17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में होंगे विभिन्न आयोजन, विद्यालय स्तर से जिला स्तर तक होंगी चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं अक्टूबर माह से विद्यार्थियों के लिए जिले में शुरू होगी विशेष जेईई एवं नीट कोचिंग कलेक्टर ने विकासखंडवार विद्यालयों में अधोसंरचना की भी की विस्तृत समीक्षा कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों, गतिविधियों एवं शासन के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्राचार्यों को अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यालय स्तर पर निर्धारित गतिविधियों का सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक एवं अभिव्यक्तिमूलक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मक सोच और सामाजिक सरोकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के उपरांत विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई श्रेष्ठ चित्रकलाओं की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, ताकि बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सके। इसी क्रम में कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों, कल्पनाओं एवं अभिव्यक्ति की क्षमता को सामने रखने का अवसर मिलेगा। बैठक में प्रतियोगिताओं के द्वितीय चरण में विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। विद्यालय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाएगा। कक्षा पहली से आठवीं तक के चयनित विद्यार्थियों के लिए 28 सितंबर 2026 को चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के चयनित छात्र-छात्राओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 को विकासखंड स्तर पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात तृतीय चरण में जिला स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रतियोगिताओं के आयोजन में पारदर्शिता, विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता तथा निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में 17 सितंबर 2026 को सभी विद्यालयों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाए जाने के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी गई। अभियान की शुरुआत के अवसर पर सभी विद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप सहभागिता सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अभियान की भावना से जोड़ने के निर्देश दिए गए। जेईई एवं नीट की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष मार्गदर्शन बैठक में चालू शैक्षणिक सत्र में जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि अक्टूबर माह से जिले में जेईई एवं नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है। उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि अपने-अपने विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में से जेईई एवं नीट की तैयारी के इच्छुक तथा प्रतिभावान विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें इस विशेष कोचिंग से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और नियमित अभ्यास के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यालयों की अधोसंरचना की भी हुई विकासखंडवार समीक्षा बैठक के अंत में जिले के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उपलब्ध भौतिक अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं की विकासखंडवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्राचार्यों से विद्यालयों में भवन, कक्ष-कक्ष, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल मैदान सहित विद्यार्थियों के लिए आवश्यक अन्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालयों में अधोसंरचना से संबंधित आवश्यकताओं एवं समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हांकित कर उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि सेवा संकल्प अभियान को केवल निर्धारित कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना को विकसित करने के अवसर के रूप में लिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं प्राचार्यों से आपसी समन्वय के साथ अभियान की गतिविधियों को सफल बनाने तथा जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। बैठक में शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं जिले के शासकीय एवं अशासकीय हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
नमो सेवा गाथा पर विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति, लगभग 495 लोग हुए शामिल कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पाली में ‘नमो सेवाकृअनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और नमो सेवा गाथा पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुति से ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, पालक और छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और पालकों सहित लगभग 495 लोग उपस्थित रहे।
कोरबा, 7 अक्टूबर 2026। समाज कल्याण विभाग द्वारा आज प्रतीक जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा, ओएसडी तरुण कुमार किरण की उपस्थिति में पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दी गई इस सहायता से उनके आवागमन में सुविधा होगी और वे दैनिक कार्य अधिक सुगमता से कर सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में रेल्वे कॉलोनी, कोरबा निवासी 55 वर्षीय सैय्यद याकूब, पिता सैय्यद अब्दुल कादर, सुभाष ब्लॉक, कोरबा निवासी 44 वर्षीय श्रीमती सुनीता दास, पिता बाबू राज, शांति नगर, कुसमुंडा निवासी 34 वर्षीय श्रीमती सीमा कुमारी, पिता अदरू, तथा गुरसिया, कटघोरा निवासी 20 वर्षीय प्रदीप कुमार उरांव, पिता हरिराम शामिल हैं। ट्राईसाइकिल मिलने पर हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सुरक्षित छत और रंगीन दीवारों ने बदला माहौल, बरपाली आंगनबाड़ी में बढ़ी नौनिहालों की उपस्थिति कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। कभी जर्जर भवन की दीवारों और असुविधाओं के बीच संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों की खिलखिलाहट और रंग-बिरंगे चित्रों से गुलजार है। जहां पहले पालकों को अपने छोटे बच्चों को केंद्र भेजते समय उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी, वहीं अब ग्राम पंचायत बरपाली का नया आंगनबाड़ी भवन नौनिहालों के लिए सुरक्षित, सुंदर और सहज वातावरण बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से 11.69 लाख की लागत से निर्मित नए भवन में पक्की छत, मजबूत दीवार, पक्का फर्श, रंगीन चित्र और बच्चों के लिए खिलौनों सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका असर बच्चों की उपस्थिति में भी दिखाई दे रहा है और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी पहुंच रहे हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरपाली स्थित इस आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में 30 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 17 तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 13 बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही 2 गर्भवती महिलाएं, 3 शिशुवती माताएं और 6 किशोरी बालिकाएं भी केंद्र की सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं। नए भवन के बाद बच्चों के लिए उपलब्ध स्थान और वातावरण में आए बदलाव ने केंद्र की गतिविधियों को भी अधिक व्यवस्थित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला बताती हैं कि पुराने भवन की स्थिति ऐसी थी कि बच्चों को केंद्र में रखते समय उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। भवन जर्जर होने के कारण पालक भी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने में सहज महसूस नहीं करते थे। नए भवन के बनने से सबसे बड़ा बदलाव बच्चों की सुरक्षा और उनके सहज वातावरण में आया है। अब पक्की छत, मजबूत दीवार और पक्के फर्श वाले भवन में बच्चे आराम से बैठते हैं, खेलते हैं और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। श्रीमती शिवकला के अनुसार नए भवन की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे चित्र बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। बच्चे चित्रों को देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता दिखाते हैं और आसपास की वस्तुओं को पहचानने का प्रयास करते हैं। खिलौनों और आकर्षक वातावरण के कारण उनमें केंद्र आने की रुचि भी बढ़ी है। पहले की तुलना में अब बच्चे अधिक संख्या में आंगनबाड़ी पहुंचते हैं और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित उपस्थिति दिखाई देती है। बच्चों के लिए केंद्र अब केवल आने-जाने की जगह नहीं रहा, यहां वे खेलते हुए सीखते हैं और सहज माहौल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती चमेली बाई बताती हैं कि नए भवन में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें भोजन कराने में भी काफी सुविधा हुई है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार सुबह बच्चों को मीठा या नमकीन दलिया दिया जाता है। इसके बाद दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सुरक्षित और सुविधाजनक भवन में बच्चों को भोजन कराने तथा उनकी देखभाल करने में आसानी होती है। बच्चों का नियमित रूप से केंद्र आना उनके लिए भी उत्साह का विषय है।
कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला कहती हैं कि पहले भवन की स्थिति के कारण बच्चों और पालकों में जो संकोच था, वह अब दूर हुआ है। नए भवन ने बच्चों को सुरक्षित जगह दी है और आकर्षक वातावरण ने उनके मन में आंगनबाड़ी के प्रति अपनापन बढ़ाया है। बच्चे सुबह केंद्र आने के लिए उत्साहित रहते हैं और यहां होने वाली गतिविधियों में रुचि के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऐसी बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने कार्य में भी संतोष और उत्साह मिलता है। नौनिहालों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।