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छत्तीसगढ़

भूपेश बोले- 2028 में छत्तीसगढ़ में बनेगी कांग्रेस की सरकार:2029 में राहुल गांधी बनेंगे पीएम, मनरेगा-सिलेंडर की कीमतों पर कांग्रेस ने विधानसभा घेरा

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रायपुर,एजेंसी। मनरेगा का नाम बदलने, सिलेंडर की बढ़ी कीमतों समेत कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता ने नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाकर विरोध जताया। बैरिकेड्स तोड़कर कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया। पुलिस प्रशासन ने टीन का शेड लगाकर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोका।

इसमें प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व सीएम भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल ने मोदी सरकार पर निशाना साधा और 2029 में राहुल गांधी के पीएम बनने की बात कही।

उन्होंने कहा कि 2028 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी और 2029 में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे, तब हम डेढ़ गुना मनरेगा की राशि देंगे।

देखे विधानसभा घेराव की कुछ तस्वीरें…

घेराव के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी हुई।

घेराव के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी हुई।

कांग्रेसियों ने नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाकर विरोध जताया।

कांग्रेसियों ने नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाकर विरोध जताया।

विधानसभा घेराव से पहले सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

विधानसभा घेराव से पहले सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

बघेल बोले- मोदी का नाम पनौती रख देना चाहिए

भूपेश बघेल ने कहा मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की सोच थी कि गरीबों को भी रोजगार का अधिकार है, उन्होंने गरीबों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिया जाए। लेकिन मनरेगा को भाजपा ने छीना है।

बघेल ने कहा कि शर्म से पानी में डूब मरो, गैस सिलेंडर भी लोगों को नहीं मिल रहा है। मोदी का नाम पनौती रख देना चाहिए। पहली बार पहलगाम गए तो आम लोगों की हत्या हो गई। इजरायल गए तो विश्व युद्ध शुरू हो गया।

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कोरबा

चैत्र नवरात्रि एक दिन शेष:माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने श्रद्धालुओं में खासा उत्साह

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कोरबा। 19 अप्रैल से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत् 2083 का आगाज होने जा रहा है। कोरबा जिले की संजीवनी मानी जाने वाली गंगा समान पवित्र हसदेव नदी के पावन घाट में विराजीत अद्भूत शक्ति, समृद्धि प्रदात्रि माँ सर्वमंगला देवी के पुण्य परिसर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को घट स्थापना के साथ 9 दिन तक चलने वाली वासंती नवरात्र प्रारंभ हो जाएगी। अब नवरात्र प्रारंभ होने में 01 दिन शेष है और इसके बाद 19 अप्रैल से माँ सर्वमंगला देवी परिसर में ज्योति कलशों के दिव्य आलोक से परिसर जगमगा उठेगा और ज्योति कलशों के लौ से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।

इसके पूर्व माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ परिसर में दिख रही है और वे तेल ज्योति कलश एवं घृत कलश प्रज्ज्वलित कराने रसीद कटवा रहे हैं। प्रबंधन ने चैत्र नवरात्रि के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
तैल्य ज्योति कलश के लिए रू. 901 एवं घृत ज्योति कलश के लिए रू. 2100
प्रबंधन द्वारा महंगाई में बेतहाशा वृद्धि होने के बावजूद घृत ज्योति कलश के लिए रू. 2100 ही रखा गया है, जबकि तैल्य ज्योति कलश के लिए मात्र 200 रूपए बढ़ाकर रू. 901 किया गया है। परिसर में लोगों की सुविधा के लिए काऊंटर खोला गया है, जहां पर श्रद्धालु आसानी से मनोकामना ज्योति कलश के लिए रसीद प्राप्त कर रहे हैं।

परिसर में काऊंटर से रसीद प्राप्त करते श्रद्धालु
इस नवरात्रि कई सुख संयोग-नन्हा महाराज

