जल जीवन मिशन के माध्यम से जलापूर्ति, निमार्णरत पीएम आवास, आंगनबाड़ी केंद्र का किया अवलोकन
हितग्राहियों से चर्चा कर योजना से मिल रहे लाभ के सम्बंध में ली जानकारी
बसाहटों में टेपनल के माध्यम से हर घर पेयजल पहुँचाने हेतु अधिकारियों को किया निर्देशित
निर्माणरत पीएम आवास को शीघ्रता से पूर्ण कराने एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
आवास मित्र, रोजगार सहायकों को आवास की नियमित मॉनिटरिंग सहित जियो टैगिंग कार्य समय पर पूर्ण करने हेतु किया निर्देशित
आवास निर्माण में धांधली या लापरवाही की शिकायत पर होगी कड़ी कार्यवाही :- कलेक्टर वसंत
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के अनेक ग्रामों का सघन निरीक्षण कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने विकासखण्ड के लखनपुर व नगोईबछोर में जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी केंद्र, प्रधानमंत्री आवास जैसे योजनाओं की जानकारी लेते हुए योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश नाग, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा टी आर भारद्वाज, सहित पीएचई, महिला बाल विकास व पीएम आवास विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने लखनपुर में हितग्राही महेत्तरीन बाई के घर पहुँचकर जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल आपूर्ति के सम्बंध में हितग्राही से योजना से मिल रहे लाभ के सम्बंध में चर्चा की। वृद्धा हितग्राही ने बताया कि घर मे लगे टेपनल के माध्यम से सुबह शाम शुद्ध पेयजल की प्राप्ति हो रही है। इससे उन्हें दूर हैंडपंप के पास पानी लेने नही जाना पड़ता। कलेक्टर ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को योजना से बसाहटों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार कलेक्टर ने लखनपुर के पुरानी बस्ती पारा एवं नगोईबछोरा गाँव में हितग्राहियों के घर पहुँचकर प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य की जानकारी ली। उन्होंने लखनपुर के हितग्राही सुकवारो बाई, कपिल, अशोक कुमार एवं नगोई बछोरा के कचरा बाई , इतवार सिंह पोर्ते के निर्माणरत आवास के कार्य प्रगति का अवलोकन किया। कलेक्टर ने हितग्राहियों से अब तक प्राप्त किश्तों के सम्बंध में चर्चा करते हुए आवास निर्माण की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण कराने एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही आवास मित्र व रोजगार सहायकों को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने एवं जियो टैगिंग कार्य भी समय पर पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया। जिससे हितग्राहियों को समय पर योजना की तृतीय किश्त प्राप्त हो सके। उन्होंने आवास निर्माण में किसी प्रकार की धांधली या लापरवाही की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी बसाहट में अधिक संख्या में आवास निर्माण कार्य संचालित होने पर मटेरियल सप्लायर या वेंडर से चर्चा कर हितग्राहियों को प्राथमिकता से लाभांवित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जियो टैगिंग कार्य में किसी प्रकार की शिकायत नही होनी चाहिए सभी अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करें। साथ ही निर्माण कार्य मे रुचि नही लेने वाले हितग्राहियों को सरपंच पंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से निर्माण कार्य प्रारम्भ कराने एवं तेजी से पूर्ण कराने हेतु प्रोत्साहित कराने के लिए कहा।
आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर दर्ज व उपस्थित बच्चों की ली जानकारी
बच्चों को गर्म भोजन व पौष्टिक आहार प्रदान करने के दिए निर्देश
गम्भीर कुपोषित बच्चों को कुपोषण के दुष्प्रभाव से बाहर निकालने हेतु करें विशेष प्रयास:- कलेक्टर
लखनपुर के बसाहट ललमटिया में आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में दर्ज व उपस्थित बच्चों की संख्या के सम्बंध में जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को बच्चों का पृथक पृथक ग्रोथ चार्ट तैयार करने एवं केंद्र में दर्ज गम्भीर कुपोषित बच्चों के प्रति विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिससे वे कुपोषण के दुष्चक्र से जल्द से जल्द बाहर आ सके। इस हेतु गर्म भोजन एवं अन्य पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिए कहा एवं बच्चों के परिजनों को स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में कुंए की सफाई हेतु कुंए में नही उतरने हेतु जनजागरूकता लाने के दिए निर्देश
कलेक्टर ने लखनपुर में हितग्राही शुकवारो बाई के मकान परिसर स्थित कुंए का अवलोकन करते हुए हितग्राही को कुंए की साफ सफाई हेतु कुंए में नही उतरने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कार्य किसी अनुभवी व प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। इसका ग्रामीण विशेष ध्यान रखें। साथ ही उन्होंने एसडीएम, जनपद सीईओ सहित खण्ड स्तरीय अधिकारी कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्रो में इस सम्बंध जनजागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। जिससे किसी प्रकार की अनहोनी घटना घटित ना हो एवं जनहानि से बचा जा सकें।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।