देश
CBI ने रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों के खिलाफ मुंबई में 17 परिसरों की तलाशी ली
नई दिल्ली, एजेंसी। सीबीआई ने शनिवार को रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों – रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड – तथा उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज तीन मामलों के संबंध में मुंबई में 17 परिसरों की तलाशी ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, ”ये तलाशी उपरोक्त कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसरों के साथ-साथ उन मध्यस्थ कंपनियों के कार्यालय परिसरों में की जा रही है जिनके खातों का उपयोग बैंक कोषों के हेरफेर के लिए किया गया था।” कंपनियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। सीबीआई ने शुक्रवार को मुंबई की एक विशेष अदालत से तलाशी का वारंट जारी करवाया था।
अधिकारियों ने दावा किया कि तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन मामलों में बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को हुए कथित नुकसान की कुल राशि 27,337 करोड़ रुपए है। बयान में कहा गया, ”तलाशी से यह भी पता चला कि कई मध्यस्थ कंपनियां एक ही पते से संचालित हो रही थीं। जांच जारी है।”
केंद्रीय एजेंसी ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी की शिकायतों के आधार पर अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह के खिलाफ हजारों करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के संबंध में सात मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों के दर्ज होने के तुरंत बाद सीबीआई ने पिछले कुछ महीनों में 14 स्थानों पर तलाशी ली थी।
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एक्जिम बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध लाभ 32% बढ़कर 4,273 करोड़ रुपए
नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) का वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध लाभ 32 प्रतिशत बढ़कर 4,273 करोड़ रुपए रहा। बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 में 3,243 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। एक्जिम बैंक ने बयान में बताया कि पूरे वित्त वर्ष (2025-26) के दौरान उसका कुल कारोबार 13.31 प्रतिशत बढ़कर 4.50 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जबकि शुद्ध ऋण पोर्टफोलियो लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.07 लाख करोड़ रुपए रहा।

आलोच्य वित्त वर्ष के दौरान बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घटकर 0.57 प्रतिशत पर आ गया। वहीं शुद्ध एनपीए 0.14 प्रतिशत से घटकर 0.01 प्रतिशत पर रहा।
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सैमसंग ने भारत में अपने प्रमुख नवाचार, शिक्षा कार्यक्रम के पांचवें संस्करण की शुरुआत की
नई दिल्ली, एजेंसी। दक्षिण कोरिया की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने शुक्रवार को भारत में अपने प्रमुख नवाचार और शिक्षा कार्यक्रम ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ के पांचवें संस्करण को शुरू करने की घोषणा की। कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह कार्यक्रम भारत की अगली पीढ़ी के युवा नवोन्मेषकों को वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए प्रौद्योगिकी आधारित उपाय विकसित करने के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

