दिशा देने के लिए 4 नए एल्डरमैनों की नियुक्ति के बाद उनका औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो गया।
कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व/SDM) द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाए जाने के साथ ही बांकीमोंगरा के विकास का नया खाका खिंचना शुरू हो गया है।
नई जिम्मेदारी: इन चार चेहरों पर टिका भरोसा
शहर के विकास और जनसेवा की डोर अब जिन 4 नवनियुक्त एल्डरमैनों के हाथों में सौंपी गई है, वे हैं:
🔹 श्रीमती राखी अग्रवाल
🔹 जितेन्द्र सिंह
🔹 देव यादव
🔹 निराकार नाहक
शपथ ग्रहण के बाद अतिथियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर सभी का भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया।
VVIPs की मौजूदगी: मंच पर जुटी सत्ता और संगठन की ताकतकार्यक्रम केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं था, बल्कि मंच से नगर के भावी विकास का खाका भी पेश किया गया।
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन (वाणिज्य, उद्योग, आबकारी एवं श्रम) ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
प्रेमचंद पटेल (विधायक, कटघोरा) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
श्रीमती सोनी विकास झा (अध्यक्ष, नपा बांकीमोंगरा) एवं श्रीमती गायत्री कंवर (उपाध्यक्ष) की गरिमामय मौजूदगी रही।
कार्यक्रम में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्रीमती ज्योत्सना टोप्पो, भाजयुमो के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, भाजपा मंडल अध्यक्ष उदय शर्मा, पालिका के समस्त पार्षदों सहित क्षेत्र के सामाजिक व व्यापारिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मुख्य अतिथियों के बड़े बयान: किस पर रहेगा फोकस?
लखनलाल देवांगन (कैबिनेट मंत्री): “एल्डरमैन नगर विकास की मजबूत कड़ी हैं। आप सभी को जनसेवा की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं को पहुँचाना है। बांकीमोंगरा के विकास के लिए खजाना हमेशा खुला रहेगा!
“प्रेमचंद पटेल (विधायक): “प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जुगलबंदी से ही बांकीमोंगरा में विकास की रफ्तार दोगुनी होगी।
“श्रीमती सोनी विकास झा (अध्यक्ष): “नगर की सफाई, बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाएँ हमारी पहली प्राथमिकता हैं। नई टीम के साथ काम करने में और मजबूती मिलेगी।
“विकास झा (नेता): “बांकीमोंगरा के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको एक टीम की तरह काम करना होगा।”
आगे क्या? नवनियुक्त एल्डरमैनों के आने से नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली में गति आने की संभावना जताई जा रही है। शहर के आम नागरिकों को उम्मीद है कि बुनियादी सुविधाओं जैसे—सड़क, पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट्स की समस्याओं का अब त्वरित समाधान हो सकेगा।
कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। शाला प्रवेश उत्सव से लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अहमद खान को हटाने की मांग की। छात्रों ने भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना घटिया और अस्वच्छ भोजन दिया जाता है। आरोप है कि बरसात के पानी से खाना बनाया जाता है और भोजन में कई बार कीड़े भी निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट और खाद्य सामग्री भी दिखाई, जिनकी तारीखें मिटाई गई थीं।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
छात्रों ने बताया कि कई बच्चे खाज-खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल रहा। आरोप यह भी लगाया गया कि छात्रों को एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां दी जा रही हैं।
अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी
अभिभावकों ने प्राचार्य के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 240 छात्रों के अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग के लिए अलग-अलग दिनों में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार विद्यालय आना पड़ता है। साथ ही छात्रों को बाहर से जरूरत का सामान लाने पर रोक लगाने का भी आरोप लगाया गया।
शिक्षकों की मारपीट का मामला भी उठा
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट में कुछ छात्र भी घायल हो गए थे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।
विधायक ने दिए जांच के निर्देश
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
कोरबा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम बलगीखार में सोमवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक कंवर के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार दीपक कंवर अविवाहित था और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता था। कुछ दिन पहले वह दर्री क्षेत्र गया था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में उसकी बाइक कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाइक नहीं मिली, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था।
सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला शव
परिजनों के मुताबिक, रविवार (26 जुलाई) देर रात दीपक नशे की हालत में घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसका शव पंखे से लटकता मिला।
घर में मचा कोहराम
घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बांकी मोंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई की।
सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस की जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस कर रही जांच
परिजनों ने पुलिस को बताया कि बाइक गुम होने के बाद से दीपक काफी परेशान रहता था और बार-बार उसी बात का जिक्र करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।