बालोद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 5 किलर ने हमर राज पार्टी (HRP) के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू की हत्या की सुपारी ली। कई दिनों से रेकी की। इसके बाद 1 दिसंबर की शाम देवेंद्र को मारने के लिए आए। देवेंद्र को घर से बाहर बुला रहे थे। देवेंद्र नहीं आए तो कार को जलाकर भाग गए। मामला बालोद थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक मास्टरमाइंड का नाम अश्वनी डडसेना है, जिसने 5 किराए के किलर हायर किए थे। महिला सरपंच ने किलर को फोनपे के जरिए एडवांस में 7 हजार रुपए दिए थे। महिला हिरासत में है, जबकि अश्वनी डडसेना जेल में बंद है। जेल से ही हत्या की साजिश रची थी।
मास्टरमाइंड अश्वनी डडसेना ने जेल में बदमाशों से कहा था कि देवेंद्र साहू को मारने या नुकसान पहुंचाने वाले को 2 एकड़ जमीन मिलेगी। गाड़ी-मोटर और बंगला भी मिलेगा। देवेंद्र साहू को ठिकाने लगाने वाले के लिए तिजोरी खोल दी जाएगी। पुलिस ने 5 आरोपियों को अरेस्ट कर जुलूस निकाला।
हमर राज पार्टी के जिला अध्यक्ष की हत्या कराने अश्वनी ने दी सुपारी।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 1 दिसंबर की शाम करीब 7.30 बजे तीन आरोपी देवेंद्र साहू के घर पहुंचे। साजिश थी कि उन्हें घर से बाहर बुलाया जाए। बाहर ही चाकू से हमला कर दिया जाए। देर शाम और सुनसान होने का फायदा उठाने की तैयारी थी, लेकिन देवेंद्र घर से बाहर नहीं आए।
देवेंद्र के घर के बाहर CCTV कैमरे लगे हैं। आरोपियों ने जैसे ही यह देखा, हमला रोक दिया। इसके बाद आरोपियों ने मास्टरमाइंड फैजान को फोन किया। फैजान ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कार में आग लगाकर लौट आओ। रात करीब 9.05 बजे देवेंद्र की नई ब्रेजा कार को पेट्रोल डालकर जला दिया।
कॉन्ट्रैक्ट किलर ने कार में आग लगा दी और मौके से फरार हो गए।
वारदात में कौन-कौन आरोपी थे शामिल ?
पुलिस के मुताबिक मास्टरमाइंड अश्वनी डडसेना ने मर्डर की साजिश रची। पकड़े गए आरोपियों में अनिकेत मेश्राम (19), सूरज रंगारी (19), दानेश्वर साहू (22), मोहम्मद फैजान (21) और अभिषेक चौरे (22) शामिल हैं। दल्लीराजहरा निवासी मोहम्मद फैजान लालच में आ गया।
मोहम्मद फैजान से अश्वनी डडसेना ने कहा था कि हत्या करने पर 2 एकड़ जमीन, बंगला और गाड़ी, अपंग बनाने पर 10 लाख रुपए, कार जलाने पर 1-1 लाख रुपए दिया जाएगा। सारा पैसा उनकी पत्नी देगी। इसके बाद फैजान ने सुपारी स्वीकार कर ली।
सुपारी की रकम फोनपे से भेजी गई, महिला सरपंच हिरासत में
जांच में पुलिस को पता चला कि सुपारी देने के लिए फोनपे से 7,000 रुपए एडवांस भेजे गए थे। यह रकम मास्टरमाइंड अश्वनी की पत्नी सरपंच के मोबाइल नंबर से भेजी। महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी अश्वनी डडसेना पहले से जेल में बंद है।
वहीं पीड़ित देवेंद्र साहू का कहना है कि पहले भी उनके नाम पर सुपारी देने की कोशिश हो चुकी है। CCTV इसलिए लगाया, ताकि किसी भी तरह की घटना रिकॉर्ड हो सके। देवेंद्र पहले क्रांति सेना और कई आंदोलन में सक्रिय रहे हैं, इसलिए यह हमला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील माना जा रहा है।
पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद परशुराम चौक से कचहरी परिसर तक पैदल जुलूस निकाला।
मर्डर के लिए फैजान ने बनाया गिरोह
18 नवंबर को जेल से छूटने के बाद फैजान ने दल्लीराजहरा के लड़कों को इकट्ठा करना शुरू किया। उसने अनिकेत मेश्राम को राजी किया, फिर अनिकेत ने सूरज रंगारी और दानेश्वर साहू को शामिल किया। चारों ने कई दिनों तक देवेंद्र साहू की गतिविधियों की रेकी की।
मोहम्मद फैजान ने गिरोह को ऑपरेट किया। अभिषेक, अनिकेत, सूरज और दानेश्वर को साथ लिया। पांचों बदमाश अलग-अलग जगहों से जुड़े हैं। पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। रेकी के बाद मर्डर की साजिश रची, लेकिन सभी आरोपी पकड़े गए।
2 दिसंबर की शाम बालोद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद परशुराम चौक से कचहरी परिसर तक पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी बार-बार बोलते नजर आए कि जुर्म करना पाप है, कानून हमारा बाप है।
HRP नेता देवेंद्र साहू की हत्या की सुपारी देने वाला मास्टरमाइंड अश्वनी डड़सेना
अश्वनी डडसेना ने कई गुंडों के ज़रिए धमकियां दिलवाई
वहीं पीड़ित देवेंद्र साहू ने बताया कि मैं हमर राज पार्टी का जिलाध्यक्ष हूं। दूर-दूर से लोग अपनी समस्याओं को लेकर पार्टी कार्यालय आते हैं। इसी क्रम में जेठूमल भी आया था। उसकी जमीन खरीदने के नाम पर उससे 65 लाख रुपए की ठगी की गई थी। आवेदन के बाद पार्टी ने पीड़ित का सहयोग किया। इसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
जमीन धोखाधड़ी के मामले में रंजिश पर मर्डर की साजिश
SDOP देवांश सिंह राठौर ने बताया कि देवेंद्र साहू ने जमीन धोखाधड़ी के मामले में पीड़ित जेठूमल का समर्थन किया था। इसी बात को लेकर अश्वनी डडसेना उनसे नाराज था। ऐसी जानकारी है कि इसी रंजिश में उसने जेल में बैठकर हत्या की पूरी साजिश रची।
