Connect with us

देश

बिहार चुनाव की जीत का जश्न दिल्ली में:PM मोदी गमछा लहराते हुए भाजपा मुख्यालय पहुंचे; नड्डा बोले- जनता ने जंगलराज के खिलाफ विकास चुना

Published

on

नई दिल्ली/पटना,एजेंसी। बिहार में एनडीए की जीत का जश्न दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में जश्न शुरू हो गया है। इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि जनता ने जंगलराज के खिलाफ विकास चुना। इससे पहले शाम 6 बजकर 51 मिनट पर पीएम भाजपा मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का गमछा लहराकर अभिवादन किया। इस दौरान सारे कार्यकर्ताओं ने भी गमछा लहराया।

बिहार में NDA की सरकार बनी है। गठबंधन को 243 में 202 सीटों पर जीत हासिल हुई, जो रिकॉर्ड है। महागठबंधन के खाते सिर्फ 35 सीटें ही आईं। बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की जरूरत होती है।

NDA में भाजपा और JDU ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा था। अन्य सहयोगी पार्टियों LJP को 29 सीटें, HAM और RLM को 6-6 सीटें दी गई थीं। भाजपा ने 91 सीटों पर जीत हासिल की है। JDU 83, LJP 19, HAM और RLM की मिलाकर 9 सीटों हैं।

बिहार में NDA की जीत पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा…

NDA ने राज्य का चौतरफा विकास किया है। लोगों ने हमारे ट्रैक रिकॉर्ड और राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के हमारे विजन को देखकर हमें भारी बहुमत दिया है। मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और एनडीए परिवार के हमारे सहयोगी चिराग पासवान जी, जीतन राम मांझी जी और उपेंद्र कुशवाहा जी को इस जबरदस्त जीत के लिए हार्दिक बधाई देता हूं।

इसी साल 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भी पीएम मोदी पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। उसके पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव जीतने के बाद मोदी भाजपा कार्यालय पहुंचे थे।

बिहार में NDA को बढ़त, भाजपा-RJD का जश्न शुरू, 3 तस्वीरें…

पटना में भाजपा के प्रदेश चुनाव कार्यालय के बाहर जश्न मनाते कार्यकर्ता।

पटना में भाजपा के प्रदेश चुनाव कार्यालय के बाहर जश्न मनाते कार्यकर्ता।

तस्वीर पटना की है। यहां पर भाजपा मुख्यालय के बाहर जश्न मनाया गया।

तस्वीर पटना की है। यहां पर भाजपा मुख्यालय के बाहर जश्न मनाया गया।

पटना में NDA प्रत्याशी अनंत सिंह के आवास पर उनके समर्थकों के लिए भोज आयोजित किया गया।

पटना में NDA प्रत्याशी अनंत सिंह के आवास पर उनके समर्थकों के लिए भोज आयोजित किया गया।

मोदी ने मंच से छठी मईया का जयकारे लगाए

पीएम मोदी ने मंच से सबसे पहले छठी मईया का जयकारे लगाए। उन्होंने कहा कि ये प्रचंड जीत, अटूट विश्वास, बिहार के लोगों ने बिल्कुल गर्दा उड़ा दिया।

नड्डा ने कहा- बिहार की महिलाओं को विशेष धन्यवाद

जेपी नड्डा ने कहा-“भारत की जनता ने स्पष्ट रूप से मान लिया है कि भारत को विकास के साथ जोड़कर चलना है। इसलिए जब जब चुनाव हो रहे हैं, तो जनता बीजेपी को वोट दे रही है। बिहार के नतीजों में भी यही जनता ने बताया है। सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट मिला है।

उन्होंने कहा कि इस चुनाव में समाज के सभी वर्गों का आशीर्वाद मिला। महागठबंधन समाज को बांटने की राजनीति कर ही थी। तुष्टिकरण की राजनीति कर रही थी। बिहार को बिहारियों के सहारे नहीं चलाना चाहते थे, घुसपैठियों के सहारे चलाना चाहते थे। बिहार की जनता राष्ट्रवादी ताकतों के साथ खड़ी है। उन्हें ही आगे बढ़ाएगी।

बिहार की महिलाओं को विशेष धन्यवाद। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया की नीतीष के सुशासन पर मुहर लगाई है। महागठबंधन ने कदम कदम पर बिहार के मतदाताओं का अपमान किया। मोदी जी का विरोध करते करते छठी मईया का अपमान करने में पीछे नहीं हटे। हमारे प्रवासी भाइयों का अपमान किया। पीएम की दिवंगत माता का अपमान किया। उन्हें अपशब्द कहे।

नड्डा ने कहा- जनता ने तय मोदी पर अटूट विश्वास जताएंगे

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा- हमें जब 2024 में पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी तो बीजेपी की कुछ सीटें कम हो गईं। ये घटना भारत की जनता को नागवार गुजरी। जनता को विश्वास नहीं रहा कि ये सीटें कैसे कम हो गईं। यही कसक, पीड़ा हुई, इसके बाद भारत की जनता ने तय किया कि अब से जो भी चुनाव होंगे उसमें पीएम मोदी के लिए अटूट विश्वास जताएंगे।

भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने कहा- बिहार की जीत सुनामी है

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि बिहार में एनडीए की जीत पर देश के सभी कार्यकर्ताओं की तरफ से स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि स्वागत के साथ-साथ बिहार की जनता ने हो प्रंचड जनादेश दिया है। मैं सभी कार्यकर्ताओं की तरफ से बिहार की जनता का अभिवादन करता हूं। यह जीत जीत नहीं सुनामी है।

पीएम मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचे, गमछा लहराकर अभिवादन किया

पीएम मोदी शाम 6 बजकर 52 मिनट पर भाजपा मुख्यालय पहुंचे। यहां वे कुछ देर में स्पीच देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का गमछा लहराकर अभिवादन किया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर पर

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गई। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। घरेलू मांग में मजबूत सुधार के कारण यह बढ़ोतरी हुई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर की वृद्धि में कमी देखी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जनवरी के 55.4 से बढ़कर फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गया। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ”फरवरी महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में पहले से ज्यादा तेजी देखने को मिली। मजबूत घरेलू ऑर्डर की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे महीने भी तेज गति से बढ़ा।” 

सर्वेक्षण में कहा गया, “समिति के सदस्यों के अनुसार, काम करने की दक्षता में सुधार, बाजार में मजबूत मांग, नए ऑर्डर में बढ़ोतरी और तकनीक में निवेश की वजह से उत्पादन में कुल मिलाकर अच्छी बढ़त दर्ज की गई।” एक क्षेत्र जहां वृद्धि में कुछ कमी आई, वह नए निर्यात ऑर्डर रहे। हालांकि, जिन कंपनियों की विदेशों में बिक्री बढ़ी, उन्होंने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से ऑर्डर मिलने की बात कही। भंडारी ने कहा, “नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि ने 2025 के मध्य में शुरू हुई धीमी गति को जारी रखा, जिससे विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन कुछ हद तक सीमित हो गया।” 

कुल नए ऑर्डर में लगातार तेज बढ़ोतरी होने के कारण भारत के विनिर्माताओं ने उत्पादन बढ़ाने और भंडारण करने के लिए अतिरिक्त कच्चे माल की खरीद की। काम का दबाव बढ़ने पर कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद तेज की, अपना भंडार बढ़ाया और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की। आने वाले एक वर्ष के लिए उत्पादन को लेकर कंपनियों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने उत्पादन बढ़ने का अनुमान जताया है, जबकि एक प्रतिशत से भी कम कंपनियों को गिरावट की आशंका है।  

Continue Reading

देश

Gold Bangle Cost: 18 कैरेट vs 14 कैरेट: 2 तोले के सोने के कड़े बनवाने में कितना आएगा खर्चा

Published

on

मुंबई, एजेंसी। अगर आप अपनी कलाई की शोभा बढ़ाने के लिए सोने के कड़े (Bangles) बनवाने की सोच रहे हैं, तो केवल डिजाइन देखना काफी नहीं है, बल्कि सोने के ‘गणित’ को समझना भी बेहद जरूरी है। भारतीय बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच 14 कैरेट और 18 कैरेट के विकल्पों ने ग्राहकों को उलझन में डाल दिया है। एक तरफ जहाँ शुद्धता का मोह है, वहीं दूसरी तरफ मजबूती और बजट की बात है। अगर आप दो तोले यानी लगभग 20 ग्राम वजन के कड़े बनवाने का मन बना चुके हैं, तो खरीदारी से पहले यह जान लें कि आपकी जेब पर कितना असर पड़ने वाला है और कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सटीक साबित होगा।

18 कैरेट सोने का लग्जरी और प्रीमियम अनुभव
18 कैरेट सोना उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो शुद्धता और चमक से समझौता नहीं करना चाहते। इसमें 75% शुद्ध सोना होता है, जो इसे एक प्रीमियम लुक और बेहतरीन रीसेल वैल्यू देता है। वर्तमान मार्केट रेट के हिसाब से देखें तो 18 कैरेट सोने की कीमत ₹12,981 प्रति ग्राम के करीब है। इस आधार पर यदि आप दो तोले के कड़े बनवाते हैं, तो मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी को मिलाकर इसकी कुल लागत ₹3,50,000 से ₹3,70,000 के बीच बैठने वाली है। हालांकि यह 14 कैरेट के मुकाबले थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसकी प्राकृतिक पीली चमक और लंबे समय तक बनी रहने वाली वैल्यू इसे निवेश के लिहाज से भी खास बनाती है।

