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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने प्राचार्यों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश

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17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में होंगे विभिन्न आयोजन, विद्यालय स्तर से जिला स्तर तक होंगी चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं
अक्टूबर माह से विद्यार्थियों के लिए जिले में शुरू होगी विशेष जेईई एवं नीट कोचिंग
कलेक्टर ने विकासखंडवार विद्यालयों में अधोसंरचना की भी की विस्तृत समीक्षा
कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों, गतिविधियों एवं शासन के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्राचार्यों को अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यालय स्तर पर निर्धारित गतिविधियों का सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक एवं अभिव्यक्तिमूलक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मक सोच और सामाजिक सरोकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
विद्यालय स्तर पर कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के उपरांत विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई श्रेष्ठ चित्रकलाओं की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, ताकि बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सके। इसी क्रम में कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों, कल्पनाओं एवं अभिव्यक्ति की क्षमता को सामने रखने का अवसर मिलेगा।
बैठक में प्रतियोगिताओं के द्वितीय चरण में विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। विद्यालय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाएगा। कक्षा पहली से आठवीं तक के चयनित विद्यार्थियों के लिए 28 सितंबर 2026 को चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के चयनित छात्र-छात्राओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 को विकासखंड स्तर पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
इसके पश्चात तृतीय चरण में जिला स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रतियोगिताओं के आयोजन में पारदर्शिता, विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता तथा निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बैठक में 17 सितंबर 2026 को सभी विद्यालयों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाए जाने के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी गई। अभियान की शुरुआत के अवसर पर सभी विद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप सहभागिता सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अभियान की भावना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
जेईई एवं नीट की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष मार्गदर्शन
बैठक में चालू शैक्षणिक सत्र में जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि अक्टूबर माह से जिले में जेईई एवं नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है।
उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि अपने-अपने विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में से जेईई एवं नीट की तैयारी के इच्छुक तथा प्रतिभावान विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें इस विशेष कोचिंग से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और नियमित अभ्यास के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
विद्यालयों की अधोसंरचना की भी हुई विकासखंडवार समीक्षा
बैठक के अंत में जिले के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उपलब्ध भौतिक अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं की विकासखंडवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्राचार्यों से विद्यालयों में भवन, कक्ष-कक्ष, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल मैदान सहित विद्यार्थियों के लिए आवश्यक अन्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने विद्यालयों में अधोसंरचना से संबंधित आवश्यकताओं एवं समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हांकित कर उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि सेवा संकल्प अभियान को केवल निर्धारित कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना को विकसित करने के अवसर के रूप में लिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं प्राचार्यों से आपसी समन्वय के साथ अभियान की गतिविधियों को सफल बनाने तथा जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
बैठक में शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं जिले के शासकीय एवं अशासकीय हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

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कोरबा

अखबार वितरक संघ ने दी सुरेश अग्रवाल को बधाई

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कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) सुरेश अग्रवाल को कार्यालय महामंत्री का दायित्वपूर्ण पद मिलने पर प्रदेश अखबार वितरक संघ की कोरबा इकाई ने पुष्पगुच्छ देकर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की। जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू की अगुवाई में श्री अग्रवाल को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर संरक्षक रेशम लाल साहू, सचिव जय नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, मीडिया प्रभारी रमायण सिंह (रामा), सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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कोरबा

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की ली समीक्षा बैठक

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जनभागीदारी से सेवा संकल्प अभियान को भव्य और व्यापक स्वरूप देने के दिये निर्देश
सेवा संकल्प अभियान’ की सफल आयोजन हेतु  आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में  – कलेक्टर

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिलेभर में होंगे विविध आयोजन
जिला मुख्यालय से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश
कोरबा। वाणिज्य, उद्योग, श्रम,आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में  जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन के द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले अभियान को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह के इस अभियान को शासन, प्रशासन और जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों से भव्य, व्यापक और प्रभावी स्वरूप के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा।

