छत्तीसगढ़
नक्सलियों के डर से BJP नेताओं-कार्यकर्ताओं ने छोड़ा गांव:थाना-कैंपों के पास काट रहे रात, घर पड़े सूने, 2 साल में 10 नेताओं को मार-डाला
रायपुर,एजेंसी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दावा कर चुके हैं कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया हो जाएगा। बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने के लिए सुरक्षाबलों के बड़े पैमाने पर एनकाउंटर और ऑपरेशन लगातार जारी हैं।
इन ऑपरेशनों का सीधा असर यहां के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पड़ रहा है। खास तौर पर भाजपा नेता ही नक्सलियों के टारगेट में हैं। बीते 2 सालों में नक्सलियों ने भाजपा के 10 नेताओं की हत्या की है। हालत ये हैं कि गांवों में भाजपा से जुड़े नेताओं का रहना तक मुश्किल हो गया है।
रात में अपने ही घर पर रुकना जान जोखिम में डालने जैसा है। यही वजह है कि कई नेता और कार्यकर्ता अपने परिवार समेत अब ब्लॉक या जिला मुख्यालय में रहने लगे हैं। गांवों के उनके मकान सूने पड़े हैं, गांव की राजनीति अब कैंपों और जिला मुख्यालय से चल रही है।

आवापल्ली गांव में दिन में भी सड़कें सुनसान मिली।

सड़क किनारे बने CRPF कैंप के ठीक सामने एक शेडनुमा बड़ा घर है।
बीजापुर जिले का आवापल्ली… यहां सड़क किनारे बने CRPF कैंप के ठीक सामने एक शेडनुमा बड़ा घर है। जैसे ही सूरज ढलता है और इलाके में सन्नाटा फैलने लगता है, वैसे ही इस घर का दरवाजा बार-बार खुलने लगता है।
एक-एक करके भाजपा के नेता और कार्यकर्ता यहां पहुंचने लगते हैं। देखने वाले को लगेगा कि शायद कोई पार्टी की मीटिंग है या देर रात तक चलने वाला राजनीतिक कार्यक्रम, लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है।
दरअसल, यहां जुटने वाले नेता सत्ता की दौड़ में बने रहने से पहले अपनी ज़िंदगी बचाने के लिए एकत्र होते हैं। दिनभर वे अपने-अपने गांवों और इलाकों में घूमते हैं, लोगों से मिलते हैं, छोटे-मोटे कार्यक्रम करते हैं, लेकिन जैसे ही शाम होती है, सबके कदम अपने-अपने घर की बजाय इसी शेड वाले घर की तरफ मुड़ जाते हैं।
रात यहीं बिताना इनका रोज का रूटीन है। ये घर जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा का है। खुद जानकी भी हर रात यहीं सोती हैं, ताकि नक्सलियों के हमले की स्थिति में सामने खड़े CRPF कैंप से तुरंत मदद मिल सके।
बीते 2 सालों से आवापल्ली का ये घर अब भाजपा नेताओं का अनौपचारिक नाइट शेल्टर बन गया है। गांवों में अपने घर छोड़ चुके कई नेता और कार्यकर्ता यहां की दीवारों और सीआरपीएफ कैंप के भरोसे ही चैन की नींद सो पाते हैं।
फरवरी 2023 से सितंबर 2025 तक 10 हत्याएं
बीते दो सालों में नक्सलियों ने भाजपा के 10 नेताओं की हत्या की है। सबसे ज्यादा मामले बीजापुर जिले के हैं। अकेले यहां 5 नेताओं को नक्सलियों ने मार दिया। बाकी हत्याएं दंतेवाड़ा, मोहला-मानपुर और नारायणपुर में हुईं।
बीजापुर पहुंचने पर यह खौफ साफ नजर आता है। हर नेता और कार्यकर्ता का दिन भले ही गांव और इलाके में प्रचार, मीटिंग या कार्यक्रम में बीतता हो, लेकिन शाम होते ही सब लौट आते हैं। आवापल्ली और बीजापुर का यह घर उनके लिए सुरक्षा कवच बन गया है।

