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छत्तीसगढ़ को 2.26 लाख करोड़ टैक्स शेयर मिला:बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री का कांग्रेस पर हमला, कहा-25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले

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बिलासपुर, एजेंसी।केंद्रीय राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव रविवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार में 7 लाख 75 हजार की आय पर लोगों को 87,550 रुपए टैक्स भरना पड़ता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में यह शून्य है। एनडीए के बजट में विकसित भारत का रोड मैप है।

आम बजट पर बुद्धिजीवियों से चर्चा करने बिलासपुर पहुंचे जाधव ने रविवार को जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट न केवल पिछले 10 सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था में आए गुणात्मक और मात्रात्मक परिवर्तनों को प्रस्तुत करता है, बल्कि विकसित भारत के संकल्पों को पूरा करने का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले

उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलकर एक नए मध्यम वर्ग के रूप में उभरे हैं, उन्हें सशक्त करने की निरंतरता वाला यह आम बजट है।

छत्तीसगढ़ को 2.26 लाख करोड़ टैक्स शेयर मिला

केंद्रीय मंत्री ने आंकड़े देते हुए बताया कि मनमोहन सिंह की सरकार में 2004 से 14 तक छत्तीसगढ़ को टैक्स शेयर में 47 हजार करोड़ रुपए मिलते थे, जबकि मोदी सरकार ने 2 लाख 26 हजार करोड़ रुपए दिए। वहीं मनमोहन सरकार में बतौर अनुदान छत्तीसगढ़ को 31 हजार करोड़ मिलते थे, जबकि मोदी सरकार में 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपए दिए गए।

स्मार्ट सिटी और 5 शहरों को मेडिकल कॉलेज

जाधव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुआ और विकास भी भाजपा की सरकार में हो रहा है। उन्होंने उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन में अटल नगर, बिलासपुर और रायपुर का चयन किया गया। वहीं राजनांदगांव,सरगुजा,कोरबा,महासमुंद और कांकेर में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी गई।

रेल बजट में यूपीए से कई गुना राशि

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ का रेल बजट यूपीए सरकार के 311 करोड़ की तुलना में मोदी सरकार में कई गुना अधिक अब लगभग 7 हजार करोड़ रुपए हो गया है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 3,153 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण किया गया है। रायपुर-विशाखापत्तनम, दुर्ग-रायपुर-आरंग और अब रायपुर-रांची कॉरिडोर को मंजूरी मिली है। जिसकी लागत लगभग 4 हजार 500 करोड़ रुपए है।

कृषि उड़ान योजना में रायपुर एयरपोर्ट शामिल

उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादों के परिवहन में सहायता के लिए रायपुर हवाई अड्डे को कृषि उड़ान योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर के मौजूदा विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, बजट कार्यों के समन्वयक ,प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ,जिला मीडिया प्रभारी प्रणव शर्मा, केके शर्मा मौजूद रहे।

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रायपुर :पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को दिए निर्देश

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पेट्रोलियम, गैस और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता—अफवाहों से दूर रहने की अपील

आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी करवाई के निर्देश

आमजनों की सुविधा के लिए बनाया गया है राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम:1800-233-3663 पर कॉल कर ले सकते है सही जानकारी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कमिश्नर, आईजी और जिला कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कर रहे हैं बड़ी बैठक

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व के कारण कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी देश एकजुट रहा और सफलतापूर्वक उसका सामना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोविड जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, अतः नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और यह आश्वस्त किया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है तथा उच्च स्तरीय समिति द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा प्रभारी सचिव और कलेक्टर नियमित समीक्षा करें। अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने के लिए आमजन तक समय पर तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण एवं आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आमजन तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है।
उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन तथा सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है और वर्तमान में उसी अंतराल के अनुसार बुकिंग की जा रही है। पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं है और पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है।

मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता घरेलू गैस आपूर्ति से संबंधित समस्याओं, शिकायतों अथवा कालाबाजारी की सूचना  1800-233-3663 पर दे सकते हैं।उन्होंने निर्देश दिए कि उक्त नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आमजन को सही जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में निर्देश दिए गए कि गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति से संबंधित समाचारों पर सतत निगरानी रखी जाए। भ्रामक खबरों से भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतः ऐसी खबरों का तत्काल संज्ञान लेकर वास्तविक जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी रखने और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को समय पर मिलेगा खाद

