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बिज़नस

पाकिस्तान में महंगाई का तगड़ा झटका: जेट फ्यूल रू.40 और डीजल रू.31 प्रति लीटर हुआ महंगा

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इस्लामाबाद,एजेंसी। आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान में आम जनता और एविएशन सेक्टर (उड्डयन क्षेत्र) पर एक और बड़ा बोझ आ पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सरकार ने कमर्शियल एयरलाइंस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले जेट फ्यूल (विमान ईंधन) की कीमतों में रू.40.35 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस बढ़ोतरी के बाद अब पाकिस्तान में जेट फ्यूल की नई कीमत बढ़कर रू.291.55 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

इस फैसले से एयरलाइंस कंपनियों का संचालन खर्च (ऑपरेटिंग कॉस्ट) काफी बढ़ जाएगा जिसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा और हवाई किरायों में भारी इजाफा होना तय माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बढ़ोतरी से एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट (संचालन लागत) बढ़ने की उम्मीद है और इससे हवाई किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि यह नई बढ़ोतरी पिछली बढ़ोतरी के ठीक दो हफ्ते बाद हुई है जिससे पिछले दो हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमतों में कुल PKR 53.58 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है।

एविएशन फ्यूल की बढ़ी हुई कीमतों से एयरलाइंस पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की उम्मीद है क्योंकि फ्यूल की लागत उनके ऑपरेटिंग खर्च का एक बड़ा हिस्सा होती है। इंडस्ट्री के सूत्रों ने संकेत दिया है कि एयरलाइंस बढ़ती लागत के असर को संभालने के लिए टिकट की कीमतें बढ़ाने पर विचार कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार यह घटनाक्रम पाकिस्तानी सरकार द्वारा पहले के साप्ताहिक प्राइसिंग मैकेनिज्म (मूल्य निर्धारण तंत्र) को बदलकर रोज़ाना पेट्रोलियम कीमतों की समीक्षा करने की घोषणा के बाद हुआ है। यह फै सला अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद ग्लोबल एनर्जी मार्केट में फिर से आए उतार-चढ़ाव के बीच लिया गया।

संशोधित प्राइसिंग सिस्टम के तहत सरकार ने हाई-स्पीड डीज़ल (HSD) की एक्स-डिपो कीमत में भी PKR 31.05 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जिससे यह PKR 323.30 से बढ़कर PKR 354.35 प्रति लीटर हो गई। पेट्रोल की कीमत में PKR 5.44 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई जिससे यह PKR 310.71 से बढ़कर PKR 316.15 प्रति लीटर हो गई। रिपोर्ट के अनुसार संशोधित दरें 18 जुलाई से लागू हुईं।

अधिकारियों ने कहा कि रोज़ाना समीक्षा मैकेनिज्म से घरेलू फ्यूल की कीमतें इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव के प्रति तेज़ी से प्रतिक्रिया दे सकेंगी साथ ही सप्लाई में रुकावट और सट्टाखोरी (speculative hoarding) का जोखिम भी कम होगा। पाकिस्तान ने पहले अमेरिका-ईरान संघर्ष के शुरुआती चरण में साप्ताहिक एडजस्टमेंट (समायोजन) पर जाने से पहले हर दो हफ्ते में फ्यूल की कीमतों में संशोधन किया था। हालांकि  तनाव फिर से बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ज़रिए ऑयल शिपमेंट में संभावित रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ने के कारण, अधिकारियों ने रोज़ाना संशोधन शुरू करने का फैसला किया। 

जेट फ्यूल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर पाकिस्तान के एविएशन सेक्टर पर पड़ने की उम्मीद है जो पहले से ही बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के दबाव का सामना कर रहा है। अगर ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो एयरलाइंस को किराए और दूसरे खर्चों पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।

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देश

Accenture ने बदला सैलरी इंक्रीमेंट का नियम, कर्मचारियों को ऐसे मिलेगा फायदा

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक आईटी सर्विस कंपनी Accenture ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए अपने सैलरी इंक्रीमेंट सिस्टम में बदलाव किया है। नए नियम के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली वेतन वृद्धि का केवल 50% हिस्सा उनकी बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि बाकी 50% राशि एकमुश्त (Lump Sum) भुगतान के रूप में दी जाएगी।

जून 2026 के सैलरी रिवीजन से लागू हुआ नया सिस्टम

कंपनी के एक डॉक्यूमेंट के अनुसार, इस साल जून के मेन सैलरी रिवीजन साइकल में ये नया सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत, टैलेंट और ग्रुप लीड पात्र कर्मचारियों के लिए कुल सैलरी इंक्रीमेंट का प्रतिशत तय करेंगे, जिसे बाद में दो बराबर-बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी को 10 प्रतिशत का सैलरी इंक्रीमेंट मिलता है, तो 5 प्रतिशत उसके बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा और बाकी का 5 प्रतिशत उसे एकमुश्त भुगतान के रूप में सैलरी के साथ ही दे दिया जाएगा। 