गजेन्द्र कक्केम, नीलकंठ कक्केम का भाई।
डर इतना कि हत्या के बाद घर से भाई की तस्वीर भी हटा दी
पेंकरम गांव, उसूर ब्लॉक। यही वह जगह है जहां भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलकंठ कक्केम की हत्या हुई थी। घटना 5 फरवरी 2023 की है। पूरे गांव में खामोशी थी। नीलकंठ का घर बिल्कुल सूना पड़ा था। कुछ देर बाद उनके भाई गजेन्द्र कक्केम मिले। उन्होंने बताया कि घर अब सूना हो गया है। मां और मैं ही रहते हैं।
गजेन्द्र की आंखें भर आईं। उन्होंने बताया कि उस दिन के बाद से भाभी ललिता ने गांव छोड़ दिया। वह बच्चों के साथ अब आवापल्ली में रहती हैं। इतना ही नहीं, नक्सलियों के डर से नीलकंठ की तस्वीर भी घर से हटा दी गई। गजेन्द्र कहते हैं -“भाई की याद में फोटो तक रखने की हिम्मत नहीं होती। जब देखने का मन करता है तो आवापल्ली जाकर तस्वीर देखता हूं।”

पिता की तस्वीर के साथ नीलकंठ कक्केम के बच्चे।
इस घटना के बाद नीलकंठ कक्केम की पत्नी ललिता और बच्चे गांव छोड़कर आवापल्ली में रहने लगे। जब हम वहां पहुंचे तो घर पर बच्चे ही मिले। नीलकंठ की बेटी अंजली कक्केम ने बताया -“मम्मी इस वक्त घर पर नहीं हैं
उन्हें हॉस्पिटल में नौकरी मिली है। हम लोग स्कूल जाते हैं। पापा की फोटो हमारे घर पर ही है। जब दादी या चाचा को देखने का मन करता है, तो हम मम्मी के साथ फोटो गांव ले जाते हैं और दिन में ही वापस ले आते हैं।
नया मंडल अध्यक्ष, वही डर
नीलकंठ की हत्या के डेढ़ साल बाद पार्टी ने तीरथ जुमार को उसूर ब्लॉक का मंडल अध्यक्ष बनाया। तीरथ कहते हैं कि वह नीलकंठ के बहुत करीबी थे। रैली से लेकर गांव-गांव प्रचार तक सब साथ किया।
जिस दिन उनकी हत्या हुई, उस दिन भी कुछ देर पहले नीलकंठ कक्केम से तीरथ की बातचीत हुई थी। अब जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, लेकिन डर वही बना हुआ है।
तीरथ कहते हैं-“दो साल से घर पर रात को नहीं सोया। दिन में कभी-कभी बच्चों को देखने चला जाता हूं, लेकिन रात रुकने की हिम्मत नहीं होती। बच्चे पूछते हैं कि पापा घर में क्यों नहीं रहते। क्या कहूं उन्हें? डर हमेशा बना रहता है कि कहीं अचानक हमला न हो जाए।”
आज तीरथ का रूटीन ही ऐसा है कि उसूर ब्लॉक के गांवों में पार्टी का काम और शाम को बीजापुर या आवापल्ली लौटकर रात बिताना। यह मजबूरी है, लेकिन पार्टी छोड़ने का सवाल ही नहीं। तीरथ कहते हैं -“जब तक जान है, पार्टी के लिए काम करता रहूंगा। मौत से डरकर राजनीति नहीं छोड़ सकते।”

