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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा : कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक

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राजस्व पखवाड़ा एवं जनसमस्या निवारण शिविर में सभी अधिकारी शिविर में रहे मौजूद – कलेक्टर

समय सीमा के लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

अधिकारी-कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण, आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का समय-सीमा में करें निराकरण

नेशनल हाईवे, ब्लैक स्पॉट वाले सड़क के आसपास अवैध कब्जे हटाने के निर्देश

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज कलेक्टोरेट  सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय सीमा के लंबित प्रकरणों एवं प्राप्त शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।

        कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित समाधान तथा आमजन से जुड़े विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाकर स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में आधार अपेडशन के शिविर आयोजित आयोजित कर शेष छात्र-छात्राओं का आधार अपडेटेशन कार्य 31 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आर बी सी 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य पात्र परिस्थितियों में प्रभावित हितग्राहियों को आर्थिक सहायता की राशि शीघ्र स्वीकृत एवं वितरित करने के निर्देश दिए।

     कलेक्टर ने जिले में 13 से 23 मार्च तक आयोजित होने वाले जनसमस्या निवारण शिविर तथा 09 से 30 मार्च 2026 तक चलने वाले राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि कार्यालयीन फाइलों का संधारण अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करने तथा समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने विभिन्न योजनाओं के तहत संचालित निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों को कार्यों की प्रगति की निर्माण मॉनिटरिंग पोर्टल पर नियमित ऑनलाइन एंट्री करने के लिए भी कहा, ताकि कार्यों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके। कलेक्टर ने जिले में अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के लिए रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अवैध रेत की स्थिति में खनिज, राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

       कलेक्टर ने बैठक में निर्देशित किया कि सेवा निवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नेशनल हाईवे, ब्लैक स्पॉट वाले जगहों, सड़कों के आसपास किए गए अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को कार्रवाई कर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने तथा यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

      कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को देखते हुए संभावित बिजली एवं पेयजल समस्याओं के समय पर निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में डीएफओ हिमांशु डोंगरे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आर.के. तम्बोली, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

दीपका में 30 अप्रैल को 20वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी

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देशभर के विद्वानों का होगा संगम-डॉ गजेंद्र

कोरबा। शासकीय महाविद्यालय दीपका, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के बौद्धिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। महाविद्यालय एवं अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा की कसौटी पर विकलांग-विमर्श का पुनर्मूल्यांकनÓ विषय पर 20वीं एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 30 अप्रैल 2026, गुरुवार को किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: 9:30 बजे महाविद्यालय परिसर में होगा। इस संगोष्ठी में देशभर से विद्वान, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विषय विशेषज्ञ सहभागी बनेंगे, जिससे विचारों का एक व्यापक और सार्थक आदान-प्रदान संभव होगा।

इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री लखनलाल देवांगन उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) डॉ. विनय कुमार पाठक करेंगे।
संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेयी, अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल, तथा गेवरा प्रोजेक्ट के जनरल मैनेजर अरुण त्यागी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को समृद्ध करेंगे। इसके साथ ही कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल समारोह भूषण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर ‘विकलांग-विमर्श : विविध संदर्भÓ शीर्षक पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा, जिसके संपादन का कार्य डॉ. पायल लिल्हारे (निवाड़ी, मध्यप्रदेश) द्वारा किया गया है। यह पुस्तक विकलांग-विमर्श के विभिन्न आयामों को उजागर करते हुए समकालीन संदर्भों में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता ठाकुर ने बताया कि यह संगोष्ठी भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में विकलांग-विमर्श के पुनर्मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो समाज में समावेशी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करेगा। वहीं 20वी राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक डॉ. गजेंद्र तिवारी ने सभी शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं जागरूक नागरिकों से इस आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर इसे सफल बनाने का आह्वान किया है।
यह संगोष्ठी न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि सामाजिक समरसता एवं समावेशिता के नए आयाम स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

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छत्तीसगढ़

कोंडागांव : वन मंत्री केदार कश्यप ने दहिकोंगा तेंदूपत्ता फड़ का किया निरीक्षण

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वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

कोंडागांव। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज रविवार को कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता देखी और संग्राहकों को हो रहे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जानकारी ली।

          निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने दो संग्राहकों के मोबाइल में स्वयं ऑनलाइन एंट्री कर भुगतान प्रक्रिया को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है।

          वन मंत्री ने संग्राहकों से सीधे संवाद कर उन्हें “तेंदूपत्ता तिहार” की बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

           इस अवसर पर कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह, संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ. आशीष कोटरिवार, परिक्षेत्र अधिकारी कोंडागांव, परिक्षेत्र अधिकारी दहिकोंगा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

जनगणना में लगे शिक्षकों के लिए दुर्घटना बीमा की मांग:छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बोला: चुनाव ड्यूटी जैसी सुरक्षा मिले, 1 करोड़ का बीमा हो

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रायपुर,एजेंसी। जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपए के दुर्घटना बीमा की मांग उठी है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जनगणना आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र सौंपकर निर्वाचन ड्यूटी की तर्ज पर बीमा सुरक्षा देने की मांग की है।

ड्यूटी के दौरान दुर्घटना, गंभीर बीमारी या असामयिक मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा जरूरी है।

चुनाव ड्यूटी जैसी सुरक्षा की मांग

संगठन का कहना है कि जब जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर की है और जोखिम भी चुनावी ड्यूटी जैसा है, तो सुरक्षा मानकों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसलिए जनगणना कार्य में तैनात हर शिक्षक और कर्मचारी को 1 करोड़ रुपए का बीमा कवर दिया जाए।

तीन प्रमुख तर्क रखे

एसोसिएशन ने शासन के सामने तीन प्रमुख बिंदु रखे—

  • समान जोखिम, समान सुरक्षा: जनगणना ड्यूटी में भी चुनाव जैसी चुनौतियां और खतरे हैं।
  • आर्थिक संबल: हादसे या मृत्यु की स्थिति में परिवार को सहायता मिले।
  • मानसिक निश्चिंतता: बीमा सुरक्षा से कर्मचारी निर्भीक होकर काम कर सकेंगे।
एसोसिएशन की ओर से लिखा गया लेटर।

एसोसिएशन की ओर से लिखा गया लेटर।

हाल की घटनाओं का दिया हवाला

एसोसिएशन ने जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की मौत की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों ने बीमा सुरक्षा की जरूरत को और गंभीर बना दिया है।

टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि जनगणना अधिसूचना जारी होने के साथ ही बीमा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएं, ताकि जमीनी स्तर पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों को सुरक्षा मिल सके।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के साथ प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

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