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कोल घोटाला…रायपुर CJM ने EOW-ACB को जारी किया नोटिस:सूर्यकांत तिवारी का पहले टाइप्ड-बयान दर्ज कराने का आरोप, भूपेश बोले-जांच एजेंसियां सुपारी ले रही हैं क्या?

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रायपुर,एजेंसी। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) पर आरोप है कि उन्होंने मजिस्ट्रेट के समक्ष अभियुक्त का मौखिक बयान दर्ज कराने के बजाय पहले से तैयार किया गया टाइप्ड बयान अदालत में पेश किया और उसे अभियुक्त सूर्यकांत तिवारी का बयान बताकर रिकॉर्ड करा दिया।

इस गंभीर आरोप पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ((CJM)) रायपुर ने ईओडब्लू/एसीबी के निदेशक अमरेश मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रेश ठाकुर को नोटिस जारी किया है। वहीं इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सवाल उठाए हैं।

जांच एजेंसियां सुपारी ले रही हैं क्या?- पूर्व सीएम

भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा- अब जांच एजेंसियां झूठे बयानों और सबूतों का निर्माण भी खुद ही करने लगी हैं क्या? किसी को भी फंसाने के लिए अब जांच एजेंसियां सुपारी ले रही हैं क्या? जांच एजेंसी ईओडब्लू/एसीबी पर झूठे साक्ष्य बनाकर अदालत के साथ आपराधिक धोखाधड़ी की शिकायत बेहद गंभीर है।

वकीलों की शिकायत पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने ईओडब्लू/एसीबी के निदेशक, उप पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। देश की न्यायिक व्यवस्था में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई जांच एजेंसी अभियुक्त का बयान दर्ज करवाने की जगह अपने कार्यालय से लाए हुए बयान को अभियुक्त का बयान बताकर उस पर हस्ताक्षर करवा ले। ऐसे में किसी भी नागरिक को न्याय मिलने की संभावना खत्म होती है। उम्मीद है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी इसका संज्ञान लेंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद कथित कोल घोटाले (अपराध क्रमांक 02/2024 और 03/2024) से जुड़ा है। अभियुक्त सूर्यकांत तिवारी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ईओडब्लू/एसीबी ने अदालत में कुछ दस्तावेज पेश किए थे। इनमें सह-अभियुक्त निखिल चंद्राकर का दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत दर्ज बयान की प्रति भी शामिल थी।

लेकिन, जब अदालत ने यह प्रति सूर्यकांत तिवारी के वकीलों को सौंपी, तब कई अनियमितताएं सामने आईं। बयान की भाषा और फॉन्ट अदालत में उपयोग होने वाले मानक फॉर्मेट से पूरी तरह अलग पाए गए। इससे शक गहराया कि यह बयान अदालत में दर्ज न होकर कहीं और टाइप किया गया है।

दर्ज नहीं कराया गया मौखिक बयान- शिकायककर्ता

शिकायककर्ता गिरीश देवांगन का आरोप है कि जांच एजेंसी ने अभियुक्त को मजिस्ट्रेट के सामने पेश तो किया, लेकिन मौखिक बयान दर्ज नहीं कराया। इसके बजाय एक पेन ड्राइव में पहले से टाइप किया हुआ बयान लेकर आई और उसे अभियुक्त का बयान बताकर अदालत में जमा कर दिया।

कानूनी तौर पर यह प्रक्रिया न्यायालयीन नियमों का घोर उल्लंघन मानी जाती है।इस खुलासे के बाद यह सवाल उठ गया कि अगर जांच एजेंसियां इस तरह बयान “तैयार” करेंगी, तो निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

गिरीश देवांगन की शिकायत और फोरेंसिक जांच

इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश देवांगन ने 12 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (सतर्कता) के समक्ष आवेदन दिया। उन्होंने दस्तावेजों की जांच फोरेंसिक विशेषज्ञ इमरान खान से करवाई। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि प्रस्तुत बयान अदालत के फॉर्मेट से मेल नहीं खाता।

इसके बाद गिरीश देवांगन ने आज मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रायपुर के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यह एक आपराधिक षड्यंत्र है, जिसमें झूठे साक्ष्य तैयार कर अदालत को गुमराह किया गया।

शिकायतकर्ता ने क्या कहा ?

