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बांग्लादेश ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अपना हिस्सा दिखाया:मोहम्मद यूनुस ने PAK आर्मी जनरल को विवादित नक्शा गिफ्ट किया

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ढाका,एजेंसी। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने शनिवार को पाकिस्तानी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को एक विवादित किताब गिफ्ट की।

‘आर्ट ऑफ ट्रायम्फ’ नाम की इस किताब के कवर पर छपे नक्शे में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

शमशाद मिर्जा पाकिस्तानी सेना में आसिफ मुनीर के बाद दूसरे सबसे ताकतवर अधिकारी हैं। माना जा रहा है कि मुनीर के बाद मिर्जा ही पाकिस्तानी सेना प्रमुख बनेंगे।

किताब में 2024 के छात्र आंदोलन में बने चित्रों को दिखाया

आर्ट ऑफ ट्रायम्फ एक आर्ट बुक है, जिसमें बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र-जन आंदोलन के दौरान बने ग्रैफिटी (दीवारों पर बनी चित्रकारी) और बाकी चित्रों को दिखाया गया है।

पिछले साल सितंबर में अंतरिम प्रमुख सलाहकार यूनुस ने इसे जारी किया था। फिलहाल यह किताब अभी सार्वजनिक तौर पर बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।

बांग्लादेश के नेता पहले भी इस किताब को गिफ्ट के तौर पर इस्तेमाल करते रहे हैं। सितंबर 2024 में यूनुस ने कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो को यह किताब गिफ्ट की थी।

इस किताब को गिफ्ट में देना एक राजनीतिक और कूटनीतिक संकेत माना जाता है। ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक यह किताब अब तक 12 से ज्यादा विदेशी नेताओं और अधिकारियों को गिफ्ट की जा चुकी है।

इनमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, पूर्व कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो, ब्राजील के पीएम लूला डिसिल्वा और पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

यूनुस ने 2024 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो को UN बैठक के दौरान यह किताब गिफ्ट की थी।

यूनुस ने 2024 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो को UN बैठक के दौरान यह किताब गिफ्ट की थी।

बांग्लादेश सरकार के अंतरिम मुखिया यूनुस ने 25 सितंबर 2025 को यूनाइटेड नेशंस के मुख्य सत्र (UNGA) के समय न्यू यॉर्क में इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को आर्ट ऑफ ट्रायम्फ किताब भेंट की थी।

बांग्लादेश सरकार के अंतरिम मुखिया यूनुस ने 25 सितंबर 2025 को यूनाइटेड नेशंस के मुख्य सत्र (UNGA) के समय न्यू यॉर्क में इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को आर्ट ऑफ ट्रायम्फ किताब भेंट की थी।

मोहम्मद यूनुस और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की मुलाकात 13 अक्टूबर 2025 को रोम, इटली में हुई थी। तब यूनुस ने डिसिल्वा को किताब गिफ्ट की थी।

मोहम्मद यूनुस और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की मुलाकात 13 अक्टूबर 2025 को रोम, इटली में हुई थी। तब यूनुस ने डिसिल्वा को किताब गिफ्ट की थी।

पाकिस्तानी जनरल 6 सदस्यों के साथ बांग्लादेश पहुंचे

जनरल शमशाद मिर्जा 24 अक्टूबर को 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ढाका पहुंचे थे। इस दौरे के दौरान उन्होंने यूनुस समेत उच्च बांग्लादेशी सैन्य और नागरिक नेतागणों के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर बात की।

इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात की। जनरल मिर्जा ने कहा कि दोनों देशों के बीच पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्ते हैं। वे इन रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं।

उन्होंने व्यापार और संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं पर भी बात की। जनरल मिर्जा ने बताया कि दोनों देश एक-दूसरे की मदद करेंगे।

