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कोरबा

बालको ने पाली महोत्सव में प्रदर्शित किया सामुदायिक विकास का मॉडल

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने दो-दिवसीय पाली महोत्सव में अपनी सशक्त सामाजिक भागीदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रदर्शनी के माध्यम से बताया कि औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ सामुदायिक विकास भी उसकी प्राथमिकता है।

महोत्सव के दौरान कई जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय समुदाय के लोगों बालको के प्रदर्शनी की हिस्सा बनें। इनमें प्रमुख रूप से लखन लाल देवांगन (छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री) तथा श्रीमती ज्योत्सना महंत (कोरबा सांसद) तथा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी अतिथियों और दर्शकों ने बालको के स्टॉल की पारंपरिक थीम, महिलाओं के प्रयासों तथा सामुदायिक विकास पहल को सराहनीय बताया।

बालको के स्टॉल का अवलोकन करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने महिलाओं के स्व-सहायता समूहों, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहनीय बताया। वहीं सांसद ज्योत्सना मंहत ने आयोजन को क्षेत्र के लोगों के लिए उत्साह और सांस्कृतिक गौरव का केंद्र बताया तथा बालको के सामुदायिक विकास कार्यों पर स्व सहायता समूह की महिलाओं से बात की तथा कंपनी के उन्नति परियोजना की सराहना की। सामुदायिक विकास कार्यों के साथ ही स्टॉल में एल्यूमिनियम निर्माण प्रक्रिया के साथ-साथ सामाजिक विकास से जुड़ी पहल की भी सुंदर और सरल प्रस्तुति की गई।

महोत्सव में बालको से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार गोंकरा, लिपन, मिरर और म्यूरल आर्ट के साथ-साथ पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। यह पहल न केवल स्थानीय कला और खान-पान को मंच देती है, बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में उठाए गए मजबूत कदमों को भी दर्शाती है।

साथ ही कंपनी ने प्रदर्शनी के माध्यम से आगंतुकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा स्वावलंबन और आधारभूत संरचना विकास से संबंधित परियोजनाओं की जानकारी दी। साथ ही नंदघर परियोजना एवं बालको के स्वास्थ्य सेवा प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि बालको केवल एक औद्योगिक संस्था नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का भरोसेमंद साझेदार है।

बालको पिछले छह दशकों से उत्कृष्टता, नवाचार और समावेशन के मूल्यों के साथ कार्य कर रहा है। कंपनी द्वारा आसपास के लगभग 123 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से दो लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। कंपनी के सतत विकास की इस यात्रा में जिला प्रशासन, समाज और समुदाय की साझेदारी ही वास्तविक शक्ति है। यही सहयोग एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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कोरबा

पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल रोड पर पौधरोपण

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कोरबा। एक पेड़ मां के नाम अभियान से सोमवार को कोसाबाड़ी जोन में पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल मुख्य मार्ग किनारे पौधारोपण किया गया। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित कोरबा के संकल्प को आगे बढ़ाया। जिला प्रशासन और नगर निगम कोरबा इसे वन विभाग के सहयोग से करा रहे हैं। कार्यक्रम में उद्यान अधीक्षक आनंद राठौर, संतोष यादव, मनमोहन, गोपी, कार्तिक राम, पूरन, अमर सिंह, फिरतू, किरित राम यादव, सांताराम, गंगाराम, केसर समेत अन्य शामिल हुए।

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कोरबा

रोड, पीडीएस गोदाम, पुलिया निर्माण कार्य का लोकार्पण

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कोरबा/कटघोरा। कटघोरा की ग्राम पंचायत देवगांव में विधायक प्रेमचंद पटेल ने 68 लाख 76 हजार रुपए की लागत से बने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 15 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड भी शामिल है।

लोकार्पित कार्यों में सीसी रोड निर्माण 10.40 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 14 लाख रुपए, पीडीएस गोदाम निर्माण 12.68 लाख रुपए, पुलिया निर्माण 12 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन क्रमांक-3 का निर्माण 11.68 लाख रुपए, मंच निर्माण विधायक निधि से 3 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 4 लाख रुपए, भूमिपूजन राशि 15 लाख रुपए शामिल है। विधायक पटेल ने कहा कि इन कार्यों से गांव में आवाजाही होगी। जरूरी जनसुविधाओं का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में युवा आयोग के पूर्व सदस्य रघुराज सिंह उइके, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रवि रजक, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि गोविंद सिंह कंवर, विधायक प्रतिनिधि बैसाखू यादव, सरपंच हेमलता नेटी, उपसरपंच इंद्र सिंह राज मौजूद रहे।

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