वीडियो कांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और दैनिक स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।साथ ही खाद वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जानकारी भी साझा की गई।

महत्वपूर्ण संस्थानों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे, भारत सरकार की संस्थाओं, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थानों और एयरपोर्ट कैंटीनों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए।

राज्यभर में सतत कार्रवाई—3841 सिलेंडर जब्त, 97 एफआईआर दर्ज

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेशभर में 335 स्थलों पर छापेमारी की गई, जिसमें कालाबाजारी की कोई पुष्टि नहीं हुई। हालांकि जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया तथा 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने के साथ ही निर्देश दिए गए कि पेट्रोल-डीजल को कंटेनरों में आम जनता को उपलब्ध न कराया जाए। केवल अधिकृत मोबाइल टावर एवं जेनसेट संचालित आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही कंटेनर में ईंधन उपलब्ध कराया जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्त, आईजी एवं जिला कलेक्टर भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार सहित आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के पेट्रोल, डीजल एवं गैस डिवीजन के अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

जशपुर : 79 हजार से अधिक श्रमिकों को 27.15 करोड़ की सीधी सहायता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर में श्रमिक सम्मेलन में किया डीबीटी अंतरण

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मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीज़ल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे पहले ईंधन की उपलब्धता बनी रही है, वैसे ही आगे भी निर्बाध रूप से मिलती रहेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 12 विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा खरीदने में भी सहायता दी जा रही है, जिसे पहले 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
इसके साथ ही मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पहले 100 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 200 सीट कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जनधन खातों के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले भेजी गई राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब पूरी राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रोविडेंट फंड (PF) प्रणाली को यूनिवर्सल बनाया गया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं।

इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन के अंत में श्रमिकों को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम और योगदान से ही राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रमिकों का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रदेशभर में आयोजित हो रहे श्रमिक सम्मेलन—श्रम मंत्री

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 20,000 रुपए, मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की गई है।

इसके अलावा “अटल शिक्षा योजना” के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से इनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक बंधु एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत नहीं, कमिश्नर-आईजी की चेतावनी:गैस सिलेंडर के बाद पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी-कालाबाजारी रोकने ली बैठक, कहा- कलेक्टर-एसपी करें सख्त मॉनिटरिंग

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बिलासपुर,एजेंसी। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गैस सिलेंडर के बाद अब पेट्रोल-डीजल की किल्लत और जमाखोरी की अफवाहें सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने समीक्षा बैठक ली थी, जिसके बाद अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शासन-प्रशासन को अलर्ट किया है।

बिलासपुर में भी प्रशासनिक अलर्ट जारी करते हुए कमिश्नर और आईजी ने आवश्यक वस्तुओं की सख्त मॉनिटरिंग करने और जमाखोरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम साय के निर्देशों के बाद शनिवार को कमिश्नर सुनील जैन और आईजी रामगोपाल करियारे ने पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की।

इस दौरान अधिकारियों को कहा गया कि बिलासपुर सहित पूरे संभाग में इन वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए।

कमिश्नर जैन ने बताया कि अफवाहों पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। लोगों तक सही जानकारी समय पर पहुंचे और सोशल मीडिया समेत अन्य जगहों पर भ्रामक खबरों की लगातार निगरानी करके उनका तुरंत खंडन किया जाए।

कंट्रोल रूम सक्रिय रखें, टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर करें शिकायत

बैठक में निर्देश दिए गए कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 1800-233-3663 का नंबर जारी किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में अलग से कंट्रोल रूम एक्टिव की जाए और प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं का त्वरित निराकरण करते हुए समस्याओं को दूर किया जाए।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई

कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर सहित आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।

कमिश्नर ने निर्देशित किया कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए। दैनिक स्टॉक की निगरानी कर वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में गैस और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाई जाए निगरानी

आईजी गर्ग ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल के परिवहन पर कड़ी नजर रखी जाए और अवैध रूप से कंटेनरों में ईंधन बिक्री पर रोक लगाई जाए।

बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि संभाग में पेट्रोलियम पदार्थों और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अंत में कमिश्नर और आईजी ने सभी अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करते हुए आमजन को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और तेल कंपनियों के अधिकारियों, डीलरों एवं वितरकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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