इस अवसर पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, गोपाल मोदी, कलेक्टर कुणाल दुदावत, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, डीएफएओ कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय, एडीएम देवेंद्र पटेल अन्य विभागीय अधिकारी, विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कैबिनेट मंत्री लखन लाल  ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण की यात्रा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान की तिथिवार कार्ययोजना के अनुरूप सभी कार्यक्रम निर्धारित समय पर आयोजित किए जाएं तथा प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का बेहतर समन्वय के साथ निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि अभियान का आयोजन जिला मुख्यालय सहित जनपद पंचायत, तहसील, नगर पंचायत, प्रमुख कस्बों एवं ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक रूप से आयोजित किए जाएं। अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।  मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को ‘सेवा की कहानी’ के रूप में संकलित कर आमजन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक परिवर्तन की प्रेरक कहानियां अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।

कलेक्टर कुणाल दुदावत  ने बैठक में सेवा संकल्प अभियान की जिले में तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने  बताया कि जिले में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकों का आयोजन किया जा चुका है तथा आयोजित होने वाले सभी गतिविधियों के दिन एवं तिथिवार कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। जिला प्रशासन द्वारा अभियान के सफल संचालन के लिए सभी विभागों में नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है एवं समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

’17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभ’

सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके माध्यम से आम नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों की सहभागिता के साथ जिले के प्रमुख जन आस्था, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक, विरासत एवं सार्वजनिक महत्व के स्थलों पर भी विशेष गतिविधियां आयोजित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कोरबा शहर के हृदय स्थल घण्टा घर चौक में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा जहां 51 हजार से अधिक दीये प्रज्वलित किये जायेंगे। इसी प्रकार पूरे जिले में 5 लाख से अधिक दीये जलाए जाएंगे। जिसके अंतर्गत
शासकीय कार्यालयों, सभी विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों के आवासों, प्रमुख चौक चौराहों, सहित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी जन जन के घरों में आशीर्वाद का दिया जलाया जाएगा।

मेरे सपनों का भारत’ में दिखेगी नई पीढ़ी की विकसित भारत की कल्पना

18 सितंबर से 03 अक्टूबर तक शासकीय एवं निजी विद्यालयों में ‘मेरे सपनों का भारत’ पहल के तहत विकसित भारत की संकल्पना तथा 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर आधारित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं 4 चरण में आयोजित की जाएंगी। साथ ही  बच्चों की रचनात्मक कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

नमो सेवा अनकही कहानियाँ’ से पहुंचेगी जनकल्याण और बदलाव की कहानी’

अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर के बीच विभिन्न तिथियों में ‘नमो सेवा अनकही कहानियाँ’ के माध्यम से नुक्कड़ नाटकों एवं अन्य जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनके माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवा कार्यों और आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को सरल एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

आंगन मिलन सेवा’ में माताओं और बच्चों की होगी सहभागिता

26 सितंबर से 14 अक्टूबर तक विभिन्न दिवसों मे आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ आयोजित किया जाएगा। इसमें माताओं एवं बच्चों की सहभागिता के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

सेवा की कहानी’ में सामने आएंगी हितग्राहियों की सफलता की प्रेरक गाथाएं

अभियान के दौरान शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को ‘सेवा की कहानी’ के रूप में संकलित किया जाएगा। हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों और सफलता की प्रेरक कहानियों को विभिन्न माध्यमों से आमजन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पात्र नागरिक भी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित हों।

सेवा ज्योति यात्रा’ से मजबूत होगा विकसित भारत का सामूहिक संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने और विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत बनाने के लिए ‘सेवा ज्योति यात्रा’ सहित विभिन्न जनभागीदारी यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से गांव से लेकर जिला स्तर तक नागरिकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

