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कोरबा

बालको ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पहल के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी को दिया बढ़ावा

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टाउनशिप में उत्पन्न प्लास्टिक कचरे का 100 प्रतिशत निपटान

2023 से अब तक 200 मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक कचरे का निपटान

विश्व पर्यावरण दिवस पर बालको द्वारा वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान का आयोजन

बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के अवसर पर पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए सशक्त अपशिष्ट प्रबंधन और सर्कुलर इकोनॉमी आधारित पहल को सुदृढ़ किया है।

बालको ने अपने टाउनशिप में प्रभावी अपशिष्ट पृथक्करण प्रणाली लागू की है जिससे प्लास्टिक समेत अन्य कचरे का वैज्ञानिक और प्रभावी निपटान सुनिश्चित किया जा सके। रायपुर स्थित अपशिष्ट प्रबंधन साझेदार वेस्टेक इंडिया के सहयोग से कंपनी ने प्लास्टिक कचरे का पर्यावरण अनुकूल तरीके से निपटान सुनिश्चित किया है। प्रोसेस किए गए कचरे को सीमेंट उद्योगों में वैकल्पिक कच्चे माल के रूप में भेजा जाता है, जो बालको की सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दृष्टि के अनुरूप है। दिसंबर 2023 में साझेदारी की शुरुआत के बाद से अब तक 200 मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक कचरे (नया एवं पूर्ववर्ती कचरा दोनों) का सस्टेनेबल सह-प्रसंस्करण के माध्यम से निपटान किया गया है जो टाउनशिप के प्लास्टिक कचरे के 100 प्रतिशत निपटान को दर्शाता है।

बालको ने सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर (एसएलआरएम) की स्थापना की है। यहां घरेलू कचरे को 1000 किलोग्राम क्षमता वाले इलेक्ट्रिक वाहनों से एकत्र किया जाता है और एसएलआरएम यूनिट में इसे रंग-बिरंगे डिब्बों की सहायता से जैविक और अजैविक कचरे में पृथक किया जाता है। जैविक कचरे को खाद में बदला जाता है, जबकि प्लास्टिक कचरे को वेस्टेक इंडिया को भेजा जाता है ताकि उसका जिम्मेदार सह-प्रसंस्करण द्वारा निपटान हो सके। यह प्रणाली वैज्ञानिक निपटान, संसाधन पुनर्प्राप्ति और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देती है। इस प्रक्रिया को सफल बनाने हेतु नियमित प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से निवासियों को घर-स्तर पर कचरा पृथक्करण और प्लास्टिक के विकल्पों के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाता है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा ने कहा कि बालको में सस्टेनेबिलिटी हमारे कार्य संस्कृति का हिस्सा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम जिम्मेदार कचरा प्रबंधन एवं सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों को अपनाकर अपने पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को मजबूत कर रहे हैं।‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’ थी को ध्यान में रखते हुए हम प्लास्टिक के सस्टेनेबल विकल्प अपना रहे हैं तथा साझेदारियों के माध्यम से पर्यावरण-संवेदनशील और ज़िम्मेदार निपटान की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने के लिए इस साल भी कंपनी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने संयंत्र परिसर और टाउनशिप में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। इसमें 300 से अधिक कर्मचारियों और समुदाय के सदस्यों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर 600 से अधिक पौधों का रोपण किया तथा जागरूकता रैली और स्वच्छता अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह पहल एक स्वच्छ और हरित भविष्य के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाती है।

साथ ही बालको अपने संयंत्र और समुदाय में पर्यावरण के प्रति जागरूक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। इस उद्देश्य से कंपनी ने कई सराहनीय कदम उठाए हैं, जिनमें संयंत्र परिसर और टाउनशिप में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने हेतु कपड़े के थैलों का वितरण, पर्यावरण अनुकूल ब्रांडिंग और संचार के लिए फैब्रिक सामग्री का उपयोग, संयंत्र परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास, सभी सीएसआर उत्पाद के लिए कागज़ आधारित पैकेजिंग का प्रयोग तथा जागरूकता अभियान शामिल हैं।

ये सभी प्रयास बालको की हरित भविष्य और जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम करना, संसाधनों का कुशल उपयोग करना और समुदाय के कल्याण को बढ़ावा देना है। वैश्विक पर्यावरण लक्ष्यों के अनुरूप संचालन के माध्यम से बालको भारत को एक सस्टेनेबल और सर्कुलर अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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कटघोरा

कटघोरा अटल परिसर में प्रतिमा निर्माण में घोटाला, सब-इंजीनियर सस्पेंड:ब्रॉन्ज की जगह सीमेंट से बनाई गई मूर्ति, CMO को बर्खास्त करने की मांग

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कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा नगर पालिका परिषद में बने अटल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण में हुई वित्तीय अनियमितता के मामले में सब इंजीनियर चंद्र प्रकाश जायसवाल को निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से निलंबन आदेश जारी किया गया है।

मामला अटल परिसर में स्थापित प्रतिमा की गुणवत्ता को लेकर सामने आया था। आरोप है कि परिसर में ब्रॉन्ज धातु की प्रतिमा लगाने का प्रावधान था, लेकिन उसकी जगह सीमेंट की प्रतिमा लगा दी गई। बारिश के बाद प्रतिमा का पेंट उखड़ने लगा, जिसके बाद प्रतिमा निर्माण में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया।

शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में प्रतिमा की गुणवत्ता, फिनिशिंग और इस्तेमाल की गई सामग्री में कई कमियां पाई गईं। इस निर्माण कार्य में करीब 13.60 लाख रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई है।

भाजपा ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कलेक्टर को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रॉन्ज प्रतिमा के नाम पर भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर घटिया सामग्री से बनी प्रतिमा स्थापित की गई।

उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े टेंडर, भुगतान दस्तावेज, बिल, वाउचर और माप पुस्तिका की जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ कटघोरा नगर पालिका कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सीएमओ को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

जांच के लिए भेजे गए प्रतिमा के सैंपल

नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यपालन अभियंता अली बक्श ने भी प्रतिमा में खामी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रतिमा सही स्थिति में नहीं मिली है। प्रतिमा के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अटल परिसर जैसे सम्मान से जुड़े स्थल में घटिया निर्माण होना गंभीर मामला है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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कोरबा

कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस अब रोज दौड़ेगी:दो ट्रेनों का हुआ विलय, 1 अगस्त से एक ही नंबर 18249/18250 से मिलेगा दैनिक सफर

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बिलासपुर/कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर जोन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए हसदेव एक्सप्रेस की सेवाओं का विलय कर इसे प्रतिदिन संचालित करने का निर्णय लिया है। अब ट्रेन संख्या 18249/18250 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस 1 अगस्त से रोजाना चलेगी

अब तक 18249/18250 रायपुर-कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस सप्ताह में चार दिन और 18251/18252 रायपुर-कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन संचालित होती थी। रेलवे ने दोनों सेवाओं का विलय कर एक ही ट्रेन नंबर के साथ इसे दैनिक कर दिया है।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

रेलवे के इस निर्णय से यात्रियों को अब अलग-अलग ट्रेन नंबर और उनके संचालन के दिन याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। 18249/18250 हसदेव एक्सप्रेस के प्रतिदिन चलने से यात्रा की योजना बनाना पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक होगा।

15 आधुनिक एलएचबी कोच के साथ चलेगी ट्रेन

रेलवे के अनुसार, दैनिक संचालन के दौरान हसदेव एक्सप्रेस में कुल 15 आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।

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कोरबा

चलती ट्रेन में टॉयलेट की खिड़की से लटकती मिली लाश:दोस्त संग उज्जैन घूमने गया था कोरबा का युवक, बीना में गार्ड ने देखा शव

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रहने वाले गुरुवार सिंह (30) का शव बीना रेलवे स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस के जनरल कोच के टॉयलेट की खिड़की से फंदे पर लटका मिला। तलाशी के दौरान मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सिंह बाइक बेचकर दोस्त के साथ उज्जैन घूमने गया था। परिजनों के अनुसार, उसका स्वभाव गुस्सैल था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार बीना के लिए रवाना हो गया। उसके पिता किसान होने के साथ मजदूरी भी करते हैं।

ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने GRP को बताया कि युवक भोपाल रेलवे स्टेशन से ट्रेन के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच कर रही है। घटना गुरुवार देर रात की है।

गुरुवार सिंह दोस्तों के साथ उज्जैन घूमने गया था।

गुरुवार सिंह दोस्तों के साथ उज्जैन घूमने गया था।

भोपाल से रवाना होने के दो घंटे बाद मिली लाश

जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 12534 पुष्पक एक्सप्रेस गुरुवार रात करीब 10 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला निर्धारित ठहराव ललितपुर था। इसी दौरान रात करीब 12 बजे ट्रेन के गार्ड की नजर जनरल कोच के शौचालय की खिड़की पर फंदे से लटके युवक पर पड़ी।

पुष्पक एक्सप्रेस के टॉयलेट की खिड़की पर गुरुवार सिंह की फंदे से लटकती लाश मिली है।

पुष्पक एक्सप्रेस के टॉयलेट की खिड़की पर गुरुवार सिंह की फंदे से लटकती लाश मिली है।

गार्ड की सूचना पर बीना स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन

इसके बाद गार्ड ने फौरन रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन पर रोकने का फैसला लिया गया। सूचना मिलने के बाद ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। पहले से मौके पर मौजूद जीआरपी ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए बीना के सिविल अस्पताल भेजा।

ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। (फाइल फोटो)

ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। (फाइल फोटो)

आधार कार्ड से हुई मृतक की पहचान

पुलिस ने मौके से मृतक के सामान की तलाशी ली, जिसमें मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान गुरुवार सिंह (30), निवासी कोरबा (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई। जीआरपी की शुरुआती पूछताछ में ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने बताया कि गुरुवार सिंह भोपाल रेलवे स्टेशन से ही जनरल कोच में सवार हुआ था।

आधार कार्ड से मृतक युवक की पहचान हो पाई।

आधार कार्ड से मृतक युवक की पहचान हो पाई।

भोपाल से जनरल कोच में हुआ था सवार

यात्रियों के मुताबिक वह काफी देर तक कोच के गेट के पास बैठकर यात्रा कर रहा था। इसके बाद वह कब शौचालय की ओर गया और यह घटना कैसे हुई, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। पुलिस यात्रियों के बयान दर्ज कर रही है।

हर पहलू से जांच कर रही जीआरपी

जीआरपी ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक ने आत्महत्या की या फिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे।

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