पटना,एजेंसी। PM नरेंद्र मोदी ने ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ अभियान के तहत बुधवार को बिहार के कार्यकर्ताओं से वर्चुअली बात की। PM ने बिहार के एक कार्यकर्ता ओमप्रकाश से पूछा- जंगलराज को लेकर लगी प्रदर्शनी आपने देखी है क्या। आपके जिले में लगी है क्या? उन्होंने कहा- जी, हमारे यहां भी लगी है। PM ने कहा- 18 से 45 साल के लोगों को बहुत डिटेल से जंगलराज के बारे में बताइए। बुजुर्ग लोगों से उन्हें किस्से सुनवाइए। पीएम ने कहा-
18 से 45 साल के लोगों ने वो दौर नहीं देखा है, जिसने बिहार को बर्बाद कर दिया था। नक्सली पटरियां उड़ा देते थे। मालगाड़ी से चोरी होती है। लोग रात में घर से निकलने से डरते थे। सरकारी अफसर एक इलाके से दूसरे इलाके में जाते थे तो पुलिस स्कॉट देना पड़ता था। ऐसे माहौल में कोई कैसे जी सकता था। विकास के सारे काम ठप हो गए थे। बिहार की स्थिति बहुत मेहनत कर के बदली है। इस समय हम बिल्कुल भी रिस्क नहीं ले सकते हैं कि ऐसे लोग सरकार में आए जो फिर से बिहार को उस काल में धकेले।
PM ने कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने को कहा।
मंडल प्रभारी से PM ने पूछा- हमारे बारे में जनता क्या कहती है
पूर्वी चंपारण के जुड़े डॉक्टर कमलेश ने PM से कहा कि मैं बीजेपी में मंडल प्रभारी हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अरे आप डॉक्टर हैं तो आपको तो काफी लोग जानते होंगे। रोज 50-60 लोगों से बात करते होंगे। पुराने दिनों की बातें करते होंगे। क्या कहते हैं वो लोग।
कार्यकर्ता ने बताया कि हमारे समय में बिजली नहीं रहती थी। सड़कें नहीं थीं। सांसद, विधायक और आपकी मदद से अब हम अपने घर से 2 घंटे में पटना पहुंच जाते हैं। जहां अंधेरा था वहां आपके सहयोग से अब उजाले में रह रहे हैं।
PM ने पूछा- आपको क्या लगता है लोग हमारे काम से संतुष्ट हैं या नहीं। कार्यकर्ता ने कहा कि लोग आपके काम से खुश हैं। कार्यकर्ता खुद को विधायक, सांसद और PM समझते हैं।
पूर्णिया की मेघा देवी ने PM से कहा, ‘मैं बूथ अध्यक्ष हूं। जितने भी कार्यकर्ता होते हैं हम उन लोगों से मिलते हैं। घर-घर जाते हैं। मैं जीविका में भी हूं। सरकार ने 10 हजार वाली योजना लालू की है। उससे लोगों को बहुत फायदा हो रहा है।’
एक महिला कार्यकर्ता में प्रधानमंत्री को सर कहकर संबोधित किया। PM ने कहा हम सर नहीं हैं हम आपके भाई हैं। नीतीश और मोदी दोनों भाई आपके लिए लगातार लगे हैं।
PM मोदी ने कार्यकर्ताओं से ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलने और योजनाओं की जानकारी देने को कहा।
PM ने कार्यकर्ताओं को दिए 5 मंत्र
भैया दूज हो उत्सव बना दीजिए: सभी महिला कार्यकर्ताओं को भैया दूज को उत्सव बनाना चाहिए। हर बूथ पर भाइयों को जुटाइए और सरकार की योजनाओं के बारे में बताइए। उन लोगों को लाभार्थियों से मिलवाइए।
योजनाओं के लाभार्थियों से मिलिए: प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों से मिलिए। उनके वीडियो रिकॉर्ड कीजिए। ये वीडियो लोगों को दिखाइए। हो सके तो उनके मोबाइल में ये वीडियो ट्रांसफर कर दीजिए। परिवार के 4-5 लोग होते हैं। सब एक साथ वीडियो देखेंगे। योजनाओं के बारे में जानेंगे।
बूथ जीते तो समझो विधानसभा जीते: पूरी कोशिश बूथ जीतने की होगी चुनाव जीतना है तो बूथ जीतना होगा। बूथ जीतना है तो लोगों से जुड़ना होगा। चुनाव नेता नहीं लड़ता है। कार्यकर्ता लड़ता है। जैसे-जैसे बूथ जीतते जाते हैं वैसे-वैसे विधानसभा जीतते जाते हैं।
मतदाता को BJP प्रचारक बनाना है: बूथ पर महिलाओं की अलग-अलग टोली बनाइए। महिलाओं की अलग टोली रखिए। आप ये कोशिश करिए हर घर में कम से कम 10 बार जाना ही है। त्योहारों को भी लोकतंत्र के उत्सव में बदल दीजिए। हमारा मतदाता भी हमारा प्रचारक बन जाए, इस तरह से काम करना है।
त्योहारों को लोकतंत्र का उत्सव बना दीजिए: PM ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अभी कई त्योहार आ रहे हैं। लोगों से ज्यादा से ज्यादा मिलिए महिलाओं को उनसे जुड़ी योजना के बारे में बताइए। GST के बारे में बताइए। मतदाताओं से मिलते रहिए।
10 दिन पहले PM ने युवाओं को याद दिलाया था जंगलराज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिनों पहले यानी 4 अक्टूबर को बिहार के युवाओं से वर्चुअली संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने संवाद कार्यक्रम में जुड़े युवाओं को जंगलराज की याद दिलाई थी।
उन्होंने कहा, ‘ढाई दशक पहले की शिक्षा व्यवस्था और बुरे हालात का आपको अंदाजा नहीं है। पहले बिहार में शिक्षा व्यवस्था तबाह थी। ना स्कूल खुलते थे ना बच्चे आते थे। बच्चों को बिहार छोड़कर जाना पड़ा था। यहीं से पलायन की असली शुरुआत हुई।
बिहार में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 2 फेज 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी। छठ के 8 दिन बाद चुनाव होगा। पहले फेज में 121 सीटें हैं। दूसरे में पूरे बॉर्डर एरिया की 122 सीटों को रखा गया है।
14 नवंबर को नतीजे आएंगे। पूरी चुनावी प्रक्रिया 40 दिन चलेगी। 40 साल बाद बिहार में 2 फेज में मतदान होंगे।
इस विधानसभा चुनाव में करीब 7.42 करोड़ वोटर हैं। इनमें 100 साल ऊपर के 14 हजार वोटर शामिल हैं। पोलिंग बूथ जाने में असमर्थ लोग फॉर्म 12 D भरकर घर से वोट डाल सकेंगे। राज्य में 14 लाख लोग पहली बार वोट डालेंगे। बिहार में बूथ तक मोबाइल ले जा सकेंगे।
बिहार में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां औसतन प्रति केंद्र 818 मतदाता रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 76,801 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में हैं, जबकि 13,911 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं।
सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था (100%) की गई है। साथ ही, 1,350 मॉडल मतदान केंद्र भी स्थापित किए गए हैं ताकि मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।