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छत्तीसगढ़

व्यापारी ने खुद छिपाए 3.15 लाख रुपए:अकलतरा पुलिस की जांच में खुलासा, उधारी छिपाने के लिए दर्ज कराई थी फर्जी चोरी की रिपोर्ट

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा पुलिस ने कथित चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए शिकायतकर्ता व्यापारी की बनाई पूरी कहानी का पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि व्यापारी ने ही अपने 3 लाख 15 हजार 746 रुपए छिपाकर चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पूरी रकम बरामद कर ली है और अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

पुलिस के अनुसार, तरौद निवासी होलसेल किराना व्यापारी चिराग अग्रवाल ने 4 जून को अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि धान बिक्री से प्राप्त 3,15,746 रुपए स्कूटी की डिक्की में रखकर घर लौट रहा था, तभी अज्ञात चोर रकम लेकर फरार हो गए।

स्कूटी की डिक्की से रकम गायब होने का किया था दावा

चिराग अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि वह कमला नारायण राइस मिल से रुपए लेकर निकला था और रास्ते में मेडिकल स्टोर सहित कई स्थानों पर रुका था। घर पहुंचने के बाद जब उसने स्कूटी की डिक्की देखी तो उसमें रखी नकदी गायब थी।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और संभावित चोरी की वारदात के हर पहलू की पड़ताल की।

सीसीटीवी जांच में नहीं मिला कोई सुराग

पुलिस ने अरोरा मेडिकल, कन्हैया जनरल स्टोर और पूरे मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान कहीं भी चोरी की घटना या संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई।

इसके अलावा पुलिस ने उस व्यक्ति से भी पूछताछ की, जिसे व्यापारी ने रास्ते में अपनी स्कूटी पर बैठाया था। उसके बयान और अन्य साक्ष्यों में भी चोरी की पुष्टि नहीं हुई।

पूछताछ में टूटी कहानी

लगातार जांच और विरोधाभासी तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस को शिकायतकर्ता की कहानी पर संदेह हुआ। इसके बाद मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर चिराग अग्रवाल ने सच्चाई स्वीकार कर ली।

उसने बताया कि उस पर निजी उधारी थी। परिवार को इसकी जानकारी होने और डांट-फटकार के डर से उसने रकम छिपा दी थी तथा चोरी की झूठी कहानी बनाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।

पूरी रकम बरामद

आरोपी व्यापारी की निशानदेही पर पुलिस ने छिपाकर रखी गई पूरी रकम 3 लाख 15 हजार 746 रुपए बरामद कर ली है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने और अनावश्यक जांच में संसाधन खर्च कराने के मामले में चिराग अग्रवाल के खिलाफ अलग से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने दी चेतावनी

अकलतरा पुलिस ने कहा है कि झूठी शिकायतें दर्ज कराना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पुलिस का समय और संसाधन अनावश्यक रूप से व्यर्थ न हों।

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छत्तीसगढ़

जमीन अधिग्रहण का विरोध, ग्रामीणों ने पुलिस पर किया पथराव:सूरजपुर में DSP समेत 24 पुलिसकर्मी घायल, आरोपियों को पकड़ने गई थी टीम

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सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में SECL की भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को हिंसक हो गया। कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इस घटना में DSP राजेश जोशी सहित 24 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पथराव में कई पुलिसकर्मियों के सिर और शरीर पर चोटें आईं। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। घटना प्रतापपुर थाना क्षेत्र की है।

पुलिस ने सरपंच पुत्र को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों ने धरना दिया और हथियार लेकर पुलिसकर्मियों को भगाने की कोशिश की।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, प्रतापपुर क्षेत्र के मदननगर-धरमपुर इलाके में SECL की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हमें मुआवजा नहीं चाहिए। उनकी मांग है कि उन्हें जमीन के बदले जमीन दिया जाए।

बीते दिनों टीम सर्वे करने पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों ने टीम को बंधक बना लिया था। इसी मामले में प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ आरोपियों को गिरफ्तार करने धरमपुर पहुंची थी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।

घायलों का इलाज जारी

देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। अचानक हुए पथराव में DSP राजेश जोशी सहित 24 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। सिर और शरीर पर चोटें आई है। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। हालात को देखते हुए सूरजपुर के साथ आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। मदननगर-धरमपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

पथराव में 24 अधिक पुलिसकर्मी घायल

एएसपी योगेश देवांगन ने बताया कि भूमि अधिग्रहण को लेकर हुए विवाद के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव किया। इसमें 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है। इलाके में पुलिस बल तैनात है। मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है।