शेड में वाले घर ही भाजपा नेताओं का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।
आवापल्ली का शेड- नेताओं का ‘सुरक्षित ठिकाना’
बीजापुर से करीब 35 किलोमीटर दूर आवापल्ली का यह शेड अब भाजपा नेताओं का सबसे बड़ा सहारा है। यहां हर शाम दर्जनों कार्यकर्ता जमा हो जाते हैं। कोई चटाई पर सोता है, कोई दीवार से टेक लगाकर। सभी को भरोसा है कि सामने सीआरपीएफ कैंप है, अगर कुछ हुआ तो जवान मदद करेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा कहती हैं- “यहां रहना हमारी मजबूरी है। घर-गांव में रात रुकना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए सभी नेता-कार्यकर्ता यहां आते हैं।”
सुरक्षा घेरे में कई नेता
बीजापुर के जिला मुख्यालय से जैसे ही अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ते हैं, सन्नाटा और डर साथ चलने लगते हैं। यहां राजनीति का मैदान गांवों में नहीं, बल्कि कैंपों और जिला मुख्यालय के आसपास ही सिमटा नजर आता है। वजह साफ है नक्सलियों के खिलाफ लगातार चल रहे ऑपरेशन और बीजेपी नेताओं पर सीधा खतरा।
बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष लव कुमार रायडू बाहर निकलते हैं तो उनके साथ कदम से कदम मिलाकर सुरक्षाकर्मी चलते हैं, मानो हर मोड़ पर खतरा इंतजार कर रहा हो। रायडू के घर के बाहर 5 जवान हर वक्त तैनात रहते हैं। उन्हें साल 2016 से सुरक्षा मिली हुई है, विधानसभा चुनाव से पहले X कैटेगरी की अतिरिक्त सुरक्षा भी दी गई।
रायडू कहते हैं ‘सुरक्षा है, लेकिन पार्टी के काम से अगर हमें किसी अंदरूनी गांव में जाना हो तो पुलिस मुख्यालय को 24 घंटे पहले सूचना देनी पड़ती है। इसके बाद भी हम कई जगह नहीं जा पाते। क्योंकि मैं पहले से नक्सलियों के टारगेट पर हूं, डर हमेशा बना रहता है।

बीजापुर भाजपा जिला उपाध्यक्ष लव कुमार रायडू हमेशा जवानों के सुरक्षा घेरे में रहते हैं।
जिला मुख्यालयों में रह रहे ज्यादातर बीजेपी नेता
बीजापुर ही नहीं, बस्तर के कई हिस्सों में यही हाल है। गांवों में बीजेपी नेताओं के घर सूने पड़े हैं। परिवार समेत कई लोग जिला मुख्यालय में शिफ्ट हो गए हैं। राजनीति अब गांव की चौपाल से नहीं, बल्कि पुलिस कैंप और कलेक्टोरेट ऑफिस के सामने से चल रही है।
गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चल रहे हैं, नए कैंप खुल रहे हैं, लगातार नक्सली एनकाउंटर हो रहे हैं।
लेकिन एक हकीकत ये भी है कि जैसे-जैसे ऑपरेशन तेज हुए हैं, नक्सलियों ने बीजेपी नेताओं को ज्यादा टारगेट करना शुरू कर दिया है। रायडू जैसे नेता कहते हैं ‘हम नक्सलियों के साये में राजनीति कर रहे हैं। सतर्कता के साथ काम कर पा रहे हैं, लेकिन खतरा हर वक्त मंडराता है।”
बीजापुर की ये तस्वीर बताती है कि खतरा अब और ज्यादा है। भाजपा नेता ही नहीं, उनके परिवार भी इस खौफ में जी रहे हैं। गांवों में उनकी मौजूदगी लगभग खत्म हो चुकी है।
बीजेपी नेताओं की मजबूरी, पार्टी संगठन की जद्दोजहद और नक्सलियों का डर यह सब मिलकर दिखाता है कि जमीनी हालात कितने जटिल हैं।

शेड के अंदर कमरे और जिला मुख्यालयों के आसपास ही नेताओं की चौपाल लगती है।

गांव में लोगों से मुलाकात करने के दौरान भी लवकुमार रायडू सुरक्षा घेरे में रहते हैं।

जिला मुख्यालयों में भाजपा नेताओं की चौपाल लगती है। यहां रात बिताते हैं।

कोरबा
भेल कंपनी के प्लांट दर्री में रखे लगभग 200 मीटर पावर केबल चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
सजग कोरबा – सतर्क कोरबा अभियान के तहत दर्री पुलिस की कार्यवाही
कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत थाना दर्री पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए चोरी के मामले का खुलासा किया गया है।