गिरीश देवांगन ने अपनी शिकायत में कहा कि, “यह स्पष्ट रूप से एक संज्ञेय अपराध है। ईओडब्लू/एसीबी ने न केवल अदालत को धोखा दिया, बल्कि संविधान और न्यायिक प्रक्रिया की मर्यादा का उल्लंघन किया है।” उन्होंने अदालत से मांग की है कि इस मामले की सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कराई जाए और संबंधित अधिकारियों को कड़ी सजा दी जाए।

क्यों है यह मामला बड़ा ?

सीनियर एडवोकेट फैजल रिजवी के मुताबिक, यह देश में पहली बार हुआ है जब किसी जांच एजेंसी ने अभियुक्त का बयान दर्ज कराने की जगह अपने कार्यालय से टाइप किया हुआ बयान अदालत में पेश किया। यह न केवल अदालत के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 (न्याय के अधिकार) का खुला उल्लंघन भी है।

इस घटना ने राज्य की जांच एजेंसियों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला आने वाले समय में न्यायिक सुधारों के लिए मिसाल बन सकता है।

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जांजगीर-चांपा : स्वीपर पद पर भर्ती हेतु पात्र-अपात्र सूची जारी, 23 मार्च तक दावा-आपत्ति आमंत्रित

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जांजगीर-चांपा। कार्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जांजगीर-चांपा (छ0ग0) के जिला स्थापना में रिक्त पदों के विरुद्ध आकस्मिक निधि (कलेक्टर दर) पर वेतन पाने वाले कर्मचारी स्वीपर के कुल 03 रिक्त पदों के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है। सूची का अवलोकन अभ्यर्थी जिला न्यायालय जांजगीर-चांपा की वेबसाइटhttps://janjgir.dcourts.gov.in⁠⁠पर कर सकते हैं। इसके अलावा कार्यालयीन समय में जिला न्यायालय के नोटिस बोर्ड में भी सूची देखी जा सकती है। कार्यालय द्वारा अपात्र अभ्यर्थियों से इस संबंध में दावा-आपत्ति 23 मार्च 2026 को शाम 5.30 बजे तक आमंत्रित की गई है। निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त दावा-आपत्तियों पर किसी प्रकार की सुनवाई नहीं की जाएगी।

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जांजगीर-चांपा : गांव-गांव चल रहा जल संचय जनभागीदारी अभियान

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मोर गांव-मोर पानी अभियान के तहत बड़े पैमाने पर सोक पिट व रेनवॉटर हार्वेस्टिंग का हो रहा निर्माण

जिले में अब तक 18,032 सोक पिट पूर्ण, 10,974 सोक पिट निर्माणाधीन, 190 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं पूर्ण 436  प्रगतिरत

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से 1 मार्च से “मोर गांव – मोर पानी” अभियान के अंतर्गत लगातार जल संचय जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस अभियान को वृहद रूप देते हुए जिले के गांव-गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए जल संरक्षण की शपथ ली गई और अपने गांवों में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाई गई।

      अभियान के तहत जनभागीदारी से सोक पिट (सोखता गड्ढा) एवं रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को रिचार्ज पिट, सोखता गड्ढा और वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “मोर गांव – मोर पानी अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गांव में जल संरक्षण की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। यदि हर घर में रिचार्ज पिट और सोखता गड्ढा बनाए जाएं तो वर्षा जल का संरक्षण कर भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से रैली, जनजागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और दीवार लेखन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