यूनुस ने रविवार को पाकिस्तानी जनरल शमशाद मिर्जा के साथ बैठक की।

यूनुस ने रविवार को पाकिस्तानी जनरल शमशाद मिर्जा के साथ बैठक की।

यूनुस के सलाहकार ने भी गलत नक्शा पोस्ट किया था

यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश की तरफ से ऐसी हरकत की गई हो। पिछले साल दिसंबर में मोहम्मद यूनुस के सलाहकार महफूज आलम ने भी बांग्लादेश का एक गलत नक्शा पोस्ट किया था।

इस नक्शे में महफूज आलम ने भारत के बंगाल, त्रिपुरा और असम के कुछ हिस्सों को बांग्लादेश में दिखाया था। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया था।

महफूज आलम ने नक्शा पोस्ट करते हुए फेसबुक पर लिखा था- भारत ने यहूदी बस्ती प्रोग्राम को अपनाया है। बांग्लादेश को भारत पर निर्भरता से आजाद रखने के लिए 1975 के बाद 2024 होना ही था। दोनों घटनाओं के बीच पचास साल का अंतर है, लेकिन हकीकत में कुछ भी नहीं बदला। हम भूगोल और बसावट में फंसे हुए हैं।

हमें यह याद रखना चाहिए कि दक्षिण एशिया में पाकिस्तान अशरफ मुसलमानों की भूमि है, भारत ब्राह्मणवादी हिंदुओं की भूमि है और बंगाल (पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश) हिंदू मुस्लिम दलितों की परवाह किए बिना सभी पीड़ितों की भूमि है।

बांग्लादेश शुरुआती बिंदु है, अंतिम बिंदु नहीं। 1947 से 1971 और 1971 से 2024 तक यह खत्म नहीं हुआ है, इतिहास अभी भी इंतजार कर रहा है।

पाकिस्तान के साथ संबंध बढ़ा रहा बांग्लादेश

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ है। जबकि पाकिस्तान और बांग्लादेश के रिश्तों में लगातार सुधार आया है। मोहम्मद यूनुस बीते एक साल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से दो बार मुलाकात कर चुके हैं।

नवंबर 2024 में, 1971 के बाद पहली बार एक पाकिस्तानी कार्गो जहाज चटगांव बंदरगाह पहुंचा था। इसके अलावा इस साल अप्रैल में ढाका में 15 साल बाद दोनों देशों के विदेश सचिवों ने मुलाकात की थी।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी 27-28 अप्रैल को ढाका का दौरा किया था, जो 2012 के बाद पहली उच्च-स्तरीय यात्रा थी। इस दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर चर्चा की थी।

बांग्लादेश–पाकिस्तान के बीच बेहतर हो रहे रिश्ते

जनवरी 2025: बांग्लादेशी लेफ्टिनेंट जनरल एस.एम. कमर-उल-हसन का पाकिस्तान दौरा।

फरवरी 2025: पहली बार सीधे व्यापार शुरू। पाकिस्तान से 50,000 टन चावल की खेप बांग्लादेश भेजी गई।

अगस्त 2025: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ढाका पहुंचे। 13 साल में इस स्तर का पहला दौरा।

सितंबर 2025: मोहम्मद यूनुस और इशाक डार के बीच न्यूयॉर्क में बातचीत, डिप्लोमैटिक चैनल फिर सक्रिय।

अक्टूबर 2025: पाकिस्तान के दूसरे नंबर के आर्मी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा बांग्लादेश गए, डिफेंस और सिक्योरिटी कोऑपरेशन पर बातचीत।

अक्टूबर 2025: दोनों देशों ने सैन्य सहयोग बढ़ाने, ट्रेनिंग एक्सचेंज और मिलिट्री-टू-मिलिट्री इंटरेक्शन बढ़ाने पर सहमति जताई।

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अभिनेता Dev Anand के बेटे Sunil Anand का निधन, उसी अस्पताल में ली आखिरी सांस जहां पिता ने कहा था दुनिया को अलविदा