दिनांक 05/04/2026 को प्रार्थी कमलकांत ठाकुर, पिता स्व. ओंकार ठाकुर, उम्र 46 वर्ष, निवासी फ्लैट नंबर 307, ब्लॉक 2/बी, महावीर विलो अपार्टमेंट, कंगरी सैटेलाइट टाउन, बेंगलोर (कर्नाटक) हाल मुकाम एच.आई.जी.-13 साडा कॉलोनी, थाना दर्री, जिला कोरबा (छ.ग.) द्वारा लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया कि भेल कंपनी के प्लांट दर्री में रखे गए लगभग 200 मीटर पावर केबल को अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया है।
प्राप्त रिपोर्ट पर थाना दर्री में अपराध क्रमांक 136/2026 धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले की जांच के दौरान मुखबिर सूचना पर संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किया गया एवं चोरी गया मशरूका बरामद किया गया।
आरोपियों का नाम व पता इस प्रकार है
- योगेश सोनवानी, पिता जवाहर लाल, उम्र 25 वर्ष, निवासी राजीव नगर, दर्री, थाना दर्री, जिला कोरबा (छ.ग.)
एक विधि संघर्षरत बालक
आरोपी योगेश सोनवानी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है तथा विधि संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है।
कोरबा पुलिस द्वारा “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के अंतर्गत अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही जारी है।
कोरबा
प्रेसवार्ता: द इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ लायंस क्लब्स डिस्ट्रिक्ट 3233सी एवं रीजन में लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल का शिक्षा प्रकल्प मॉडल
कोरबा। लायंस क्लब बालको के आयोजकत्व में कोरबा टीपी नगर स्थित ब्लू डायमंड होटल के कांफ्रेंस हाल में रीजन कांफ्रेंस के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीएमजेएफ लायन विजय अग्रवाल एवं रीजन चेयरमेन पीएमजेएफ लायन कैलाशनाथ गुप्ता, क्लब अध्यक्ष विक्रम अग्रवाल, पीडिजी एमजेएफ लायन एमडी माखीजा ने प्रेसवार्ता ली, जिसमें डिस्ट्रिक्ट एवं रीजन में लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल का स्थायी प्रोजेक्ट शिक्षा प्रकल्प नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा को मॉडल बताया और कहा कि लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम विद्यालय है, जिसे 7स्टार रेटिंग हासिल है, जहां पर कुछ बच्चों को पूर्णत: नि:शुल्क एवं ग्रामीण तथा निर्धन बच्चों को काफी कम फीस लेकर उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान की जा रही है, जो लायनवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
लायन विजय अग्रवाल ने कहा कि उनके डिस्ट्रिक्ट गवर्नर कार्यकाल में पूरा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का आधा हिस्सा डिस्ट्रिक्ट 3233 सी के अंतर्गत आता है और डिस्ट्रिक्ट के अंदर संचालित क्लबों द्वारा शिक्षा, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई स्थायी प्रोजेक्ट सहित सामाजिक सरोकार से जुड़े रचनात्मक कार्य किए जा रहे हैं।

सारागांव में भी लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की तर्ज पर खुलेगा विद्यालय
रीजन चेयरपर्सन पीएमजेएफ लायन कैलाशनाथ गुप्ता ने बताया कि रीजन कांफ्रेंस में नया क्लब, लायंस क्लब सारागांव का गठन किया गया है, जिसका शपथग्रहण रीजन कांफ्रेंस में किया गया। लायन गुप्ता ने बताया कि सारागांव में भी लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की तर्ज पर विद्यालय खोला जाएगा, इसके लिए लायन सदस्य दीपक अग्रवाल ने 03 एकड़ जमीन दान में दी है।
जल संरक्षण, भूख उन्मुलन, स्कूल डेव्हलपमेंट एवं स्वास्थ्य में विशेष काम
डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीएमजेएफ लायन विजय अग्रवाल ने कहा कि द इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ लायंस क्लब्स 8 क्षेत्रों में काम कर रहा है जिसमें दृष्टि, भूख उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, बचपन का केंसर, मधुमेह नियंत्रण, मानवीय प्रयास एवं आपदा राहत। डिस्ट्रिक्ट में भी इन क्षेत्र में काम किया जा रहा है, लेकिन डिस्ट्रिक्ट में मुख्य रूप से शिक्षा, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर विजन लेकर कार्य किया जा रहा है, जिसमें स्कील डेव्हलपमेंट को भी प्राथमिक्ता से रखा गया है।
लायन कैलाशनाथ गुप्ता ने कहा कि रीजन कांफ्रेंस का नाम रखा गया है-काव्या। काव्या हमें संवेदना, मानवता सिखाती है और कविता से एकता एवं सद्भाव का संचार होता है। रीजन कांफ्रेंस का भी यही मुख्य ध्येय है। इस अवसर पर अन्य क्लब, जोन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
रायपुर : एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
रायपुर/जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुश्री अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।

उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।
मुख्यमंत्री ने सुश्री अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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