सेवा मेरा योगदान’ से जुड़ेंगे नागरिक सेवा कार्यों से

23 सितंबर से 25 सितंबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं को विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। नदी एवं घाटों की स्वच्छता सहित अन्य जनहितैषी गतिविधियों में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगी योजनाओं की पहुंच

सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अभियान के दौरान विकसित भारत संकल्प यात्रा, जल जन सेवा संकल्प, रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल, राष्ट्रीय इनोवेशन चौलेंज तथा जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट जैसी विविध गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जिले में व्यापक जनभागीदारी और जन आंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।

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कोरबा

बालको की सामुदायिक विकास कार्य बनी सामाजिक बदलाव की मजबूत कड़ी

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बालकोनगर। किसी गांव में जब किसान अपनी फसल के लिए बारिश का इंतजार करने के बजाय सिंचाई के भरोसे दूसरी और तीसरी फसल लेने लगे, जब किसी महिला के हाथों का हुनर परिवार की आय का जरिया बन जाए, जब किसी युवा को कौशल प्रशिक्षण के बाद रोजगार का अवसर मिले और जब किसी बच्चे को गांव की आंगनबाड़ी में बेहतर शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, तब विकास केवल एक आंकड़ा नहीं रहता, वह जीवन में दिखाई देने वाला बदलाव बन जाता है।

भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की सामुदायिक विकास यात्रा समुदाय के साथ मिलकर दीर्घकालिक बदलाव की सोच पर केंद्रित है। वित्तीय वर्ष 2026 में बालको की पहल ने 123 गांवों में 1.80 लाख लोगों तक पहुंच बनाई। शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक अधोसंरचना और खेल के माध्यम से लोगों की क्षमताओं को मजबूत किया गया। किसान आधुनिक कृषि अपनाकर दूसरों को प्रशिक्षित कर रहे हैं, महिलाएं स्वयं सहायता समूहों और उद्यमों का संचालन कर रही हैं तथा युवा कौशल के माध्यम से रोजगार और नेतृत्व के अवसर हासिल कर रहे हैं। यह साझी भागीदारी विकास को केवल परियोजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्थायी सामाजिक बदलाव की यात्रा बनाती है।

जीवन के हर पड़ाव से जुड़ा विकास

बालको की सामुदायिक विकास रणनीति ‘मानव जीवन चक्र आधारित दृष्टिकोण’ पर आधारित है, जिसमें व्यक्ति और परिवार के जीवन के विभिन्न चरणों की जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं। प्रारंभिक बाल्यावस्था में पोषण और शिक्षा से लेकर स्कूली शिक्षा, कौशल, रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामुदायिक कल्याण तक निरंतर विकास पर ध्यान दिया गया है।

इसी सोच का उदाहरण नंद घर हैं, जहां आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक और बच्चों के अनुकूल सीखने के स्थानों में विकसित किया गया है। वित्तवर्ष 2026 में 111 नंद घरों से बच्चों और माताओं को लाभ मिला। 7,226 विद्यार्थियों को डिजिटल कक्षाओं का सहयोग मिला, जबकि 400 से अधिक विद्यार्थी शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े। 800 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया तथा चिन्हित कुपोषित बच्चों में 75 प्रतिशत में स्वास्थ्य सुधार दर्ज हुआ।

शिक्षा के क्षेत्र में बालको ने सरकारी स्कूलों में डिजिटल कक्षाओं, रिमेडियल एजुकेशन और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा दिया। बालको कनेक्ट कोचिंग कार्यक्रम के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कोरबा और कवर्धा में 2 कोचिंग केंद्र संचालित किए गए। वित्तवर्ष 2026 में 84 अभ्यर्थियों का सरकारी परीक्षाओं में चयन हुआ। इन प्रयासों ने युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के साथ अपने भविष्य को नई दिशा देने का अवसर दिया।

