कोरबा/दीपका। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आज नगर पालिका परिषद दीपका में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका कार्यालय परिसर एवं अटल परिसर में 11 हजार दीप प्रज्वलित कर सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत, अजय कुमार दुबे, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती संगीता साहू, मनोज शर्मा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती संतोषी दीवान, राजू प्रजापति, शिवचरण राठौर, पूर्व मंडल अध्यक्ष द्वारका शर्मा, सूर्य प्रकाश शर्मा सहित समस्त पार्षदगण एवं एल्डरमैन उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने दीप प्रज्वलित कर सेवा, समर्पण, जनभागीदारी एवं जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से समाज में सकारात्मकता, एकजुटता और सेवा भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। नगर पालिका परिषद दीपका द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जनभागीदारी के साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।
कोरबा, 18 सितंबर 2026। मध्य भारत में कैंसर उपचार के प्रमुख केंद्र बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने रायपुर में चौथे वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव का शुभारंभ स्तन संरक्षण और स्तन पुनर्निर्माण की लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन के साथ किया। इस दौरान देशभर से आए 50 से अधिक सर्जन और चिकित्सकों ने आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को देखा और स्तन कैंसर के उपचार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन का नेतृत्व मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल की सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. शलाका जोशी, प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण सर्जन डॉ. दुष्यंत जायसवाल और कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर के वरिष्ठ स्तन कैंसर सर्जन डॉ. संजीत कुमार अग्रवाल ने किया।
डेमोन्स्ट्रेशन के दौरान स्तन संरक्षण सर्जरी में ट्यूम र के साथ उसके आसपास के स्वस्थ ऊतक का एक हिस्सा निकालते हुए स्तन के अधिकांश हिस्से को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया दिखाई गई। इसमें कैंसर सर्जरी के साथ प्लास्टिक सर्जरी की तकनीकों का भी उपयोग किया गया, जिससे बचे हुए स्तन ऊतक को व्यवस्थित कर उसके आकार और स्वरूप को बनाए रखने में मदद मिलती है।
इसका का उद्देश्य आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को साझा करने के साथ चिकित्सकों के बीच अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान करना था। इस दौरान सर्जिकल योजना, उपचार के विकल्पों और मरीज-केंद्रित निर्णयों पर भी चर्चा हुई।
भारत में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर डॉ. शलाका जोशी ने कहा, “स्तन कैंसर आज दुनिया और भारत में महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल है। भारत में इस बीमारी से जूझ रही कई महिलाएँ देर से उपचार के लिए पहुँचती हैं, जिससे उपचार अधिक जटिल और परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। बेहतर परिणामों के लिए जागरूकता, शुरुआती पहचान, सही निदान, उचित उपचार और पुनर्वास तक देखभाल की निरंतरता जरूरी है। मरीजों के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की क्षमता को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है। बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव जैसे मंच चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों को देखने, जटिल मामलों पर चर्चा करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं।”
लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन में स्तन पुनर्निर्माण की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बालको मेडिकल सेंटर की कंसल्टेंट, प्लास्टिक, पुनर्निर्माण एवं एस्थेटिक सर्जन डॉ. इशिता कात्याल ने कहा, “कैंसर उपचार का उद्देश्य केवल बीमारी को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि मरीज के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना भी है। स्तन पुनर्निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारा प्रयास स्तन के प्राकृतिक स्वरूप और संतुलन को यथासंभव बनाए रखना है, ताकि मरीज आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।”
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बीएमसी में स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक का शुभारंभ किया। यह पहल क्षेत्र में व्यापक स्तन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के बीएमसी के प्रयासों का हिस्सा है। महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के नेतृत्व में संचालित यह क्लिनिक विभिन्न विशेषज्ञताओं को एक साथ लाकर स्तन स्वास्थ्य प्रबंधन, कैंसर उपचार, स्तन पुनर्निर्माण और कॉस्मेटिक ब्रेस्ट सर्जरी की सभी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।