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक/पुजारी/राजपुरोहित पंडित नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने बताया कि 19 मार्च से प्रारंभ होने वाली चैत्र नवरात्रि अपने साथ कई अद्भूत संयोग एवं महायोग को लेकर आ रही है। माता आदिशक्ति डोली में सवार होकर आएंगी और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करेंगी। इस नवरात्रि व्रत, ध्यान एवं पूजन से कई फल की प्राप्ति होगी। 19 मार्च को शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है, जो बेहद शुभकारी है।
19 मार्च को सुबह 06.02 से 08.40 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 09.16 से 10.56 बजे भी कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है।

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छत्तीसगढ़

1.28 करोड़ ठगने वाला आरोपी हरियाणा से अरेस्ट:रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर को बताया था क्राइम ब्रांच अधिकारी, 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर रखा

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रायपुर,एजेंसी। राजधानी रायपुर में रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 1.28 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी गई और करीब 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर रखा।

इस मामले में सोमवार को पुलिस ने आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार किया है, जिसका नाम सोमनाथ महतो है। आरोपी ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया था और क्रेटिड कार्ड से मनी लॉन्ड्रिंग की बात कही थी।

गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए ठग ने पैसों की डिमांड की, जिसके बाद रिटायर्ड डॉक्टर अलग-अलग दिनों में 1.28 करोड़ रुपए भेजे गए अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने ठग को पैसे देने के लिए अपनी एफडी तुड़वा दी थी। मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, सपन कुमार पशु पालक विभाग से रिटायर्ड डॉक्टर हैं। 31 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 12:15 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया और उसने खुद मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। फिर वॉट्सऐप एक एफआईआर की कॉपी भेजी।

कॉल करने वाले कहा कि सपन कुमार के क्रेडिट कार्ड से कई लोगों से धोखाधड़ी की गई है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठग ने बैंक खाते और एफडी की जानकारी मांगी। डरकर सपन कुमार ने सारी डिटेल ठग को वॉट्सऐप कर दिया।

3 जनवरी 2026 को ठगों ने रिटायर्ड डॉक्टर को एक खाते में 34 लाख रुपए RTGS के जरिए भेजने को कहा। डर और दबाव में आकर उन्होंने पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 13 जनवरी को दूसरे खाते में 39 लाख रुपए भिजवाए।

55 लाख रुपए के लिए FD तुड़वाई

16 जनवरी को तीसरे खाते में 55 लाख रुपए जमा करवाने को कहा, जिसके लिए रिटायर्ड डॉक्टर ने अपनी एफडी तुड़वा दी। इस तरह ठग ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1 करोड़ 28 लाख रुपए अलग-अलग बैंक अकाउंट ट्रांसफर करवा लिए।

पैसे होल्ड कराने में जुटी पुलिस

जब रिटायर्ड डॉक्टर ने 55 लाख रुपए ठग के खाते में ट्रांसफर किए तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद वो फौरन विधानसभा थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर ने ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ चलाया।

तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर कई खातों को फ्रीज कराया। पीड़ित को 58 लाख रुपए वापस मिल चुके हैं। शेष रकम भी आरोपी के अन्य खातों में होल्ड करा दी गई है।

गुड़गांव के सोहना रोड से मास्टरमाइंड गिरफ्तार

जांच में आरोपी की लोकेशन दिल्ली-हरियाणा में मिली। पुलिस टीम रवाना हुई, लेकिन आरोपी लगातार ठिकाना बदलता रहा। आखिरकार सोमनाथ महतो (27) को गुड़गांव के सोहना रोड से गिरफ्तार किया गया।

आरोपी आर मंगलम यूनिवर्सिटी के पास छिपा हुआ था। उसे रायपुर लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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छत्तीसगढ़

फर्जी जाति प्रमाणपत्र से आबकारी विभाग में 35 साल नौकरी:ग्वालियर के राजेश पर बिलासपुर में फेक-डॉक्यूमेंट बनवाने का आरोप, SC-ST आयोग ने मांगा जवाब