कृषि नवाचार और तकनीक से खेती में नया विश्वास

ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता का मजबूत आधार आज भी कृषि है। इसी सोच के साथ मोर जल मोर माटी कार्यक्रम के माध्यम से जल सुरक्षा, आधुनिक कृषि और आय के विविध स्रोतों को एक साथ जोड़ा गया है। वित्तवर्ष 2026 में यह पहल 40 गांवों के 9,420 किसानों तक पहुंची और 1,400 एकड़ से अधिक कृषि भूमि के लिए सिंचाई सुरक्षा को मजबूत किया गया।

जल संरक्षण की विभिन्न व्यवस्थाओं, सूक्ष्म सिंचाई और लिफ्ट सिंचाई के साथ किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, उन्नत गुणवत्ता वाले बीजों के चयन, मिट्टी की जांच तथा फसल में कीट एवं पोषक तत्वों के समुचित प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया।

इसके परिणामस्वरूप 80 प्रतिशत किसानों ने आधुनिक और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाईं। इससे उत्पादन में लगभग 1.25 से 1.5 गुना वृद्धि, औसत कृषि आय में लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि और खेती की लागत में 25 से 30 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई। जल सुरक्षा से 3,000 से अधिक किसानों ने दूसरी और तीसरी फसल लेना शुरू किया। पशुपालन, लाख उत्पादन, बागवानी और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से आय के वैकल्पिक स्रोत भी विकसित हुए। इस तरह खेती अधिक स्थायी आजीविका का आधार बनी।

वेदांता स्किल स्कूल: कौशल से रोजगार तक

ग्रामीण युवाओं को रोजगार योग्य बनाने में वेदांता स्किल स्कूल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तवर्ष 2026 में कोरबा, कवर्धा और सरगुजा स्थित तीन केंद्रों में 1,202 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 82 प्रतिशत युवाओं ने रोजगार या उद्यमिता से जुड़ाव हासिल किया। रोजगार उपलब्ध कराने वाली 75 संस्थाओं का नेटवर्क 12 राज्यों तक विस्तारित हुआ।

प्रशिक्षण में 61 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही, जबकि 59 प्रतिशत प्रतिभागी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों से थे। तकनीकी प्रशिक्षण के साथ युवाओं को व्यक्तित्व विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक से परिचय, औद्योगिक भ्रमण, सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य संबंधी सत्र और कर्मचारियों का मार्गदर्शन भी मिला। यह पहल युवाओं में ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता विकसित कर उन्हें बदलती अर्थव्यवस्था और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है।

उन्नति परियोजना: लाभार्थी से नेतृत्वकर्ता तक

बालको के सामुदायिक विकास प्रयासों में महिला सशक्तिकरण को आर्थिक और सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। उन्नति परियोजना के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों, वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का प्रयास किया गया है।
वित्तवर्ष 2026 में 40 नए स्वयं सहायता समूह बनाए गए, जिससे कुल संख्या बढ़कर 561 समूह और 6,003 महिलाओं तक पहुंची। इनमें 2,259 महिलाएं आर्थिक रूप से सक्रिय हैं। समूहों की सामूहिक बचत बढ़कर 0.92 करोड़ रुपये हुई, जबकि 90 प्रतिशत समूह नियमित बैठकों और आंतरिक ऋण व्यवस्था में सक्रिय रहे। 19 स्वयं सहायता समूहों को बैंक से जोड़ा गया, जिससे लगभग 27 लाख रुपये का ऋण सहयोग मिला।
उन्नति महासंघ के सहयोग से उनाटेक्स, डेकोराती, छत्तीसा, क्लिनला, मशरूम उत्पादन और कोसाकारी के अंतर्गत कोसा रेशम जैसे उद्यमों से 600 से अधिक महिलाएं जुड़ीं और लगभग 20 लाख रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। वहीं 21 सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से 104 महिलाओं को अवसर मिला और प्रति महिला लगभग 3,500 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त आय का अवसर बना।