इसके बारे में सर्जन आरती सरीन (सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल), पूर्व महानिदेशक, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाएँ ने कहा, “कैंसर उपचार में शुरुआती पहचान और समय पर उपचार महत्वपूर्ण है। व्यापक स्तन स्वास्थ्य क्लिनिक इस क्षेत्र में स्तन स्वास्थ्य से जुड़ी संपूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें कैंसर की रोकथाम, नियमित जाँच, शुरुआती निदान, समय पर उपचार और पुनर्निर्माण के साथ पोषण, फिजियोथेरेपी और लिम्फेडेमा प्रबंधन जैसी सहायक सेवाएँ भी शामिल होंगी।”
इस पर डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल डायरेक्टर एवं वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, बालको मेडिकल सेंटर ने कहा, “कैंसर उपचार से जुड़ी विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं को एक साथ लाकर हमारा उद्देश्य मध्य भारत में उपचार की निरंतरता को मजबूत करना और महिलाओं को निदान एवं उपचार से लेकर स्वस्थ होने तक उनकी पूरी उपचार यात्रा में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। यह दृष्टिकोण क्षेत्र में अधिक सुलभ और मरीज-केंद्रित कैंसर उपचार व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देगा।”
चौथा वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव क्षेत्र में कैंसर उपचार की विशेषज्ञ क्षमताओं को मजबूत करने, चिकित्सकीय सहयोग और निरंतर सीखने को बढ़ावा देने की बीएमसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश के अग्रणी विशेषज्ञों और क्षेत्रीय चिकित्सकों को एक मंच पर लाकर यह आयोजन मध्य भारत में कैंसर उपचार से जुड़ी जानकारी और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत गुरुवार की संध्या जिला पंचायत कार्यालय कोरबा में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत कार्यालय परिसर में दीप प्रज्ज्वलित कर जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा। वहीं, स्व सहायता समूह की दीदियों ने सेवा संकल्प अभियान की थीम पर आकर्षक रंगोली बनाकर कार्यक्रम को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, सहायक कलेक्टर इशांत जायसवाल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी तरुण किरण सहित जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, समर्पण और जनकल्याण के संकल्प को साकार करने का संदेश दिया।
सेवा संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य विगत 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करना तथा ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा सेवा और विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा कोरबा जिले के समस्त नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 11 प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसके साथ ही जिले के प्रत्येक परिवार स्तर पर भी ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित करने की पहल की गई। राशन दुकानों, आरोग्य मंदिरों एवं गैस केंद्रों के माध्यम से भी दीप प्रज्ज्वलन कर अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित की गई।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से जनसेवा के प्रति कृतज्ञता, सामूहिक सहभागिता और विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका का संदेश दिया गया। जिलेभर में दीपों की रोशनी के साथ सेवा, समर्पण और विकास के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कोरबा। ग्राम ईरफ में अरहर फसल प्रदर्शन क्षेत्र में एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजना अंतर्गत जिला के अंदर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के उन्नत और प्रगतिशील किसानों ने अरहर प्रदर्शन क्षेत्र का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। कार्यक्रम में कृषि एवं पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद् विषय वस्तु विशेषज्ञ ने किसानों को अरहर की उन्नत खेती और प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया। प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल लागत में कमी आती है, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रहती है। पशुचिकित्सा विभाग ने खेती में पशुधन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिना पशुधन के प्राकृतिक खेती की कल्पना अधूरी है। गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व घनजीवामृत तैयार कर किसान अपनी फसलों को रसायन मुक्त और सेहतमंद बना सकते हैं। किसानों को शासन की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना की महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के बदले अन्य लाभकारी फसल लेने पर 15,000 रुपये प्रति एकड़ और धान के साथ अन्य सह-फसल लेने पर 10,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि शासन द्वारा दी जा रही है। किसानों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई। इस प्रशिक्षण में भ्रमण के दौरान किसानों को कीट व्याधि की पहचान और उचित प्रबंधन की जानकारी दी गई, इस प्रशिक्षण में आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कृषक उपस्थित रहे, जिन्होंने कृषि विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।