कंपनी ने बताया बदलाव का उद्देश्य

Accenture का कहना है कि इस मॉडल से कर्मचारियों को तुरंत अतिरिक्त नकद राशि (Immediate Cash Benefit) मिलेगी, जिसे कई कर्मचारी प्राथमिकता देते हैं। साथ ही, बेसिक वेतन पर दीर्घकालिक वित्तीय भार सीमित रहने से कंपनी अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ दे सकेगी।

प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर नहीं होगा लागू

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह 50:50 मॉडल प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। ऐसे कर्मचारियों की पूरी वेतन वृद्धि पहले की तरह उनकी बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी।

बोनस पर नहीं पड़ेगा असर

Accenture ने यह भी साफ किया है कि जून में मिलने वाला एकमुश्त भुगतान दिसंबर में दिए जाने वाले वार्षिक बोनस का विकल्प नहीं होगा। बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी और एकमुश्त भुगतान- दोनों को वित्त वर्ष 2025-26 की पात्र आय (Eligible Earnings) का हिस्सा माना जाएगा और इन्हीं के आधार पर बोनस की गणना की जाएगी।

इसके अलावा, Voluntary Equity Investment Program (VEIP) और Employee Share Purchase Plan (ESPP) से जुड़े कर्मचारियों के लिए एकमुश्त भुगतान पर भी सामान्य नियमों के अनुसार आवश्यक कटौतियां लागू होंगी। 

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देश

सोने-चांदी में गिरावट से न घबराएं, रॉबर्ट कियोसाकी बोले- खरीदारी का है सही मौका

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मुंबई, एजेंसी। सोने-चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट के बीच मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने निवेशकों को घबराने के बजाय इसे खरीदारी का अवसर बताया है। कियोसाकी इन कीमती धातुओं को लेकर बेहद पॉजिटिव हैं। उनका मानना है कि कीमती धातुओं में लंबी अवधि की तेजी का रुख बरकरार है और मौजूदा गिरावट अस्थायी हो सकती है।

घरेलू बाजार में आई नरमी

बीते कुछ दिनों में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इससे दोनों धातुएं अपने हालिया रिकॉर्ड स्तरों से नीचे आ गई हैं।

कियोसाकी ने क्या कहा? 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की गई अपनी हालिया पोस्ट में रॉबर्ट कियोसाकी ने कहा कि बाजार में आने वाली ऐसी गिरावटें सामान्य हैं, निवेशकों को इस गिरावट से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कियोसाकी ने कहा कि निवेशकों को घबराकर जल्दबाजी में फैसले नहीं लेने चाहिए।

उन्होंने मशहूर निवेशक जिम रॉजर्स के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि सोने और चांदी की कीमतों में भविष्य में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। उनके अनुसार, लंबी अवधि के बुल मार्केट के दौरान इस तरह के उतार-चढ़ाव स्वाभाविक होते हैं।

‘गिरावट में खरीदारी का मौका’

कियोसाकी ने निवेशकों को सलाह दी कि बाजार में गिरावट के दौरान पैनिक सेलिंग करने के बजाय निवेश के अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने लिखा कि कम कीमतों पर खरीदारी करना लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

पहले भी जता चुके हैं तेजी की उम्मीद

यह पहली बार नहीं है जब कियोसाकी ने सोने और चांदी को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। जून में भी उन्होंने कहा था कि मौजूदा गिरावट अस्थायी है और आने वाले वर्षों में सोने की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। उस समय उन्होंने सोने के 35,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना भी जताई थी।

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HDFC, एक्सिस बैंक में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 443 अंक टूटा

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मुंबई, एजेंसी। स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ मार्जिन संबंधी दबाव को लेकर एचडीएफसी और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के शेयरों में बिकवाली से बीएसई सेंसेक्स 443 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 96 अंक के नुकसान में रहा।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 442.93 अंक यानी 0.57 प्रतिशत टूटकर 77,708.52 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 783.16 अंक टूटकर 77,368.29 अंक पर आ गया था। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 95.80 अंक यानी 0.39 प्रतिशत टूटकर 24,238.50 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में, एक्सिस बैंक सबसे अधिक नुकसान में रहा। बीते शनिवार को तिमाही नतीजों के बाद इसमें 5.48 प्रतिशत की गिरावट आई।

वहीं एचडीएफसी बैंक में 5.12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ”एचडीएफसी बैंक ने खासकर शुद्ध ब्याज मार्जिन के मोर्चे पर निराश किया है।”

मारुति, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में ट्रेंट, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और भारती एयरटेल शामिल हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। इसका कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों की अगुवाई में बिकवाली के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।”

उन्होंने कहा, ”एचडीएफसी बैंक में तेज गिरावट ने नुकसान को और बढ़ा दिया। उम्मीद से कमजोर शुद्ध ब्याज मार्जिन ने निवेशकों को निराश किया। इससे बैंक क्षेत्र और शेयर बाजार पर दबाव पड़ा।” वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.06 डॉलर प्रति बैरल पर पर रहा।

एशिया के अन्य बाजारों में, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 4.46 प्रतिशत टूट गया। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में बढ़त का रुख था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में रहे थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 376.41 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 964.58 अंक चढ़ा था, जबकि एनएसई निफ्टी में 261.55 अंक का लाभ रहा था।

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