कोसा रेशम: विरासत से आजीविका तक

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोसाकारी पहल की शुरुआत की गई। धनगांव में कोसा बुनाई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर 20 महिला बुनकरों को प्रशिक्षण दिया गया। ‘कोसाकारी’ नाम से ब्रांड और डिजिटल मंच की शुरुआत ने बुनकरों को बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में नई राह खोली।

स्वास्थ्य: बेहतर उपचार आपके द्वार

स्वास्थ्य के क्षेत्र में बालको ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर अत्याधुनिक कैंसर उपचार तक बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित की है। आरोग्य परियोजना के माध्यम से वित्तवर्ष 2026 में 93,442 लोगों तक सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। तीन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में 4,799 मरीजों को ओपीडी सेवाएं मिलीं।

65 आंगनबाड़ियों में 3,340 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें 915 कुपोषित बच्चों की पहचान हुई। 95 प्रतिशत बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार दर्ज किया गया। 2,310 महिलाओं की एनीमिया जांच में 92 प्रतिशत महिलाओं के हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार हुआ। दो मोबाइल स्वास्थ्य वाहनों ने 70 बस्तियों में पखवाड़ेवार सेवाएं दीं, जिनका 26,500 लोगों ने लाभ लिया।

नवा रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर ने उन्नत कैंसर उपचार की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17,290 मरीजों ने सामुदायिक विकास सहायता के तहत उपचार सेवाओं का लाभ लिया। केंद्र में 2,800 सर्जरी, 16,891 कीमोथेरेपी और 1,635 रेडियोथेरेपी उपचार हुए। साथ ही, मध्य भारत की पहली दा विंची एक्सआई रोबोट आधारित कैंसर शल्य चिकित्सा प्रणाली स्थापित की गई।

बेहतर जीवन के लिए सामुदायिक सुविधाएं

विकास का अर्थ बुनियादी सुविधाओं तक सम्मानजनक पहुंच भी है। वित्तवर्ष 2026 में बालको ने 4 सामुदायिक भवन, 12 सामुदायिक शौचालय और 2 सामुदायिक मंच बनाए, जिनसे 7,500 से अधिक लोगों को लाभ मिला। इन सुविधाओं ने स्वच्छता के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए साझा स्थान उपलब्ध कराए।

खेल और संस्कृति से नई उड़ान

युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें अवसर देने के लिए लक्ष्यवेद-बालको तीरंदाजी कार्यक्रम शुरू किया गया। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक तीरंदाजी विरासत को आधुनिक प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं से जोड़ते हुए 29 स्कूलों में तीरंदाजी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। 1,200 से अधिक विद्यार्थियों की जांच हुई और 70 प्रतिभागियों ने चयन परीक्षण में सफलता हासिल की।

आंकड़ों से आगे, बदलाव की कहानी

1.80 लाख लोगों तक पहुंच बालको की सामुदायिक विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आंकड़ा है, लेकिन इसकी असली पहचान उन बदलावों में है, जो लोगों के जीवन में दिखाई देते हैं। किसान का बढ़ा आत्मविश्वास, महिला की आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता, कौशल और रोजगार से जुड़ता युवा, बेहतर सीखने के अवसर पाता बच्चा और समय पर स्वास्थ्य सेवा से मजबूत होता परिवार, यही इस यात्रा की वास्तविक उपलब्धियां हैं।

बालको का प्रयास सामुदायिक विकास को परियोजनाओं तक सीमित रखने के बजाय साझी विकास यात्रा बनाना है, जहां समुदाय अपनी क्षमताओं को मजबूत कर भविष्य की चुनौतियों का सामना स्वयं कर सके। स्थायी विकास तभी संभव है, जब सहयोग आत्मविश्वास में, आत्मविश्वास क्षमता में और क्षमता पूरे समुदाय की ताकत में बदल जाए। यही बालको की भावना है, प्रेरित करना, सक्षम बनाना और समुदाय के साथ मिलकर बेहतर, समावेशी और आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण करना।

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