     अभियान के तहत गांव-गांव में सोक पिट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिले में अब तक 18,032 सोक पिट का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा 10,974 निर्माणाधीन हैं। जिसमें जनपद पंचायत अकलतरा में 10042 पूर्ण व 2022 प्रगतिरत, बलौदा में 2840 पूर्ण व 2075 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 2638 पूर्ण व 2665 प्रगतिरत, नवागढ़ में 567 पूर्ण व 2194 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 1945 पूर्ण व 2018 प्रगतिरत सोक पिट निर्माण कार्य जारी है। इसी प्रकार अब तक 190 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 436 संरचनाएं प्रगतिरत हैं। जिसमें जनपद पंचायत अकलतरा में 95 पूर्ण व 135 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 25 पूर्ण व 36 प्रगतिरत, नवागढ़ में 12 पूर्ण व 113 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 58 पूर्ण व 152 प्रगतिरत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

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जांजगीर-चांपा : स्वच्छता के लिए आगे आई नारी शक्ति, स्वच्छता दौड़ में बड़ी संख्या में हुई शामिल, शिवरीनारायण में दिया स्वच्छता का संदेश

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स्वच्छता दीदियों का करें सम्मान, घर-घर कचरा लेने आएं तो दें धन्यवाद – कलेक्टर

शिवरीनारायण में स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों, समस्या के लिए अब सीधे करें संपर्क, 9340236903 हेल्पलाइन नंबर जारी

प्लास्टिक मुक्त शहर एवं स्वच्छता का लिया संकल्प, स्वच्छता से जुड़ी महिलाओं का किया सम्मान

कचरा पृथक्करण को लेकर लोगों को किया जागरूक, स्टॉल के माध्यम से दी जानकारी

जांजगीर-चांपा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज शिवरीनारायण में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित नारी शक्ति स्वच्छता दौड़ में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्व सहायता समूह की महिलाएं, छात्राएं, महिला स्वच्छता कर्मी एवं स्वच्छता सखियों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नगर पंचायत परिसर से हुई। स्वच्छता दौड़ नटराज चौक, बॉम्बे मार्केट और थाना चौक होते हुए मध्यनगरी चौक तक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे, नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी कर्मचारियों, महिलाओं, सहित नागरिकों ने मार्ग में पड़े कचरे का संग्रह किया और स्वच्छता का संदेश दिया। महिलाओं ने मार्ग में चिन्हित स्थानों पर सफाई कर कचरा एकत्रित किया तथा दुकानदारों और नागरिकों से प्लास्टिक बैग का उपयोग न करने और डस्टबिन का उपयोग करने की अपील की।

       कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता से जुड़े कार्यों में सक्रिय महिला स्वच्छता कर्मियों, स्वच्छता सखियों तथा प्लास्टिक मुक्त पहल अपनाने वाले दुकानदारों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर श्री महोबे ने शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प दिलाया। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए डेमो स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को घर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के बारे में जानकारी भी दी गई। साथ ही शिवरीनारायण में नागरिकों की सुविधा के लिए स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान हेतु हेल्पलाइन नंबर 9340236903 जारी किया गया है। अब नागरिक कचरा उठाव, गंदगी, नाली जाम या अन्य स्वच्छता संबंधी समस्याओं की जानकारी इस नंबर पर देकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

     कलेक्टर ने कहा कि नारी शक्ति अपनी मेहनत के बल पर सम्मान प्राप्त करती है। आज समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण जैसे पवित्र और धार्मिक महत्व वाले नगर को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श स्थान दिलाना हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। स्वच्छता से बढ़कर कोई सेवा नहीं हो सकती। हम सभी को मिलकर स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह हम अपने घर को साफ-सुथरा रखते हैं, उसी तरह अपने शहर को भी स्वच्छ बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। प्रत्येक घर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए। नगर पालिका द्वारा इस कचरे का नियमित रूप से संग्रहण कर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा।

       कलेक्टर ने कहा कि सड़कों, गलियों और घाटों पर कचरा न फैलाया जाए। उन्होंने सफाई कर्मियों को “स्वच्छता सैनिक” की संज्ञा देते हुए कहा कि समाज में उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए। जब वे घर-घर कचरा लेने आएं तो नागरिक उनका सम्मान करें और उन्हें धन्यवाद दें। उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता हम सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। यदि हम सब मिलकर प्रयास करें तो शिवरीनारायण को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। इस इस दौरान पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताकर्मी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थे।

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