14 कैरेट सोना: मजबूती और बजट का बेजोड़ संगम
जो लोग रोजाना पहनने के लिए मजबूत गहने चाहते हैं, उनके लिए 14 कैरेट सोना एक स्मार्ट चॉइस है। इसमें शुद्ध सोने की मात्रा 58.3% होती है, जिसकी वजह से यह काफी कठोर और टिकाऊ होता है। रोजमर्रा के काम के दौरान इसमें खरोंच आने या इसके मुड़ने का डर बहुत कम रहता है। कीमत के मोर्चे पर भी यह काफी राहत भरा है क्योंकि फिलहाल इसका रेट ₹9,843 प्रति ग्राम चल रहा है। दो तोले के कड़ों के लिए आपको लगभग ₹2,60,000 से ₹2,80,000 तक खर्च करने होंगे। कम कीमत में शानदार ज्वेलरी का शौक पूरा करने वालों के लिए यह एक किफायती और व्यावहारिक रास्ता है।

मेकिंग चार्ज और अन्य खर्चों का बारीकी से हिसाब
सोने के गहनों की अंतिम कीमत केवल सोने के भाव पर तय नहीं होती, बल्कि इसमें मेकिंग चार्ज और टैक्स का बड़ा हाथ होता है। ज्वेलर्स आमतौर पर डिजाइन की जटिलता के आधार पर सोने की मूल कीमत का 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। अगर आंकड़ों में बात करें तो 18 कैरेट के लिए यह ₹600 से ₹900 प्रति ग्राम और 14 कैरेट के लिए ₹500 से ₹800 प्रति ग्राम तक जा सकता है। दो तोले के कड़ों पर केवल मेकिंग चार्ज ही ₹14,000 से ₹21,000 तक जुड़ सकता है। इसके अलावा, पूरे बिल पर सरकार को 3% जीएसटी देना अनिवार्य है। साथ ही कुछ ज्वेलर्स मैन्युफैक्चरिंग के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 1% से 3% तक वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं, इसलिए खरीदारी से पहले इन सभी छिपे हुए खर्चों पर ज्वेलर से खुलकर बात करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

Continue Reading

देश

Gold Market में अचानक सन्नाटा, रुक गई सोने-चांदी की सप्लाई? अटके शिपमेंट

Published

on

मुंबई, एजेंसी। वैश्विक गोल्ड मार्केट में 2 मार्च 2026 की सुबह अचानक हलचल मच गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-अमेरिका/इजराइल टकराव की खबरों ने सप्लाई चेन को झटका दिया। कुछ ही घंटों में दुबई से लेकर एशियाई रिटेल बाजारों तक सोने और चांदी की आवाजाही प्रभावित होने लगी, जिससे बुलियन बाजार में बेचैनी बढ़ गई। एयरस्पेस प्रतिबंध और अटकी फिजिकल शिपमेंट के कारण ट्रेडर्स और आयातक अनिश्चितता में हैं, जबकि कीमतों में तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

गोल्ड शिपमेंट अटकी

दुनिया के प्रमुख गोल्ड ट्रेडिंग हब्स में गिने जाने वाले Dubai में कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण फिजिकल गोल्ड शिपमेंट अटक गई। रोजाना हजारों किलो सोने की आवाजाही देखने वाला यह शहर अचानक सुस्त पड़ गया। भारत के लिए यह स्थिति खास तौर पर अहम है, क्योंकि देश में आयात होने वाले सोने का लगभग 50-60% हिस्सा दुबई रूट से आता है। लंबा व्यवधान बाजार में सप्लाई टाइट कर सकता है।

इस बीच ध्यान Strait of Hormuz पर टिक गया, जो वैश्विक व्यापार का अहम समुद्री मार्ग है। बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग मूवमेंट धीमा पड़ा और कुछ कार्गो जहाजों को रोकना पड़ा। तेल के साथ-साथ सोने जैसी कीमती धातुओं की लॉजिस्टिक्स भी दबाव में आ गईं। सप्लाई चेन के बाधित होने की आशंका से बाजार में बेचैनी बढ़ी।

खाड़ी क्षेत्र के देशों—United Arab Emirates, Saudi Arabia, Kuwait और Bahrain—में सुरक्षा अलर्ट के चलते एयरस्पेस बंद होने की खबरों ने हालात और जटिल कर दिए। गोल्ड और रफ डायमंड्स के कई कार्गो अटक गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रेड चैनल अस्थायी रूप से ठहर गए।

कई गोल्ड शॉप्स में रोकी बिक्री

भारत में इसका असर तेजी से दिखा। पुणे समेत कई सर्राफा बाजारों में बुलियन डीलर्स ने सीमित बिक्री शुरू कर दी या अस्थायी रूप से सौदे रोक दिए। स्टॉक घटने लगा और नई खेप कब पहुंचेगी, इस पर स्पष्टता नहीं थी। खरीदार बढ़ती कीमतों से चौंक गए, जबकि व्यापारी सप्लाई की अनिश्चितता से चिंतित दिखे। इसी तरह Buriram (थाईलैंड) में भी कई गोल्ड शॉप्स ने एहतियातन बिक्री रोक दी और डिस्प्ले खाली कर दिए।

कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब सीधे वैश्विक गोल्ड सप्लाई नेटवर्क पर दिखने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों और उपलब्धता—दोनों पर दबाव बना रह सकता है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677