आधुनिक नवाचार का मिला लाभ, किसान ब्रजेश रात्रे ने दोहराया भरोसा
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा खेती को अधिक लाभकारी, किफायती और टिकाऊ बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके और उनकी आय में वृद्धि हो। इसी दिशा में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उन्नत कृषि नवाचार किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। किसानों के बीच इन उर्वरकों की बढ़ती स्वीकार्यता आधुनिक कृषि नवाचारों के प्रति बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।
कोरबा जिले के ग्राम बाता निवासी कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। छोटे कृषक श्री रात्रे लगभग एक एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे आवश्यक कृषि आदान सामग्री प्राप्त करने सहकारी समिति कनबेरी पहुंचे, जहां से उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्राप्त किया। श्री रात्रे ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष पहली बार अपनी फसल में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया था। इसके परिणाम उत्साहजनक रहे, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने इस वर्ष भी नैनो उर्वरकों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में तीन भाई खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उनके सकारात्मक अनुभव को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अपनी खेती में नैनो उर्वरकों का उपयोग शुरू कर दिया है। इससे पूरे परिवार को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिल रहा है। श्री रात्रे ने बताया कि पहले वे पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग करते थे, लेकिन नैनो उर्वरकों के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होता है, उर्वरकों की अनावश्यक बर्बादी कम होती है तथा फसलों को आवश्यक पोषण प्रभावी ढंग से प्राप्त होता है। यही कारण है कि किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति रुचि और विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से समय पर नैनो उर्वरकों की उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इससे किसानों को खेती की तैयारियां समय पर करने में सुविधा मिल रही है और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिल रहा है। अंत में कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे ने जिले के किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि खेती में नवाचारों को अपनाने में किसी भी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। समय के साथ कृषि पद्धतियों में बदलाव लाकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक तकनीकें न केवल बेहतर उत्पादन और लागत में बचत सुनिश्चित करती हैं, बल्कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 600.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 659.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 428, भैंसमा, 566.2, करतला 570.9, बरपाली 630.7, कटघोरा 610.2 दीपका 649, दर्री 727.4, पाली 629, हरदीबाजार 487.4, पोंड़ी-उपरोड़ा 645.2, और पसान तहसील में 597.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह पिछले 24 घंटे में जिले में 11.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित राखियों के विक्रय हेतु विशेष स्टॉल लगाने के निर्देश
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने गुरुवार को विकासखण्ड करतला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। प्रातः 8 बजे से प्रारंभ हुए निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत नोनबिर्रा, कोटमेर, करतला, रामपुर, चैनपुर, सेन्द्रिपाली, सलियाभांठा, तुमान, बरपाली एवं सोहागपुर का भ्रमण कर निर्माणाधीन कार्यों, आजीविका गतिविधियों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य प्राक्कलन के अनुरूप निर्धारित गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री जैन ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों एवं मैदानी अमले को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन, विद्यालय भवन, महतारी सदन, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सामुदायिक शौचालय तथा विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया गया। सीईओ ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, आंगनबाड़ी एवं प्राथमिक शाला भवनों में पाए गए सीपेज का शीघ्र निराकरण करने तथा सभी लंबित निर्माण कार्य आगामी दो से तीन माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी सदन में ग्लो बोर्ड स्थापित करने तथा निर्माण कार्यों में पाई गई कमियों का तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत कोटमेर में संचालित रीपा का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। समूह की महिलाओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुरूप मास्क एवं एप्रन का अनिवार्य उपयोग करने, अग्निशमन उपकरण स्थापित करने एवं उनका नियमित उपयोग सुनिश्चित करने तथा बंद मशीनों को पुनः संचालित करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत सेन्द्रिपाली स्थित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के संचालन एवं सेवा शुल्क व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत चैनपुर में सचिव को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कराने, विद्यालय पहुंच मार्ग का सुधार कराने तथा भवन निर्माण में छत एवं छज्जों पर उचित ढाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही औराई क्षेत्र में विकसित भारत-जी राम जी योजना अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने तथा तुमान-बरपाली मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत बरपाली में मल्टीग्रेन यूनिट स्थापित करने, पंचायत परिसर में कॉम्प्लेक्स निर्माण की कार्यवाही प्रारंभ करने तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम पंचायत सोहागपुर में विकसित भारत -जी राम जी से शेड निर्माण, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड एवं शौचालय निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। आगामी रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित आकर्षक राखियों के विक्रय हेतु जनपद पंचायत कार्यालय में विशेष स्टॉल स्थापित करने के निर्देश भी दिए, ताकि स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके और समूहों की आय में वृद्धि हो।
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया। ग्राम पंचायत कोटमेर में दुर्गा स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित रेडी-टू-ईट इकाई की स्वच्छता एवं गुणवत्ता का निरीक्षण किया गया। ग्राम पंचायत बरपाली में जय मां सरस्वती स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित कपड़ा दुकान एवं लखपति दीदी महिला उद्यमियों से चर्चा कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। साथ ही जय मां राधा महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित रेडी-टू-ईट इकाई तथा हसदेव रूरल मार्ट का निरीक्षण किया गया। ग्राम पंचायत सोहागपुर में संगम महिला क्लस्टर संगठन की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही पारंपरिक एवं आकर्षक राखियों का अवलोकन करते हुए सीईओ श्री जैन ने उनके प्रयासों की सराहना की तथा उत्पादों के बेहतर विपणन एवं आयवृद्धि के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैभव कौशिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।