कंपनी के अनुसार, वर्ष 2026 के संस्करण में शीर्ष चार विजेता टीमों को दो करोड़ रुपए तक का ‘इनक्यूबेशन’ अनुदान दिया जाएगा, जिससे वे अपने विचारों को आगे विकसित कर सकें। इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में इनक्यूबेशन सहायता भी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, शीर्ष 20 टीमों को 20 लाख रुपए तथा उसके बाद शीर्ष 40 टीमों को आठ लाख रुपए के साथ सैमसंग के उपकरण और मेंटरशिप सहायता दी जाएगी।
सैमसंग अध्यक्ष (दक्षिण पश्चिम एशिया) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जे बी पार्क ने कहा, “2026 संस्करण के साथ हम नवाचार को भारत के अधिक गहराई तक ले जा रहे हैं, स्कूली स्तर तक अपनी पहुंच को दोगुना से भी अधिक बढ़ा रहे हैं और युवा परिवर्तनकर्ताओं के लिए अवसरों के दायरे का विस्तार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम डिज़ाइन आधारित सोच, कौशल विकास, उद्योग अनुभव और स्टार्टअप सहायता के माध्यम से भारत की नवाचार यात्रा को सशक्त बनाने के प्रति सैमसंग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो ‘डिजिटल इंडिया’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है। कंपनी ने कहा कि भारत में 30 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सैमसंग इस कार्यक्रम के दायरे और महत्वाकांक्षा को और बढ़ा रही है, जिससे देश के नवाचार तंत्र को मजबूती मिलेगी।
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48 घंटे वीकली काम, ओवरटाइम पर एक्स्ट्रा पेमेंट… देशभर में लागू हुए 4 नए लेबर कोड, बदले Salary और Working Rules
मुंबई, एजेंसी। भारत में labor system को माॅडर्न और आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से चर्चा में रहे four new labor codes अब पूरी तरह लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने इनसे जुड़े जरूरी नियम आधिकारिक राजपत्र में जारी कर दिए हैं, जिसके बाद ये कानून प्रभाव में आ गए हैं। नए नियम लागू होने के बाद अब कर्मचारियों के काम के घंटे, ओवरटाइम, सैलरी, छुट्टियां और social Security से जुड़े कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। सरकार का कहना है कि इन नए नियमों से कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता और सुविधाएं मिलेंगी, जबकि उद्योगों और कंपनियों के लिए कामकाज की प्रक्रिया पहले से आसान होगी।

कौन-कौन से लेबर कोड लागू हुए
सरकार ने जिन चार बड़े लेबर कोड को लागू किया है, उनमें शामिल हैं:
– Wage Code 2019
– Industrial Relations Code 2020
– Social Security Code 2020
– Occupational Safety, Health and Working Conditions Code 2020
इन नए कोड्स के जरिए देश के 29 पुराने labor laws को एक साथ जोड़कर नई व्यवस्था तैयार की गई है।
क्यों जरूरी था बदलाव
पुराने श्रम कानून कई दशकों पुराने थे और समय के साथ काफी जटिल हो गए थे। अलग-अलग नियमों और प्रक्रियाओं के कारण कंपनियों और कर्मचारियों दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था का उद्देश्य नियमों को सरल बनाना, रोजगार बढ़ाना और कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि इससे देश में निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
अब हफ्ते में तय होंगे काम के घंटे
नए लेबर नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम कराया जा सकेगा। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा काम का दबाव न पड़े। अगर कोई कर्मचारी तय समय से अधिक काम करता है, तो उसे ओवरटाइम का एक्स्ट्रा पेमेंट देना अनिवार्य होगा। साथ ही हर कर्मचारी को सप्ताह में कम से कम एक दिन की छुट्टी देना जरूरी होगा।
हर कर्मचारी को मिलेगा लिखित जॉब लेटर
नई व्यवस्था के तहत अब हर कंपनी को कर्मचारी को नियुक्ति के समय लिखित अपॉइंटमेंट लेटर देना होगा। इससे नौकरी से जुड़ी शर्तें साफ रहेंगी और कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। यह नियम खासतौर पर प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां कई बार बिना लिखित दस्तावेज के नियुक्तियां होती थीं।
40 साल से ऊपर कर्मचारियों का हेल्थ चेकअप
सरकार ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नया प्रावधान भी जोड़ा है। इसके तहत 40 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बनाना और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना है।
महिलाओं को समान वेतन
नए लेबर कोड में महिलाओं के लिए भी कई अहम प्रावधान किए गए हैं। अब समान काम करने पर महिलाओं और पुरुषों को बराबर वेतन देना जरूरी होगा। इसके अलावा महिलाओं को अलग-अलग शिफ्ट में काम करने के अवसर भी दिए जाएंगे और कार्यस्थल पर उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
नौकरी जाने पर मिलेगा री-स्किलिंग सपोर्ट
सरकार ने कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नेशनल री-स्किलिंग फंड का प्रावधान भी किया है। यदि किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो उसे नई स्किल सीखने और दोबारा रोजगार पाने में मदद दी जाएगी। इस योजना का मकसद बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कर्मचारियों को तैयार करना है।
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