हो सकती हैं और भी गिरफ्तारियां
देवेंद्र साहू हमर राज पार्टी के नेता हैं, जिसे पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, आदिवासी नेता विनोद नागवंशी और आदिवासी समुदाय के अन्य प्रमुख लोगों ने मिलकर बनाया था। पहले देवेंद्र साहू क्रांति सेना और कई दूसरे आंदोलनों में एक प्रमुख व्यक्ति थे। इससे यह मामला और भी हाई-प्रोफाइल हो गया है। अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मास्टरमाइंड ने कॉन्ट्रैक्ट-किलर को हत्या करने पर 2 एकड़ जमीन, बंगला और गाड़ी देने का लालच दिया।
जांजगीर। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक को लेकर नगरीय निकायों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
अब अभियान में फील्ड अधिकारियों को एसयूपी (फील्ड इंस्पेक्शन मोबाइल एप) के माध्यम से निरीक्षण करना होगा। इसे जिले के 11 नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। टीम द्वारा शहर में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। पोर्टल पर विक्रेताओं, उपयोगकर्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से एसयूपी एप के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। संबंधित स्थानीय निकाय को उनका निराकरण करना होगा।
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।
इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया।
ढाल दास ने कहा कि जनता भी जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। अगर कांग्रेस मुझे मौका देती है तो मैं मुंगेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगा। पार्टी जहां से मुझे चुनाव लड़ने के लिए चयनित करेगी, मैं वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने से पहले मैंने अपने भाई और पिताजी से बातचीत की थी और उन्हें इस बारे में बताया था। दोनों ने अपनी सहमति दे दी। वहीं उनके भाई मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तोड़ने की नीति से काम करती है।
रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।
सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है परिवार
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका परिवार सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के एक सदस्य के भाजपा सरकार में मंत्री होने और दूसरे के कांग्रेस में शामिल होने को सियासी तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
गुरु बालदास के 4 बेटे, ढाल दास सबसे बड़े
सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब का परिवार बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा से जुड़ा हुआ है। गुरु बालदास के चार बेटे हैं- ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास। उनकी एक बेटी भी है। इनमें ढाल दास सबसे बड़े बेटे हैं।
गुरु परिवार का सतनामी समाज में धार्मिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। गिरौधपुरी धाम और भंडारपुरी धाम से जुड़े प्रमुख आयोजनों में परिवार की सक्रिय भूमिका रहती है।
मंत्री के भाई का कांग्रेस में जाना क्यों अहम?
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को सिर्फ एक राजनीतिक ज्वाइनिंग के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। वे मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई हैं और गुरु बालदास के परिवार से आते हैं। ऐसे में उनके कांग्रेस में जाने से एक ही परिवार के राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों में होने का समीकरण सामने आया है।
ढाल दास ने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुंगेली विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और इसे भाजपा के मजबूत प्रभाव वाली सीट माना जाता है। यहां भाजपा के पुन्नूलाल मोहले लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी।
2023 के चुनाव में पुन्नूलाल मोहले को 85,429 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजीत बनर्जी को 73,648 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 11,781 वोट रहा था। ऐसे में अगर भविष्य में कांग्रेस ढाल दास को मुंगेली से अपना प्रत्याशी बनाती है, तो चुनावी समीकरण कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं।
कांग्रेस तोड़ने के नीयत से काम करती है- मंत्री खुशवंत
मंत्री खुशवंत साहेब ने भाई के कांग्रेस प्रवेश को लेकर कहा कि वह मेरे भाई हैं। सुख-दुख हो या किसी तरह का तीज-त्योहार, हम हमेशा एक-दूसरे के साथ मिलते हैं और आगे भी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीयत ही समाज और परिवार को तोड़ने की रही है।
उन्होंने कहा कि एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक समाज को दूसरे समाज से और एक परिवार को दूसरे परिवार से लड़ाने की कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले, वह कभी सफल नहीं होगी।