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मुंबई, एजेंसी। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के महान अभिनेता देव आनंद के बेटे, अभिनेता और निर्देशक सुनील आनंद अब इस दुनिया में नहीं रहे। 70 वर्ष की आयु में उन्होंने उस अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां कभी उनके पिता देव आनंद का भी निधन हुआ था। इस दुखद खबर की पुष्टि उनके परिवार ने आधिकारिक बयान जारी कर की। परिवार की तरफ से जारी सन्देश में कहा गया कि सुनील आनंद के निधन से पूरा परिवार गहरे शोक में है। उन्होंने इस कठिन समय में मिले सभी लोगों के प्यार, प्रार्थनाओं और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही परिवार ने सभी से अपील की कि उनके निजी समय और भावनाओं का सम्मान करें ताकि वे इस दुःख की घडी से एकजुट होकर उबर सकें। 
 भतीजी जीना नारंग की तरफ से यह जानकारी दी गई है। फिलहाल परिवार की ओर से सुनील आनंद के निधन की वजह का खुलासा नहीं किया गया है। इसके अलावा उनके अंतिम संस्कार की तारिख, समय यह अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। 

‘आनंद और आनंद’ फिल्म से बॉलीवुड में रखा था कदम 
सुनील आनंद ने अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत वर्ष 1984 में रिलीज हुई फिल्म आनंद और आनंद से की थी, जिसका निर्देशन उनके पिता देव आनंद ने किया था। इसी फिल्म के जरिए उन्होंने पड़े पर्दे पर बतौर अभिनेता डेब्यू किया। इसके बाद वह कार थीफ और मैं तेरे लिए जैसी फिल्मों में भी नजर आए। 

हालांकि, अभिनय के क्षेत्र में उन्हें वह लोकप्रियता और सफलता हासिल नहीं हो सकी, जो उनके पिता देव आनंद को मिली थी। इसके बाद उन्होंने अभिनय से दूरी बनाकर फिल्म निर्माण और प्रोडक्शन के काम पर ध्यान देना शुरू किया। सुनील आनंद लंबे समय तक अपने परिवार के प्रतिष्ठित बैनर नवकेतन फिल्म्स  से जुड़े रहे और उसके संचालन व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

पिता की विरासत को हमेशा आगे बढ़ाया 
सुनील आनंद ने भले ही अपने करियर में कम फिल्मों में काम किया हो लेकिन उन्होंने हमेशा अपने पिता देव आनंद की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाई। नवकेतन फिल्म्स के माध्यम से वह उनके सपनों और सिनेमा से जुड़े काम को आगे ले जाने में लगातार सक्रीय रहे। 

उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत और देव आनंद के चाहने वालों में गहरा शोक है। सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। वहीं, परिवार ने सभी से अपील की है कि इस मुश्किल समय में उनकी निजता का सम्मान करें और उन्हें शांति के साथ इस दुख से उबरने का अवसर दें।

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प्रियंका का प्रह्लाद जोशी पर कमेंट, संसद में हंगामा:रिजिजू बोले– शिक्षामंत्री का चरित्र हनन करने की कोशिश, माफी मांगें, प्रियंका का जवाब– सबूत दूंगी

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नई दिल्ली, एजेंसी। लोकसभा में दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा शुरू हो गई है।

विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी।

प्रियंका गांधी ने सरकार से सवाल किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का अधिकार किसने दिया। प्रियंका ने कहा- एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षामंत्री बनाया जिसने गर्भवती महिला के बलात्कारियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद सत्ता पक्ष ने हंगामा किया।

रिजिजू निशिकांत दुबे और जोशी ने विरोध किया और कहा कि पहले प्रियंका इस बात का सबूत दें और माफी मांगे।

  • स्पीकर बोले- मैं प्रियंका जी से कहूंगा कि बिना तथ्यों से इस तरह की बातें सदन में करें।
  • प्रियंका का जवाब- जोशी जी ने बिल्किस बानो के बलात्कारियों पर बयान दिया उसका प्रमाण मैं भेज दूंगी।
  • केसी वेणुगोपाल ने कहा- इन्होंने इंदिरा गांधी का नाम लिया है। आप हटा नहीं सकते हैं।
  • निशिकांत बोले- मैंने नेहरू जी का नाम लिया था और आज भी अपने बयान पर कायम हूं।
  • प्रह्लाद जोशी ने कहा- मेरे बारे में जो बोला गया उस पर मुझे पहले से नहीं बताया गया।
  • स्पीकर ने टोका- सदन में इस बिल पर ही चर्चा होगी। आप सिर्फ विधेयक पर ही बोलें।

इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार वचन नहीं, जुमले देती है। दोपहर का सत्र शुरू होने पर स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मैंने चर्चा के लिए 6 घंटे का समय तय किया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष चाहें तो समय बढ़ा सकते हैं।

इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों से बात की है। अब 8 घंटे चर्चा होगी। जरूरत होगी तो हम 10 घंटे भी चर्चा को तैयार हैं।

प्रह्लाद जोशी बोले- प्रियंका गांधी पर कार्रवाई हो

प्रह्लाद जोशी ने कहा- प्रियंका जी को अपने बयानों को प्रमाणित करना चाहिए था। फैलाई जा रही गलत सूचना के संबंध में कार्रवाई की जानी चाहिए। क्या कोई कुछ भी कह सकता है और इससे बच सकता है?

सत्ता पक्ष ने कहा कि प्रियंका आरोप लगाए जा रही हैं। रिजिजू ने कहा- प्रियंका ने शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की वह चरित्र हनन है। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करें। वह सीनियर लीडर हैं उन्हें जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए।

प्रियंका बोली- दिल का एंगल बदलना पड़ेगा

फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड पहले से ही खराब है। कल की कार्रवाई में सीबीआई नहीं पहुंचे। संसद विपक्ष को दोषी ठहराने से काम नहीं चलेगा। जेन जी का भरोसा जीतना है तो प्रधानमंत्री जी नए एंगल से वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा।

पीएम मोदी को कैमरे का एंगल नहीं दिल का एंगल बदलना पड़ेगा। ये जेनरेशन झूठ पकड़ सकती है।

देश के नौजवान न्याय मांग रहे हैं भीख नहीं। वे सरकार गिराने नहीं अपना भरोसा बचाने आए हैं। सरकार अपनी नीयत ठीक करें, अपनी अकड़ का इलाज करें। वादों पर अमल करें। आपके शासन में हमने बड़ी बड़ी चोरियां देखीं, चुनाव में वोट चोरी, राम मंदिर में चंदा चोरी, किसानों की जमीन चोरी, फिर हंगामा होता है। शांति से सुन लीजिए। आप जितनी चोरी की बात करना चाहते हैं सब कर लीजिएगा। सबसे बड़ी चोरी देश के युवाओं के सपनों की चोरी है। स्पीकर सर भाषण खत्म, अब तो मुस्करा लीजिए। रिजिजू बोले- प्रियंका जी ने राहुल जी की स्पीच चुरा ली।

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टाटा केमिकल्स का पहली तिमाही का मुनाफा 81% घटकर 60 करोड़ रुपए पर

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नई दिल्ली, एजेंसी। टाटा केमिकल्स का चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 81 प्रतिशत घटकर 60 करोड़ रुपए रहा है। खर्चे बढ़ने से कंपनी का मुनाफा घटा है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में उसका शुद्ध मुनाफा 316 करोड़ रुपए था। शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 4,311 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 3,815 करोड़ रुपए थी। 

टाटा केमिकल्स ने बताया कि जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा ”मुख्य रूप से कम प्राप्ति, कम अन्य आय और कम साझा उद्यम आय” के कारण घटा। परिणाम पर टिप्पणी करते हुए टाटा केमिकल्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आर. मुकुंदन ने कहा कि कंपनी ने जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें ज्यादा बिक्री और उत्पादन मात्रा, मजबूत परिचालन क्षमता और अनुशासित लागत प्रबंधन का योगदान रहा। उन्होंने कहा, ”हालांकि, सोडा ऐश की कीमतों के लगातार कम रहने के कारण अमेरिका से दक्षिण-पूर्व एशिया में निर्यात पर दबाव बना रहा।” 

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