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सिविल सर्जन 1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार:सक्ती जिला अस्पताल में पे-डेटा भेजने के एवज में मांगी थी रकम, ACB ने किया ट्रैप

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सक्ती। सक्ती जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की टीम ने जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

आरोप है कि उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारी का वेतन संबंधी पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय भेजने के बदले रिश्वत की मांग की थी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है।

फार्मासिस्ट ने एसीबी से की शिकायत

जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल सक्ती में अटैचमेंट पर कार्यरत फार्मासिस्ट ग्रेड-2 गंगा प्रसाद रत्नाकर ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय पोरथा (जिला सक्ती) में है और वे फरवरी 2026 से जिला अस्पताल सक्ती में कार्यरत हैं।

5 महीने के पे-डेटा के लिए मांगे 1 लाख

शिकायत में बताया गया कि मई और जून 2026 का वेतन जारी कराने के लिए जरूरी पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय नहीं भेजा जा रहा था। आरोप है कि डॉ. संतोष कुमार पटेल ने फरवरी से जून 2026 तक का पे-डेटा भेजने के बदले 20 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से कुल 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।

शिकायत का सत्यापन कर बनाई ट्रैप की योजना

गंगा प्रसाद रत्नाकर रिश्वत देने के बजाय आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहते थे। उन्होंने एसीबी से शिकायत की। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप की योजना तैयार की गई।

डभरा कॉलेज मोड़ पर रंगे हाथ पकड़ा गया

23 जुलाई 2026 को डॉ. पटेल ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर डभरा बुलाया। दोनों की मुलाकात डभरा कॉलेज मोड़ के पास तय हुई। रात करीब 9 बजे जैसे ही डॉ. पटेल शिकायतकर्ता की स्कॉर्पियो में बैठकर 1 लाख रुपए की रिश्वत ली, पहले से घात लगाए एसीबी बिलासपुर की टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मौके से पूरी रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

एसीबी ने आरोपी डॉ. संतोष कुमार पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

प्रभारी सिविल सर्जन की गिरफ्तारी के बाद सक्ती जिले के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में एसीबी आगे की जांच कर रही है।

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छत्तीसगढ़

प्रेमी की मौत की खबर मिलते प्रेमिका ने लगाई फांसी:जिस पेड़ पर लटका था प्रेमी, 2 दिन बाद उसी पर फंदे से झूली प्रेमिका

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धाराशिव में प्रेमी-प्रेमिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विष्णुकांत पुरी (40) शादीशुदा था। उसका लीलाबाई सूर्यवंशी (27) से प्रेम संबंध था। साथ रहने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद युवती ने उसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

इस घटना के बाद प्रेमी ने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दो दिन बाद लीलाबाई को इसकी जानकारी मिली तो उसने भी उसी जगह फंदा लगाकर जान दे दी। मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने दोनों के शव बरामद कर लिए हैं। दोनों के बीच 1 साल से अफेयर था। विष्णुकांत चार बच्चों का पिता था।

एक साल से अधिक समय से था प्रेम संबंध

विष्णुकांत पुरी (40) और लीलाबाई सूर्यवंशी (27) धाराशिव गांव में रहते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पिछले एक वर्ष से अधिक समय से प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, विष्णुकांत पहले से शादीशुदा था और उसके चार बच्चे हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों के संबंधों को लेकर अक्सर विवाद होता था। जानकारी के अनुसार, लीलाबाई कई बार विष्णुकांत के घर गई थी, जहां उसकी पत्नी के साथ विवाद और मारपीट की घटनाएं भी हुई थीं।

20 जुलाई को दर्ज कराई थी शिकायत

पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को लीलाबाई ने विष्णुकांत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद जब पुलिस युवक के घर पहुंची तो वह वहां से फरार मिला। इसके बाद से वह लापता था। उसके बाद विष्णुकांत ने लगभग 20 जुलाई को ही खेत में पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी थी। जब उसका शव मिला, तब तक वह काफी हद तक सड़-गल चुका था।

प्रेमी की मौत की जानकारी मिलने के बाद पहुंची युवती

23 जुलाई को जब लीलाबाई को विष्णुकांत की मौत की जानकारी मिली तो वह उसी खेत में पहुंची। इसके बाद उसने भी कथित तौर पर उसी पेड़ की डाल पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।

सूचना पर पामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है।

मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है।

दोनों मामलों की जांच जारी

पामगढ़ थाना पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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