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कोरबा

खाद वितरण में किये गये अनियमितता पर समिति प्रबंधक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा सेवा से बर्खास्त करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

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गबन/अनियमितता की गई राशि की वसूली करने के भी दिए निर्देश
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मोरगा के समिति प्रबंधक महेन्द्र शर्मा के विरूद्ध होगी कार्यवाही
कोरबा।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केंद्र मोरगा, विकास खण्ड पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा के प्रबंधक के विरूद्ध खरीफ वर्ष 2025-26 में खाद वितरण में गड़बड़ी एवं अनिमियतता करने संबंधी शिकायत प्राप्त होने के पश्चात की गई जांच में शिकायत सही पाये जाने पर कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा समिति प्रबंधक महेन्द्र शर्मा के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने, आरोपी कर्मचारी को सेवा से पृथक करने और गबन की गई राशि आरोपी से वसूलने के निर्देश दिया गया है। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोंड़ी उपरोड़ा द्वारा दिये गये जांच प्रतिवेदन के आधार पर उक्त कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।
इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार पोंड़ी उपरोड़ा मोरगा क्षेत्र के किसानों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केंद्र मोरगा के प्रबंधक के विरूद्ध खरीफ वर्ष 2025-26 में खाद वितरण में गड़बड़ी एवं अनिमियतता करने संबंधी शिकायत की गई थी। कलेक्टर द्वारा प्राप्त शिकायत की जांच कराई गई। जांच हेतु राजस्व व कृषि विभाग के 04 सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया गया, जिसमें सुमनदास मानिकपुरी नायब तहसीलदार पोड़ी उपरोड़ा, अखिलेश देंवागन प्रभारी वरिष्ठ ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी विकास खण्ड पोड़ी उपरोड़ा, रंजीत भगत राजस्व निरीक्षक एवं राकेश यादव ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मोरगा शामिल थे।
संयुक्त जांच दल द्वारा मोरगा समिति में संधारित अभिलेखो, बिक्री पंजी, डिलवरी मेमो, पीओएस मशीन की एन्ट्री का अवलोकन एवं जांचोपरांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित मोरगा में उपलब्ध डिलवरी मेमो एवं चालान के अनुसार  01 अपै्रल 2025 से दिनांक 01 सितंबर 2025 तक समिति को 09 ट्रक खाद (उर्वरक) का प्राप्त हुये जिसमें यूरिया 45 किलोग्राम-2180 बोरी, सुपर फास्फेट-400 बोरी, डीएपी- 320, एनपीके-1800, पोटाश-160, नैनो यूरिया 480 तथा नैनो डीएपी 240 बोरी प्राप्त हुई थी।
संयुक्त जांच दल ने जांच कर अपने निष्कर्ष में बताया है कि समिति द्वारा संधारित वितरण पंजी एवं पी.ओ.एस. पंजी में खाद (उर्वरक) की मात्रा – 1. यूरिया-164 बोरी, 2. डी.ए.पी.-44 बोरी, 3. एन.पी.के.-79 बोरी, 4. पोटाश (एमओपी)-08 बोरी का अंतर पाया गया है। यह घोर अनिमियतता की श्रेणी में आता है एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 की धारा 35 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 03 व 07 का उल्लघंन होने पर प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से हटाने एवं उचित कार्यवाही किये जाने की अनुशंसा किया गया है। इसके साथ ही प्रबंधक जिसके विरूद्ध शिकायत किया गया है वह प्रबंधक एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर दोनो पद पर कार्यरत है। जिन्होने अपने बयान कथन में स्वीकार किया है कि धान खरीदी एवं खाद बिक्री से संबंधित समस्त कार्य का निष्पादन एवं स्टॉक अद्यतन का कार्य प्रबधंक अर्थात स्वयं के द्वारा ही किया जाता है। प्रबंधक द्वारा स्कंद पंजी का संधारण नहीं किया गया है, केवल डिलवरी चालान एवं इनवॉरस की मूल प्रति की उपलब्धता है। प्रबंधक द्वारा यह तथ्य स्वीकार किया गया है कि केवल 09 ट्रक खाद (उर्वरक) आया है, जिसमें से 05 ट्रक खाद (उर्वरक) का वितरण किया जा चुका है एवं शेष खाद (उर्वरक) को अन्य किसानो के खाते में जोड़ा गया है, जिसका भुगतान प्रबंधक द्वारा स्वयं किया जायेगा। ग्रामीणो के द्वारा जिन दो व्यक्तियों का फौत होना बताया गया है, उनके खाते से मृत व्यक्ति का फर्जी हस्ताक्षर कर खाद (उर्वरक) का उठाव किया गया है, उक्त संबंध में प्रबंधक द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया।

इस प्रकार संयुक्त जांच दल द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन एवं संलग्न दस्तावेजो के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित मोरगा के प्रबंधक द्वारा स्कंध पंजी का संधारण नहीं किया गया है। समिति द्वारा संधारित पंजी, पी.ओ.एस. मशीन से किये गये खाद (उर्वरक) की बिक्री रजिस्टर तथा कृषको के लिखित बयान (कथन) भिन्नता होने से प्रबंधक के विरूद्ध कृषको द्वारा की गयी शिकायत की पुष्टि  हो रही है। यह घोर अनियमितता की श्रेणी में आता है। समिति के प्रबंधक महेन्द्र शर्मा द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 35, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 03 व 07 तथा सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 74 (झ), (ट), (ठ) के उपबंधो का अनुपालन में गंभीर चूक की गई है। अतः प्रबंधक के विरूद्ध एफआई आर दर्ज कराते हुये तत्काल प्रबंधक को पद से हटाते हुये वसूली की कार्यवाही किये जाने की अनुशंसा पर कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा समिति प्रबंधक महेन्द्र शर्मा के विरूद्ध संबंधित विभाग को एफआईआर दर्ज कराने, आरोपी कर्मचारी को सेवा से पृथक करने और गबन की गई राशि आरोपी से वसूलने के निर्देश दिया गया है।

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कोरबा

बांस शिल्प के लिए बिरहोर परिवारों को दिया जा रहा कौशल उन्नयन प्रशिक्षण

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परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल

कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।

समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।

प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।

जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।

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कोरबा

पाली के राजा का भव्य आगमन कल

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शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी
कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।

गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।

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कोरबा

शराब पीने के लिए पैसे मांगे, मना करने पर युवक से मारपीट एवं जान से मारने की धमकी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित

कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट

दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।

आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर

गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई
कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

सजग कोरबा, सतर्क कोरबा

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