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बिलासपुर,एजेंसी। मध्यप्रदेश के ग्वालियर के आबकारी अफसर राजेश हेनरी पर आपराधिक षड्यंत्र करके फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप है। आरोप है कि इस फर्जी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर वह पिछले 35 साल से आबकारी विभाग में नौकरी कर रहे हैं।

RTI के तहत पता चला कि राजेश के प्रमाणपत्र में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तहसील के सील और साइन मिले। लेकिन, जब बिलासपुर तहसील कोर्ट के दायरा पंजी में साल 1990-91 के प्रकरण की जानकारी ली गई, तब पता चला कि तहसील कार्यालय में उनके जाति प्रमाण पत्र का प्रकरण ही दर्ज नहीं है।

छत्तीसगढ़ की उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने उनके अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र को जांच के लिए जिला स्तरीय समिति को भेजा था, लेकिन यह जांच दो साल से लंबित पड़ी थी।

अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग ने इस मामले में बिलासपुर कलेक्टर और मध्यप्रदेश के आबकारी विभाग के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और 15 दिन में जवाब मांगा है। वहीं विभाग के अफसरों पर मामले को दबाने का आरोप लगा है।

इंदौर के वकील ने की शिकायत

दरअसल, इंदौर के रहने वाले वकील और आरटीआई एक्टिविस्ट राजेंद्र गुप्ता ने ग्वालियर के आबकारी विभाग में पदस्थ अपर आयुक्त राजेश हेनरी के खिलाफ शिकायत की है।

उन्होंने बताया है कि राजेश हेनरी ने साल 1990-91 में फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर आपराधिक षडयंत्र किया, जिसके आधार पर अपने आप को आदिवासी समुदाय का होना बताकर आबकारी विभाग में नौकरी हासिल की।

इसके बाद मध्यप्रदेश के कई जगहों पर पदस्थ रहे और फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर 35 साल से जॉब करते रहे।

सालों से बचाते रहे विभाग के अफसर, नहीं कराई जांच

राजेंद्र गुप्ता का आरोप है कि आबकारी विभाग के अफसरों को सालों से पता है कि राजेंद्र हेनरी ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पर कब्जा जमाया है। लेकिन, उनके इस आपराधिक षडयंत्र को विभाग के अफसर परदा डालते रहे और उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे।

बिलासपुर तहसील के फर्जी प्रमाण पत्र का किया इस्तेमाल

राजेंद्र गुप्ता ने सूचना के अधिकार कानून के तहत आबकारी अफसर राजेश हेनरी की जाति प्रमाणपत्र को लेकर विभागीय दफ्तर से जानकारी जुटाई, जिसके आधार पर पता चला कि राजेश हेनरी ने बिलासपुर तहसील के सील और साइन लगे जाति प्रमाण पत्र का उपयोग किया है।

लेकिन, जब बिलासपुर तहसील कोर्ट के दायरा पंजी में साल 1990-91 के प्रकरण की जानकारी ली, तब पता चला कि तहसील कार्यालय में उनके जाति प्रमाण पत्र का प्रकरण ही दर्ज नहीं है।

राज्य स्तरीय छानबिन समिति को नहीं दी जानकारी

इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ की उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने उनके अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र की जांच के लिए राजेश हेनरी को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही प्रमाणपत्र की जांच के लिए जिला स्तरीय जाति छानबिन समिति को भेजा है। लेकिन, दो साल से इस मामले की जांच लंबित है।

आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय चंदेल ने बताया कि राजेश हेनरी को अपनी जाति संबंधी सभी दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है। लेकिन, वो उपस्थित नहीं हो रहे हैं।

अब राष्ट्रीय SC-ST आयोग ने 15 दिन में मांगी जानकारी

इस मामले की शिकायत अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग तक पहुंच गई है। आयोग ने बिलासपुर कलेक्टर के साथ ही मध्यप्रदेश के आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है।

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